Tuesday, June 25, 2024
Homeसमीक्षानशे की लत और पैसे की भूख युवा वर्ग को ले जा...

नशे की लत और पैसे की भूख युवा वर्ग को ले जा रहा अपराध की अंधेरी राह 😥

पिछले दिनों नगर के एक मुहल्ले में चार युवकों को नगर की पुलिस ने एक टीम बनाकर 9 जिंदा कारतूस और कट्टे के साथ गिरफ्तार किया।
पुलिस कप्तान को गुप्त सूचना मिलने के बाद प्रशिक्षु डीएसपी के साथ पुलिस की पूरी टीम बनी। बहुत तकनीकी ढंग से छापेमारी हुई , और चार आरोपी पकड़े गए, फिर भी दो कुख्यात भागने में सफ़ल रहे , लेकिन कानून के साथ ये कब तक लुका छिपी खेल सकते हैं ? गिरफ्त में आएँगे तो जरूर। अपराधियों का ये गिरोह पत्थर तथा कोयला व्यपारियों से रंगदारी की मांग करते थे, ऐसा आरोप है।
पत्थर व्यपारियों से रंगदारी माँगने का आरोप तो समझ मे आता है, लेकिन कोयला व्यपारियों की बात समझ में नहीं आती। क्या कोल कम्पनियों के अलावे भी कोई व्यक्तिगत रूप से कोयला का व्यापार करता है ? ये सवाल इसलिए कि मीडिया में ये बात आई थी, और मेरी जानकारी में शायद वैधानिक रूप से पाकुड़ में कोई  शायद ही ऐसा कोयला वयापारी है। हाँ कोयला तस्करों की बात अलग है।
खैर इन अपराधियों का गिरोह पुलिस की सक्रियता से गिरफ्त में आये, लेकिन सवाल उठता है, कि ऐसे गिरोह पाकुड़ जैसे शांत जगह में पनपे कैसे ?
आपने मीडिया में देखा पढ़ा होगा कि कुमारपुर गाँव का एक सीधा सरल और मिलनसार युवा विमान चंद्रवंशी उर्फ बिट्टू अपने पिता का ट्रेक्टर की देख रेख करते , अचानक कोयला तस्करी के चँगुल में फँस गया। ऐसे में संगति में बदलाव आया और नशे की गिरफ्त में आ गया। फिर एक बार जो पैर लड़खड़ाए तो फिर अंजाम सलाखों के पीछे तक ले गया।
कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि पाकुड़ में बढ़ते नशे के कारोबार और पत्थर कोयले के अवैध कारोबार ने यहाँ के युवकों को बेरास्ता कर दिया। पड़ोसी राज्यों के अपराधियों ने भी इस ओर का रास्ता किया। यहाँ नशे और पैसे और ज्यादा की भूख में जकड़े युवकों ने बाहें फैला कर उनका स्वागत किया , तथा एक दुःसाहसी गिरोह ने आकार ले लिया।
इस गिरोह के दुःसाहस का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये वीडियो कॉल पर कट्टे दिखा कर व्यपारियों को धमका रहे थे।
ये दुःसाहस नशा करने पर ही अपना रंग दिखाता है। आपको आश्चर्य होगा कि गांजा , गाँजे के साथ चीलम या सिगरेट में भरकर ड्रग्स पीने वाले नशेड़ियों के आवश्यकता के मद्देनजर अब रेडीमेट विशेष कागज़ के चीलम बाजार में उपलब्ध हैं, जिसमे सिगरेट जैसे फिल्टर और तम्बाकू को टाइट भरने के लिए भी व्यवस्था उपलब्ध है। ( चित्र में रेडीमेड चीलम )
ऐसे भी नशे और अपराध का बहुत पुराना रिश्ता रहा है ।
अगर इस बार पुलिस ने ये कारवाई नही की होती तो……..

Comment box में अपनी राय अवश्य दे....

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments