पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय में चल रहे मूल भरण पोषण वाद 140/2026 का आज प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के प्रयास से दंपतियों के बीच दूरियों को समाप्त किया गया। दंपतियों के बीच चल रहे मतभेद को सुलह समझौते के आधार पर खत्म किया गया। दोनों पति पत्नी एक साथ रहने को राजी हुए। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक ने दोनों को मिलजुलकर एक दूसरे को समझते हुए खुशी खुशी रहने को कहाl हंसी खुशी न्यायालय से विदा की गई। मामला से संबंधित अधिवक्ता की सराहनीय भूमिका रही।मौके पर न्यायालय कर्मी, दोनों पक्षों के परिजन उपस्थित रहें।
हर घर तिरंगा अभियान के तहत वार्ड पार्षद निभा देवी ने घर-घर पहुंचकर किया तिरंगा वितरण
राष्ट्रव्यापी “हर घर तिरंगा” अभियान के अंतर्गत नगर परिषद पाकुड़ के वार्ड संख्या–11 की वार्ड पार्षद निभा देवी ने अपने वार्ड में घर-घर जाकर राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने वार्डवासियों को तिरंगे के सम्मान, राष्ट्रभक्ति तथा राष्ट्रीय एकता का संदेश देते हुए आगामी 80 वें स्वतंत्रता दिवस को पूरे उत्साह और गौरव के साथ मनाने का आह्वान किया।
अभियान के दौरान महिलाओं,युवाओं एवं आम नागरिकों के बीच तिरंगा वितरित किया गया। लोगों ने उत्साहपूर्वक इस अभियान में भाग लेते हुए अपने-अपने घरों पर पूरे सम्मान एवं गरिमा के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर वार्ड पार्षद निभा देवी ने कहा कि “भारत का तिरंगा केवल एक राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की आन, बान और शान, स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों के त्याग एवं बलिदान तथा करोड़ों भारतीयों की भावनाओं और आत्मसम्मान का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर चलाया जा रहा “हर घर तिरंगा” अभियान प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, संविधान के प्रति सम्मान तथा देश के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक सशक्त करने का एक जनआंदोलन बन चुका है।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों पर पूरे सम्मान और ध्वज संहिता का पालन करते हुए तिरंगा अवश्य फहराएँ तथा आने वाली पीढ़ी को भी राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और देशभक्ति का संदेश दें।
कार्यक्रम के दौरान पूरे वार्ड में “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “जय हिंद” के नारों से वातावरण राष्ट्रभक्ति से गुंजायमान हो उठा। वार्डवासियों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे अधिक से अधिक लोगों को “हर घर तिरंगा” अभियान से जोड़ेंगे तथा 80 वें स्वतंत्रता दिवस को पूरे हर्षोल्लास, उत्साह और राष्ट्रीय गौरव के साथ मनाएंगे।
*आगामी 12 सितंबर 2026 को होने वाले साल का तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन को लेकर की गई अहम बैठक*
झालसा रांची के निर्देशानुसार आगामी 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे के निर्देश पर डालसा सचिव रूपा बंदना किरो की अध्यक्षता में सचिव प्रकोष्ठ में एक अहम बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला,बैंकों के अधिकारियों, स्थाई लोक अदालत के सदस्य समेत संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान उपस्थित संबंधित अधिकारियों को अधिक से अधिक संख्याओं में बैंक से संबंधित मामलों को सुलह समझौते के आधार पर निष्पादन करने को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दी गई। साथ ही पक्षकारों को समय पर नोटिस भेजने को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आवश्यक दिशा निर्देश दी गई। इस दौरान त्वरित न्याय दिलाने को लेकर कई कानूनी पहलुओं पर विचार विमर्श किया गया। ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों का निष्पादन अधिक से अधिक संख्या में सुलभ और सरल तरीकों से हो सकें पक्षकारों को किसी भी प्रकार के समस्या का सामना न करना पड़ें। मौके पर स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, सदस्य मो अबरारुल हक राजीव कुमार झा समेत बैंकों से संबंधित अधिकारी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
