Wednesday, August 5, 2026
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आज का खास : आरोग्यता, मान-सम्मान एवं सर्वत्र उत्तम प्रतिष्ठा के लिए ज्येष्ठ महीने में करें सार्वजनिक स्थलों पर पिलाऊं की व्यवस्था

*ज्येष्ठ महीने में पंखा, गौ, गुड़, ऋतु फल के दान का है खास महत्व*

*आज प्रातः 10:08 से रात्रि 9:30 बजे तक भोग करेगा भद्रा, भद्रा काल में नहीं करनी चाहिए नए कार्यों की शुरुआत*

*आज का पंचांग 👇*

*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
23.05.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ सौम्यायन सौम्यगोल: ग्रीष्मऋतु। श्रीसूर्य: उत्तरायण।
हिन्दी माह : अधिक ज्येष्ठ
पक्ष : शुक्ल
तिथि : सप्तमी
दिन : शनिवार
नक्षत्र : श्लेषा
योग : ध्रुव
करण : वणिज/विष्टि
सूर्योदय : सुबह 05:19 बजे।
सूर्यास्त : शाम 06:41 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : वृष राशि में।
आज का चंद्रमा : कर्क राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* पूर्व।
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*आज का राहुकाल :*
प्रातः 9:00 बजे से 10:30 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज अधिकज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज प्रात: 7:17 तक चंद्रमा कर्क राशि में रहेंगे। उसके बाद 7:18 बजे सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। आज प्रातः 10:08 बजे से भद्रा लग रहा है। यह रात्रि 9:30 तक रहेगा। आज भद्रा का वास मृत्यु लोक अर्थात् पृथ्वी पर होगा। भद्रा काल में नए कार्यों की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। भद्रा में सभी प्रकार के शुभ एवं मांगलिक कार्य बंद रहते हैं। आज पश्चिम दिशा में बुध का उदय होगा।

*विशेष ध्यानार्थ…. भद्रा का दोष काशी (बनारस) में नहीं लगता है।*
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*आज का खास:*
ज्येष्ठ मास में आंटा से ब्रह्मा की मूर्ति बनाकर विधिपूर्वक पुष्प, धूप, दीप, गंध, नवैद्य, वस्त्र, आभूषण से पूजा करने से आरोग्यता की प्राप्ति होती है। रुके हुए कार्य बनते हैं। वहीं ज्येष्ठ मास में जल पूर्ण कुंभ, घड़ा या पियाऊं, पंखा, चंदन, गुड़, ताजे फल, और गौ का दान विशेष लाभकारी बताए गए हैं। इस महीने सार्वजनिक स्थलों पर पिलाऊं की व्यवस्था करना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। इससे भगवान वामन देव प्रसन्न होते हैं।
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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कार्यपालक पदाधिकारी व वार्ड पार्षद ने कैलाश नगर का किया संयुक्त निरीक्षण

वार्ड के विकास हेतु हूँ प्रतिबद्ध : निभा देवी
•कार्यपालक पदाधिकारी व वार्ड पार्षद ने कैलाश नगर का किया संयुक्त निरीक्षण।
पाकुड़ नगर परिषद वार्ड नंबर 11 के कैलाशनगर में चलाऐ जा रहे विकास योजना का निरीक्षण कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद पाकुड़ अमरेंद्र कुमार चौधरी ने किया। निरीक्षण के क्रम में वार्ड पार्षद निभा देवी मौजूद थी। कार्यपालक पदाधिकारी ने कैलाश नगर में चल रहे सड़क एवं नाली निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।बताते चले कि विगत कई वर्षों से कैलाश नगर मोहल्लेवासी सड़क व जलजमाव की समस्या से जूझ रहे थे।बरसात सहित अन्य दिनों में भी जल जमाव की समस्या बनी रहती थी।इसके समाधान का प्रयास वार्ड पार्षद द्वारा किया गया है,साथ ही वर्षा के समय कैलाश नगर में जल जमाव की समस्या ना हो इस वार्ड पार्षद निभा देवी द्वारा चिंता व्यक्त किया। इसके विशेष कार्य योजना हेतु कार्यपालक पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार चौधरी एवं वार्ड पार्षद निभा देवी ने कैलाश नगर का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया,जिसमें वर्षा के पानी को कैलाश नगर में प्रवेश न हो ना‌ हो इसके लिए कैलाश नगर से ईशाकपुर तक महानाला का निर्माण करने,सूजेश सिंह,मोनू जायसवाल,राजेश प्रसाद के घर की ओर नाली का गहरीकारण चौड़ीकरण,पथ का निर्माण करने,बागतीपाड़ा में सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु स्थल निरीक्षण किया गया। कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद पाकुड़ ने बताया बागतीपाड़ा में समुदाय भवन के निर्माण हेतु जमीन उपलब्ध करवाने पर ही नगर परिषद, पाकुड़ उस पर गंभीरता पूर्वक विचार करेगी।
मोहल्ले के जांचोपरांत वार्ड पार्षद निभा देवी ने कहा कि सिद्धार्थनगर,कैलाश नगर,बागतीपाड़ा को विकसित वार्ड बनाने के हेतु स्पष्ट रोड मैप तैयार कर लिया गया है, योजनाबद्ध तरीके से सभी मोहल्ले में विकास कार्य करवाए जाएंगे।मैं अपने वार्ड के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हूं।
वार्ड में जांच के क्रम में कनिय अभियंता नगर परिषद पाकुड़ संजीत महतो,स्वच्छता पर्यवेक्षक वार्ड नंबर 11 संजय कुमार राय सहित वार्डवासी पंकज मिश्रा,शिवम सिंह,सूर्या सिंह,अमित घोष,बच्चू राय सर्वेश्वर झा,निमाई माल आदि मौजूद थे।

