नमो सेवा संकल्प अभियान के तहत सरस्वती शिशु विद्या मंदिर,पाकुड़ के परिसर में ‘नमो सेवा की अनकही कहानियां’ विषय पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा नाट्य मंचन किया गया। बाल कलाकारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा यात्रा, संघर्ष, समर्पण तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य हेमा कुमारी, कार्यक्रम के जिला संयोजक विवेकानंद तिवारी,पूर्व जिलाध्यक्ष अनुग्राहित प्रसाद साह, जिला उपाध्यक्ष हिसाबी राय, भाजपा नेत्री प्राची चौधरी, निधि गुप्ता,अविनाश पंडित एवं आचार्यगण मौजूद थे।
नाट्य मंचन के दौरान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना, मध्यान्ह भोजन योजना, आयुष्मान भारत योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को बाल कलाकारों यथा श्री मंडल,आयत अली,वृष्टि दास, कृतिका कर्मकार,आराध्या कुमारी,आरुषि गुप्ता, नेहा दास,पूर्णिमा घोष,राजवी सिंह, तृषा मंडल,स्नेहा दास, अनामिका मिश्रा,श्रुति मंडल, जयश्री,आरोही,मिनी सरकार ऋषिका दास,मौरी दास ने सहज एवं प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से इन योजनाओं के उद्देश्य तथा आम लोगों को मिलने वाले लाभों को सरल रूप में समझाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अविभावकों ने छात्र-छात्राओं की रचनात्मक प्रस्तुति की सराहना की। नाट्य मंचन के माध्यम से जहां विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली, वहीं सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना और जनकल्याण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम के संयोजक विवेकानंद तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा यात्रा में शासन, विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को विद्यार्थियों ने नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं को समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाने और उनके लाभ से लोगों को जोड़ने के विषय को बाल कलाकारों ने सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
उन्होंने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, पाकुड़ के प्रधानाचार्य, आचार्यगण एवं सभी बाल कलाकारों को रचनात्मक प्रस्तुति के लिए बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ सामाजिक जागरूकता और सेवा भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, पाकुड़ में ‘नमो सेवा की अनकही कहानियां’ का हुआ नाट्य मंचन
आज का खास : आज है इन्दिरा एकादशी व्रत, अर्पण किए जाएंगे एकादशी तिथि का श्राद्ध और तर्पण
*आज का खास अंक में पढ़िए…सर्व पितृ अमावस्या के दिन करें इन चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद*
*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
06.10.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ याम्यायन सौम्यगोल: शरद् ऋतु श्रीसूर्य: दक्षिणायन।
हिन्दी माह : आश्विन
पक्ष : एकादशी
दिन : मंगलवार
नक्षत्र : श्लेषा
योग : सिद्धि
करण : वव/वालव
सूर्योदय : सुबह 06:09 बजे।
सूर्यास्त : शाम 05:51 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : कन्या राशि में।
आज का चंद्रमा : कर्क राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* उत्तर।
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*आज का राहुकाल :*
दिन में 3:00 बजे से 4:30 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज आश्विन महीने के पितृपक्ष अर्थात् कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। आज इन्दिरा एकादशी व्रत है। आज एकादशी तिथि के श्राद्ध और तर्पण किए जाएंगे। आज रात्रि 11:38 पर चंद्रमा सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
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*आज का मौसम पूर्वानुमान:*
आज कहीं-कहीं तेज हवा चलेंगे। जहां-तहां आसमान में बादल छाए रहेंगे। उत्तरप्रदेश, बिहार और झारखंड के कई जिलों में कहीं-कहीं बारिश की भी संभावना है। इस बीच हवाएं भी चलेंगे।
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*आज का खास :*
*सर्व पितृ अमावस्या के दिन करें इन चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद*
अभी आश्विन कृष्ण पक्ष चल रहा है। यह पक्ष पितृ पक्ष के नाम से जाना जाता है। इस पक्ष में अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए श्राद्ध व तर्पण करने के साथ दान-पुण्य किए जाते हैं। वैसे तो पूरे पितृ पक्ष में श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य होते हैं। लेकिन आश्विन महीने की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। यह दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन को सर्व पितृ अमावस्या कहते हैं। पितरों के लिए पितृ अमावस्या कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जाता है। खास कर इस दिन तर्पण और दान-पुण्य अन्य दिनों की अपेक्षा इस दिन कई गुना अधिक लाभ देते हैं।
*सर्व पितृ अमावस्या के दिन करें तिल का दान*
हिंदू धर्म में तिल को पितरों का सबसे प्रिय अन्न माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि तिल का दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। तिल का दान पितृ दोष को दूर करने का एक प्रभावी उपाय माना जाता है। तिल का दान करने से घर में शांति और समृद्धि आती है। यह माना जाता है कि तिल का दान करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में सफलता मिलती है।
*सर्व पितृ अमावस्या के दिन करें पिंडदान*
सर्व पितृ अमावस्या के दिन पिंडदान करने से व्यक्ति को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ऐसा माना जाता है कि पिंडदान करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। पिंडदान करते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि आप अपने पितरों का ध्यान जरूर करें। ऐसा करने से जातकों को पितृदोष से छुटकारा मिल जाता है। साथ ही पितरों के आशीर्वाद की भी प्राप्ति होती है।
*सर्व पितृ अमावस्या के दिन करें वस्त्र दान*
सर्व पितृ अमावस्या के दिन वस्त्र का दान करना उत्तम फलदायी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस अमावस्या तिथि के दिन जो व्यक्ति वस्त्र दान करता है। उसे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही दरिद्रता से भी छुटकारा मिल जाता है। बता दें, वस्त्र दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और वे अपने वंश पर आशीर्वाद बरसाते हैं।
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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आज का खास :11 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र, हाथी पर सवार होकर कर आयेंगी महामाया*
*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
05.10.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ याम्यायन सौम्यगोल: शरद् ऋतु श्रीसूर्य: दक्षिणायन।
हिन्दी माह : आश्विन
पक्ष : दशमी
दिन : सोमवार
नक्षत्र : पुष्य
योग : शिव
करण : वणिज/विष्टि
सूर्योदय : सुबह 06:08 बजे।
सूर्यास्त : शाम 05:52 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : कन्या राशि में।
आज का चंद्रमा : कर्क राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* पूर्व।
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*आज का राहुकाल :*
प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज आश्विन महीने के पितृपक्ष अर्थात् कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। आज दशमी तिथि के श्राद्ध और तर्पण किए जाएंगे। आज भद्रा रहेगा। भद्रा का वास मृत्यु लोक अर्थात् पृथ्वी पर होगा। यह दिन में 3:59 से रात्रि 2:52 तक भोग करेगा।
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*आज का मौसम पूर्वानुमान:*
आज कहीं-कहीं आसमान में बादल छाए रहेंगे। झारखंड और बिहार के कई जिलों में कहीं-कहीं छीट-पुट बारिश की संभावना है। इस बीच हवाएं भी चलेंगे।
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*आज का खास :*
*दुर्गोत्सव : 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र, हाथी पर सवार होकर कर आयेंगी महामाया*
*चरणायुध पर होगा गमन, ग्रह-नक्षत्रों के बनेंगे कई शुभ संयोग*
*इस बार कलश स्थापना के लिए दिन भर का समय होंगे शुद्ध व प्रशस्त*
शक्ति की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र इस बार 11 अक्टूबर दिन रविवार से शुरू हो रहे हैं। इस बार शारदीय नवरात्र पुरे नौ दिनों का होगा। जबकि दुर्गोत्सव का महापर्व दशहरा दस दिनों का ही होगा। इस बार नवरात्र की शुरुआत रविवार से हो रहा है। रविवार को माता के आगमन की सवारी गज अर्थात् हाथी होता है। ऐसे में इस बार माता दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है। वहीं नवरात्र के बाद माता का गमन विजयादशमी तिथि में होता है। काशी के प्रसिद्ध श्रीहृषीकेश पंचांग के अनुसार विजयदशमी का पुनीत पर्व इस बार 20 अक्टूबर दिन मंगलवार को मनाया जाएगा। मंगलवार को माता का गमन चरणायुध अर्थात् मुर्गा पर होता है। ऐसे में इस बार माता का गमन चरणायुध अर्थात् मुर्गा पर होगा। इस बार माता का आगमन शुभ है जबकि गमन ठीक नहीं है। माता रानी का आगमन राजा और प्रजा दोनों के लिए ठीक है। खासकर किसानों के लिए अत्यंत लाभप्रद होगा। अर्थात् अच्छी बारिश होगी। लेकिन इस बार माता का गमन अशुभ माना जा रहा है। ऐसे में रोग शोक बढ़ेंगे। राजनितिक उठापटक बढ़ेगा। रोग बिमारी जनमानस का स्वास्थ्य प्रभावित करेगा। कुल मिलाकर इस वर्ष माता रानी का गमन ठीक नहीं है। प्रजा को कष्ट होंगे तो वहीं राज्य विग्रह का योग बनेगा। उन्होंने कहा कि नवरात्र का शुभारंभ 11 अक्टूबर दिन रविवार को हो रहा है। इस दिन प्रतिपदा तिथि में कलश स्थापना और मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री का पूजन होगा। नवरात्र 19 अक्टूबर दिन सोमवार तक चलेगा। जबकि विजयादशमी का पुनीत पर्व 20 अक्टूबर दिन मंगलवार को मनाया जाएगा।
*16 अक्टुबर को बेलवरण, 17 को नवपत्रिका प्रवेश व निशापूजा, 19 को होगी संधिबलि*
इस बार बेलवरण पूजा 16 अक्टूबर दिन शुक्रवार को होगा। जबकि 17 अक्टूबर दिन शनिवार को नवपत्रिका प्रवेश पूजन और मूल नक्षत्र में पूजा पंडालों में देवी की स्थापना की जाएगी। इसी दिन श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ मां दुर्गा के पट खोले जाएंगे। श्रीहृषीकेश पंचांग के अनुसार कालरात्रि दर्शन पूजन भी इसी दिन होगा। जबकि श्रीदुर्गा अष्टमी का व्रत महागौरी दर्शन और पूजन 18 अक्टूबर दिन रविवार को होगा। वहीं 19 अक्टूबर दिन सोमवार को प्रातः 7:53 बजे अष्टमी और नवमी तिथि की संधि बेला में संधिबलि का पूजन होगा।
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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*हावड़ा मंडल में भव्य रूप से मनाई गई राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती, आयोजित हुई राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक*
प्रेस विज्ञप्ति, हावड़ा मंडल।
तारीख: 01.10.2026
पूर्व रेलवे के हावड़ा मंडल में दिनांक 30.09.2026 को मंडल रेल प्रबंधक (DRM) महोदय की अध्यक्षता में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक का भी आयोजन किया गया।
बैठक में मंडल के सभी प्रमुख उच्चाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और कार्यालयीन कार्यों में इसके अधिकाधिक प्रयोग पर गहन विचार-विमर्श किया।
इस आयोजन का सबसे आकर्षण का केंद्र वह क्षण रहा जब उपस्थित उच्चाधिकारियों द्वारा ओजस्वी कविताओं के रचनाकार राष्ट्रकवि दिनकर की प्रसिद्ध कविताओं का सस्वर पाठ और गायन किया गया। अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत ‘रश्मिरथी’ और कुरुक्षेत्र की पंक्तियों ने पूरे सभागार में एक ऊर्जावान और देशभक्ति का माहौल पैदा कर दिया।