पहाडों पे विराजने वाले भोलेनाथ , पाकुड़ में धरनी पहाड़ पर भी हैं उपस्थित , जहाँ भोलेनाथ हैं , वहाँ भक्तों का पहुँचता है शैलाब।
*पाकुड़ में धरनी बाबा धाम में गूंजा हर-हर महादेव, ऐसे तो जहाँ जहाँ महादेव हैं, वहाँ वहाँ गूँजता है जयकारा , लेकिन पिछले चार वर्षों धरनी पहाड़ पर होता है खास आयोजन। चौथे वर्ष भी उमड़ा आस्था का सैलाब*
आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम बीते सोमवार को “चलो धरनी बाबा धाम” के चौथे वर्ष के भव्य आयोजन में देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ पिंकी मंडल जी द्वारा विधिवत दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
पिंकी मंडल जी के नेतृत्व में आयोजित इस भव्य आयोजन में सैकड़ों की संख्या में टोटो, मोटरसाइकिल एवं अन्य वाहनों के साथ श्रद्धालु शामिल हुए। ध्वनि प्रसारण के माध्यम से पूरे क्षेत्र में महादेव के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं का उत्साह और उमंग देखते ही बन रहा था।
कार्यक्रम में माता-बहनों, बच्चियों, युवाओं और नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हर ओर भक्ति का माहौल, महादेव के जयकारे और श्रद्धालुओं के चेहरों पर उत्साह नजर आया। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता और भाईचारे का भी मजबूत संदेश दिया।
तीन वर्षों की आस्था, चौथे वर्ष दिखा भव्य रूप साथ ही खिचड़ी महाप्रसाद वितरण किया गया एवं भक्ति जागरण।
पिछले तीन वर्षों से लगातार चले आ रहे “चलो धरनी बाबा धाम” आयोजन का इस वर्ष चौथा वर्ष रहा। लगातार चार वर्षों से आगे बढ़ रही यह आस्था की यात्रा अब पाकुड़ जिलेवासियों के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सहभागिता का विशेष अवसर बन चुकी है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य धरनी पहाड़ एवं धरनी बाबा धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर पाकुड़ जिले की नई पहचान दिलाना है। आयोजकों का कहना है कि धरनी पहाड़ केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसे पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने से क्षेत्र में विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम में निवेदक रंकुश मंडल एवं राहुल कुमार के साथ सहयोगी रतन भगत, सागर चौधरी, दुलाली मंडल, राहुल सरकार एवं बप्पादित्या सहित अनेक कार्यकर्ताओं और सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ सहयोग किया।
इस अवसर पर पिंकी मंडल जी ने सभी कार्यकर्ताओं, सहयोगियों, श्रद्धालुओं, माता-बहनों, युवाओं एवं पूरे जिलेवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि धरनी पहाड़ की धार्मिक और प्राकृतिक पहचान को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे प्रयास लगातार जारी रहने चाहिए।
उन्होंने कहा, “धरनी पहाड़ केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि आने वाले समय में पाकुड़ जिले के पर्यटन और विकास की नई पहचान बन सकता है।”
कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा, भाईचारे और एकता का संदेश देते हैं।
*आज का खास: आज है सावन महीने की दूसरी सोमवारी व्रत*
*आज सोमवारी व्रत पर बन रहा है सोम प्रदोष व्रत का महासंयोग*
*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
10.08.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ याम्यायन सौम्यगोल: वर्षा ऋतु श्रीसूर्य: दक्षिणायन।
हिन्दी माह : श्रावण
पक्ष : कृष्ण
तिथि : द्वादशी
दिन : सोमवार
नक्षत्र : आर्द्रा
योग : वज्र
करण : तैतुल/गर
सूर्योदय : सुबह 05:29 बजे।
सूर्यास्त : शाम 06:31 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : कर्क राशि में।
आज का चंद्रमा : मिथुन राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* पूर्व।
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*आज का राहुकाल :*
प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज सावन महीने के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। प्रातः 5:55 तक द्वादशी तिथि रहेगा उसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगा। आज सोम प्रदोष व्रत है। आज पूर्व दिशा में गुरु का उदय होगा। आज विपणिव्यापार, नामकरण, अन्नप्राशन के मुहूर्त हैं।
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*विशेष :* सावन महीने में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, अथवा शिव से संबंधित अन्य जप-तप व अनुष्ठान के लिए शिववास देखने की कोई आवश्यकता नहीं है। आपकी श्रद्धा जिस दिन बन जाए उस दिन ही शिव की आराधना कर सकते हैं।
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*आज का खास:*
आज सावन महीने की दूसरी सोमवारी व्रत है। आज सोम प्रदोष व्रत का महासंयोग बन रहा है। यह संयोग शिव आराधना के लिए विशेष पुण्यदाई माना गया है। जिनके कुंडली में चंद्रमा कमजोर है। पति-पत्नी में अक्सर विवाद या झगड़े होते रहते हैं। कभी सामंजस्य नहीं बन पाता है। पति-पत्नी के रिश्ते कमजोर हो रहे हैं। ऐसे में आज के दिन चंद्रमा के शांति के उपाय करने चाहिए।
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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आँखों में बड़े सपने सजाने के सम्मान लिए मचल उठे बच्चे , गरीब मेधावी बच्चीयों को लुत्फल हक ने दिया लैपटॉप
रांची के हज हाउस में गाला अवार्ड समारोह-2026, झारखंड के मैट्रिक-इंटर के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, करियर काउंसलिंग से दिखाई भविष्य की राह
पाकुड़- एक मंच पर झारखंड के अलग-अलग जिलों से आए करीब 500 टॉपर विद्यार्थी… हाथों में सम्मान और आंखों में भविष्य के बड़े सपने। इसी बीच आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की एक मेधावी बच्ची के हाथ में जब लैपटॉप पहुंचा तो पूरा माहौल भावुक हो उठा। यह पहल की पाकुड़ के समाजसेवी लुत्फल हक ने। उन्होंने बच्ची को लैपटॉप भेंट कर यह संदेश दिया कि प्रतिभा को केवल सम्मान की नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के लिए जरूरी संसाधनों की भी जरूरत होती है।
रांची के हज हाउस में रविवार को फ्रेंड्स ऑफ वीकर सोसाइटी, रांची की ओर से फेलिसिटेशन, स्कॉलरशिप डिस्ट्रीब्यूशन कम करियर काउंसलिंग कार्यक्रम के तहत ‘गाला अवार्ड समारोह-2026’ का आयोजन किया गया। समारोह में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले करीब 500 छात्र- छात्राओं को सम्मानित किया गया।
लुत्फल बोले- गरीबी प्रतिभा के रास्ते में दीवार नहीं बने–
समारोह में लुत्फल हक ने मेधावी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए प्रेरित किया।आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की मेधावी बच्ची को लैपटॉप देते हुए उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में शिक्षा और तकनीक एक-दूसरे से जुड़ चुके हैं। आर्थिक अभाव के कारण किसी प्रतिभावान बच्चे का सपना अधूरा नहीं रहना चाहिए।उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से ऐसे जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। कहा कि किसी बच्चे को सही समय पर सही संसाधन मिल जाए तो उसकी प्रतिभा को नई उड़ान मिल सकती है।
मंच पर मंत्री,डीआईजी समेत कई गणमान्य लोग—
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हफीजुल हसन, मंत्री,कल्याण विभाग, झारखंड सरकार रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें आगे की पढ़ाई और अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहने के लिए प्रेरित किया।विशेष अतिथि डॉ. नवाज देवबंदी, प्रसिद्ध उर्दू कवि एवं बालिका शिक्षा के प्रबल समर्थक, मौजूद रहे। वहीं शिल्पी नेहा तिर्की, मंत्री, कृषि विभाग, झारखंड सरकार, शमशेर आलम, उपाध्यक्ष, झारखंड अल्पसंख्यक आयोग, एम.टी. राजा, विधायक, राजमहल, तथा नौशाद आलम, डीआईजी, विशेष शाखा, रांची ने भी विद्यार्थियों को सम्मानित किया और संबोधित किया।
समारोह में ये रहे मौजूद…
समारोह में डॉ. माजिद आलम, प्रसिद्ध शल्य चिकित्सक, डॉ. शम्सुन नहर, प्राचार्य, जे.एन. कॉलेज,धुर्वा, गुलाम समदानी, संयुक्त सचिव, झारखंड राज्य हज समिति, डॉ. आरिफ हबीब, संयुक्त निदेशक, हाइदर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, पिथोरिया, रांची समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सम्मान के साथ करियर की राह भी दिखाई—
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को केवल सम्मानित ही नहीं किया गया, बल्कि उन्हें आगे की पढ़ाई, करियर चयन और बेहतर भविष्य को लेकर मार्गदर्शन भी दिया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति निरंतर समर्पण बनाए रखने की अपील की।
गांव-कस्बों की प्रतिभा को चाहिए अवसर—
समारोह ने यह संदेश भी दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संपन्न परिवार की मोहताज नहीं होती। झारखंड के छोटे-छोटे गांव और कस्बों से निकलने वाले बच्चे भी अवसर और सही मार्गदर्शन मिलने पर राज्य और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
एक लैपटॉप ने समारोह का अर्थ बदल दिया—
करीब 500 विद्यार्थियों को सम्मानित करने वाला यह समारोह अपने आप में खास था, लेकिन जरूरतमंद बच्ची को दिया गया लैपटॉप पूरे आयोजन का सबसे भावुक क्षण बन गया। मंच पर सम्मानित होते सैकड़ों टॉपर और उनके बीच एक गरीब बच्ची के हाथ में लैपटॉप—यह तस्वीर शिक्षा के साथ समान अवसर और डिजिटल सशक्तीकरण का संदेश देती नजर आई।लुत्फल हक की यह पहल इस बात की मिसाल बनी कि किसी विद्यार्थी को सिर्फ मंच पर सम्मान देना ही काफी नहीं है।यदि उसके सपनों को पूरा करने के लिए जरूरी साधन भी उपलब्ध करा दिए जाएं, तो वही सम्मान उसके भविष्य की नई शुरुआत बन सकता है।
पाकुड़ की औद्योगिक व्यस्तता वाली सड़कों पर घूमते – बैठते पशु हादसों को देते हैं मौन आमंत्रण , प्रशासन से बचाव ढूँढने की माँग।
राष्ट्रीय संगठन रामभक्त सेवा दल ने सौंपा ज्ञापन, सड़क सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
जिले में सड़कों पर खुलेआम घूमने वाले पशुओं के कारण बढ़ रही दुर्घटनाओं को लेकर राष्ट्रीय संगठन रामभक्त सेवा दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रीतम सिंह यादव ने उपायुक्त मेघा भारद्वाज को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की गई है। प्रीतम सिंह यादव ने अपने पत्र में कहा है कि जिले के कई इलाकों में पशुपालक अपने मवेशियों को खुले में छोड़ देते हैं। दिनभर इधर-उधर घूमने वाले ये पशु शाम होते ही मुख्य सड़कों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग और शहर के विभिन्न मार्गों पर बैठ जाते हैं, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से रात के समय सड़क पर बैठे पशु दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। अचानक पशुओं के सामने आ जाने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ जाती है। इसके अलावा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज्ञापन में प्रशासन से कई महत्वपूर्ण मांगें भी की गई हैं। इनमें लापरवाह पशुपालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने, नगर परिषद, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाकर सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने, पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने और पशुओं के गले में रिफ्लेक्टिव पट्टियां लगाने की मांग शामिल है। प्रीतम सिंह यादव ने कहा कि यह केवल पशुओं से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा का विषय भी है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस दिशा में जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
स्थाई लोक अदालत से मिलने वाले जन उपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन
* पिछले कई महीनों से चल रहे विधिक जागरूकता का बढ़ रहा दायरा। हर पहलू पर जागरूकता की दी जा रही जानकारी।
झालसा रांची के निदेर्शानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच पाकुड़ में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, सदस्य, मो अबरारुल हक, राजीव कुमार झा, ब्रांच मैनेजर अनुरंजन आनंद, मुख्य रूप से मौजूद रहे। उक्त कार्यक्रम में स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला ने स्थाई लोक अदालत के महत्व एवं कानूनी जानकारी दी। स्थाई लोक अदालत के सदस्य द्वारा स्थाई लोक अदालत से से मिलने निःशुल्क कानूनी सुविधाओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। मो अबरारुल हक ने स्थाई लोक अदालत के जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित कानूनी जानकारी दी, जिसमें विवादों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान कराने, बिजली, बीमा सेवा विवाद एवं अन्य जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवाद का निपटारा पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं स्थाई लोक अदालत के सदस्य राजीव कुमार झा ने बताया कि गरीब, महिला, बच्चे, एससी, एसटी, दिव्यांग, समेत योग्य व्यक्ति बैंक संबंधित एवं सुलह योग्य मामलों का लाभ ले सकते हैं। इस दौरान बैंकिंग सुविधाओं एवं सेवाओं पर विस्तृत जानकारी उपस्थित आमजनों को दी गई। मौके पर बैंक कर्मी, बैंक ग्राहकों एवं आमजन उपस्थित रहे।
*पूर्व रेलवे के निरंतर प्रयासों से माल ढुलाई प्रदर्शन में उल्लेखनीय वृद्धि*
ईआर/प्रेस विज्ञप्ति : 2026/08/16
प्रतिदिन लाखों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए प्रसिद्ध पूर्व रेलवे ने यह सिद्ध किया है कि उसकी क्षमता केवल यात्री सेवाओं तक सीमित नहीं है। अपनी माल ढुलाई सेवाओं में निरंतर वृद्धि के माध्यम से पूर्व रेलवे अर्थव्यवस्था को गति देने, क्षेत्रीय उद्योगों को समर्थन प्रदान करने तथा स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। रेलवे जोन ने अपनी माल परिवहन क्षमता का विस्तार करते हुए वर्ष-दर-वर्ष उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है, जिससे क्षेत्र की औद्योगिक आपूर्ति शृंखला और अधिक मजबूत हुई है।
1 अप्रैल, 2026 से 31 जुलाई, 2026 की अवधि के माल परिवहन के आँकड़ों का 1 अप्रैल, 2025 से 31 जुलाई, 2025 की समान अवधि से तुलनात्मक विश्लेषण सभी प्रमुख परिचालन मानकों में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है। चालू वित्तीय वर्ष के पहले चार महीनों के दौरान विभिन्न वस्तुओं की कुल 33.391 मिलियन टन माल लदान दर्ज किया गया, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह 32.599 मिलियन टन था। इस प्रकार माल लदान में 2.43 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
माल ढुलाई की इस वृद्धि के परिणामस्वरूप माल राजस्व भी बढ़कर ₹3,192.97 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह ₹3,044.11 करोड़ था। इस प्रकार माल राजस्व में 4.89 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
आयातित कोयले का परिवहन इस उपलब्धि का प्रमुख आधार रहा। आयातित कोयले की लदान मात्रा में 7.29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वित्तीय वर्ष के 21.567 मिलियन टन से बढ़कर चालू वित्तीय वर्ष में 23.14 मिलियन टन हो गई। इसके परिणामस्वरूप कोयला माल ढुलाई से प्राप्त राजस्व में 13.22 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई और यह बढ़कर ₹2,263.20 करोड़ हो गया, जबकि वर्ष 2025 की समान चार माह की अवधि में यह ₹1,998.95 करोड़ था। यह उपलब्धि थोक ऊर्जा लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में पूर्व रेलवे की बढ़ती भागीदारी और सुदृढ़ होती बाजार स्थिति को रेखांकित करती है।
माल ढुलाई के इस निरंतर बेहतर प्रदर्शन का प्रत्यक्ष लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन को प्राप्त हो रहा है। कोयले की निर्बाध आपूर्ति से घरों, अस्पतालों तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निरंतर विद्युत उपलब्ध हो रही है। रेल के माध्यम से किफायती माल परिवहन स्थानीय बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को स्थिर बनाए रखने में सहायक है। व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं, वहीं अतिरिक्त राजस्व के माध्यम से पूर्व रेलवे पटरियों के आधुनिकीकरण, स्टेशनों पर स्वच्छ एवं बेहतर यात्री सुविधाओं के विकास तथा आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण में निरंतर निवेश कर रहा है, जिसका लाभ प्रतिदिन लाखों यात्रियों को प्राप्त हो रहा है।
पूर्व रेलवे सतत एवं समावेशी क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपने माल परिवहन नेटवर्क के विस्तार तथा सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।