Tuesday, November 3, 2026
Home Blog

आज का खास: 6 नवंबर दिन शुक्रवार को है धनतेरस

*धनतेरस पर इस बार बन रहे हैं खरीदारी के लिए कई शुभ मुहूर्त, बाजारों में बरसेगा धन*

*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
03.11.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ याम्यायन सौम्यगोल: शरद् ऋतु श्रीसूर्य: दक्षिणायन।
हिन्दी माह : कार्तिक
पक्ष : कृष्ण
तिथि : नवमी
दिन : मंगलवार
नक्षत्र : श्लेषा
योग : शुक्ल
करण : गर/वणिज
सूर्योदय : सुबह 06:28 बजे।
सूर्यास्त : शाम 05:32 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : तुला राशि में।
आज का चंद्रमा : कर्क राशि में।
*———————–*
*आज का दिशा शूल :* उत्तर।
*————————*
*आज का राहुकाल :*
दिन में 3:00 से 4:30 बजे तक।
*———————–*
*आज का शिव वास:* सभा स्थल में। फल: कष्टकारक।
*———————-*
*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। आज दिन में 7:45 बजे चंद्रमा सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। आज शुभ कार्य के लिए कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं है।
*———————-*
*भद्रा:* आज रात्रि 02:06 बजे से भद्रा लगेगा। भद्रा का वास मृत्युलोक अर्थात् पृथ्वी पर होगा। भद्रा अगले दिन दोपहर 01:17 बजे तक रहेगा। भद्रा के अवधि काल में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
*———————-*
*आज का खास:*
भगवान धन्वंतरि की जयंती धनत्रयोदशी एवं खरीदारी का महापर्व धनतेरस इस बार 6 नवंबर दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसी दिन प्रदोष व्रत भी होगा। इसी दिन अकाल मृत्यु से निवारण के लिए यम को दीपदान किए जाएंगे।
*———————-*
आलेख…
*पं.चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुंडली, वास्तु व कर्मकाण्ड परामर्श*
*संपर्क:9905507766*
*———————*

रोजगार के खुले आसमान में उन्मुक्त उड़ान के लिए प्रशिक्षित कर बेटियों को दी गई संस्थागत विदाई।

हुनर के साथ आत्मनिर्भरता की नई उड़ान, सीटी ब्यूटी पार्लर की छात्राओं को दी गई भावभीनी विदाई

प्रशिक्षण पूरा करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर किया गया सम्मानित, अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह

पाकुड़। हुनर ही आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी ताकत है। यदि हाथों में कौशल और मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो रोजगार के अवसर स्वयं पैदा किए जा सकते हैं। इसी संदेश के साथ रविवार को राज प्लस टू रोड, हाई स्कूल के समीप स्थित सीटी ब्यूटी पार्लर में प्रशिक्षण पूरा करने वाली छात्राओं के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजसेवी लुत्फुल हक, राजेंद्र मंडल एवं जैनेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों ने छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उनके परिश्रम,लगन और हुनर की सराहना की। साथ ही उन्हें अपने कौशल का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रेरित किया।संस्थान के निदेशक मोहम्मद हैदर अली ने कहा कि सीटी ब्यूटी पार्लर का उद्देश्य केवल छात्राओं को प्रशिक्षण देकर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा व्यावहारिक हुनर प्रदान करना है, जिसके माध्यम से वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद छात्राएं स्वयं का पार्लर शुरू कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं।वहीं, पार्लर की ट्रेनर सह प्रभारी अंजली सिंह के मार्गदर्शन में छात्राओं को सौंदर्य एवं साज-सज्जा से जुड़ी विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के साथ संस्थान के संचालन एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी भी उनके नेतृत्व में निभाई जाती है।समारोह के दौरान छात्राओं के चेहरे पर उपलब्धि की खुशी और विदाई की भावुकता दोनों नजर आईं। प्रशिक्षण का एक अध्याय पूरा कर छात्राएं अब नए सपनों और आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की ओर कदम बढ़ाने को तैयार हैं। कार्यक्रम में सीटी परिवार के सदस्यों सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में सभी छात्राओं के सफल एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ समारोह का समापन हुआ।

दीवाली , लक्ष्मी और काली पूजा 8 नवम्बर को है 5 दिवसीय 6 नवम्बर धनतेरस से 11 नवम्बर भाई दूज तक चलेगा।

दीवाली कब है ? हर बार की तरह इस बार भी जिनसे मुलाकात होती है, यही सवाल मोटे तौर पर सुनने को मिलता है।
तो उत्तर है कि दीवाली 8 नवम्बर को है। इसी दिन देशभर में दीवाली मनाई जाएगी।
हाँलाकि धनतेरस 6 नवम्बर से भगवान धन्वंतरि की पूजा के साथ ही दीवाली के पर्व की शुरुआत हो जाएगी।
चुँकि कालांतर में मान्यताएं बदलती गईं और धनतेरस के दिन लोग सेहत ( हेल्थ ) के लिए पूजा छोड़ कर धन (वेल्थ) के लिए खरीददारी करने लगे।
शास्त्रीय कथा है कि तेरस के दिन भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के दौरान हाथ में अमृत कलश लिए अवतरित हुए थे, जिससे देवताओं को अमरत्व की प्राप्ति हुई इसलिए इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा कर स्वास्थ्य का वरदान लेना चाहिए, लेकिन लोगों ने धन की पूजा शुरू कर दी । हाँलाकि पहले सोने की दुकान नहीं हुई करती थी, तो मनुष्य वैद्यों के यहाँ से अपने स्वास्थ्य जीवन के लिए स्वर्ण भष्म और रजत भष्म खरीदकर भगवान धन्वंतरि को भोग अर्पित कर उसे दवाई के लिए सालभर लेते थे। अब सोने और चाँदी के जेवर अलमारी में सजाने के लिए खरीदी होती है।
खैर 6 नवम्बर को धनतेरस है।छोटी दीवाली नरक चतुर्दशी 7 नवम्बर को मनाई जाएगी तथा दिवाली और लक्ष्मी पूजा भी 8 नवम्बर को मनाई जाएगी।
लक्ष्मी पूजा के लिए 8 नवम्बर को प्रदोष काल में मोटे तौर पर 5 बजे संध्या से 7.30 तक का समय है। लेकिन बिभिन्न स्थानों पर पंडित पुरोहितों के कथनानुसार लोग लक्ष्मी पूजन करेंगे ।
लक्ष्मी पूजन के बाद निशा रात्रि यानी मध्य रात्रि में शाक्त , तांत्रिक एवं माँ काली के उपासक काली उपासना करेंगे। ऐसे उपासकों के लिए यह अमावस्या की रात काफ़ी अनुकूल और महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इसके बाद 9 नवम्बर को भी दिनभर इसी पूजन में लोग व्यस्त रहेंगे। 10 नवम्बर को गोवर्धन पूजा और 11 नवम्बर को भाई दूज के बाद दीवाली के पाँच दिवसीय त्यौहार का समापन होगा।
तो मूल प्रश्न दीवाली कब है का जवाब है कि दीवाली 8 नवम्बर को है। इस अमावस की रात दिया जलाकर रौशन करें और दीवाली मनाएं। साथ ही अपने अपने पुरोहितों के कथन का अनुसरण भी करें।

आज का खास: पांच नवम्बर को है रंभा एकादशी व्रत

*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
02.11.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ याम्यायन सौम्यगोल: शरद् ऋतु श्रीसूर्य: दक्षिणायन।
हिन्दी माह : कार्तिक
पक्ष : कृष्ण
तिथि : अष्टमी
दिन : सोमवार
नक्षत्र : पुष्य
योग : शुभ
करण : कौलव/तैतुल
सूर्योदय : सुबह 06:28 बजे।
सूर्यास्त : शाम 05:32 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : तुला राशि में।
आज का चंद्रमा : कर्क राशि में।
*———————–*
*आज का दिशा शूल :* पूर्व।
*————————*
*आज का राहुकाल :*
प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक।
*———————–*
*आज का शिव वास:* गौरी सन्निधौ। फल: शुभम्।
*———————-*
*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज नामकरण, अन्नप्राशन, विपणिव्यापार, दीक्षा ग्रहण, जलयंत्र कर्म, सेवारम्भ और वाटिकारोपण के लिए शुभ मुहूर्त है।
*———————-*
*पंचक:* अभी पंचक नहीं है।
*———————-*
*आज का खास:*
कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष का एकादशी व्रत 5 नवंबर दिन गुरुवार को है। कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी को रंभा एकादशी व्रत कहते हैं। इस बार एकादशी व्रत के दिन ही प्रदोष काल में गोवत्स द्वादशी मनाया जाएगा।
*———————-*
आलेख…
*पं.चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुंडली, वास्तु व कर्मकाण्ड परामर्श*
*संपर्क:9905507766*
*———————*

सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स, पाकुड़ में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत छात्राओं को किया गया जागरूक

झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ कुमार क्रांति प्रसाद के निर्देश पर डालसा सचिव रूपा बंदना किरो की उपस्थिति में आज सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स, पाकुड़ में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।उक्त कार्यक्रम में सचिव रूपा बंदना किरो, स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला,एसडीपीओ कुमार गौरव, डीईओ अनीता पूर्ति,प्रिंसिपल डॉ मनीष गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहें।डालसा सचिव रूपा बंदना किरो ने सुरक्षित बचपन कार्यक्रम के तहत बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जिसमें बाल विवाह से होने वाले दुष्प्रभाव, बाल मजदूरी एवं विशेषकर पोक्सो एक्ट पर जानकारी दी गई जिसमें छात्राओं को बताया गया कि लड़का या लड़की दोनों पर समान रूप से पोक्सो एक्ट लागू होता है बशर्ते उनकी उम्र 18 वर्ष से कम हो बच्चों को अच्छे एवं बुरे स्पर्श में अंतर पर बताया कि असहज एवं गलत व्यवहार महसूस होने पर चुप ना रहे,अपने भरोसेमंद को या अभिभावक को बताएं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए 1098 पर तुरंत कॉल करें या सूचना दें साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुर से मिलने वाली निशुल्क कानूनी सहायता पर विस्तृत जानकारी दी।इस दौरान पोक्सो से संबंधित कई प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी गई।स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला ने बचपन बचाओ अभियान पर बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए कई अधिकार दिए गए हैं जीने का अधिकार शिक्षा का अधिकार साथ ही बाल मजदूरी एक्ट के तहत 14 वर्ष तक के बच्चे या बच्चियों से ऐसा काम नहीं लिया जाय जिससे उनके स्वास्थ पर असर हो कानूनी अपराध है। एवं फैक्ट्री या बड़े कारखाना में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम लेना अपराध के श्रेणी में आता है। इस दौरान शिक्षकों से अपील की गई कि समय मिलने पर संविधान के प्रस्तावना एवं अनुच्छेद को जानकारी अवश्य दें।एसडीपीओ कुमार गौरव ने साइबर अपराध पर विस्तृत जानकारी दी जिसमें बताया कि अनजान लिंग पर क्लिक न करें कोई भी अनजान लिंक से कोई भी फोटो वीडियो डाउनलोड ना करें। अपना एकाउंट ,ओटीपी किसी से शेयर ना करें साथ ही डिजिटल अरेस्ट की जानकारी दी। इस दौरान बच्चों के संरक्षण के अधिकारों पर जागरूक किया साइबर सुरक्षा पर प्रकाश डाला गया।डीईओ अनीता पूर्ति ने बताया ऐसा कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं बच्चों को बाल विवाह, बाल श्रम, साइबर अपराध जैसे घटनाओं से खुद को बचा सके। इसके लिए जागरूक रहें मजबूत रहें। ताकि समाज में इस प्रकार के अपराध पर अंकुश लगाया जा सके। समेत बच्चों के अधिकार संरक्षण पर विस्तृत जानकारी दी।मंच संचालन इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेड एच विश्वास ने किया उन्होंने सुरक्षित बचपन अभियान के तहत बच्चों को उनके अधिकारों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों ने वृक्षारोपण किया एवं जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रिंसिपल डॉ मनीष गुप्ता ने किया एवं इस तरह के कार्यक्रम पर अपने विचारों को रखा।मौके पर विद्यालय के शिक्षक शिक्षिका दीपानिता चटर्जी मधु रानी, हीरालाल साहा, छात्रा राधिका कुमारी, रिचा सिन्हा, प्रियांशी गुप्ता, गुलरोशन अली, अनिका नाज़ तानिया मंडल ,आकृति सिंह, अनाया भगत पैरा लीगल वॉलिंटियर्स मिलन कुमार मंडल, पिंकी मंडल खुदू राजवंशी, नीरज कुमार राउत समेत अन्य दीपा कुमारी नसरुद्दीन शेख एवं भारी संख्या में छात्राएं उपस्थित रही।