आज का खास : घर के किस दिशा में है बोरिंग या कूप निर्माण का शुभ स्थान, पढ़िए आज का खास अंक

*आज का पंचांग 👇*

*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
21.05.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ सौम्यायन सौम्यगोल: ग्रीष्मऋतु। श्रीसूर्य: उत्तरायण।
हिन्दी माह : अधिक ज्येष्ठ
पक्ष : शुक्ल
तिथि : पंचमी
दिन : गुरुवार
नक्षत्र : पुनर्वसु
योग : गण्ड
करण : वालव/कौलव
सूर्योदय : सुबह 05:20 बजे।
सूर्यास्त : शाम 06:40 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : वृष राशि में।
आज का चंद्रमा : कर्क राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* दक्षिण।
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*आज का राहुकाल :*
दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज अधिकज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। आज वृक्षारोपण, उत्तर/पश्चिम दिग् यात्रा के मुहूर्त हैं।
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*आज का खास:*
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के दक्षिण दिशा में पीने के पानी का स्थान कभी भी नहीं रखना चाहिए। घर के दक्षिण दिशा में कुआं या बोरिंग नहीं करना चाहिए। शास्त्र के अनुसार घर के दक्षिण दिशा का पानी पीने से गृहस्वामी को मृत्यु तुल्य कष्ट होते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर-पूर्व दिया या इशान कोण में बोरिंग या कूप का निर्माण उत्तम होता है। घरों के छत पर पानी की टंकी भी इसी दिशा में लगाना चाहिए।
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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*“मेरे भोले कहाँ हो तू” भक्ति गीत से छाए पाकुड़ के युवा संगीतकार रंजीत राणा*

पाकुड़ के युवा संगीतकार रंजीत राणा का नया भक्ति गीत “मेरे भोले कहाँ हो तू” रिलीज होते ही लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। भगवान भोलेनाथ पर आधारित इस गीत को श्रोताओं का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
गीत रिलीज होने के बाद से ही सामाजिक माध्यमों और संगीत प्रेमियों के बीच इसकी खूब चर्चा हो रही है। भक्तिमय संगीत, मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुति के कारण यह गीत लोगों को काफी पसंद आ रहा है।
रंजीत राणा इससे पहले भी कई भक्ति गीतों के एलबम जारी कर चुके हैं, जिन्हें दर्शकों और श्रोताओं ने सराहा है। खासकर सावन और धार्मिक अवसरों पर उनके गीतों की मांग बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों ने रंजीत राणा की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि पाकुड़ के कलाकार लगातार अपनी प्रतिभा से जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।

*डी ए वी स्कूल पाकुड़ में आयोजित समर कैंप का भव्य समापन*

*तीन दिनों तक चला उत्साह, उमंग और प्रतिभा का महोत्सव*
पाकुड़, स्थानीय विद्यालय डी ए वी पब्लिक स्कूल पाकुड़ में आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप का समापन अत्यंत उत्साह रचनात्मक एवं आनंदमय वातावरण के साथ हुआ 18 मई से 20 मई तक चलने वाले इस समर कैंप के दौरान विद्यालय प्रशासन द्वारा बच्चों के लिए विभिन्न मनोरंजन शारीरिक, शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन विद्यालय परिसर में किया गया जिसमें बच्चों ने बढ़-कर कर भाग लिया एवं बहुत आनंद उठाया। एलजी एवं यूकेजी के नन्हे मुन्ने बच्चों ने आइसक्रीम स्टिक से सुंदर क्राफ्ट तैयार किया। कक्षा प्रथम एवं द्वितीय के बच्चों ने विभिन्न प्रकार की पत्तियों की सहायता से भगवान गणेश, चूहा, लोमड़ी आदि की आकर्षक आकृतियां बनाई। वहीं कक्षा तृतीय से पंचम तक के विद्यार्थियों ने आर्ट, ड्राइंग एवं मंडला आर्ट बनाकर अपनी कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। वर्ग षष्ठम से अष्टम तक के बच्चों ने शारीरिक खेलकूद, योग, ताइक्वांडो फूड विदाउट फायर, चित्रकला, हैंडीक्राफ्ट एवं अनेकों रचनात्मक कार्यक्रम में भाग लेकर आत्मविश्वास अनुशासन एवं टीम भावना का विकास किया। वर्ग पंचम से बारहवीं तक के बच्चों को भ्रमण हेतु वाटर पार्क ले जाया गया जहां बच्चों ने वाटर पार्क में स्विमिंग पूल का लुत्फ उठाया। समापन समारोह के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉक्टर विश्वदीप चक्रवर्ती ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। प्रशिक्षकों ने बच्चों को रचनात्मकता और नवाचार से जुड़े टिप्स भी दिए। समापन समारोह का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नृत्य, गीत, लघु नाटिका और भाषण रहे। बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और मंच प्रस्तुति ने सभी को प्रभावित किया। प्रधानाचार्य ने आगे कहा कि समर कैंप बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को निखारने का एक सशक्त माध्यम है। इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और टीम भावना का विकास करती हैं, जो उनके भविष्य निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होती हैं। उन्होंने समर कैंप के सफल आयोजन के लिए सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्रशिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग की सराहना की।

गोपीनाथपुर में उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण की मांग को लेकर जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने सौंपा ज्ञापन

पाकुड़ प्रखंड अंतर्गत गंधाईपुर पंचायत के में उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण की मांग को लेकर आज जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने सिविल सर्जन एवं उपायुक्त महोदय को पत्र सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि गंधाईपुर पंचायत की जनसंख्या लगभग 7000 से अधिक है, लेकिन आज तक यहां उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण नहीं हो पाया है। स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को छोटी से छोटी दवा और इलाज के लिए भी पश्चिम बंगाल या पाकुड़ जाना पड़ता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने कहा कि क्षेत्र के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जल्द से जल्द उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण होना बेहद जरूरी है, ताकि ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
इस दौरान सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण हेतु प्रयास किया जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके।

*गोपीनाथपुर में स्थायी पुलिस कैंप की मांग तेज, जिला परिषद सदस्य ने सौंपा आवेदन*

जिले के गोपीनाथपुर गांव में विधि-व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर स्थायी पुलिस कैंप स्थापित करने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने पुलिस अधीक्षक, पाकुड़ को आवेदन सौंपकर शीघ्र स्थायी पुलिस कैंप स्थापित की मांग की है।
जिला परिषद सदस्य ने बताया कि गोपीनाथपुर में पहले भी कई बार उपायुक्त एंव पुलिस अधीक्षक को पत्र सौपा गया है ग्रामीणों द्वारा पुलिस कैंप की स्थापना हेतु आवेदन दिया गया था, जिसकी जांच संबंधित विभाग द्वारा की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थायी पुलिस कैंप स्थापित होने से अपराधों पर अंकुश लगेगा, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी तथा गांव में शांति और सौहार्द का माहौल बनेगा।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द पुलिस कैंप स्थापित करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो सके।
जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने प्रशासन से अपील की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में त्वरित कदम उठाए जाएं।

*डालसा टीम द्वारा पाकुड़ जेल में नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता शिविर के तहत किया जागरूक*

झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में आज पाकुड़ जेल में नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें बंदियों को लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के चीफ़ सुबोध कुमार दफादार एवं डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल ने संयुक्त रूप से कानून की जानकारी के साथ साथ समाज के कुप्रथा उनसे बचाव पर विस्तृत जानकारी दी।इस दौरान बताया गया कि कुप्रथा को जन्म देती हैं डर, सामाजिक दबाव, अशिक्षा और गरीबी इन को दूर करना जरूरी है ताकि दहेज प्रथा, बाल विवाह, बाल श्रम, डायन प्रथा जैसे मामलों को खत्म किया जा सके। लोगों में शिक्षा अत्यंत जरूरी हैं कानून की जानकारी होना जरूरी है बाल श्रम, बाल विवाह, दहेज प्रथा पर निषेध अधिनियम के तहत सजा का प्रावधान है। हम जानकार बनकर ही खुद को, अपने परिवार को, समाज को शसक्त बनाने में मदद कर सकते हैं।मौके पर जेल के प्रशासनिक अधिकारी पैरा लीगल वॉलिंटियर्स सायेम अली, मरियम पिंकी किस्कू उपस्थित रहे।

*आज का खास : मलमास में क्या करें क्या नहीं करें… मलमास का क्या है आध्यात्मिक महत्व…पढ़िए आज का खास आलेख।*

*भगवान विष्णु का अत्यंत प्रिय महीना है मलमास, इस महीने मंत्र जप और अध्यात्म का है खास महत्व*

*आज का पंचांग 👇*

*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
18.05.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ सौम्यायन सौम्यगोल: ग्रीष्मऋतु। श्रीसूर्य: उत्तरायण।
हिन्दी माह : अधिक ज्येष्ठ
पक्ष : शुक्ल
तिथि : द्वितीया
दिन : सोमवार
नक्षत्र : रोहिणी
योग : सुकर्मा
करण : बालव/कौलव
सूर्योदय : सुबह 05:22 बजे।
सूर्यास्त : शाम 06:38 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : वृष राशि में।
आज का चंद्रमा : वृष राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* पूर्व।
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*आज का राहुकाल :*
प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज अधिकज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। चंद्र दर्शन, आज रात्रि 1:00 पर चंद्रमा मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।
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*आज का खास:*

*शुरू हुआ मलमास, एक महीने तक शादी-मुंडन समेत सभी मांगलिक कार्यों पर रहेगा रोक*

*भगवान विष्णु का अत्यंत प्रिय महीना है मलमास, इस महीने मंत्र जप और अध्यात्म का है खास महत्व*

रविवार 17 मई से मलमास (पुरुषोत्तम) मास शुरू हो गया है। यह आगामी 15 जून तक चलेगा। मलमास में जातकर्म, नामकरण, अन्नप्राशन, गृहारंभ, गृहप्रवेश, चौलमुण्डन, उपनयन, न‌ई यात्रा, छेवका, तीलक, शगाई, विवाह, वर-कन्या वरण, जैसे सभी शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। यह माह भगवान विष्णु की आराधना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए समर्पित है, जिसमें दान-पुण्य का विशेष महत्व है। पुरुषोत्तम मास को मलमास अथवा अधिक मास भी कहा जाता है। मलमास हिंदू पंचांग का एक महत्वपूर्ण समय है। यह वह अतिरिक्त महीना है जो हर तीसरे वर्ष चंद्र वर्ष और सौर वर्ष के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए जुड़ता है जो ऋतुओं को बिगड़ने से बचाता है। यह महीना
धार्मिक दृष्टिकोण से भगवान विष्णु (पुरुषोत्तम) की आराधना के लिए समर्पित है। मलमास होने का मुख्य कारण सूर्य वर्ष और चंद्र वर्ष के बीच के समय का अंतर है। भारतीय पंचांग इन दोनों गणनाओं के संतुलन पर आधारित है। ज्ञात हो कि सौर वर्ष और चंद्र वर्ष के बीच हर साल लगभग 11 दिन का अंतर आ जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि इस 11 दिन के अंतर को ठीक न किया जाए, तो कुछ ही सालों में हमारे त्यौहार और ऋतुओं का तालमेल पूरी तरह बिगड़ जाएगा। इस समय के अंतर को पाटने के लिए, हर तीसरे साल चंद्र कैलेंडर में एक अतिरिक्त महीना जुड़ जाता है। इसी अतिरिक्त महीने को पुरुषोत्तम मास, मलमास या अधिक मास कहते हैं। हिंदू पंचांग में जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो उसे संक्रांति कहा जाता है।जिस चंद्रमा के महीने में सूर्य की कोई संक्रांति नहीं होती यानी सूर्य राशि नहीं बदलते हैं, उसे ही अधिक मास या मलमास कहते हैं। इस व्यवस्था के कारण ही हमारे त्योहार जैसे दीपावली, दशहरा, मकर संक्रांति हमेशा अपनी निश्चित ऋतुओं में ही आते हैं।

