सुधीर ने रक्तदान कर बचाई 17 वर्षीय बच्ची की जान
स्टेशन परिसर में बनेगा सेल्फी प्वाइंट एवं लगेगा एटीएम,किया गया स्थल निरीक्षण।
उपायुक्त पाकुड़ मनीष कुमार के पहल पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक पूर्व रेलवे हावड़ा राहुल रंजन के निदेशानुसार पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर में सेल्फी प्वाइंट एवं यात्रियों तथा आमजनों को सुविधार्थ एटीएम के अधिष्ठापन हेतु पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर स्थल निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के क्रम में स्टेशन प्रबंधक, पूर्व रेलवे पाकुड़ लखीराम हेम्ब्रम,वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (कार्य) पूर्व रेलवे पाकुड़ परितोष रंजन,वरिष्ठ विद्युत अनुभाग अभियंता (सा•) पूर्व रेलवे पाकुड़ राजू कुमार,कनिय दूरभाष अभियंता संजय कुमार ओझा,नगर परिषद के कनिय अभियंता संजीत मालतो,साहिद सिद्दीकी,ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन,हावड़ा मंडल के अध्यक्ष हिसाबी राय,सचिव राणा शुक्ला,सह सचिव सुशील साहा एवं अनिकेत गोस्वामी मौजूद थे।
जिला प्रशासन की ओर से नगर सौन्दर्यीकरण के दृष्टिकोण से नगर को सजाने संवारने का कार्य किया जा रहा है,उसी क्रम में पाकुड़ रेलवे स्टेशन भी सुंदर एवं स्वच्छ दिखे इस हेतु उपायुक्त मनीष कुमार ने पहल किया है।जिसका असर भी अब दिखने लगा है।अपराह्न में जिला प्रशासन की ओर से नगर परिषद के कनिय अभियंता तथा रेल प्रशासन की ओर से के वरिष्ठ पदाधिकारी में संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण किया तथा संयुक्त जांच प्रतिवेदन बनाकर रेलवे के वरिय पदाधिकारी को समर्पित किया गया है।
जांचोपरांत स्टेशन प्रबंधक, पूर्व रेलवे पाकुड़ लखीराम हेम्ब्रम ने बताया कि वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक,पूर्व रेलवे हावड़ा के पत्र के आलोक में सेल्फी प्वाइंट तथा एटीएम कक्ष निर्माण हेतु संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण किया गया।जिसका संयुक्त जांच प्रतिवेदन बनाकर संबंधित रेल पदाधिकारी को भेजा जा रहा है।
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भगवान गौतम बुद्ध के प्रतिमा पर किया गया माल्यार्पण , अजहर इस्लाम भी हुए शामिल।
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर पाकुड़ रेलवे कॉलोनी स्थित सिद्धार्थ नगर में स्थापित भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा पर आमजनों सहित मोहल्ले वासियों में निवर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष सम्पा साहा के नेतृत्व में माल्यार्पण कर नमन करते हुए विश्व शांति की लिए प्रार्थना की।मौके पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन पाकुड़ विधानसभा के प्रत्याशी रहे अजहर इस्लाम, भाजपा के वरिष्ठ नेता हिसाबी राय मौजूद थे।माल्यार्पण के क्रम में बुद्धं शरणं गच्छामि,धम्मं शरणं गच्छामि,संघं शरणं गच्छामि का उद्घोष किया गया।
इस अवसर पर अजहर इस्लाम ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा को ही बैसाख पूर्णिमा कहा जाता है।इस दिन महात्मा बुद्ध का जन्म नेपाल के लुंबिनीवन में ईसा पूर्व 556 में हुआ था।भगवान बुद्ध ने नई दिशा दी। भगवान बुद्ध ने छुआछूत सामाजिक बुराइयों की भावना को खत्म करने के लिए लोगों को जागरूक किया। छठी ईशा पूर्व में भगवान बुद्ध ने धार्मिक सुधार आंदोलन का नेतृत्व किया।विश्व शांति अहिंसा और करूणू का संदेश दिया।निवर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष सम्पा साहा ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा ज्ञान शांति और आत्मनिरीक्षण का प्रतीक है। लोग बहुत श्रद्धा पूर्वक मानते हैं।बुद्ध पूर्णिमा का पर्व उनके आदर्शों और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
आज का कार्यक्रम में सुशील साहा रूपेश मंडल मुरारी मंडल अनिकेत गोस्वामी निवर्तमान वार्ड पार्षद अशोक प्रसाद पिन्टू हाजरा मनोरमा देवी श्याम पोद्दार मिथिलेश मंडल अर्चना पोद्दार अल्पना मुखर्जी अधिवक्ता संजीत मुखर्जी मनीष कुमार पांडेय रणजीत राम सादेकुल आलम हरि नारायण साह धर्मेंद्र साह राजेश डोकानियां सादेकुल शेख संगीता साहा रिंकू दास मंगली दास रेखा रजक सावित्री राय जीतू सिंह अमित साहा मधुसूदन साह पुर्णेदु गांगुली बहादुर मंडल भुटू कुनाई कन्हैया रजक मौजूद थे।
हावड़ा डिवीजन के डीसीएम ने गरीबों संग नि:शुल्क भोजन का उठाया लुत्फ, लुत्फल हक की जमकर की तारीफ