डालसा द्वारा पाकुड़िया प्रखंड के अंतर्गत संत लुकास उच्च विद्यालय बेलपहाड़ी में बच्चों के सुरक्षा संरक्षण एवं अधिकार पर किया गया जागरूक

झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ कुमार क्रांति प्रसाद के निर्देश पर डालसा सचिव रूपा बंदना किरो की उपस्थिति में आज पाकुड़िया प्रखंड के अंतर्गत संत लुकास उच्च विद्यालय बेलपहाड़ी में सुरक्षित बचपन अभियान” के अंतर्गत बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण प्रदान करने तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। उक्त कार्यक्रम में पोक्सो एक्ट के बारे में बच्चों के खिलाफ लैंगिक अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। उनके अधिकार लैंगिक समानता और साइबर सुरक्षा के बारे में कानूनी जानकारी दी गई। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ से मिलने वाले निशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी गई।इस दौरान वक्ताओं लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के सहायक गंगाराम टुडू, स्थाई लोक अदालत के सदस्य राजीव कुमार झा ने संयुक्त रूप से विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम के तहत महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देते हुए बच्चों को मोबाईल के द्वारा ऑनलाईन अनजान लोगों से दोस्ती न करने व उनके अपने व्यक्तिगत जानकारी/फोटोग्राफ्स शेयर न करने एवं यदि कोई व्यक्ति निजी विडियों या फोटोग्राफ्स की मांग करें तो अपने घर में अपने बड़े परिवारजनों को जानकारी दे। इस दौरान विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें बाल संरक्षण कानूनों, व्यक्तिगत सुरक्षा, ऑनलाइन सतर्कता और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी। कार्यक्रम में‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’, ‘कानून जानो, बचपन बचाओ’, ‘सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन’, ‘बोलो, बताओ, बचाओ’ तथा ‘न बाल विवाह, न बाल शोषण’ जैसे विषयों पर बच्चों को जागरूक किया। बाल संरक्षण एवं आपातकालीन सहायता हेतु चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल करने की जानकारी दी गई।मौके पर विद्यालय के फादर फैलिक्स केरकेट्टा शिक्षक शिक्षिका डालसा के नंदलाल पाल पैरा लीगल वॉलिंटियर्स नीरज कुमार राउत समेत छात्र छात्राएं शामिल रहे।

*आज का खास: शरद पूर्णिमा पर आज बनेंगे दुर्लभ संयोग, आसमान से होगी अमृत की वर्षा*

*शरद पूर्णिमा पर खीर बना कर खुले आसमान के नीचे रखने की है शादियों पुरानी परंपरा*

*आज रात पृथ्वी से सबसे निकट होगा चंद्रमा, दुधिया रौशनी से जगमग होगी आज की रात*

*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
25.10.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ याम्यायन सौम्यगोल: शरद् ऋतु श्रीसूर्य: दक्षिणायन।
हिन्दी माह : आश्विन
पक्ष : शुक्ल
तिथि : चतुर्दशी
दिन : रविवार
नक्षत्र : रेवती
योग : हर्षण
करण : वणिज/विष्टि
सूर्योदय : सुबह 06:23 बजे।
सूर्यास्त : शाम 05:37 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : तुला राशि में।
आज का चंद्रमा : मीन राशि में।
*———————–*
*आज का दिशा शूल :* पश्चिम।
*————————*
*आज का राहुकाल :*
शाम 4:30 से 6:00 बजे तक।
*———————–*
*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज दिन में 11:05 बजे तक चतुर्दशी रहेगा। उसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रवेश करेगा। पूर्णिमा तिथि कल 26 अक्टूबर दिन सोमवार को दिन में 9:57 तक भोक करेगा। पूर्णिमा तिथि निशा काल में अर्थात् रात्रि बेला में आज ही भोग करेगा। ऐसे शरद पूर्णिमा आज ही मनाया जाएगा। जबकि स्नान-दान की पूर्णिमा कल 26 अक्टूबर दिन सोमवार को होगा। कार्तिक महीने की गिनती 27 अक्टूबर दिन मंगलवार से होगा।
*———————-*
*पंचक:* आज रात्रि 7:54 बजे चंद्रमा मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा के मेष राशि में प्रवेश करते ही पिछले 5 दिनों से चला आ रहा पंचक समाप्त हो जाएगा।
*———————-*

*आज का खास :*

*शरद पूर्णिमा विशेष…..*

*शरद पूर्णिमा आज, बनेंगे दुर्लभ संयोग, आसमान से होगी अमृत की वर्षा*

*शरद पूर्णिमा पर खीर बना कर खुले आसमान के नीचे रखने की है शादियों पुरानी परंपरा*

*आज रात पृथ्वी से सबसे निकट होगा चंद्रमा, दुधिया रौशनी से जगमग होगी आज की रात*

भगवान् श्रीकृष्ण की रासलीला का पावन दिवस और माता लक्ष्मी की आराधना का पर्व पर रविवार को आसमान से अमृत की वर्षा होगी। आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला शरद पूर्णिमा रविवार को मनाया जाएगा। इस बार शरद पर वर्षों बाद कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। पूर्णिमा तिथि, रेवती नक्षत्र के संयोग विशेष फलदायी होंगे। शरद पूर्णिमा अपने साथ कई शुभ संयोग के साथ-साथ शरद ऋतु का सौगात लेकर प्रकट होगा। शरद पूर्णिमा उत्सव के साथ ही दीपों का महापर्व दीपावली और छठ पूजा की तैयारियां प्रारंभ हो जाती है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा से अमृत की वर्षा होती है। इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होती है। द्वापर युग में शरद पूर्णिमा की रात ही भगवान श्री कृष्ण गोकुल में 1008 गोपियों के साथ रासलीला किया था। तब भगवान की रासलीला को देखने देवी देवताओं के साथ चंद्रमा भी पृथ्वी के निकट पहुंचा था और अपने अमृत वर्षा से जन जन को तृप्त किया था। लोग शरद पूर्णिमा की रात खीर बनाकर अपने छतों पर खुले आसमान में रखते हैं। खीर का महाप्रसाद रात भर खुले आसमान में रहने के बाद अगले सुबह उसका सेवन किया जाता है। मान्यता है कि रात भर खीर खुले आसमान में रहने से इस रात हुए अमृत की वर्षा से खीर में कई औषधीय गुण बरसते हैं जो पीत रोग से छुटकारा दिलाता है और स्वस्थ जीवन का निर्माण करता है। शरद पूर्णिमा के साथ दिवाली की धूम मच जाएगी। शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की भी पूजा होती है। ऐसी मान्यता है कि माता लक्ष्मी रात्रि में विचरण करती है और भक्तों पर धन-धान्य से पूर्ण करती है। इस दिन रात भर जाग कर मां लक्ष्मी के भजन करने चाहिए। कहते हैं मां लक्ष्मी इस दिन रात में जगने और मां लक्ष्मी के अराधना करने वालों को धन और वैभव का आशीर्वाद देती हैं। इस लिए इसे कोजागिरी पूर्णिमा भी कहते हैं। शरद पूर्णिमा पर कुंडली में कमजोर चंद्रमा वाले जातक उपाय करते हैं। चंद्रमा बलवान होने से इस दिन छोटा सा उपाय कमजोर चंद्रमा मजबूत किया जा सकता है। घी के दीपक जलाकर मां लक्ष्मी को प्रसन्न किया जाता है। आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को चंद्रमा पृथ्वी के अधिक निकट होने से बलवान होगा। चंद्रमा की किरणों की छटा धरती को दूधिया रोशनी से नहलाएगी। इस छटा के बीच पूर्णिमा का त्यौहार मनाया जाएगा।
*———————-*
आलेख…
*पं.चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुंडली, वास्तु व कर्मकाण्ड परामर्श*
*संपर्क:9905507766*
*———————*

