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आलेख…
*पं.चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुंडली, वास्तु व कर्मकाण्ड परामर्श*
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*इस बार संधिबलि का सही समय… बढ़िया से समझिए। मैं सीधे गणणा कर के बता रहा हूं।*
*इस बार अष्टमी तिथि दिन सोमवार का 3/55 दण्ड पला है।*
इसका मतलब है सूर्योदय से 3 घटी 55 पल तक अष्टमी तिथि है।
*गणना कैसे करें*
1 घटी = 24 मिनट
1 पल = 24 सेकंड
तो –
3 घटी = 3 x 24 = 72 मिनट
अर्थात -1 घंटा 12 मिनट होगा।
इसके बाद
55 पल = 55 x 24 = 1320 सेकंड
अर्थात 22 मिनट होगा।
कुल अवधि = 1 घंटा 12 मिनट + 22 मिनट = 1 घंटा 34 मिनट होगा।
*अब इसमें सूर्योदय जोड़ दीजिये*
इस दिन सूर्योदय 6:19 बजे हो रहा है। मान में
अष्टमी की अवधि 1 घंटा 34 मिनट निकला है।
अब इसमें सभी को जोड़ दिए।
6:19 + 1:34 = 7:53
इसलिए सोमवार को अष्टमी तिथि सुबह 7 बजकर 53 मिनट तक रहेगी। उसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जायेगी।
*यही उत्तर आया है।*
अतः संधिबलि का सही समय प्रातः 7:53 बजे एक सेकेंड पर होगा।
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आलेख…
*पं.चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुंडली, वास्तु व कर्मकाण्ड परामर्श*
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