पाकुड़। पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर में समाजसेवी लुत्फल हक की ओर से नियमित रूप से संचालित निःशुल्क भोजन का गुरुवार की शाम पाकुड़ पहुंचे हावड़ा डिवीजन के डीसीएम एचएन गांगुली ने गरीबों के साथ लुत्फ उठाया। उन्होंने समाजसेवी लुत्फल हक के साथ मिलकर गरीबों की थाली में भोजन भी परोसा। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता हिसाबी राय भी मौजूद थे। उन्होंने रेलवे स्टेशन परिसर में अपने हाथों से भोजन परोसा और उनसे बातचीत भी की। इस दौरान जानकारी लिया कि कितने दिनों से भोजन परोसा जा रहा है। कितने लोग निःशुल्क भोजन का लाभ उठाते हैं। इसके बाद उन्होंने स्वयं भी भोजन का लुत्फ उठाया। उन्होंने समाजसेवी लुत्फल हक की जमकर तारीफ की। कहा कि यह अपने आप में एक प्रशंसनीय पहल है। मुझे जानकारी मिली कि पिछले करीब डेढ़ साल से समाजसेवी लुत्फल हक की ओर से नियमित रूप से यह व्यवस्था चलाई जा रही है। प्रत्येक दिन करीब तीन सौ से ज्यादा लोग भोजन करते हैं। यह काफी प्रशंसनीय पहल है। यह भी कहा कि भोजन की गुणवत्ता पर भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है। यह बिल्कुल पौष्टिक भोजन है। उन्होंने कहा कि यह मानवता की बड़ी मिसाल है। इन्हें ईश्वर का वरदान ही है, जिससे गरीबों के लिए यह कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम दिन भर अपने कार्यों में व्यस्त रहते हैं। यह बेहद ही सराहनीय कार्य है कि अपनी व्यस्तता के बीच ये व्यक्ति गरीबों के लिए भी सोचते हैं। मैं ईश्वर से कामना करता हूं कि इन्हें आगे भी ईश्वर का वरदान मिलता रहे, ताकि यहां आने वाले कोई भी गरीब भूखा पेट नहीं सोए। उल्लेखनीय है कि रेलवे स्टेशन परिसर में पिछले करीब डेढ़ साल से समाजसेवी लुत्फल हक की ओर से गरीबों को हर शाम भोजन उपलब्ध कराया जाता है। प्रत्येक दिन तकरीबन 300 से ज्यादा लोग भोजन करते हैं।
प्रधानमंत्री से सम्मानित उपायुक्त सरायकेला-खरसावां मिले मुख्यमंत्री से।
*_मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सरायकेला -खरसावां जिला के उपायुक्त श्री रवि शंकर शुक्ला एवं गुमला जिला के उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपायुक्त श्री रवि शंकर शुक्ला तथा उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा “प्राइम मिनिस्टर अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन ” से सम्मानित किए जाने के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनहित से जुड़ी योजनाओं को पहुंचाने में आप जैसे अधिकारियों की अहम भूमिका होती है । सरायकेला खरसावां एवं गुमला जिले को मिले इस सम्मान से पूरा राज्य गौरान्वित हुआ है । मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले दिनों में झारखंड विकास योजनाओं के बेहतर और सफल क्रियान्वयन में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। विदित हो कि 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के प्रभावशाली और नवोन्मेषी क्रियान्वयन के लिए सरायकेला- खरसावां जिला के गम्हरिया प्रखंड को पूरे देश में अव्वल स्थान प्राप्त करने के लिए उपायुक्त श्री रवि शंकर शुक्ला तथा गुमला जिले के उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी को नवाचार पहलों एवं लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया था।_*
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*#Team PRD(CMO)*
जातीय जनगणना सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम : सुदेश महतो
आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष श्री सुदेश कुमार महतो ने केंद्र सरकार द्वारा जातीय जनगणना कराने के ऐतिहासिक और दूरदर्शी फैसले की सराहना की है।
इस निर्णय को सामाजिक समानता, न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए उन्होंने इसे भारत के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाला कदम करार दिया।
देश में मूल जनगणना के साथ ही ‘जातीय जनगणना’ कराने के केंद्र सरकार के फ़ैसले से सामाजिक न्याय का अध्याय अत्यंत मजबूत होगा। यह देश के एक एक आम जनमानस की माँग थी। इससे भविष्य का भारत बनाने में एक बड़ा आधार मिलेगा।
श्री महतो ने कहा है कि आजसू पार्टी ने समय-समय पर लगातार जातीय जनगणना की मांग उठाई है और यह फैसला पार्टी के दीर्घकालिक संघर्ष और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।
हमारी पार्टी ने अपने अधिवेशन में भी इससे संबंधित प्रस्ताव पारित किया है। यह हमारी मुख्य माँग रही है।
