गणेश चतुर्थी पर विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना, भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु
28 वर्षों से अनवरत जारी है रेलवे मैदान में गणपति महोत्सव की परंपरा
प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता एवं मंगलमूर्ति भगवान श्री गणेश की आराधना के पावन पर्व गणेश चतुर्थी के अवसर पर पाकुड़ रेलवे मैदान पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। सार्वजनिक गणेश पूजा समिति, रेलवे मैदान, पाकुड़ द्वारा आयोजित चार दिवसीय गणेशोत्सव के तहत सोमवार को विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बाबा गणपति की पूजा-अर्चना प्रारंभ हुई। सुबह से ही पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और पूरा रेलवे मैदान “गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया” के जयघोष से गूंजता रहा।
पूजा के शुभारंभ से पूर्व पूजा के पुरोहित सजल चटर्जी एवं सुकांतो सहाना के नेतृत्व में श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ रेलवे पोखर पहुंचे। वहां विधि-विधान से कलश में पवित्र जल भरकर उसे पूजा पंडाल लाया गया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि एवं मंगलाचरण के बीच कलश को पंडाल में स्थापित कर भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना प्रारंभ की गई।
बाबा गणपति के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में रेलवे मैदान पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गणपति के चरणों में शीश नवाकर सुख, शांति, समृद्धि, आरोग्य एवं परिवार के मंगल की कामना की। भक्तों ने पुष्पांजलि अर्पित कर प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं की आस्था और उमंग देखते ही बन रही थी।
भजन संध्या में भक्ति के रंग में रंगा रेलवे मैदान
संध्या प्रहर महाआरती एवं प्रसाद वितरण के उपरांत मोनी व्यास एवं उनकी टीम द्वारा भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। बिहार, झारखंड एवं बंगाल से पहुंचे कलाकारों ने भगवान गणेश को समर्पित एक से बढ़कर एक भक्ति गीत एवं भजनों की प्रस्तुति दी। जैसे-जैसे भजनों की स्वर-लहरियां गूंजती गईं, पूरा वातावरण भक्तिरस में डूबता चला गया। श्रद्धालु भक्ति संगीत पर झूमते और बाबा गणपति के जयकारे लगाते नजर आए।
28 वर्षों से कायम है आस्था और परंपरा
इस अवसर पर पूजा समिति के संस्थापक हिसाबी राय ने कहा कि रेलवे मैदान, पाकुड़ में पिछले 28 वर्षों से लगातार बाबा गणपति की पूजा-अर्चना की जा रही है। उन्होंने कहा कि गणपति महोत्सव अब पाकुड़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। बाबा गणपति के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पाकुड़ जिले के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु रेलवे स्टेशन परिसर पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि इस आयोजन के माध्यम से समाज में प्रेम, भाईचारा, सद्भाव, एकता और सनातन संस्कृति की भावना को मजबूत करना भी है।
आयोजन को सफल बनाने में राणा शुक्ला, अविनाश पंडित, अजीत मंडल, तनमय पोद्दार, राज चौधरी, अनिकेत गोस्वामी, पिंटू हाजरा, संजय राय, रणजीत राम, अमन भगत, अंकित मंडल, निर्भय सिंह, नितिन मंगल, रवि पटवा, दुबई रजक, अंश राज, अभिषेक कुमार, कृष्ण कुमार, रतुल दे सहित समिति के अन्य सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।