*15 जून तक चलेगा मलमास, बेहद फलदयी होंगे ये तीन काम*

श्रीहरि को समर्पित पुरुषोत्तम मास रविवार से शुरू हो गया है। यह आगामी 15 जून तक चलेगा। मलमास में भगवान पुरुषोत्तम अर्थात नारायण की पूजा उपासना का विशेष महत्व है। मलमास में इन्हें मालपुआ का भोग लगाने का खास महत्व रहा है। मलमास के दरमियान तीर्थदर्शन, गंगास्नान, और मंत्र जप विशेष लाभप्रद होते हैं ।

*क्यों कहा जाता है इसे पुरुषोत्तम मास? जानिए इसके पीछे की पौराणिक कथा*

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर महीने के लिए एक स्वामी देवता निर्धारित हैं। लेकिन इस अतिरिक्त महीने का कोई स्वामी नहीं थे, इसलिए इसे मलमास (अशुद्ध मास) कहा गया। तब भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम पुरुषोत्तम दिया और इसे अपना प्रिय महीना बनाया। ताकि इस समय में की गई आध्यात्मिक उन्नति का फल अनंत हो सके। इसीलिए इस महीने में की गई भक्ति का फल अन्य महीनों की तुलना में कई गुना अधिक माना जाता है।

*मलमास के दौरान पालन किए जाने वाले मुख्य नियम*

मलमास में प्रतिदिन ॐ नमो भगवते वासुदेवाय या पुरुषोत्तम सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस महीने में दीपदान, वस्त्र दान और अन्न दान का विशेष महत्व है। इस महीने विशेष रूप से मिठाई, मालपुए का दान करना शुभ माना जाता है। इस समय भागवत पुराण या रामायण का पाठ करना या सुनना बहुत उत्तम माना गया है। इस मास में संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें, अन्यथा घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी पुण्यकारी होता है।

*मलमास में क्या नहीं करें*

मलमास में नामकरण, अन्नप्राशन, गृहारंभ, गृहप्रवेश , उपनयन, मुंडन तीलक, शगाई, विवाह वर-कन्या वरण समेत अन्य मांगलिक व शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। मालामश के दरमियान नई यात्रा और नए कारोबार का भी शुभारंभ नहीं करना चाहिए। मलमास में नई गाड़ी, नया मकान या जमीन खरीदने से बचना चाहिए। नए व्यापार की शुरुआत या बड़ा निवेश न करें। मलमास में तामसिक भोजन और अशुद्ध आचरण से दूर रहना चाहिए।
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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जेल अदालत सह मेडिकल कैंप का हुआ आयोजन* झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा शिविर आयोजित।

प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के सचिव रूपा बंदना किरो की उपस्थिति में पाकुड़ मंडल कारा में जेल अदालत सह चिकित्सीय जांच शिविर का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम की शुरुआत डालसा सचिव रूपा बंदना किरो, लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के चीफ सुबोध कुमार दफादार डिप्टी चीफ़ मो नुकुमुद्दीन शेख एलएडीसीएस के सहायक गंगाराम टुडू डॉ एस के झा,डॉ संभली, जेल के प्रशासनिक अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई।उक्त कार्यक्रम में सचिव रूपा बंदना किरो ने बंदियों को कानून जानकारी दी। जिसमें प्ली बार्गेनिंग के महत्व के बारे में बताया कि स्वेच्छा से दोष स्वीकार करने पर बंदियों के हित में मिलने वाले फायदे जिसमें छोटे-छोटे सुलहनीय अपराधों में प्ली बार्गेनिंग के अर्जी देने पर सजा कम करने का प्रावधान, वाद का जल्द निपटारण, जेल से जल्द रिहाई समेत समय की बचत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस दौरान प्ली बार्गेनिंग किन किन मामलों में होता है और प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बंदियों का स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली गई। लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के डिप्टी चीफ मो नुकुमुद्दीन शेख ने डालसा से मिलने वाले निःशुल्क कानूनी सहायता, जमानत से संबंधित कानून की जानकारी दी। इस दौरान जेल के अंदर मेडिकल कैंप का आयोजन के तहत बंदियों की बीपी, शुगर, समेत अन्य स्वास्थ्य की जांच की गई। सचिव रूपा बंदना किरो ने इस दौरान जेल पुस्तकालय, रजिस्टर की जांच समेत जेल की व्यवस्था एवं बुनियादी सुविधाओं की निरीक्षण की एवं जेल अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दी गई। मौके पर डालसा के कर्मी जेल के प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग से डॉ एवं मेडिकल टीम सदस्य मौजूद रहे।
साथ ही लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल एलएडीसीएस के सहायक अज़फर हुसैन विश्वास उपस्थित रहे।