प्रोजेक्ट जागृति रक्तदान शिविर के तहत इंसानियत फाउंडेशन के नौ सदस्यों ने किया रक्तदान

पाकुड़: मानवता की सेवा और जरूरतमंद मरीजों की मदद के उद्देश्य से इंसानियत फाउंडेशन के नौ सदस्यों ने प्रोजेक्ट जागृति के तहत रक्तदान किया। इस पहल के माध्यम से संस्था के सदस्यों ने समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने और लोगों को इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।
इंसानियत फाउंडेशन के सदस्यों ने रक्तदान कर यह साबित किया कि मानवता की सेवा से बढ़कर कोई दूसरा धर्म नहीं है। रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलती है और कई लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है।
संस्था का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की सहायता करना, रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में इंसानियत एवं भाईचारे की भावना को मजबूत करना है। प्रोजेक्ट जागृति के तहत नौ सदस्यों का रक्तदान करना इसी सामाजिक जिम्मेदारी का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
इंसानियत फाउंडेशन ने आम लोगों से अपील की कि वे रक्तदान के महत्व को समझें और स्वस्थ होने पर नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए आगे आएं। आपका एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है।
“रक्तदान महादान है, आपका रक्त किसी का जीवन की मुस्कान बन सकता है।”
इंसानियत फाउंडेशन, पाकुड़ — मानवता की सेवा हमारा संकल्प। मौके पर अध्यक्ष सद्दाम हुसैन सचिव बानिज शेख, उप सचिव आसादुल मुल्ला, अलादुद्दीन, आलिम, हाबिल, समाद, मनोज कुमार एवं कर्मचारी थे |

*आज का खास: आज स्वाती नक्षत्र का होगा प्रवेश, एक आढ़क तक होगी बारिश*

*इस बार शरद पूर्णिमा पर बन रहें हैं खास संयोग, चमकेंगे चार राशि के जातकों का भाग्य*

