*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
05.10.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ याम्यायन सौम्यगोल: शरद् ऋतु श्रीसूर्य: दक्षिणायन।
हिन्दी माह : आश्विन
पक्ष : दशमी
दिन : सोमवार
नक्षत्र : पुष्य
योग : शिव
करण : वणिज/विष्टि
सूर्योदय : सुबह 06:08 बजे।
सूर्यास्त : शाम 05:52 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : कन्या राशि में।
आज का चंद्रमा : कर्क राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* पूर्व।
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*आज का राहुकाल :*
प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज आश्विन महीने के पितृपक्ष अर्थात् कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। आज दशमी तिथि के श्राद्ध और तर्पण किए जाएंगे। आज भद्रा रहेगा। भद्रा का वास मृत्यु लोक अर्थात् पृथ्वी पर होगा। यह दिन में 3:59 से रात्रि 2:52 तक भोग करेगा।
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*आज का मौसम पूर्वानुमान:*
आज कहीं-कहीं आसमान में बादल छाए रहेंगे। झारखंड और बिहार के कई जिलों में कहीं-कहीं छीट-पुट बारिश की संभावना है। इस बीच हवाएं भी चलेंगे।
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*आज का खास :*
*दुर्गोत्सव : 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र, हाथी पर सवार होकर कर आयेंगी महामाया*
*चरणायुध पर होगा गमन, ग्रह-नक्षत्रों के बनेंगे कई शुभ संयोग*
*इस बार कलश स्थापना के लिए दिन भर का समय होंगे शुद्ध व प्रशस्त*
शक्ति की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र इस बार 11 अक्टूबर दिन रविवार से शुरू हो रहे हैं। इस बार शारदीय नवरात्र पुरे नौ दिनों का होगा। जबकि दुर्गोत्सव का महापर्व दशहरा दस दिनों का ही होगा। इस बार नवरात्र की शुरुआत रविवार से हो रहा है। रविवार को माता के आगमन की सवारी गज अर्थात् हाथी होता है। ऐसे में इस बार माता दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है। वहीं नवरात्र के बाद माता का गमन विजयादशमी तिथि में होता है। काशी के प्रसिद्ध श्रीहृषीकेश पंचांग के अनुसार विजयदशमी का पुनीत पर्व इस बार 20 अक्टूबर दिन मंगलवार को मनाया जाएगा। मंगलवार को माता का गमन चरणायुध अर्थात् मुर्गा पर होता है। ऐसे में इस बार माता का गमन चरणायुध अर्थात् मुर्गा पर होगा। इस बार माता का आगमन शुभ है जबकि गमन ठीक नहीं है। माता रानी का आगमन राजा और प्रजा दोनों के लिए ठीक है। खासकर किसानों के लिए अत्यंत लाभप्रद होगा। अर्थात् अच्छी बारिश होगी। लेकिन इस बार माता का गमन अशुभ माना जा रहा है। ऐसे में रोग शोक बढ़ेंगे। राजनितिक उठापटक बढ़ेगा। रोग बिमारी जनमानस का स्वास्थ्य प्रभावित करेगा। कुल मिलाकर इस वर्ष माता रानी का गमन ठीक नहीं है। प्रजा को कष्ट होंगे तो वहीं राज्य विग्रह का योग बनेगा। उन्होंने कहा कि नवरात्र का शुभारंभ 11 अक्टूबर दिन रविवार को हो रहा है। इस दिन प्रतिपदा तिथि में कलश स्थापना और मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री का पूजन होगा। नवरात्र 19 अक्टूबर दिन सोमवार तक चलेगा। जबकि विजयादशमी का पुनीत पर्व 20 अक्टूबर दिन मंगलवार को मनाया जाएगा।
*16 अक्टुबर को बेलवरण, 17 को नवपत्रिका प्रवेश व निशापूजा, 19 को होगी संधिबलि*
इस बार बेलवरण पूजा 16 अक्टूबर दिन शुक्रवार को होगा। जबकि 17 अक्टूबर दिन शनिवार को नवपत्रिका प्रवेश पूजन और मूल नक्षत्र में पूजा पंडालों में देवी की स्थापना की जाएगी। इसी दिन श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ मां दुर्गा के पट खोले जाएंगे। श्रीहृषीकेश पंचांग के अनुसार कालरात्रि दर्शन पूजन भी इसी दिन होगा। जबकि श्रीदुर्गा अष्टमी का व्रत महागौरी दर्शन और पूजन 18 अक्टूबर दिन रविवार को होगा। वहीं 19 अक्टूबर दिन सोमवार को प्रातः 7:53 बजे अष्टमी और नवमी तिथि की संधि बेला में संधिबलि का पूजन होगा।
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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