Thursday, March 26, 2026
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बेलपहाड़ी फायरिंग कांड में दो आरोपी गिरफ्तार, एसडीपीओ ने प्रेस वार्ता कर की खुलासा

हिरणपुर थाना क्षेत्र के
बेलपहाड़ी स्थित खदान विवाद में हुई फायरिंग और मारपीट की घटना के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पाकुड़ द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की गई। पाकुड़ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दयानंद आजाद ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर पूरे वारदात की जानकारी दी।एसडीपीओ आजाद ने कहा कि बीते 26 अक्टूबर को बेलपहाड़ी में अजहर इस्लाम के खदान संचालन को लेकर विवाद के दौरान लाठी, डंडा और पिस्तौल से लैस कुछ लोगों ने धोवाडांगाल निवासी मनोहर यादव सहित स्थानीय ग्रामीणों के साथ मारपीट की थी। इस दौरान फायरिंग भी की गई थी, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे।इस घटना के बाद हिरणपुर थाना में कांड संख्या 105/25 दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय दंड संहिता (BNS) की कई धाराओं के साथ 27 आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।SIT टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर इस कांड में संलिप्त दो आरोपियों — उनसारूल शेख उर्फ अरुण (22 वर्ष) पिता अब्दुल कादिर, एवं दिलवर हुसैन (26 वर्ष) पिता जेकेर अली, दोनों निवासी चाचकी, थाना पाकुड़ (मुफस्सिल) को गिरफ्तार किया है।छापामारी दल का नेतृत्व हिरणपुर थाना प्रभारी रंजन कुमार सिंह ने किया। टीम में पुअनि गोपाल कुमार महतो, गौरी शंकर प्रसाद, गौतम कुमार, संजीव कुमार झा (तकनीकी शाखा), सअनि. दिलीप कुमार, किशोर कुमार टुडू, सनातन मांझी, सुरेश उरांव सहित हिरणपुर थाना के रिजर्व गार्ड शामिल थे। एसडीपीओ आजाद ने बताया कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान जारी है।

पुरानी रंजिश में चली गोली, पत्थर व्यवसायी की मौत, मुफस्सिल पुलिस ने कुछ घंटों में आरोपी को दबोचा।

प्रेस वार्ता जारी कर एसपी ने दी घटना की विस्तृत जानकारी।

पाकुड़ के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के किस्मत लखनपुर गांव में शुक्रवार देर रात आपसी विवाद और पुरानी रंजिश में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 55 वर्षीय मकबूल शेख,उर्फ शुकू शेख, निवासी किस्मत लखनपुर के रूप में हुई है। मकबूल शेख पत्थर उद्योग से जुड़ा हुआ था। एसपी निधि द्विवेदी ने अपने कार्यालय कक्ष में प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि कुछ साल पहले चुनावी विवाद के दौरान मकबूल शेख का गांव के ही ललन शेख (पिता दानारूल शेख) से झगड़ा हुआ था। उस वक्त मकबूल ने ललन के पिता के साथ मारपीट की थी। उसी घटना को लेकर ललन ने कसम खाई थी कि वह मकबूल को जिंदा नहीं छोड़ेगा। बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात भारी बारिश के बीच जब मकबूल अपने घर के पास स्थित चाय दुकान के समीप खड़ा था, तभी ललन शेख ने मौका पाकर उस पर गोली चला दी। गोली लगते ही मकबूल जमीन पर गिर पड़ा। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल मकबूल को तुरंत सदर अस्पताल, पाकुड़ ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे बंगाल रेफर कर दिया गया, लेकिन पश्चिम बंगाल के जंगीपुर स्थित अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मकबूल शेख ने अस्पताल ले जाने से पहले अपने परिजनों और ग्रामीणों को बताया था कि उस पर गोली ललन शेख ने चलाई है। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीपीओ दयानंद आजाद,मुफस्सिल थाना प्रभारी गौरव कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए त्वरित छापेमारी अभियान चलाया और कुछ ही घंटों में आरोपी ललन शेख को झारखंड बंगाल सीमावर्ती इलाके से एवं एवं पिता दानारूल शेख को घर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से घटना में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है। थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि हत्या पुरानी रंजिश का नतीजा है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में शांति बनी हुई है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है।

बाल विवाह से बची नाबालिग, डीएलएसए की तत्परता से रुकी अनहोनी

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर टीम ने की त्वरित कार्रवाई।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) पाकुड़ शेष नाथ सिंह के निर्देश पर शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें बाल विवाह होने से ठीक पहले रोक दिया गया। सूचना मिलते ही डीएलएसए की सचिव रूपा बंदना किरो अपने दल के साथ मौके पर पहुंचीं और विवाह की सारी तैयारी रुकवा दी। इस दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ मो. नुकूमुद्दीन शेख, पैरा लीगल वॉलेंटियर याकूब अली सहित अन्य सदस्य भी मौजूद थे। टीम ने परिजनों और ग्रामीणों को बाल विवाह जैसे सामाजिक अपराध के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। सचिव रूपा बंदना किरो ने लोगों को चेताया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे बच्चियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। साथ ही बताया कि बाल विवाह कराने या इसमें शामिल होने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। टीम ने ग्रामीणों से बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाज से मिटाने में सहयोग की अपील की।

फर्जी दस्तावेज़ों से बन रहे आधार कार्ड मामले पर सिर्फ खानापूर्ति का खेल, डीसी के आदेश के बाद भी कार्रवाई ठंडी।

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स्रोत विभिन्न स्थानीय मीडिया।—

स्थानीय जनप्रतिनिधि, वार्ड मेंबर, ग्रामीण और कर्मचारी की मदद से बन रहे है जाली कागजात,वंशावली में दिखा बना देते है भारतीय, सूत्र।

फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे आधार कार्ड बनाने का खेल पाकुड़ में खुलेआम यह खबर काफी सुर्खियों में है, फर्जी दस्तावेज के सहारे आधार कार्ड और जरूरी कागजात बनवाना स्थानीय जालसाजी नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा प्रणाली पर सीधा हमला बन चुका है। सदर प्रखंड के सात पंचायतों के साथ झारखंड से बाहर कई स्टेट के नाम से सरकारी लॉगिन आईडी के जरिये आधार कार्ड बनाने की शिकायतें सामने आई हैं। शिकायतकर्ता ने इस मामले को लेकर एक आवेदन जिसमें कई जगह के पते के साथ डीसी साहब को सौंपा था, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई अब खानापूर्ति बन चुकी है। डीसी के आदेश पर सीओ, बीडीओ और थाना स्तर पर जांच हुई, लेकिन नतीजा सिर्फ एक सनहा दर्ज। एसडीओ साइमन मरांडी, बीडीओ समीर अलफ्रेड मुर्मू और यूआईडी के डीपीओ रितेश कुमार श्रीवास्तव के संयुक्त प्रतिवेदन पर यह सनहा मुफस्सिल थाना में दर्ज करवाया है। मगर हैरानी की बात यह है कि जिन पर यह गंभीर आरोप हैं, वे आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। छापेमारी के वक्त जिन दुकानों से फर्जी आधार कार्ड बनने की बात सामने आई थी वे बंद मिले सब के सब वो भी एक साथ, यह आश्चर्यचकित बात है की छापेमारी की खबर उन्हें पहले ही लग चुकी थी जिससे सभी के सभी दुकानें बंद मिली और सभी फरार भी, प्रशासन को लगा कि मामला खत्म। लेकिन शायद फर्जीवाड़ा करने वाले तो अपना बोरिया बिस्तर किसी और जगह शिफ्ट कर दिए होंगे, सूत्रों से यह भी खबर है। आख़िर सवाल उठता है उनके इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल सामानों को तत्काल सीज क्यूँ नहीं किया गया !  ये क्यूँ कई सवाल पैदा करता है । डीसी मनीष कुमार के आदेश के बाद भी कार्रवाई की रफ्तार अबतक सुस्त क्यूँ है ?

सूत्रों के हवाले से पुख्ता खबर,जरूर पढ़े।

बाहरी लोगों को स्थानीय दिखाने का गोरखधंधा, जनप्रतिनिधियों , अंचल और ब्लॉक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध।

पाकुड़ का डेमोग्राफिक चेहरा तेजी से बदल रहा है। सीमावर्ती इलाकों में बाहरी लोगों की पैठ खतरनाक स्तर तक बढ़ चुकी है। स्थानीय जनप्रतिनिधि, कुछ ग्रामीण और ब्लॉक कर्मचारी मिलकर चंद रुपयों में इन बाहरी लोगों को स्थानीय नागरिक बना रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के हवाले से खबर है कि ये घुसपैठिए पहले फर्जी दस्तावेजों के जरिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र बनवाते हैं, फिर स्थानीय परिवारों में शादी-ब्याह रचा कर स्थायी पहचान हासिल करते हैं। बाद में ग्रामीणों की मदद से ब्लॉक कर्मचारी इन लोगों को वंशावली में स्थानीय दिखाकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिला देते हैं। कई बाहरी लोगों को अब पीएम आवास, वृद्धा पेंशन, विकलांग पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह सारा खेल जनप्रतिनिधियों की शह अंचल और ब्लॉक कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा है। रुपए के आगे क्या सबने ईमान बेच दिया है ?
साहिबगंज और पाकुड़ दोनों जिलों में हालात विस्फोटक हैं। हज़ारों बाहरी लोग अब सरकारी रिकॉर्ड में स्थानीय नागरिक बन चुके हैं। सवाल साफ़ है कि प्रशासन तब जागेगा जब यह फर्जीवाड़ा सुरक्षा संकट बन जाएगा?

हमारी संस्कृति को कहीं आयातित सोच और साज़िश निगल तो नहीं रही ? चिंतनीय और चिंतन का विषय😥

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“बोदू दा” हाँ हम सभी बचपन से पाकुड़ में इसी नाम से सम्बोधित करते थे। बहुत एनर्जेटिक थे , हँलांकि वे चाय की दुकान चलाते थे , लेकिन सम्मान में उनकी कोई सानी नहीं था। मिलनसार और मानवीयता के तो जैसे वे एक सजीव साकार मानव शरीर में किसी फ़रिश्ता से कम नहीं थे। उम्र किसी को नहीं को नहीं छोड़ता।
एक उम्र के बाद उन्हें चलने में परेशानी थी , लेकिन मस्जिद में कोई नमाज़ उनसे नहीं छूटता।
संयोग कुछ ऐसा था कि जब मैं मन्दिर जाता तो ठीक उसी समय वे मस्जिद जा रहे होते , और मैं उन्हें अपनी मोटरसाइकिल से पहले मस्जिद पहुँचा कर फिर मन्दिर जाता। उनसे रोज मुझे दुआँ और आशीर्वाद मिलता फिर मन्दिर में माँ काली के पास जाता।
मुझे ऐसा लगता कि माँ काली जैसे मुझे खामोश मुस्कान के साथ कह रही हो कि तुम “बोदू दा” को मस्जिद पहुँचा कर मेरी हाज़री तो लगा ही चुके हो।
किसी चलने से लाचार को ईबादत के लिए मस्जिद तक छोड़ आना क्या किसी पूजा से कम है ? इस सवाल का जवाब मुझे माँ काली की मध्यम मधुर मुस्कान से मिल जाती थी।
मेरा छोटा भाई सा मक़सूद का मेरी हर परिस्थिति में साथ खड़ा रहना , मुझे और मक़सूद को भी कभी अलग अलग मजहब के होने का एहसास ही नहीं होने देता। क़ासिम को भी कैसे भूलूँ।
लुत्फुल हक़ का हर सीमा से परे समाज के लिए हर तरह से खड़ा रहना एक उदाहरण है। कुछ विषय और व्यक्तित्व ऐसा होता है, जिस पर लिखना कहना काफ़ी कम हो जाता है। मेरे युवावस्था का साथी बंगाल का नाजु शेख़ अविस्मरणीय व्यक्तित्व।
खैर आज मैं कोलकाता जा रहा था। आज अपनी इस यात्रा में मैनें कुछ ऐसा अहसासा कि समाज की गंगा जमुनी तहजीब कहीं खो सा गया है। हम अब भरतीय न रह कर हिन्दू मुसलमान हो गये हैं।
बंगाल की ट्रेनों में भिखारी तो नहीं कह सकते , सहयोग माँगने वाले बहुतायत आते हैं।
पहले लोग बिना मज़हब देखे दान करते थे , लेकिन आज मैं अचंभित और निराशा की गर्त में गिरा जब देखा कि बाउल गीत और भजन गाने वाले याचकों को भी दान देने में मजहबी झलक दिखी। पहले ऐसा नहीं था। मैनें बचपन से इस इलाके के समाज को जीया और देखा है। लेकिन आज की हालात ने मुझे काफ़ी दर्द का अहसास कराया। क्यूँ ऐसे समृद्ध सामाजिक मूल्यों का इतना ह्रास हो गया ?
हमारा समाज तो ऐसा अंधकट्टर नहीं था।
यहीं यह सवाल मन में उठता है ,कि क्या ये कट्टरपंथी सोच आयातित है ? हम तो ऐसे नहीं थे , तो फिर अब ऐसा क्यूँ।
मोहम्मद बेचन मियाँ के दरवाजे पर तो बिना मज़हब देखे लोगों को महीने भर का राशन मिल जाता था। जब मोहम्मद बेचन मियाँ का इन्तकाल हुआ तो कब्रिस्तान में मुसलमानों से तीन गुना ज्यादा गैरमुस्लिम जनाज़े में शामिल थे।
कहाँ खो गया वो सब ! कि अब भीख भी मज़हबी हो गया ! ये सब आयातित सोच और विचारधारा हमारी संस्कृति को खाये जा रही है। दुखद है बहुत ही दुखद।

सेंट डॉन बॉस्को स्कूल प्रांगण में दीप सज्जा, रंगोली प्रतियोगिता एवं राम–सीता की झलक प्रस्तुति का आयोजन

सेंट डॉन बॉस्को स्कूल, पाकुड़ के प्रांगण में दीपावली की पूर्व संध्या पर भव्य दीप सज्जा एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “राम–सीता के वनवास से अयोध्या आगमन” की खुशी पर आधारित एक मनमोहक झांकी प्रस्तुति रही, जिसमें विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमानजी की झलक जीवंत रूप में प्रस्तुत की।

विद्यालय परिसर रंग-बिरंगे दीपों, फूलों और आकर्षक रंगोलियों से जगमगा उठा। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कला कौशल का परिचय देते हुए दीपों की सजावट और सुंदर रंगोलियों के माध्यम से अयोध्या लौटने की खुशी को व्यक्त किया।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्री शिव शंकर दुबे ने विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों को बच्चों के मन में गहराई से स्थापित करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया और सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं।

तिथि भोज सह जन्मोत्सव के आयोजन से विद्यालय में दिखा उत्सवी नजारा

पाकुड़/ उपायुक्त मनीष कुमार के निर्देश के आलोक में सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय हरिगंज में ‘बैगलेस डे’ सह तिथि भोज’ का आयोजन शुक्रवार को किया गया।
इस तरह के आयोजन से बच्चे खासे उत्साहित नजर आए। बतौर पर्यवेक्षक बीपीओ बर्नार्ड हांसदा ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों के साथ जन्मदिन समारोह में शामिल हुए।
​उपायुक्त मनीष कुमार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में शामिल कर विद्यालय से जोड़ने का अनूठा पहल है। तिथि भोज के तहत एमडीएम के मीनू से अलग लज़ीज़ खाना दिया जाता है। अक्टूबर माह में जिन बच्चों का जन्मदिन था उन सभी बच्चों का एक साथ जन्मदिन मनाया गया। एक बड़ा केक काटकर सभी बच्चों ने मिलकर जन्मदिन मनाया। इस दौरान, पूरे महीने में जन्मे विद्यार्थियों को चॉकलेट और विशेष उपहार भेंट किया गया।
​तिथि भोज के तहत सभी बच्चों ने एक साथ बैठकर भोजन का आनंद लिया, जिससे उनमें सामाजिक समरसता और एकजुटता की भावना विकसित हुई।
बीपीओ श्री हांसदा ने कहा कि उपायुक्त महोदय का यह अनूठा पहल विद्यालय के माहौल को खुशनुमा बनाने का काम किया है। बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने में यह नवाचार कारगर साबित हो रहा है। प्रभारी प्रधानाध्यापक मो तफिजूल शेख ने कहा कि तिथि भोजन के आयोजन से विद्यालय में उत्सवी नजारा देखने को मिलता है। जिन बच्चों का घर पर कभी जन्मदिन नहीं मनाया जाता था वैसे बच्चों को भी जन्मदिन मनाने का अवसर मिलता है।
मौके पर सहायक अध्यापक हुसनी मुबारक मुश्ताक अहमद नसीम अहमद जयनाल आबेदीन जमीरूल हक समेत अन्य मौजूद थे।

*खुशियों और स्वाद से सराबोर रहा उत्कृष्ट विद्यालय पाकुड़ का ‘तिथि भोज’*

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, पाकुड़ राज+2 का परिसर बच्चों की किलकारियों और उत्साह से गूंज उठा। स्कूल में ‘बैगलेस डे’ के अवसर पर एक भव्य ‘तिथि भोज’ का आयोजन किया गया, जो बच्चों के लिए मनोरंजन, पारंपरिक खेलों और सामूहिक जन्मोत्सव का एक अनूठा संगम था।
​उपायुक्त महोदय श्री मनीष कुमार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना था। सुबह से ही बच्चों में बैगलेस डे को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत में बच्चों के लिए एक मनोरंजक मूवी का प्रदर्शन किया गया, जिसने उन्हें खूब हंसाया और शिक्षाप्रद संदेश भी दिया। इसके बाद, परिसर में पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया। खो-खो, गिल्ली-डंडा, पिटटो जैसे झारखंड के लोकप्रिय पारंपरिक खेलों से प्रेरित गतिविधियों में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिक्षकों के मार्गदर्शन में आयोजित इन खेलों ने न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा दिया, बल्कि पारंपरिक मूल्यों को भी जीवंत रखा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अक्टूबर महीने में जन्म लेने वाले विद्यार्थियों का सामूहिक जन्मोत्सव रहा। एक बड़ा केक काटकर सभी बच्चों ने मिलकर जन्मदिन मनाया। इस दौरान, पूरे महीने में जन्मे विद्यार्थियों को चॉकलेट और विशेष उपहार दिए गए।
​तिथि भोज के तहत, विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों और दानदाताओं के सहयोग से सभी बच्चों के लिए स्पेशल थाली भोजन का प्रबंध किया गया था। स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजनों से सजी इस थाली में विभिन्न प्रकार के पकवान शामिल थे। सभी बच्चों ने एक साथ बैठकर भोजन का आनंद लिया, जिससे उनमें सामाजिक समरसता और एकजुटता की भावना विकसित हुई।
​इस अवसर पर, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों, शिक्षक-अभिभावक समिति के प्रतिनिधियों और कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और इस सफल आयोजन के लिए विद्यालय प्रबंधन की सराहना की।
​प्रभारी प्रधानाचार्य श्री राजू नन्दन साहा ने कहा कि बैगलेस डे और तिथि भोज जैसे कार्यक्रम बच्चों को किताबी ज्ञान से परे जाकर आनंदपूर्वक सीखने का अवसर देते हैं। उन्होंने सभी दाताओं और एसएमसी सदस्यों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
​पूरा दिन बच्चों के लिए मस्ती, स्वाद और ज्ञान से भरा रहा, जिसने विद्यालय के इस प्रयास को यादगार बना दिया।

*दिवाली के पूर्व संध्या पर दीप सज्जा एवम् रंगोली प्रतियोगिता:कला और संस्कृति का संगम का आयोजन*

दिल्ली पब्लिक स्कूल, पाकुड़ के प्रांगण में दिवाली की पूर्व संध्या पर दीप व मोमबत्ती सज्जा एवम अंतर _सदनीय रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में छात्र एवम् छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न थीमों पर आधारित रंगोली बनाई।

इस अवसर पर निदेशक श्री अरुणेंद्र कुमार जी ने कहा, “आज के इस रंगोली प्रतियोगिता के माध्यम से हमारे छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। हमें गर्व है कि हमारे छात्र न केवल शिक्षा में उत्कृष्ट हैं, बल्कि वे समाज को भी सकारात्मक संदेश देने में सक्षम हैं।”

प्रधानाचार्य श्री जे के शर्मा जी ने कहा, “रंगोली बनाने की प्रतियोगिता न केवल एक कला प्रतियोगिता है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपराओं का भी प्रतीक है। यह प्रतियोगिता न केवल रंगों और डिज़ाइनों की सुंदरता को प्रदर्शित करती है, बल्कि इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों की रचनात्मकता और कल्पनाशीलता को भी उजागर करती है।

इस अंतर सदनीय प्रतियोगिता में छात्रों ने “सशक्तिकरण बनाम अतिक्रमण”, धरती की सुरक्षा, विष्णु दशावतार और राम दरबार जैसी विषय से सम्बंधित रंगोली के माध्यम से समाज को भारतीय कला और संस्कृति का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में, विद्यालय के निदेशक महोदय तथा प्रधानाचार्य ने सभी शिक्षकों विद्यार्थियों और उनके परिवार को आगामी धनतेरस, दीपावली और छठ की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

फर्जी आधार कार्ड बनाने वालों पर प्रशासन की कार्रवाई, कई ठिकानों पर छापेमारी। सिर्फ सूचनात्मक , लेकिन मंथन और चिंतन करें।

विभिन्न मीडिया माध्यमों के ख़बर का असर ये दिखा कि फ़र्जी आधार और डोकोमेंट बनाने वाले स्थानों पर छापेमारी हुई।
लेकिन ध्यान देने लायक बात है कि गिरफ्त में कोई नहीं आया , जबकि बीते दिन साहेबगंज में दो व्यक्ति ऐसे ही कार्य करने वाले गिरफ्त में भी आये थे।
नीचे एक सूचनात्मक ख़बर है, आप पढ़ें , इसके पहले की इसी मामले की ख़बर भी पढ़ें ।
आख़िर पाकुड़ में सभी सन्देहास्पद व्यक्ति पश्चिम बंगाल ही क्यों गये थे ? वो भी उसी समय जब छापेमारी हुई ! है न विषम्य। सोचें , मूल्यांकन करें।
ख़बर छापेमारी की कहीं लीक तो नहीं हुई ?
जब सरकारी लोग ही फर्जी आधार पर जमीन तक रजिस्ट्री करवा लें तो कुछ भी हो सकता है।
खैर माननीय न्यायालय सब देखेगा।
अभी सिर्फ सूचना पढ़ें।

पाकुड़: पाकुड़ जिले में फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने रविवार, 12 अक्टूबर को बड़ी कार्रवाई की। प्राप्त शिकायत के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) पाकुड़, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) पाकुड़, डीपीओ यूआईडी सेल श्री रितेश श्रीवास्तव तथा पाकुड़ मुफस्सिल थाना की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाया।छापेमारी टीम ने ग्राम पंचायत अंजना, पृथ्वीनगर, चॉचकी, ईलामी, भवानीपुर, फरसा, देवतल्ला, उदयनारायणपुर एवं इस्लामपुर ब्रिज के पास स्थित स्थानों पर एक साथ दबिश दी। प्रशासन को मिली शिकायत में बताया गया था कि इन क्षेत्रों में करीब 10 व्यक्तियों द्वारा फर्जी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं।टीम को देखते ही अधिकांश संदिग्ध व्यक्ति अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए। जब छापेमारी दल ने फोन पर संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि वे पश्चिम बंगाल किसी अन्य कार्य से गए हैं।छापेमारी के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासनिक टीम को बताया कि शिकायत में जिन व्यक्तियों के नाम हैं, वे फर्जी आधार कार्ड बनवाने का कार्य कर रहे थे।जिला प्रशासन ने बताया कि इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। फर्जी आधार कार्ड बनाने के इस गिरोह का जल्द ही भंडाफोड़ किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।