पाकुड़ में मोहर्रम की तैयारियां जोरों पर,ताजिया निर्माण में जुटे कारीगर।
मुसलोहद्दीन की रिपोर्ट।
पाकुड़ जिले में मोहर्रम पर्व को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। एक तरफ जहां पुलिस व प्रशासनिक विभाग शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार संपन्न कराने को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड पर है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न मोहर्रम कमेटियां ताजिया निर्माण, जुलूस और अखाड़े की तैयारियों को अंतिम रूप देने में चौबीसों घंटे जुटी हैं।विदित हो कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में हर साल अकीदत के साथ ताजिया जुलूस निकालकर हजरत इमाम हसन और हुसैन की शहादत को याद किया जाता है। जिला मुख्यालय में मुख्य रूप से तीन कमेटियों द्वारा ताजिया जुलूस का भव्य आयोजन होता है।जिनमें हरिनडंगा मोहर्रम कमेटी, हटपारा बाजार मोहर्रम कमेटी और आसनडिपा मोहर्रम कमेटी शामिल हैं।
*दो दिनों तक मचेगी या हुसैन की सदा,अखाड़े में दिखेगा अद्भुत करतब।*
======================
परंपरा के अनुसार, नवमी और दशमी के दिन दो दिवसीय अखाड़े का आयोजन किया जाता है। दशमी की तिथि को ‘यौमे अशुरा’ कहा जाता है, जिसका इस्लाम में विशेष महत्व है। इस अवसर पर अकीदतमंद रोजा रखते हैं। हालांकि कई लोग चांद की पहली तारीख से ही लगातार दस दिनों का रोजा रखते हैं, लेकिन अधिकांश लोग नवमी और दशमी के दिन उपवास रखकर इबादत करते हैं।ताजिया जुलूस को आकर्षक रूप देने के लिए स्थानीय व बाहर से आए कारीगर दिन-रात एक कर ताजिया निर्माण में जुटे हुए हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार ताजिया को इमाम बड़ा पर नियाज-फातिहा का आयोजन होगा। इसके बाद देर रात पारंपरिक अखाड़ा और जुलूस निकाला जाएगा।शुक्रवार दोपहर से लेकर देर रात तक मुख्य ताजिया जुलूस और अखाड़े का भव्य आयोजन होगा। नगर भ्रमण के पश्चात यह जुलूस पारंपरिक कर्बला मैदान पहुंचकर संपन्न होगा।
*सरकारी गाइडलाइन का होगा पालन, तैनात रहेंगे वॉलिंटियर्स नसीम अंसारी।*
===================
हाटपाड़ा बाजार मोहर्रम कमेटी के सक्रिय सदस्य नसीम अंसारी ने बताया कि गुरुवार की रात और शुक्रवार को दिन में ताजिया के साथ पारंपरिक अखाड़ा निकाला जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया जाएगा।हाटपाड़ा बाजार मोहर्रम कमेटी के सदस्य नसीम अंसारी ने कहा कि पर्व के दौरान शहर में आपसी सौहार्द और शांति व्यवस्था कायम रहे, इसके लिए कमेटी पूरी तरह गंभीर है। जुलूस और अखाड़े के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने के लिए कमेटी के दर्जनों वॉलिंटियर्स पूरे रूट पर मुस्तैद रहेंगे।