मंडल रेल प्रबंधक ने अपने संबोधन में कहा कि दिनकर जी की कविताएं समाज में राष्ट्रप्रेम, वीरता और न्याय की प्रेरणा जगाती हैं। साथ ही, उन्होंने सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी के सहज और सरल प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सभी अधिकारियों को प्रेरित किया। बैठक का समापन राष्ट्रहित और राजभाषा के उत्थान के संकल्प के साथ हुआ।
*स्वच्छता का संदेश लेकर सड़क पर उतरे डीएवी पाकुड़ के एनसीसी कैडेट व विद्यार्थी*
*विद्यालय परिसर के आसपास चलाया स्वच्छता अभियान, मुख्य सड़क के गड्ढों को गिट्टी, स्टोन डस्ट व सीमेंट से भरा*
पाकुड़। “स्वच्छता ही सेवा, स्वच्छता में सहभागिता एवं स्वच्छ भारत-विकसित भारत 2026” अभियान के तहत स्थानीय विद्यालय डीएवी पब्लिक स्कूल गोकुलपुर, पाकुड़ के एनसीसी कैडेट एवं विद्यार्थियों ने गुरुवार को स्वच्छता और जनसेवा की अनूठी मिसाल पेश की। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. विश्वदीप चक्रवर्ती के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर के आसपास स्वच्छता अभियान चलाया तथा मुख्य सड़क पर स्थित गड्ढों की मरम्मत का कार्य भी किया।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने सृष्टि पेट्रोल पंप के समीप डीएवी रोड पर बने गड्ढों को चिह्नित कर उनमें गिट्टी, स्टोन डस्ट एवं सीमेंट डालकर भरने का कार्य किया। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों के कारण विद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती थी। विद्यार्थियों ने स्वयं श्रमदान करते हुए इन गड्ढों को भरकर सड़क को सुगम बनाने का प्रयास किया।
इस अवसर पर एनसीसी कैडेटों एवं विद्यार्थियों ने स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए यह संदेश दिया कि स्वच्छ एवं सुरक्षित परिवेश के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। विद्यार्थियों ने न केवल विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया, बल्कि सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और सड़क सुरक्षा के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।
प्राचार्य डॉ. विश्वदीप चक्रवर्ती ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा भावना, अनुशासन और नागरिक कर्तव्य की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे सामूहिक प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव का आधार बन सकते हैं।
एनसीसी कैडेटों और विद्यार्थियों के इस श्रमदान से अभियान में सेवा, स्वच्छता और सामाजिक सहभागिता का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। विद्यालय परिवार के इस प्रयास की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की।
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के महासचिव राम रंजन सिंह ने की प्रेसविज्ञप्ति जारी, नई कमिटियों के गठन की दी जानकारी।
प्रेस विज्ञप्ति
ज्ञान • एकता • अनुशासन
झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, राँची
“अनुशासन • ज्ञान • एकता”
पत्रांक : JPSA/RNC/116/2026
दिनांक : 28 सितंबर 2026
जिला कार्यकारिणी के कार्यकाल समापन, आभार एवं नई कार्यकारिणी गठन की प्रक्रिया
झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, राँची द्वारा पाकुड़, साहेबगंज, जामताड़ा एवं गोड्डा जिला इकाइयों की वर्तमान कार्यकारिणी समितियों के निर्धारित कार्यकाल के सफल समापन के अवसर पर सभी जिलाध्यक्ष, जिलासचिव, प्रखंड पदाधिकारीगण एवं सम्मानित सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार एवं साधुवाद व्यक्त किया जाता है।
आप सभी के समर्पण, सहयोग एवं संगठन के प्रति अटूट विश्वास से विद्यालयों के हित, अधिकार एवं सुरक्षा के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए। न्यायिक प्रयासों, सामाजिक सेवा, शैक्षणिक गतिविधियों एवं संगठन विस्तार में आपका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
प्रमुख कार्य एवं उपलब्धियाँ
• विद्यालय हित में उच्च न्यायालय से संबंधित विधिक प्रयास।
• कोरोना काल में सेवा एवं राहत कार्य।
• छठ पर्व एवं बोल बम सेवा शिविरों का आयोजन।
• शिक्षक सम्मान एवं शैक्षणिक कार्यक्रम।
• पुस्तक मेला, ज्ञान-विज्ञान तथा सामाजिक गतिविधियाँ।
• निजी विद्यालयों के हित एवं संगठन विस्तार हेतु निरंतर प्रयास।
आगे की संगठनात्मक प्रक्रिया
सभी संबंधित जिला इकाइयाँ अपना अंतिम आय-व्यय विवरण एवं आवश्यक अभिलेख प्रदेश कार्यालय को उपलब्ध कराएँ तथा फाइल, रजिस्टर एवं अन्य संगठनात्मक दस्तावेजों के प्रभार हस्तांतरण हेतु तैयार रखें।
पूर्व कार्यकारिणी की अनुशंसा एवं सहमति के आधार पर सक्रिय, समर्पित एवं योग्य सदस्यों से नई जिला कार्यकारिणी के गठन/मनोनयन की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। प्रदेश पर्यवेक्षक की उपस्थिति में मनोनयन, पदाधिकारी प्रमाण-पत्र एवं शपथग्रहण की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। आवश्यक विशेष आम बैठक (AGM) की तिथि पृथक रूप से सूचित की जाएगी।
प्रदेश एसोसिएशन को विश्वास है कि नई कार्यकारिणी पूर्व पदाधिकारियों के अनुभव एवं मार्गदर्शन को साथ लेकर संगठन को और अधिक सशक्त एवं सुव्यवस्थित बनाएगी।
सभी निवर्तमान पदाधिकारियों एवं सदस्यों के अमूल्य योगदान के लिए प्रदेश एसोसिएशन हृदय से आभार व्यक्त करता है।
“एक मंच • एक आवाज • एक संकल्प • एक विश्वास”
सधन्यवाद।
रामरंजन कुमार सिंह
महासचिव
झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, राँची
अशोक सिंघल जी की जन्म शताब्दी पर दुमका के सिद्धु कान्हू इंडोर स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित
दुमका, 29 सितम्बर: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम दुमका स्थित सिद्धु कान्हू इंडोर स्टेडियम में गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संथाल परगना के सभी जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य वक्ताओं और अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन करने वालों में विहिप के क्षेत्र संगठन मंत्री माननीय विजय प्रताप जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह कार्यवाह श्री प्रमोद जी, विहिप के प्रांत सहमंत्री मनोज जी व राम नरेश जी, प्रख्यात जनरल फिजिशियन डॉ बागीश जी,जिला संघचालक जी, विभाग सहमंत्री विक्रम जी (देवघर) और विभाग मंत्री अरविंद जी (साहेबगंज) प्रमुख रूप से शामिल रहे।
कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए प्रांत सहमंत्री मनोज जी ने बताया कि अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उनके जीवन मूल्यों और प्रेरणादायी विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाना है।
संघ के प्रांत सह कार्यवाह श्री प्रमोद जी ने श्रद्धेय अशोक सिंघल जी से जुड़े संस्मरणों को साझा करते हुए आज की युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों और जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता क्षेत्र संगठन मंत्री श्री विजय प्रताप जी ने अपने संबोधन में कहा कि अशोक सिंघल जी एक कुशल संगठक, भारतीय ऋषि परंपरा के संवाहक और सहजता, त्याग, तपस्या व ध्येयनिष्ठा के प्रतीक थे। अत्यंत संपन्न परिवार से आने के बावजूद उन्होंने देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए सभी सुख-सुविधाओं का त्याग कर दिया। उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा सादगी से बिताकर देश भर में राष्ट्रभक्ति की अलख जगाई। श्री विजय प्रताप जी ने रेखांकित किया कि राम मंदिर निर्माण के मार्ग को प्रशस्त करने में अशोक जी की भूमिका ऐतिहासिक और निर्णायक रही। उन्होंने सभी से जाति-पात और ऊंच-नीच के बंधनों से ऊपर उठकर धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए एकजुट रहने का भावपूर्ण आह्वान किया।
इस अवसर पर विहिप के प्रांत विमर्श टोली सदस्य अशोक वर्मा जी, साहेबगंज विभाग कार्यवाह मृत्युंजय जी, दुमका जिलाध्यक्ष संजीव गोराई, देवघर जिलाध्यक्ष डॉ. राजीव जी, साहेबगंज जिला मंत्री गोपी जी, जामताड़ा जिला मंत्री संजय जी, गोड्डा जिला मंत्री विवेक जी, दुमका जिला कोषाध्यक्ष इंद्रदेव चौरसिया, संपर्क प्रमुख रंजीत कुमार, विशेष संपर्क प्रमुख लालचंद कुमार और गौरक्षा प्रमुख सकलदेव यादव सहित विभिन्न जिलों के अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
*आज का खास : क्या है श्राद्ध?, जव और तील का क्या है महत्व?, श्राद्ध में कौंवे क्यों होते हैं खास?… पढ़िए आज का विशेष आलेख।*
*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
29.09.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ याम्यायन सौम्यगोल: शरद् ऋतु श्रीसूर्य: दक्षिणायन।
हिन्दी माह : आश्विन
पक्ष : कृष्ण
तिथि : तृतीया
दिन : मंगलवार
नक्षत्र : अश्विनी
योग : व्याघात
करण : वणिज/विष्टि
सूर्योदय : सुबह 06:04 बजे।
सूर्यास्त : शाम 05:56 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : कन्या राशि में।
आज का चंद्रमा : मेष राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* उत्तर।
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*आज का राहुकाल :*
दिन में 3:00 से 4:30 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज आश्विन महीने के पितृपक्ष अर्थात् कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। आज तृतीया तिथि का श्राद्ध और तर्पण किए जाएंगे। आज संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत भी है। आज चंद्रमा का उदय रात्रि 7:22 पर होगा।
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*आज का खास :*
*पितर रूष्ट नहीं हो इस लिए करते हैं श्राद्ध*
अगर पितर रूष्ट तो हो जाए तो मनुष्य को जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पितरों की अशांति के कारण धन हानि और संतान पक्ष को समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। संतान हीनता के मामलों में ज्योतिषी पितृ दोष को अवश्य देखते हैं। ऐसे लोगों को पितृपक्ष के दौरान अनिवार्य रूप से श्राद्ध करना चाहिए।
*श्राद्ध में है तील और जव का विशेष महत्व*
श्राद्ध में तील, चावल, जव आदि को अधिक महत्व दिया गया है। साथ ही पुराणों में इस बात का भी जिक्र है कि श्राद्ध का अधिकार योग्य ब्राह्मणों को है। श्राद्ध में तील, और कुश का सर्वाधिक महत्व होता है। पितरों को अर्पित किए जाने वाले भोज्य पदार्थों को पिंडी रूप में अर्पित करना चाहिए। श्राद्ध का अधिकार पुत्र, भाई, प्रपौत्र समेत महिलाओं को भी होता है।
*श्राद्ध में कौए को जरूर दें भोजन*
कौए पितरों का रूप माने जाते हैं। मान्यता है कि पितृ पक्ष में पूरवज कौए का रूप धारण कर पृथ्वी पर आते हैं। वे नियत तिथि और समय पर अपने संतान व परिजनों के यहां पहुंचते हैं। और श्राद्ध की आशा रखते हैं। अगर उन्हें श्राद्ध नहीं मिलता तो वह रुष्ट हो जाते हैं। इस कारण श्राद्ध का प्रथम अंश कौए को दिए जाने की प्रथा भी है। ब्रह्मपुराण के अनुसार जो भी वस्तु उचित काल या स्थान पर पितरों के नाम उचित विधि द्वारा ब्राह्मणों को श्रद्धा पूर्वक दिया जाए वह श्राद्ध कहलाता है। श्राद्ध के माध्यम से पितरों को तृप्ति के लिए भोजन पहुंचाया जाता है। पिंड रूप में पितरों को दिया गया भोजन श्राद्ध का यह हिस्सा होता है।
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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*सत्य सनातन संस्था की बैठक में सेवा कार्यों को प्राथमिकता, विजयादशमी पर 20 अक्टूबर को होगा शस्त्र पूजन*
–सावन कार्यक्रम की समीक्षा के साथ संदीप त्रिवेदी उर्फ गुड्डू त्रिवेदी को श्रद्धांजलि, सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य मनोनीत होने पर डॉ. मनोहर कुमार सम्मानित…..
पाकुड़ : सत्य सनातन संस्था की महत्वपूर्ण बैठक बीते रविवार की देर शाम अन्नपूर्णा कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में अध्यक्ष रंजीत चौबे की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में संस्था की गतिविधियों, सामाजिक एवं सेवा कार्यों तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा और विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान संस्था की ओर से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
*पवित्र सावन कार्यक्रम की हुई समीक्षा*
बैठक में पवित्र सावन माह के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। कार्यक्रम को भव्य एवं सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले संस्था के संपर्क प्रमुख पुरोहित रोहित दास के प्रति सभी सदस्यों ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभाने वाले संस्था के सभी छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद एवं साधुवाद दिया गया। वहीं, रवि भगत के योगदान के लिए भी विशेष रूप से आभार व्यक्त किया गया।
*सेवा कार्यों को प्राथमिकता देने पर बनी सहमति*
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संस्था से जुड़े सभी सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं को सामाजिक तथा सेवा कार्यों में अधिक से अधिक समय देना चाहिए। संस्था का उद्देश्य जरूरतमंदों और आम लोगों तक सेवा का लाभ पहुंचाना है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए आने वाले समय में सेवा गतिविधियों को और सक्रिय करने पर जोर दिया गया।
संस्था के अध्यक्ष रंजीत चौबे ने कहा कि सत्य सनातन संस्था केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा करना भी संस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी सदस्यों और कार्यकर्ताओं को मिलकर सामाजिक सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक संस्था की सेवा पहुंच सके।
*संदीप त्रिवेदी उर्फ गुड्डू त्रिवेदी को दी श्रद्धांजलि*
बैठक के दौरान संस्था के अभिभावक स्वरूप स्वर्गीय संदीप त्रिवेदी उर्फ गुड्डू त्रिवेदी के निधन पर सभी सदस्यों ने एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनके तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि सुमन अर्पित किया गया।
सदस्यों ने संदीप त्रिवेदी उर्फ गुड्डू त्रिवेदी की स्मृतियों को नमन करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा उनके परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
*विजयादशमी पर 20 अक्टूबर को होगा शस्त्र पूजन*
बैठक में संस्था की छह वर्षों से चली आ रही विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन की परंपरा को इस वर्ष भी जारी रखने का निर्णय लिया गया। निर्णय के अनुसार विजयादशमी के पावन अवसर पर 20 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे से अन्नपूर्णा कॉलोनी स्थित मंदिर के आंगन में शस्त्र पूजन का आयोजन किया जाएगा।
शस्त्र पूजन वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत संपन्न कराया जाएगा। पूजन में संस्था के अध्यक्ष रंजीत चौबे, सचिव चंदन प्रकाश, उपाध्यक्ष गौतम कुमार सहित संस्था के अन्य इच्छुक सदस्य यजमान के रूप में शामिल होकर पूजन संपन्न कर सकते हैं।
शस्त्र पूजन की संपूर्ण जिम्मेदारी संस्था के संपर्क प्रमुख पुरोहित रोहित दास को सौंपी गई है।
संस्था के अध्यक्ष रंजीत चौबे ने कहा कि सनातन संस्कृति रही है कि शास्त्र के साथ – साथ शस्त्र की भी पूजन किया जाए इसी निमित्त संस्था यह कार्यक्रम विगत छः वर्षों से करते आ रही है। इस वर्ष भी संस्था विजयादशमी के उपलक्ष्य में महिषासुरमर्दिनी महामाया के विजयी उत्सव विजयादशमी के उपलक्ष्य में शस्त्र पूजन का कार्यक्रम करेगी
*डॉ. मनोहर कुमार को किया गया सम्मानित*
बैठक के दौरान संस्था के अभिभावक स्वरूप डॉ. मनोहर कुमार को सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य मनोनीत किए जाने पर संस्था की ओर से सम्मानित किया गया।
संस्था के संरक्षक नवीन कुमार सिंह ने डॉ. मनोहर कुमार को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
इसके पश्चात शांति मंत्र के सामूहिक उच्चारण के साथ बैठक का समापन किया गया।
*बैठक में ये सदस्य एवं अतिथि रहे उपस्थित*
बैठक में संस्था के संरक्षक नवीन कुमार सिंह, अध्यक्ष रंजीत चौबे, उपाध्यक्ष गौतम कुमार, सचिव चंदन प्रकाश, कोषाध्यक्ष अमर ठाकुर, राकेश सिंह, मुन्ना शर्मा, पुरोहित रोहित दास, गणेश शर्मा, विशाल भगत, रवि भगत, मिंटू गिरी, अमित साहा, सत्यम भगत, विक्की रजक, संतोष कुमार तथा आगंतुक अतिथि विजय भंडारी सहित अन्य सदस्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक में संस्था की आगामी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा की गई और सामाजिक सेवा, संस्कार, संस्कृति एवं सनातन परंपराओं को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ बैठक का समापन हुआ।
आज का खास : आज होगा प्रतिपदा का श्राद्ध व तर्पण, इस बार पितृ पक्ष में बनेंगे कई अद्भुत संयोग
*10 अक्टूबर को महालया व अमावस्या की सर्वपितृ श्राद्ध के साथ पितृपक्ष का होगा समापन*
*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
27.09.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ याम्यायन सौम्यगोल: शरद् ऋतु श्रीसूर्य: दक्षिणायन।
हिन्दी माह : आश्विन
पक्ष : कृष्ण
तिथि : प्रतिपदा
दिन : रविवार
नक्षत्र : उत्तराभाद्रपद
योग : वृद्धि
करण : बालव/कौलव
सूर्योदय : सुबह 06:03 बजे।
सूर्यास्त : शाम 05:57 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : कन्या राशि में।
आज का चंद्रमा : मीन राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* पश्चिम।
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*आज का राहुकाल :*
शाम 4:30 से 6:00 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज आश्विन महीने का प्रारंभ हो रहा है। आज कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज महालया प्रारंभ हो रहा है। इसके साथ ही पितृ पक्ष का भी प्रारंभ हो रहा है। आज प्रतिपदा तिथि के तर्पण और श्रद्धा किए जाएंगे।
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*हथिया नक्षत्र विशेष:* आज रात्रि शेष 4:52 बजे हस्त नक्षत्र अर्थात् हथिया नक्षत्र का प्रवेश होगा। श्रीहृषीकेश पंचांग के अनुसार इस नक्षत्र में इस बार मात्र एक आढ़क वर्षा होगी। जबकि श्री महावीर पंचांग के अनुसार डेढ़ आढ़क वर्षा का योग है। इस नक्षत्र का वाहन मूषक है।
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*आज का खास :*
*पितृपक्ष विशेष…*
*पूरवजों के प्रति श्रद्धा और तर्पण का महापर्व है पितृ पक्ष*
*आज होगा प्रतिपदा का श्राद्ध व तर्पण, इस बार पितृ पक्ष में बनेंगे कई अद्भुत संयोग*
*10 अक्टूबर को महालया व अमावस्या की सर्वपितृ श्राद्ध के साथ पितृपक्ष का होगा समापन*
पितृपक्ष अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और समर्पण का महापर्व है। पितृ श्राद्ध का यह त्यौहार इस बार कई वर्षों के बाद कई विशेष संयोग के साथ प्रारंभ हो रहा है। मान्यता है कि पितृपक्ष में पितर धरती पर आते हैं। पितृपक्ष में नदी, तालाब एवं पोखरों में पितरों की शांति के लिए तर्पण किया जाता है। कई लोग विशेष श्राद्ध भी करते हैं। शास्त्रों के अनुसार जिस तिथि को व्यक्ति की मृत्यु हो उसी तिथि में श्राद्ध करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति सन्यासी का श्राद्ध करता है तो वह द्वादशी के दिन करना चाहिए। कुत्ता, सर्प के काटने से या अन्य किसी कारण अकाल मृत्यु वाले व्यक्ति का श्राद्ध चतुर्दशी के दिन करना चाहिए। वहीं यदि किसी को अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि याद नहीं है तो ऐसे लोग अमावस्या पर श्राद्ध कर्म करें। इस बार पितृपक्ष 10 अक्टूबर दिन शनिवार तक चलेगा। रविवार 27 सितम्बर को महालया प्रारंभ के साथ प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध और तर्पण किया गया। इससे पूर्व शनिवार को को नान्दीमातामह और पूर्णिमा तिथि का श्राद्ध और तर्पण किया गया। आश्विन कृष्ण पक्ष रविवार को प्रारंभ हो रहा है। 10 अक्टूबर को महालया समाप्ति के साथ पितृपक्ष का समापन होगा। इस दिन अमावस्या तिथि में सर्वपितृ श्राद्ध के साथ पितृविसर्जन होगा।
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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