*इस बार सावन में दो प्रदोष व्रत होंगें खास, ग्रह-नक्षत्रों का बनेगा कई शुभ योग*
*17 अगस्त को मनेगा नागपंचमी, 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन*
*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
30.07.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ याम्यायन सौम्यगोल: वर्षा ऋतु श्रीसूर्य: दक्षिणायन।
हिन्दी माह : श्रावण
पक्ष : कृष्ण
तिथि : प्रतिपदा
दिन : गुरूवार
नक्षत्र : श्रवण
योग : आयुष्मान
करण : बालव/कौलव
सूर्योदय : सुबह 05:24 बजे।
सूर्यास्त : शाम 06:36 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : कर्क राशि में।
आज का चंद्रमा : मकर राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* दक्षिण।
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*आज का राहुकाल :*
दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज सावन महीने की शुरुआत हो रही है। आज कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज से मैथिली नववर्ष का भी प्रारंभ हो रहा है। आज जातकर्म, नामकरण, अन्नप्राशन, विपणिव्यापार, वाहन क्रय के मुहूर्त हैं।
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*आज का खास:*
*श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग में आज से प्रारंभ हो रहा है सावन, पूरे 30 दिनों का होगा महीना*
*इस बार सावन में दो प्रदोष व्रत होंगें खास, ग्रह-नक्षत्रों का बनेगा कई शुभ योग*
*17 अगस्त को मनेगा नागपंचमी, 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन*
भगवान् भोलेनाथ का पवित्र माह श्रावण गुरुवार को प्रारंभ हो रहा है। हिंदू धर्म में सावन का विशेष महत्व है। भगवान महादेव की विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का पावन महीना सावन इस बार पुरे 30 दिनों का होगा। इस बार सावन महीने का प्रारंभ आयुष्मान नाम के योग और श्रवण नाम के नक्षत्र में हो रहा है। सावन महीने के प्रारंभ के समय शिव का वास धरती पर होगा। हालांकि मान्यता है कि पूरे सावन महीने भगवान भोलेनाथ धरती पर ही भक्तों के साथ निवास करते हैं। इस बार सावन के महीने में ग्रह-नक्षत्रों के कई शुभ योग बन रहे हैं। सावन महीने में इस बार चार सोमवार व्रत होंगे। जबकि दो प्रदोष व्रत का योग बनेगा। जिसमें एक सोमवती प्रदोष व्रत का योग बन रहा है। यह योग शिव भक्तों के लिए विशेष लाभप्रद होगा। हालांकि कृष्ण पक्ष में त्रयोदशी तिथि का क्षय हो रहा है। जबकि शुक्ल पक्ष में द्वादशी तिथि 2 दिन रहेंगे। ऐसे में सावन का पूरा महीना 30 दिनों का होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में शिव जी की आराधना करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। सावन महीने में पड़ने वाले हर सोमवार का खास महत्व है। 3 अगस्त को सावन का पहला सोमवार है। इस दिन कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि रहेगा। प्रथम सोमवार पर इस बार ग्रह नक्षत्रों के कई शुभ योग बन रहे हैं। इस बार प्रथम सोमवार पर सुकर्मा नाम का योग लग रहा है। यह योग सदा मंगलदायक होता है। इतना ही नहीं यह योग भाग्य को बढ़ाने वाला होता है। इस योग में किए गए कार्य में सफलता सुनिश्चित होती है। सावन की सोमवार को पूरी विधि विधान के साथ भगवान शिव और माता गौरी की पूजा करने से मनचाहा जीवनसाथी का भी आशीर्वाद मिलता है। इस बार सावन में कई विशेष शुभ योग बन रहे हैं। ऐसी मान्यता है कि इस महीने में किए गए सोमवार के व्रत का फल बहुत जल्दी मिलता है। भगवान शंकर को दूध बेहद प्रिय है। इसलिए भगवान शंकर के पूजा में दूध का प्रयोग करना शुभ फलदाई माना जाता है।
*17 अगस्त को मनेगा नाग पंचमी, सोमवार का बनेगा विशेष संयोग*
सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाया जाता है। इस दिन नागराज की विधिवत पूजा-अर्चना कर उन्हें धान का लावा और दूध का भोग लगता है। इस बार नाग पंचमी 17 अगस्त को है। इस दिन सोमवार का विशेष योग बन रहा है। 28 अगस्त को रक्षाबंधन की पुनीत त्यौहार के साथ सावन महीने का समापन होगा।
*किस सोमवार को भगवान शिव को क्या अर्पित करें*
*प्रथम सोमवार 3 अगस्त :* इस दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा। इस दिन दूध से प्रातःकाल शिवजी का अभिषेक करें। सायकाल शिव पार्वती का पूजन करें।
*दूसरा सोमवार 10 अगस्त:* इस दिन आर्द्रा नक्षत्र भोग करेगा। इस दिन अनार के रस से शिवजी का अभिषेक करें।
*तृतीय सोमवार 17 अगस्त:* इस दिन हस्त नक्षत्र पड़ रहा है। इस दिन नाग पंचमी भी है। इस दिन शिवजी का दूध से अभिषेक कर चंदन का लेप करें और शेष चंदन माथे पर लगाएं।
*चतुर्थ सोमवार 24 अगस्त:* इस दिन पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। इस दिन दूध में शहद मिलाकर और अभिषेक करें। और बेल का फल भोग लगाएं।
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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