Tuesday, June 30, 2026
Homeआध्यत्मिक*आज का खास : आज है स्नान-दान की ज्येष्ठ पूर्णिमा, दुर्लभ संयोग...

*आज का खास : आज है स्नान-दान की ज्येष्ठ पूर्णिमा, दुर्लभ संयोग में होगा पूजन*

*आज का पंचांग 👇*

*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
29.06.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ सौम्यायन सौम्यगोल: ग्रीष्मऋतु। श्रीसूर्य: उत्तरायण।
हिन्दी माह : शुद्ध ज्येष्ठ
पक्ष : शुक्ल
तिथि : पूर्णिमा
दिन : सोमवार
नक्षत्र : मूल
योग : शुक्ल
करण : विष्टि/वव
सूर्योदय : सुबह 05:13 बजे।
सूर्यास्त : शाम 06:47 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : मिथुन राशि में।
आज का चंद्रमा : धनु राशि में।
*———————–*
*आज का दिशा शूल :* पूर्व।
*————————*
*आज का राहुकाल :*
प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक।
*————————*
*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज शुद्ध ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा तिथि है। आज स्नान-दान की ज्येष्ठ पूर्णिमा है।
*————————-*
*आज का खास:*

इस साल की ज्येष्ठ पूर्णिमा बेहद खास है, क्योंकि इस दिन मूल नक्षत्र और शुक्ल योग का मिलाजुला संयोग देखने को मिलेगा। यह योग सुख और समृद्धि को अपनी ओर आकर्षित करती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के मौके पर कुछ खास उपाय करने से पैसों से जुड़ी समस्या से राहत मिल सकती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के मौके पर भगवान नारायण, श्रीविष्णु अर्थात् श्रीसत्यनारायण की पूजा करें। इसके साथ देवी लक्ष्मी को खुश करने के लिए उन्हें प्रणाम करने के बाद खीर बनाएं और उसमें मिश्री भी मिलाएं। मान्यता है कि मां लक्ष्मी को इसका भोग लगाने से घर में कभी भी दुख-दरिद्रता नहीं रहती है।

*चंद्रमा को अर्घ्य दे :*

पूर्णिमा की रात को चंद्रमा उदय होने के बाद जल, दूध, अक्षत और सफेद फूलों का अर्घ्य देना चाहिए। मान्यता है कि, इस अनुष्ठान का पालन करने से मानसिक तनाव कम होता है।

*मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रज्वलित करें घी के दीपक*

किसी भी घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है। पूर्णिमा की साम इस द्वार पर घी का दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। पूर्णिमा के मौके पर भगवान शिव की भी पूजा आध्यात्मिक रूप काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन शिवलिंग पर बेलपत्र और फूल अर्पित करना चाहिए। ऐसा भी माना जाता है कि, इससे भगवान शिव खुश होते हैं और जीवन की समस्त बाधाएं दूर होती हैं। ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन दान-पुण्य से जुड़े कार्यों के लिए खास माना जाता है। जरुरतमंद को खाने खिलाने से सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर इन अनुष्ठानों में भाग लेने से व्यक्ति की आध्यात्मिक यात्रा को बढ़ावा मिल सकता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव भी आसान होती है।
*———————–*
आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
*————————–*

Comment box में अपनी राय अवश्य दे....

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments