Thursday, April 30, 2026
Homeखोजी पत्रकारिताकई सौ करोड़ की अवैध निकासी के षड्यंत्र की जमीन है पाकुड़...

कई सौ करोड़ की अवैध निकासी के षड्यंत्र की जमीन है पाकुड़ , उपायुक्त महोदया ज़रा संभल कर रहिएगा 🙏 दूसरे के पाप का घड़ा कहीं आपके सर पर न फोड़ दे षड्यंत्रकारी।

पाकुड़ तंत्र साधना की जमीन रही है , लेकिन सरकारी स्तर पर यह षड्यंत्र की अब जमीन बन गई है। एक निरीह देखने में असमर्थ आईएएस को जैसे झारखंड में एक षडयंत्र करनेवाले अधिकारी सहयोगी ने फँसा दिया , और उन्हें अधिकारी को जाँच एजेंसियों का सामना करना पड़ रहा है , वैसे ही पाकुड़ में एक अधिकारी ने तीन लिपिकों के साथ ऐसा तिकड़ी बना रखा है कि घोटाले पर घोटाला नजर आ रहा है। इसकी परतें जब खुलेगी तब जाँच एजेंसियों की बाढ़ सी पाकुड़ में नजर आएगी।
ऐसे तो 12 करोड़ का एक घपला सामने आया है , जो वास्तव में 16 करोड़ का है। मामला सामने आने के बाद इसकी जाँच उस कार्यालय उन दो लिपिकों से कराई गई, जो स्वयं इस जाँच के घेरे में थे।
इससे आप जाँच की मौलिकता को समझ सकते हैं।
इसी तरह का घपला ITDA के अलावे DMFT में है।
DMFT में लगभग चार सौ करोड़ से भी ज्यादा , जी महोदय हाँ आपने सही पढ़ा 400 करोड़ से भी ज्यादा की निकासी हुई है। ये स्वयं एक केंद्रीय एजेंसियों के जाँच की माँग कर रहा है। इसमें एक अधिकारी और तीन लिपिक संदेह के घेरे में है। हँलांकि सबके तथाकथित सरदार सरकारी कागजों पर यहाँ से स्थानांतरित हो गये हैं, लेकिन अभी भी हर मामले और निर्देशों आज भी उनका असर बना हुआ है।
इसका प्रमाण है आरोपी से ही आरोपों का जाँच कराना और झारखंड के मुख्यसचिव के पत्रांक 252 दिनांक28/4/26 तथा सरकार के वित्त विभाग के सचिव का पत्रांक 1300 दिनांक 8/4/26 के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए पूर्व उपायुक्त द्वारा 27 लिपिकों का स्थानांतरण की जगह अतिरिक्त प्रतिनियुक्ति करना साथ ही उन लिपिकों को इससे भी अक्षुण्ण रखना जो ऐसे घपलों के प्रणेता हैं। इसमें एक आश्चर्य तो यह भी है कि ITDA , DMFT तथा जिला नजारत के लिपिक को इस प्रतिनियुक्ति के आदेश में छूना तक नहीं।
जबकि सरकार के मुख्य सचिव और वित्त सचिव के आदेश लिपिकों के स्थानांतरण का स्पष्ट था, तो कारवाई प्रतिनियुक्ति तक क्यूँ सिमटी रही , और जहाँ से ऑल रेडी अवैध निकासी की बात सामने आ चुकी है , वहाँ लेखापाल और लिपिकों को छुवा तक न जाना क्या संदेश देता है।
वर्तमान नवपदस्थापित उपायुक्त महोदया अगर इन बातों पर ध्यान न दें तो एक अँधे आई ए एस को फँसा देने वाले पदाधिकारी आपको भी कहीं ग़फ़लत में रखकर …….
जाँच एजेंसियों के सामने तो विलम्ब का जवाब तो आप को ही देना पड़ेगा , क्योंकि कोई उस समय आपके साथ खड़ा शायद ही रहे।
माननीय महोदया ये जमीन मन्त्र और तंत्र की विशेष तो है, लेकिन कुछ लोगों ने इसे षड्यंत्र विशेष भी बना दिया है।
ये षड्यंत्रकारी जूठन के टुकड़े इतने जगह डालते हैं कि सब आपसे गोपनीय रखा जाता है।
लेकिन हम तो बीचवाले हैं , ये तालियाँ बजा बजा कर आपको सचेत करने हेतु आय-हाय तो करेंगे ही , मेरा स्वभाव जो ठहरा।
और हाँ एक निमंत्रण की ढोल भी पीटते हैं, अरे ओ भाई जाँच एजेंसी आप कोषागार में फिलवक्त घोटाले की जाँच कर रहे हैं, बहुत जल्द आपको शायद पाकुड़ भी आना पड़े , तो आप भी तैयार रहें। जाँच के निर्देश मिलने से पहले मेरा आमंत्रण है यहाँ की जनता की तरफ़ से।

Comment box में अपनी राय अवश्य दे....

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments