*तीन दिनों तक चला उत्साह, उमंग और प्रतिभा का महोत्सव*
पाकुड़, स्थानीय विद्यालय डी ए वी पब्लिक स्कूल पाकुड़ में आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप का समापन अत्यंत उत्साह रचनात्मक एवं आनंदमय वातावरण के साथ हुआ 18 मई से 20 मई तक चलने वाले इस समर कैंप के दौरान विद्यालय प्रशासन द्वारा बच्चों के लिए विभिन्न मनोरंजन शारीरिक, शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन विद्यालय परिसर में किया गया जिसमें बच्चों ने बढ़-कर कर भाग लिया एवं बहुत आनंद उठाया। एलजी एवं यूकेजी के नन्हे मुन्ने बच्चों ने आइसक्रीम स्टिक से सुंदर क्राफ्ट तैयार किया। कक्षा प्रथम एवं द्वितीय के बच्चों ने विभिन्न प्रकार की पत्तियों की सहायता से भगवान गणेश, चूहा, लोमड़ी आदि की आकर्षक आकृतियां बनाई। वहीं कक्षा तृतीय से पंचम तक के विद्यार्थियों ने आर्ट, ड्राइंग एवं मंडला आर्ट बनाकर अपनी कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। वर्ग षष्ठम से अष्टम तक के बच्चों ने शारीरिक खेलकूद, योग, ताइक्वांडो फूड विदाउट फायर, चित्रकला, हैंडीक्राफ्ट एवं अनेकों रचनात्मक कार्यक्रम में भाग लेकर आत्मविश्वास अनुशासन एवं टीम भावना का विकास किया। वर्ग पंचम से बारहवीं तक के बच्चों को भ्रमण हेतु वाटर पार्क ले जाया गया जहां बच्चों ने वाटर पार्क में स्विमिंग पूल का लुत्फ उठाया। समापन समारोह के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉक्टर विश्वदीप चक्रवर्ती ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। प्रशिक्षकों ने बच्चों को रचनात्मकता और नवाचार से जुड़े टिप्स भी दिए। समापन समारोह का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नृत्य, गीत, लघु नाटिका और भाषण रहे। बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और मंच प्रस्तुति ने सभी को प्रभावित किया। प्रधानाचार्य ने आगे कहा कि समर कैंप बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को निखारने का एक सशक्त माध्यम है। इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और टीम भावना का विकास करती हैं, जो उनके भविष्य निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होती हैं। उन्होंने समर कैंप के सफल आयोजन के लिए सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्रशिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग की सराहना की।
*डी ए वी स्कूल पाकुड़ में आयोजित समर कैंप का भव्य समापन*
गोपीनाथपुर में उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण की मांग को लेकर जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने सौंपा ज्ञापन
पाकुड़ प्रखंड अंतर्गत गंधाईपुर पंचायत के में उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण की मांग को लेकर आज जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने सिविल सर्जन एवं उपायुक्त महोदय को पत्र सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि गंधाईपुर पंचायत की जनसंख्या लगभग 7000 से अधिक है, लेकिन आज तक यहां उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण नहीं हो पाया है। स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को छोटी से छोटी दवा और इलाज के लिए भी पश्चिम बंगाल या पाकुड़ जाना पड़ता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने कहा कि क्षेत्र के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जल्द से जल्द उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण होना बेहद जरूरी है, ताकि ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
इस दौरान सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण हेतु प्रयास किया जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके।
*गोपीनाथपुर में स्थायी पुलिस कैंप की मांग तेज, जिला परिषद सदस्य ने सौंपा आवेदन*
जिले के गोपीनाथपुर गांव में विधि-व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर स्थायी पुलिस कैंप स्थापित करने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने पुलिस अधीक्षक, पाकुड़ को आवेदन सौंपकर शीघ्र स्थायी पुलिस कैंप स्थापित की मांग की है।
जिला परिषद सदस्य ने बताया कि गोपीनाथपुर में पहले भी कई बार उपायुक्त एंव पुलिस अधीक्षक को पत्र सौपा गया है ग्रामीणों द्वारा पुलिस कैंप की स्थापना हेतु आवेदन दिया गया था, जिसकी जांच संबंधित विभाग द्वारा की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थायी पुलिस कैंप स्थापित होने से अपराधों पर अंकुश लगेगा, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी तथा गांव में शांति और सौहार्द का माहौल बनेगा।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द पुलिस कैंप स्थापित करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो सके।
जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने प्रशासन से अपील की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में त्वरित कदम उठाए जाएं।
*डालसा टीम द्वारा पाकुड़ जेल में नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता शिविर के तहत किया जागरूक*
झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में आज पाकुड़ जेल में नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें बंदियों को लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के चीफ़ सुबोध कुमार दफादार एवं डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल ने संयुक्त रूप से कानून की जानकारी के साथ साथ समाज के कुप्रथा उनसे बचाव पर विस्तृत जानकारी दी।इस दौरान बताया गया कि कुप्रथा को जन्म देती हैं डर, सामाजिक दबाव, अशिक्षा और गरीबी इन को दूर करना जरूरी है ताकि दहेज प्रथा, बाल विवाह, बाल श्रम, डायन प्रथा जैसे मामलों को खत्म किया जा सके। लोगों में शिक्षा अत्यंत जरूरी हैं कानून की जानकारी होना जरूरी है बाल श्रम, बाल विवाह, दहेज प्रथा पर निषेध अधिनियम के तहत सजा का प्रावधान है। हम जानकार बनकर ही खुद को, अपने परिवार को, समाज को शसक्त बनाने में मदद कर सकते हैं।मौके पर जेल के प्रशासनिक अधिकारी पैरा लीगल वॉलिंटियर्स सायेम अली, मरियम पिंकी किस्कू उपस्थित रहे।
*आज का खास : मलमास में क्या करें क्या नहीं करें… मलमास का क्या है आध्यात्मिक महत्व…पढ़िए आज का खास आलेख।*
*भगवान विष्णु का अत्यंत प्रिय महीना है मलमास, इस महीने मंत्र जप और अध्यात्म का है खास महत्व*
*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
18.05.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ सौम्यायन सौम्यगोल: ग्रीष्मऋतु। श्रीसूर्य: उत्तरायण।
हिन्दी माह : अधिक ज्येष्ठ
पक्ष : शुक्ल
तिथि : द्वितीया
दिन : सोमवार
नक्षत्र : रोहिणी
योग : सुकर्मा
करण : बालव/कौलव
सूर्योदय : सुबह 05:22 बजे।
सूर्यास्त : शाम 06:38 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : वृष राशि में।
आज का चंद्रमा : वृष राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* पूर्व।
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*आज का राहुकाल :*
प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज अधिकज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। चंद्र दर्शन, आज रात्रि 1:00 पर चंद्रमा मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।
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*आज का खास:*
*शुरू हुआ मलमास, एक महीने तक शादी-मुंडन समेत सभी मांगलिक कार्यों पर रहेगा रोक*
*भगवान विष्णु का अत्यंत प्रिय महीना है मलमास, इस महीने मंत्र जप और अध्यात्म का है खास महत्व*
रविवार 17 मई से मलमास (पुरुषोत्तम) मास शुरू हो गया है। यह आगामी 15 जून तक चलेगा। मलमास में जातकर्म, नामकरण, अन्नप्राशन, गृहारंभ, गृहप्रवेश, चौलमुण्डन, उपनयन, नई यात्रा, छेवका, तीलक, शगाई, विवाह, वर-कन्या वरण, जैसे सभी शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। यह माह भगवान विष्णु की आराधना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए समर्पित है, जिसमें दान-पुण्य का विशेष महत्व है। पुरुषोत्तम मास को मलमास अथवा अधिक मास भी कहा जाता है। मलमास हिंदू पंचांग का एक महत्वपूर्ण समय है। यह वह अतिरिक्त महीना है जो हर तीसरे वर्ष चंद्र वर्ष और सौर वर्ष के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए जुड़ता है जो ऋतुओं को बिगड़ने से बचाता है। यह महीना
धार्मिक दृष्टिकोण से भगवान विष्णु (पुरुषोत्तम) की आराधना के लिए समर्पित है। मलमास होने का मुख्य कारण सूर्य वर्ष और चंद्र वर्ष के बीच के समय का अंतर है। भारतीय पंचांग इन दोनों गणनाओं के संतुलन पर आधारित है। ज्ञात हो कि सौर वर्ष और चंद्र वर्ष के बीच हर साल लगभग 11 दिन का अंतर आ जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि इस 11 दिन के अंतर को ठीक न किया जाए, तो कुछ ही सालों में हमारे त्यौहार और ऋतुओं का तालमेल पूरी तरह बिगड़ जाएगा। इस समय के अंतर को पाटने के लिए, हर तीसरे साल चंद्र कैलेंडर में एक अतिरिक्त महीना जुड़ जाता है। इसी अतिरिक्त महीने को पुरुषोत्तम मास, मलमास या अधिक मास कहते हैं। हिंदू पंचांग में जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो उसे संक्रांति कहा जाता है।जिस चंद्रमा के महीने में सूर्य की कोई संक्रांति नहीं होती यानी सूर्य राशि नहीं बदलते हैं, उसे ही अधिक मास या मलमास कहते हैं। इस व्यवस्था के कारण ही हमारे त्योहार जैसे दीपावली, दशहरा, मकर संक्रांति हमेशा अपनी निश्चित ऋतुओं में ही आते हैं।
*15 जून तक चलेगा मलमास, बेहद फलदयी होंगे ये तीन काम*
श्रीहरि को समर्पित पुरुषोत्तम मास रविवार से शुरू हो गया है। यह आगामी 15 जून तक चलेगा। मलमास में भगवान पुरुषोत्तम अर्थात नारायण की पूजा उपासना का विशेष महत्व है। मलमास में इन्हें मालपुआ का भोग लगाने का खास महत्व रहा है। मलमास के दरमियान तीर्थदर्शन, गंगास्नान, और मंत्र जप विशेष लाभप्रद होते हैं ।
*क्यों कहा जाता है इसे पुरुषोत्तम मास? जानिए इसके पीछे की पौराणिक कथा*
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर महीने के लिए एक स्वामी देवता निर्धारित हैं। लेकिन इस अतिरिक्त महीने का कोई स्वामी नहीं थे, इसलिए इसे मलमास (अशुद्ध मास) कहा गया। तब भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम पुरुषोत्तम दिया और इसे अपना प्रिय महीना बनाया। ताकि इस समय में की गई आध्यात्मिक उन्नति का फल अनंत हो सके। इसीलिए इस महीने में की गई भक्ति का फल अन्य महीनों की तुलना में कई गुना अधिक माना जाता है।
*मलमास के दौरान पालन किए जाने वाले मुख्य नियम*
मलमास में प्रतिदिन ॐ नमो भगवते वासुदेवाय या पुरुषोत्तम सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस महीने में दीपदान, वस्त्र दान और अन्न दान का विशेष महत्व है। इस महीने विशेष रूप से मिठाई, मालपुए का दान करना शुभ माना जाता है। इस समय भागवत पुराण या रामायण का पाठ करना या सुनना बहुत उत्तम माना गया है। इस मास में संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें, अन्यथा घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी पुण्यकारी होता है।
*मलमास में क्या नहीं करें*
मलमास में नामकरण, अन्नप्राशन, गृहारंभ, गृहप्रवेश , उपनयन, मुंडन तीलक, शगाई, विवाह वर-कन्या वरण समेत अन्य मांगलिक व शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। मालामश के दरमियान नई यात्रा और नए कारोबार का भी शुभारंभ नहीं करना चाहिए। मलमास में नई गाड़ी, नया मकान या जमीन खरीदने से बचना चाहिए। नए व्यापार की शुरुआत या बड़ा निवेश न करें। मलमास में तामसिक भोजन और अशुद्ध आचरण से दूर रहना चाहिए।
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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जेल अदालत सह मेडिकल कैंप का हुआ आयोजन* झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा शिविर आयोजित।
प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के सचिव रूपा बंदना किरो की उपस्थिति में पाकुड़ मंडल कारा में जेल अदालत सह चिकित्सीय जांच शिविर का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम की शुरुआत डालसा सचिव रूपा बंदना किरो, लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के चीफ सुबोध कुमार दफादार डिप्टी चीफ़ मो नुकुमुद्दीन शेख एलएडीसीएस के सहायक गंगाराम टुडू डॉ एस के झा,डॉ संभली, जेल के प्रशासनिक अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई।उक्त कार्यक्रम में सचिव रूपा बंदना किरो ने बंदियों को कानून जानकारी दी। जिसमें प्ली बार्गेनिंग के महत्व के बारे में बताया कि स्वेच्छा से दोष स्वीकार करने पर बंदियों के हित में मिलने वाले फायदे जिसमें छोटे-छोटे सुलहनीय अपराधों में प्ली बार्गेनिंग के अर्जी देने पर सजा कम करने का प्रावधान, वाद का जल्द निपटारण, जेल से जल्द रिहाई समेत समय की बचत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस दौरान प्ली बार्गेनिंग किन किन मामलों में होता है और प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बंदियों का स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली गई। लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के डिप्टी चीफ मो नुकुमुद्दीन शेख ने डालसा से मिलने वाले निःशुल्क कानूनी सहायता, जमानत से संबंधित कानून की जानकारी दी। इस दौरान जेल के अंदर मेडिकल कैंप का आयोजन के तहत बंदियों की बीपी, शुगर, समेत अन्य स्वास्थ्य की जांच की गई। सचिव रूपा बंदना किरो ने इस दौरान जेल पुस्तकालय, रजिस्टर की जांच समेत जेल की व्यवस्था एवं बुनियादी सुविधाओं की निरीक्षण की एवं जेल अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दी गई। मौके पर डालसा के कर्मी जेल के प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग से डॉ एवं मेडिकल टीम सदस्य मौजूद रहे।
साथ ही लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल एलएडीसीएस के सहायक अज़फर हुसैन विश्वास उपस्थित रहे।
चाचकी पंचायत के चाचकी गांव में निकलेगा भव्य नगर कीर्तन, तैयारियों को लेकर हुई अहम बैठक
वैशाख माह के अंतिम दिन चाचकी पंचायत के चाचकी गांव में आयोजित होने वाले भव्य नगर कीर्तन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में नगर कीर्तन को शांतिपूर्ण, भव्य एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। कार्यक्रम की सफलता हेतु सभी श्रद्धालुओं, ग्रामीणों एवं समिति सदस्यों से सहयोग और आपसी सहमति बनाए रखने की अपील की गई।
बैठक का नेतृत्व जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह आयोजन धर्म, आस्था, भाईचारा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। सभी लोगों को मिल-जुलकर इस पावन कार्यक्रम को सफल बनाना चाहिए।
जानकारी के अनुसार भव्य नगर कीर्तन शनिवार, 16 मई को सुबह 10:00 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। खासकर महिलाओं और श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा गया। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक और भव्य बनाने का संकल्प लिया।
बैठक में समीर मंडल, निपेन मंडल, राजेश कोनाई, सीमा देवी, वापसी कोनाई, तेमु कोनाई, शरद कोनाई सहित सैकड़ों ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का भरोसा दिलाया।
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर नगर कीर्तन की शोभा बढ़ाने की अपील की। लोगों ने कहा कि “आपकी उपस्थिति ही हमारा सम्मान है।”
पूरे चाचकी गांव में नगर कीर्तन को लेकर भक्तिमय माहौल बना हुआ है और ग्रामीणों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है।
पिंकी मंडल के हाथों तिलभिट्टा में चढ़ी पूजा — भक्ति और उत्साह से झूम उठा गांव
श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा मंदिर सेवा समिति, तिलभिट्टा में आज दुर्गा मंदिर के सामने स्थित मेला मैदान में हनुमान मंदिर की पूजा-अर्चना विधि-विधान के साथ भव्य रूप से संपन्न हुई। पूरे आयोजन में धार्मिक परंपराओं का पूर्ण पालन करते हुए मंत्रोच्चार, हवन और पूजा-अर्चना की गई, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गौरव और सौभाग्य की बात है कि उनके माध्यम से इस पवित्र कार्य की पूजा-अर्चना संपन्न हुई। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह हनुमान मंदिर भव्य स्वरूप धारण करेगा और समाज को एकता, श्रद्धा एवं संस्कार का संदेश देगा।
कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। बच्चों, महिलाओं (सशक्त नारी) और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और इस विशेष अवसर के साक्षी बने। वहां के ग्रामीणों में मंदिर को लेकर विशेष खुशी और गर्व का भाव देखा गया।
इस अवसर पर दुर्गा मंदिर के अध्यक्ष प्रभात रविदास, सचिव संटू महतो, संस्थापक सुशांतो सिंह सहित भगत बंसी, गोविंद घोष, अर्जुन राय, बच्चू रजक, विकास भगत, सघन, जिज्ञासन, विजय रविदास, दिलीप प्रमाणिक समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान
“जय श्री राम”, “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्”
के नारों से वातावरण गूंजता रहा, जिससे लोगों का उत्साह और मनोबल चरम पर पहुंच गया।
पाकुड़ में मातृशक्ति दिवस पर जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल का भावुक पहल – वृद्धाश्रम पहुंचकर माताओं का किया सम्मानl
सोनाजोड़ी, पाकुड़ :
मातृशक्ति दिवस के अवसर पर सोनाजोड़ी (पाकुड़) स्थित वृद्धाश्रम में जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने पहुंचकर वहां रह रही माताओं के साथ समय बिताया और उन्हें मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। इस दौरान पूरे वृद्धाश्रम में खुशी और भावुकता का माहौल देखने को मिला।
पिंकी मंडल ने कहा, “माँ तो माँ होती है, चाहे वह जन्म देने वाली हो या जीवन में माँ का स्थान रखने वाली। आज कई माताएं वृद्धाश्रम में अपना जीवन बिता रही हैं, लेकिन उनका हाल पूछने वाला कोई नहीं है।”
उन्होंने आगे भावुक होते हुए कहा कि “इन माताओं की सेवा और देखभाल करना हम सबकी जिम्मेदारी है। इनके चेहरे पर मुस्कान लाना ही सच्चा मातृशक्ति दिवस मनाना है।”
इस अवसर पर उन्होंने सभी माताओं का आशीर्वाद लिया और उनके साथ आत्मीय बातचीत कर उनका हालचाल जाना। वृद्धाश्रम में मौजूद माताएं भी इस पहल से बेहद खुश और भावुक नजर आईं।
पाकुड़ व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन
राष्ट्रीय लोक अदालत का वर्चुअल उद्घाटन न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद न्यायाधीश झारखंड उच्च न्यायालय सह कार्यकारी अध्यक्ष झालसा रांची द्वारा किया गया।इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ कुमार क्रांति प्रसाद की अध्यक्षता में पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के कॉन्फ्रेंस हाल में सभी न्यायिक पदाधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से जुड़कर शामिल हुए।राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल आठ बेंचो का गठन किया गया। जिसमें 17573 वादों का निष्पादन किया गया। साथ ही 12 करोड़ 46 लाख 82 हजार 658 रुपए का समझौता कराया गया। मौके पर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्र, डालसा सचिव रूपा बंदना किरो अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी, पैनल अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के अधिवक्ता, मेडियटर अधिवक्ता, स्थाई लोक अदालत केअध्यक्ष, विभिन्न बैंकों के अधिकारी,न्यायालय कर्मी, संबंधित विभाग के अधिकारी पैरा लीगल वॉलिंटियर्स समेत वादी प्रतिवादी उपस्थित रहें।