श्री महतो ने अपने बयान में कहा, “केंद्र सरकार का जातीय जनगणना कराने का फैसला सामाजिक न्याय के प्रति उसकी दृढ़ इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता को दर्शाता है। हम फैसले का स्वागत करते हैं ।
आजसू पार्टी ने विगत कई वर्षों से विभिन्न मंचों, जनसभाओं और आंदोलनों के माध्यम से जातीय जनगणना की आवश्यकता पर बल दिया है। हमारा मानना रहा है कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में, जहां सामाजिक और आर्थिक असमानताएं जटिल चुनौतियां पेश करती हैं, जातीय जनगणना के बिना समावेशी विकास और सामाजिक न्याय संभव नहीं है।
यह फैसला न केवल हमारे इस संघर्ष को मान्यता देता है, बल्कि यह देश के करोड़ों वंचित और हाशिए पर मौजूद समुदायों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है।
उन्होंने झारखंड के संदर्भ में इस निर्णय के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा, “झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है, जहां आदिवासी, दलित, पिछड़े, अलसंख्यक और अन्य वंचित समुदायों ने ऐतिहासिक रूप से सामाजिक-आर्थिक उपेक्षा का सामना किया है।
आजसू पार्टी ने हमेशा इन समुदायों की आवाज को बुलंद किया और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष किया है। हमने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि बिना जातीय जनगणना के इन समुदायों की सटीक जनसंख्या, उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति और उनकी जरूरतों को समझना असंभव है।
यह फैसला झारखंड के इन समुदायों के लिए एक नया द्वार खोलेगा, जिससे सरकारी योजनाएं और संसाधन उन तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगे।
श्री महतो ने जातीय जनगणना के व्यापक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “यह जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन और समानता का एक आंदोलन है। इसके आंकड़े नीति निर्माण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे।
यह हमें यह समझने में मदद करेगा कि कौन से समुदाय शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। यह फैसला हमें यह जानने में सक्षम बनाएगा कि किन समुदायों को शैक्षिक छात्रवृत्तियों, कौशल विकास कार्यक्रमों या विशेष आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।
इसके अलावा, यह सामाजिक एकता को बढ़ावा देगी और हाशिए पर मौजूद समुदायों को अपनी पहचान और अधिकारों के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान करेगी।
उन्होंने आजसू पार्टी के योगदान को याद करते हुए कहा, “हमारी पार्टी ने हर मोर्चे पर जातीय जनगणना की मांग को उठाया है।
चाहे वह विधानसभा में चर्चा हो, जनसभाओं में जनजागरण हो, या सामाजिक संगठनों के साथ सहयोग, आजसू ने इस मुद्दे को हमेशा प्राथमिकता दी है। हमारा मानना है कि सामाजिक न्याय तभी संभव है जब समाज के हर वर्ग की वास्तविक स्थिति को समझा जाए और उनके लिए लक्षित नीतियां बनाई जाएं।
केंद्र सरकार का यह फैसला हमारी इस मांग को स्वीकार करने का प्रमाण है, और हम इसे अपने संघर्ष की जीत मानते हैं। आजसू पार्टी इस ऐतिहासिक फैसले का पूर्ण समर्थन करती है और केंद्र सरकार से आग्रह करती है कि जातीय जनगणना को समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए।
श्री महतो ने इस प्रक्रिया में सभी हितधारकों, विशेष रूप से स्थानीय समुदायों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि आंकड़ों की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आजसू पार्टी इस प्रक्रिया में हर स्तर पर सक्रिय सहयोग प्रदान करेगी और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को प्रेरित करेगी।
श्री महतो ने समाज के सभी वर्गों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और मीडिया से इस पहल का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा, “जातीय जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता और सशक्तिकरण का एक मिशन है।
यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम इस प्रयास को सफल बनाएं और एक ऐसे भारत का निर्माण करें जहां हर व्यक्ति को उसका हक, सम्मान और अवसर प्राप्त हो।
श्री महतो ने केंद्र सरकार को इस साहसिक और प्रगतिशील निर्णय के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा है की आजसू पार्टी सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के अपने संकल्प को दोहराती है।
हम केंद्र सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस ऐतिहासिक पहल को साकार करने में योगदान देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यह फैसला न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक समृद्ध, समान और प्रगतिशील भारत की नींव रखेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी अपने नेतृत्व में झारखंड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है:: शाहिद इक़बाल
पाकुड़: हमारे आदरणीय दिशोम गुरु श्री शिबू सोरेन जी को पार्टी का संस्थापक संरक्षक और झारखंड राज्य के लोक प्रिय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी को पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर मैं हृदय से बधाई और शुभकामनाएं दी। यह बाते झामुमो पूर्व केंद्रीय समिति सदसस्य शाहिद इक़बाल ने कहा। उन्होंने कहा कि
बाबा दीशोम गुरु शिबू सोरेन जी आपके संस्थापक संरक्षक के रूप में आपका मार्गदर्शन पार्टी को नई ऊर्जा और दिशा देगा। यह सम्मान न केवल आपके केअपार योगदान का प्रतीक है, बल्कि झारखंड की जनता के प्रति आपके समर्पण का भी गौरव है।
शाहिद इक़बाल ने कहा कि आदरणीय हेमंत सोरेन जी, आपने अपने नेतृत्व में झारखंड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। अबुआ आवास, माइयाँ सम्मान योजना, किसान कर्ज माफी एवं बिजली बिल माफी जैसे कदमों ने जनता के दिलों में जगह बनाई है। केंद्रीय अध्यक्ष के रूप में आपका नेतृत्व पार्टी को और सशक्त करेगा। आपके विजन और कर्मठता से झारखंड मुक्ति मोर्चा न केवल झारखंड, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान को और मजबूत करेगी।
### गायत्री परिवार पाकुड़ के द्वारा होगा 51 कुंडीय गायत्री यज्ञ
गायत्री परिवार पाकुड़ ने आगामी 21 अप्रैल को 51 कुंडीय गायत्री यज्ञ का आयोजन करने की घोषणा की है। यह विशेष कार्यक्रम जिले के सिंधी धर्मशाला में आयोजित होगा। यज्ञ की शुरुआत आज भूमि पूजन से की गई, जिसमें विभिन्न प्रमुख उपस्थित थे।
भूमि पूजन समारोह में साहिबगंज के शिव शंकर निराला जी, पाकुड़ के प्रमुख मनोज गुप्ता, लाली गुप्ता, जिला समन्वयक पंकज वर्मा, ममता जायसवाल, राजेश जायसवाल, कृष्णा तिवारी और प्रवक्ता बबीता मंडल, सुमित्रा देवी, ड्यूटी मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
गायत्री परिवार पाकुड़ की तरफ से सभी को इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। इस यज्ञ का उद्देश्य समाज के कल्याण और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देना है।
समिति ने आम जनों सहित मीडिया से अनुरोध किया है कि इस कार्यक्रम की जानकारी को प्रमुखता से अपने समाचार पत्रों और प्लेटफार्मों पर प्रकाशित करें ताकि अधिक से अधिक लोग इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकें
गायत्री परिवार द्वारा आयोजित यह यज्ञ न केवल आध्यात्मिकता को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज में एकता और समर्पण की भावना भी विकसित करेगा।*
मनाई गई बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती , किये गए माल्यार्पण।
दिनांक 14 अप्रैल 2025 दिन सोमवार को भारत रत्न, विश्वविद्वान एवं भारत के संविधान रचयिता बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती समारोह मनाया गया। डॉ भीमराव अंबेडकर विचार मंच पाकुड़ के द्वारा बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती में सिद्धू कानू पार्क से शोभायात्रा निकाली गई बुक शोभायात्रा को मुख्य सड़क से होते हुए बैंड बाजा के साथ अंबेडकर चौक तक चलाया आया वह शोभा यात्रा अंबेडकर चौक के पास बाबा साहब की आदमकद प्रतिमा को मंच के विभिन्न पदाधिकारी ने बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों उनके द्वारा किए गए कार्य एवं समाज में समरसता के प्रति अपना अपना विचार प्रकट किया। बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती समारोह में पाकुड़ शहर के प्रबुद्ध नागरिक, समाजसेवी एवं जिला के सभी पदाधिकारी गण तथा मंच के सभी पदाधिकारी गन उपस्थित हुए।
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संविधान सभा की संक्षिप्त जानकारी
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भारतीय संविधान को संविधान सभा ने बनाया था. संविधान सभा के सभी सदस्यों ने इसमें अहम भूमिका निभाई थी. डॉ अम्बेडकर के निर्देशन में संविधान की मूल कॉपी को प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा ने लिखा था. वहीं, संविधान की हिन्दी पांडुलिपि को वसंत कृष्ण वैद्य ने लिखा था.
संविधान के निर्माण के लिए डॉ भीमराव अम्बेडकर की अध्यक्षता में 29 अगस्त, 1947 को संविधान सभा ने संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए प्रारूप समिति का गठन किया था
संविधान दुनिया के सबसे लंबा और सबसे विस्तृत संविधान के निर्माण के लिए 22 सदस्यीय टीम बनाई गई थी। 4 फरवरी 1948 को समिति ने सविधान को 165 दिनों में 11 बैठकों के बाद प्रकाशित किया। 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा द्वारा पारित करने के बाद 26 जनवरी1950 को इसे लागू कर दिया गया था।
चूँकि संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ आंबेडकर थे , और उनके निर्देशन तथा देखरेख में संविधान की ड्राफ्टिंग हुई , इसलिए उन्हें इसके निर्माण का श्रेय जाता है।
डॉ आंबेडकर ने हमारे संविधान के निर्माण में समानता और समाज के सभी वर्गों के अधिकारों का सन्तुलित ध्यान रखा , और समय समय पर समसामयिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उसमें तार्किक संशोधन के रास्ते भी बनाये रखे। ताकि सामयिक आवश्यकता के अनुसार हम अपने संविधान को और ज्यादा निखार सकें।
हमारा संविधान दुनियाँ का सबसे बड़ा संविधान है , उसपर विस्तार से चर्चा किसी चन्द शब्दों ,पन्तियों और पन्नों में नहीं किया जा सकता , लेकिन संविधान निर्माण के विषय में उक्त संक्षिप्त परिचय ही काफी लगता है।
और हरसाल 14 अप्रेल को हम बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाते हुए , उन्हें याद कर हम माल्यार्पण आदि कर सम्मान समर्पित करते हैं।
सोमवार को भी पूरे प्रशासन , राजनैतिक पार्टियों सहित सम्पूर्ण समाज ने अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए बाबा साहब को माल्यार्पण किया। पाकुड़ के अम्बेडकर चोंक पर उनके आदमकद प्रतिमा के पास समारोह पूर्वक उन्हें याद किया गया।
इस समय दुखद सिर्फ़ इतना है कि एक ओर हम अपने संविधान निर्माता को सम्मान अर्पित कर रहे हैं तो दूसरी ओर देश में विभिन्न स्थानों पर इसी संविधान संशोधन के विरोध में संविधान का ही हिंसक चीरहरण कर रहे हैं , जबकि इसी संविधान ने अपनी असहमतियों को सरकार के सामने रखने के लिए अहिंसक धरना प्रदर्शन का हमें विकल्प दे रखा है।
सवाल उठता है कि क्या हमारे संविधान निर्माता हमारे हिंसक प्रदर्शन से माल्यार्पण के बाद भी आँसू नहीं बहा रहे होंगे। उनकी प्रतिमा को माल्यार्पण कर वहीं उनके आँखों में आँखें डाल कर हमें स्वयं से ये सवाल पूछना चाहिए।
मैं पूज्य बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर से अपने देश की ओर से माफ़ी माँगता हूँ , और संविधान सम्मत चलने , विचारने तथा रहने की सद्बुद्धि की भीख आशीर्वाद के रूप में माँगता हूँ।