*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
24.10.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ याम्यायन सौम्यगोल: शरद् ऋतु श्रीसूर्य: दक्षिणायन।
हिन्दी माह : आश्विन
पक्ष : शुक्ल
तिथि : त्रयोदशी
दिन : शनिवार
नक्षत्र : उत्तरा भाद्रपद
योग : व्याघात
करण : तैतुल/गर
सूर्योदय : सुबह 06:22 बजे।
सूर्यास्त : शाम 05:38 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : तुला राशि में।
आज का चंद्रमा : मीन राशि में।
*———————–*
*आज का दिशा शूल :* पूर्व।
*————————*
*आज का राहुकाल :*
दिन में 9:00 बजे से 10:30 बजे तक।
*———————–*
*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज प्रदोष व्रत है। आज शुभ कार्यों के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं है।
*———————-*
*नक्षत्र प्रवेश :* आज स्वाति नक्षत्र का प्रवेश होगा। रात्रि 2:55 बजे चित्रा नक्षत्र की समाप्ति और स्वाति नक्षत्र का प्रारंभ होगा। इस बार स्वाति नक्षत्र का वाहन मेष है। इस नक्षत्र में सामान्य वृष्टि का योग है।
*———————-*
*आज का खास :*
आज पश्चिम दिशा में बुध अस्त हो रहे हैं। शुक्र पिछले 13 10.2026 से ही अस्त चल रहे हैं। शुक्र के अस्त होने पर पहली बार कोई व्रत का प्रारंभ नहीं करना चाहिए।
आश्विन महीने की स्नान-दान की पूर्णिमा और बाल्मीकि जयंती आगामी 26 अक्टूबर दिन सोमवार को मनाये जाएंगे। जबकि शरद पूर्णिमा व कोजागरी पूर्णिमा 25 अक्टूबर दिन रविवार को ही होगा।
*———————-*
आलेख…
*पं.चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुंडली, वास्तु व कर्मकाण्ड परामर्श*
*संपर्क:9905507766*
*———————*

मां दुर्गा के दरबार में पहुंचे समाजसेवी लुत्फुल हक, की सुख-शांति और समृद्धि की कामना

मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं,प्रेम और सद्भाव ही समाज की असली ताकत- लुत्फुल हक

पाकुड़- आस्था के रंग में रंगे दुर्गापूजा के पावन अवसर पर पाकुड़ में भक्ति, सौहार्द और सामाजिक एकता की सुंदर तस्वीर देखने को मिली। सप्तमी पूजा के अवसर पर गरीबों के मसीहा और जाने-माने समाजसेवी लुत्फुल हक ने शहर के रेलवे कॉलोनी स्थित नारी शक्ति दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचकर मां दुर्गा के चरणों में शीश नवाया। उन्होंने माता रानी से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।मां दुर्गा के दरबार में उनकी उपस्थिति ने सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। पूजा समिति की अध्यक्ष दीपाली साह ने माता की चुनरी ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया।

आस्था अलग हो सकती है,लेकिन इंसानियत का रास्ता एक है—

दुर्गापूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान का पर्व नहीं,बल्कि प्रेम,करुणा, शक्ति और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक भी है। ऐसे पावन अवसर पर विभिन्न समुदायों के लोगों का एक-दूसरे के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल होना समाज की एकता को मजबूत करता है। लुत्फुल हक का पूजा पंडाल पहुंचना भी इसी साझा संस्कृति और सद्भाव की भावना को दर्शाता है।समाजसेवी लुत्फुल हक ने मानवता को सर्वोपरि बताते हुए कहा,मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। इंसानियत, आपसी प्रेम और भाईचारा ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। मां दुर्गा से प्रार्थना है कि सभी के जीवन में सुख-शांति बनी रहे और समाज में प्रेम व सद्भाव का दीप हमेशा जलता रहे।उन्होंने पर्व के इस पावन अवसर पर समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी विश्वास, सम्मान और सहयोग की भावना मजबूत करने का संदेश दिया।

मां दुर्गा की आराधना के बीच इंसानियत का संदेश–

आज जब समाज को आपसी विश्वास और एकजुटता की सबसे अधिक जरूरत है,तब ऐसे अवसर यह याद दिलाते हैं कि पूजा-पाठ की सार्थकता मानवता,सेवा और सद्भाव में भी निहित है। मां दुर्गा की शक्ति का संदेश अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और समाज में अच्छाई को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।पाकुड़ की यह तस्वीर यही संदेश देती है कि धर्म और आस्था के रास्ते भले अलग हों, लेकिन इंसानियत, प्रेम और भाईचारे की मंजिल एक ही है।यही सद्भाव पाकुड़ की पहचान और सामाजिक एकता की असली ताकत है।