Wednesday, May 6, 2026
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*आज का खास : आज से शुरू हो रहा है ज्येष्ठ, 59 दिनों का होगा महीना*

*ज्येष्ठ में लगेगा मलमास, 2 महीने का होगा ज्येष्ठ का महीना*

*आज का पंचांग 👇*

*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
02.05.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ सौम्यायन सौम्यगोल: बसंत ऋतु। श्रीसूर्य: उत्तरायण।
हिन्दी माह : शुद्ध ज्येष्ठ
पक्ष : कृष्ण
तिथि : प्रतिपदा
दिन : शनिवार
नक्षत्र : विशाखा
योग : वरीयान
करण : वालव/कौलव
सूर्योदय : सुबह 05:31 बजे।
सूर्यास्त : शाम 06:29 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेगा।
आज का सूर्य : मेष राशि में।
आज का चंद्रमा : तुला राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* पूर्व।
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*आज का राहुकाल :*
प्रातः 9:00 बजे से 10:30 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज शुद्ध ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज शुभ एवं मांगलिक कार्यक्रमों के लिए कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं है। आज रात्रि 11:11 बजे चंद्रमा वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे।
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*आज का खास:*
आज से ज्येष्ठ महीने का आगाज हो रहा है। इस बार ज्येष्ठ महीना 59 दिनों का होगा। क्योंकि मलमास लगने के कारण इस बार ज्येष्ठ महीना दो महीने तक रहेगा। ज्येष्ठ का महीना इस बार अपेक्षाकृत शुभिक्षकारक कारक है। पहला ज्येष्ठ अर्थात 2 म‌ई से 31 म‌ई तक का समय बहुत भारी रहेगा। इस दरमियान खाद्य पदार्थ सस्ते होंगे। लेकिन दैवी-प्राकृतिक आपदा अथवा किसी अन्य घटनाओं के कारण काफी क्षति पहुंचेगी। पड़ोसी देश से युद्ध जैसी स्थिति बन सकती है। 15 जून के आसन्न मानसून पूर्व वर्षा पूरे देश में होगी। 22 जून को वर्षा आधारित आर्द्रा नक्षत्र का प्रवेश होगा। इस महीने में तापमान बढ़ेगा। प्रचंड गर्मी खूब सताएगी। तो वहीं यत्र-तत्र आंधी-तूफान चलेंगे और बारिश भी होगी।
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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*शहरकोल पंचायत भवन में मनाया गया विश्व मजदूर दिवस*

झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे के निर्देश पर प्रभारी सचिव विशाल मांझी के मार्गदर्शन में आज पाकुड़ प्रखंड के शहरकोल पंचायत भवन में विश्व मजदूर दिवस पर असंगठित क्षेत्र के श्रमिको के सशक्तिकरण पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में डीएसपी जितेंद्र कुमार, श्रम अधीक्षक गिरीश चंद्र प्रसाद, लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के सहायक अज़फर हुसैन विश्वास गंगाराम टुडू, पंचायत के मुखिया विकास गौड, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर पीसीआई मो अनीश, इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेड एच विश्वास ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएसपी जितेंद्र कुमार ने मजदूर दिवस पर मजदूरों के हित में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की उन्होंने बताया कि मजदूर को अपने काम करने एवं उचित मजदूरी प्राप्त करने का कानूनी अधिकार एवं प्रवधान है यदि किसी प्रकार के समस्या आती है तो उनकी शिकायत थाने या 112 कर सकते है। साथ ही बाल विवाह, डायन प्रथा, एवं सड़क सुरक्षा को लेकर विस्तृत जानकारी दी।लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के सहायक गंगाराम टुडू एवं अज़फर हुसैन विश्वास ने बताया कि मजदूर दिवस 1 मई को पूरे विश्व में मनाया जाता है।इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य मजदूरों की उपलब्धियों का सम्मान करना और उनके द्वारा किये गए योगदान को याद करना है। यह दिन मजदूरों को संगठित कर आपसी एकता मजबूत करने के लिए और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए भी है।इस दौरान मजदूर के हित में कानूनी प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी।श्रम अधीक्षक गिरीश चंद्र प्रसाद ने मजदूर को मिलने वाले सरकारी योजनाओं जैसे झारखंड असंगठित कर्मकार मृत्यु /दुर्घटना सहायता योजना , मातृत्व प्रसुविधा योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना ,कौशल उन्नयन योजना, उपचार आजीविका सहायता योजना, मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक औजार, साइकिल,सिलाई मशीन सहायता योजना,विवाह सहायता योजना समेत मजदूर के हित में महत्वपूर्ण जानकारी दी।डिस्ट्रिक प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर पीसीआई मो अनीश, पंचायत के मुखिया विकास गौड ने भी विश्व मजदूर दिवस मानने के उद्देश्य पर अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान वक्ताओं ने बताया कि मजदूर दिवस (1 मई) की शुरुआत मजदूरों के अधिकार, सम्मान और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर हुई थी। इसका संबंध 1886 में शिकागो (अमेरिका) में हुए हड़ताल आंदोलन से है। उस समय मजदूर 8 घंटे काम की मांग कर रहे थे, क्योंकि उनसे बहुत लंबे समय तक काम कराया जाता था। इस आंदोलन के दौरान 4 मई 1886 को हेमार्केट घटना हुई, जिसमें कई मजदूरों की जान गई। उन मजदूरों के संघर्ष और बलिदान की याद में 1 मई को दुनिया के कई देशों में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है।मजदूर दिवस हमें सिखाता है कि हर व्यक्ति को सम्मानजनक और सुरक्षित काम का अधिकार है। लेकिन यह तभी संभव है, जब हमारे बच्चे शिक्षित, स्वस्थ और सक्षम हों।बाल विवाह रोकना केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक मजबूत और सम्मानजनक श्रमिक समाज बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के पैरा लीगल वॉलिंटियर्स चंदन रविदास, मोकमाउल शेख, नीरज कुमार राउत,अंजारुल शेख, मो हैदर अली, विकास कुमार गुप्ता, मो शहनवाज, चमेली मरांडी, मदन मरांडी, शर्मीला मुर्मू समेत कई संख्या में श्रमिक एवं ग्रामीण मौजूद रहे।मंच का संचालन इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेड एच विश्वास ने किया।

मई दिवस पर रेल संगठन ने मजदूरों के हित में संघर्ष जारी रखने का लिया संकल्प।

प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक: 1 मई 2026
विषय: अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर संदेश
आज दिनांक 1 मई को पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) बड़े सम्मान और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह दिवस श्रमिकों के अधिकारों, उनके योगदान और उनके संघर्षों को सम्मान देने के लिए समर्पित है।
मई दिवस का इतिहास श्रमिकों के बेहतर कार्य-परिस्थितियों, उचित वेतन और कार्य के निर्धारित समय की मांग से जुड़ा हुआ है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि समाज और देश के विकास में श्रमिक वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर हम सभी श्रमिकों के परिश्रम, समर्पण और त्याग को नमन करते हैं। उनका योगदान ही देश की आर्थिक प्रगति और सामाजिक संरचना को मजबूत बनाता है। इस अवसर पर ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन पाकुड़ शाखा द्वारा
हम यह संकल्प लेते हैं कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करेंगे, उनके कार्यस्थल को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाएंगे तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। इस अवसर पर ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन पाकुड़ शाखा के अध्यक्ष कामरेड अखिलेश कुमार चौबे, शाखा सचिव कामरेड संजय कुमार ओझा ,कामरेड निलेश प्रकाश, कामरेड विक्टर जेम्स, कामरेड अमर कुमार मल्होत्रा, कामरेड गौतम कुमार यादव, रणधीर कुमार सहित अनेक रेलकर्मी मौजूदगी में शाखा अध्यक्ष अखिलेश कुमार चौबे द्वारा ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन पाकुड़ शाखा परिसर में शहीद बेदी के समक्ष श्रमिक दिवस के लिए झंडोतोलन किया एवं सभी को श्रमिक दिवस का पालन करने का अनुरोध किया ।
अंत में, सभी श्रमिक भाइयों और बहनों को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दी ।

बुद्ध पूर्णिमा पर भगवान गौतम बुद्ध के प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

•नगर परिषद उपाध्यक्ष ने बुद्ध पूर्णिमा पर नगर वासियों को शुभकामनाएं दी।
•बुद्ध पूर्णिमा शांति,करुणा,प्रज्ञा और समरसता के शाश्वत का पर्व।
माल्यार्पण।बुद्ध पूर्णिमा एवं भगवान गौतम बुद्ध के जयंती के अवसर पर पाकुड़ रेलवे कॉलोनी सिद्धार्थ नगर के मुख्य द्वार पर विराजमान भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण वार्ड पार्षद निभा देवी का नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर परिषद के उपाध्यक्ष राणा ओझा सहित वार्ड पार्षद तनु दास,कृष्ण शर्मा,अनिकेत गोस्वामी,पूनम देवी,विमल चंद्र राउत,गुड्डू कुमार भगत,मुस्ताक अंसारी,रियाज अंसारी राखी सरदारिन मौजूद थी।सभी ने भगवान विष्णु के नौ वें अवतार भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।
बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर नगर वासियों को शुभकामना देते हुए व भगवान बुद्ध के जीवन और उनके शाश्वत विचारों को याद करते हुए नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा ने कहा कि मानवता के लिए गहरी आत्म चिंतन और प्रेरणा का अवसर है।उन्होंने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा हमें भगवान बुद्ध के जन्म,ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों की स्मृति करती है,जो पूरी दुनिया के लिए मार्गदर्शन का स्रोत है।भगवान बुद्ध की शिक्षाएं आज भी दुनिया भर के लोगों का मार्गदर्शन कर रही है।
वार्ड पार्षद निभा देवी ने कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन हमें सत्य,अहिंसा और करुणा के मार्ग पर चलते हुए मानवता के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है।उनके अमूल्य ज्ञान आने वाले युगों तक मानव सभ्यता को प्रकाशित करता रहेगा।
कार्यक्रम में हिसाबी राय,सुशील साहा,रूपेश राम,मुरारी मंडल,टोनी मंडल,मनोरमा देवी,सुरेश शर्मा,पूर्णेन्दु शेखर गांगुली,सानू रजक,जितेश रजक,राजू राय,रणजीत राम,राजू राम कन्हैया रजक,मिथुन यादव शुभंकर कुमार,मिथिलेश मंडल, गुलशन चौधरी, शांति रजक सहित दर्जनों मोहल्लेवासी मौजूद थे।

*मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों के बीच अंतर-विद्यालय प्रतियोगिता संपन्न, विज्ञान प्रदर्शनी और रंगोली में राज स्कूल के छात्रों ने दिखाया दम*


​समग्र शिक्षा, पाकुड़ के तत्वावधान में आज दिनांक 30.04.2026 को डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (राज स्कूल), पाकुड़ में एक भव्य अंतर-विद्यालय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (CM SOE) के कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं का बौद्धिक एवं मानसिक विकास करना है।
​पूर्वाह्न 09:00 बजे से प्रारंभ हुए इस कार्यक्रम में जिले के तीनों उत्कृष्ट विद्यालयों (District CM SOE, CM SOE Girls, और CM SOE KGBV) के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का आयोजन मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा पदाधिकारी सुश्री अनिता पूर्ति की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। उनके साथ एडीपीओ (ADPO) श्री पीयूष कुमार और एपीओ (APO) श्री रघुवर तिवारी ने भी उपस्थित रहकर प्रतिभागी बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उनके प्रयासों की सराहना की।
​प्रतियोगिता के मुख्य आकर्षण
जिला शिक्षा पदाधिकारी – सह – जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा जारी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज के आयोजन में विज्ञान प्रदर्शनी, रंगोली, क्विज, निबंध और ऐंकरिंग (मंच संचालन) जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
​कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण यह रहा कि मंच संचालन (ऐंकरिंग) का कार्य भी स्वयं विद्यालय के बच्चों द्वारा ही किया गया, जिसने सभी अतिथियों का मन मोह लिया।
​साइंस एक्सपो (विज्ञान प्रदर्शनी) और रंगोली प्रतियोगिता में राज स्कूल के छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
​शिक्षकों का योगदान
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में डिस्ट्रिक्ट सीएम एसओई के प्रिंसिपल श्री राजू नन्दन साहा के नेतृत्व में विद्यालय के शिक्षकों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम शिक्षक सुप्रिय दत्ता, निर्मल ओझा, मृणाल कांति सरकार, राजदीप मिश्रा, अजीमुद्दीन शेख, रंजीत भगत, शिउली कुमारी, और मीना हेम्ब्रम आदि के सक्रिय सहयोग से तीनों विद्यालयों के बीच यह प्रतियोगिता अत्यंत पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्राओं एवं शिक्षकों के लिए जलपान की उत्तम व्यवस्था आयोजक विद्यालय द्वारा की गई थी।

प्रतियोगिता के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया, जिससे उनका मनोबल काफी ऊँचा हुआ।
​ज्ञात हो कि यह आयोजन एक व्यापक श्रृंखला का हिस्सा है, जिसके तहत प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। अगला आयोजन 8 मई और 15 मई 2026 को क्रमशः सीएम एसओई गर्ल्स और सीएम एसओई केजीबीवी में प्रस्तावित है।

*90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत पाकुड़ व्यवहार न्यायालय परिसर से निकाली गई प्रभात फेरी*

झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे की अध्यक्षता में नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत पाकुड़ व्यवहार न्यायालय परिसर से भगतपाड़ा, हाटपाड़ा, बिरसा मुंडा चौक होते हुए डॉ भीम राव अंबेडकर चौक होते हुए वापस पाकुड़ व्यवहार न्यायालय तक प्रभात फेरी निकाली गई। उक्त प्रभात फेरी में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक, अपर सत्र न्यायधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्र, डालसा सचिव रूपा बंदना किरो अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी, प्रभारी न्यायधीश विजय कुमार दास स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, जिला बार एसोसिएशन के सचिव दीपक ओझा, डीएसपी जितेंद्र कुमार, सिविल सर्जन डॉ सुरेन्द्र कुमार मिश्रा,प्रशानिक अधिकारी,डीसीपीयू व्यास ठाकुर, एसडीपीओ दयानंद आजाद, लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के चीफ़ सुबोध कुमार दफादार डिप्टी चीफ़ मो नुकुमुद्दीन शेख संजीव कुमार मंडल एलएडीसीएस के सहायक अज़फर हुसैन विश्वास, गंगाराम टुडू पैनल अधिवक्ता, मिडियटर अधिवक्ता न्यायालय कर्मी स्थाई लोक अदालत के सदस्य, डिस्ट्रिक प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर पीसीआई मो अनीश पैरा लीगल वॉलिंटियर्स भाग लिए। उक्त कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि इस 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत कानून से वंचित एवं योग्य व्यक्ति तक पहुंच कर आगामी 90 दिनों तक नुक्कड़ नाटक एवं शिविरआयोजित कर कानून की जानकारी दी जाएगी। जिसमें पैनल अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के कर्मी, पुलिस अधिकारी पैरा लीगल वॉलिंटियर्स द्वारा समाज के वंचित लोगों को तक पहुंच कर समाज के मुख्य धारा से जोड़ने,कानूनी एवं सरकार के योजनाओं से जोड़ा जाएगा।90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत प्रभात फेरी निकाल कर बाल श्रम ,बाल विवाह, दहेज जैसी कुप्रथा रोकने को लेकर घर-घर तक योग्य व्यक्ति को न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जागरूक की गई। सचिव रूपा बंदना किरो ने बताया कि आगामी 90 दिनों तक नुक्कड़ नाटक शिविर के माध्यम से जिले के सभी प्रखंड एवं सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में विधिक जागरूकता के साथ-साथ समाज में हो रहे कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजन के साथ बच्चों के खिलाफ कई प्रकार के अपराध जैसे पोक्सो एक्ट पर घर-घर तक पहुंच कर जागरूकता अभियान चलाई जाएगी।

तंत्र से कई सौ करोड़ की अवैध निकासी के षड्यंत्र की जमीन बन गया है पाकुड़ , उपायुक्त महोदया ज़रा संभल कर रहिएगा 🙏 दूसरे के पाप का घड़ा कहीं आपके सर पर न फोड़ दे षड्यंत्रकारी।

पाकुड़ तंत्र साधना की जमीन रही है , लेकिन सरकारी स्तर पर यह षड्यंत्र की अब जमीन बन गई है। एक निरीह देखने में असमर्थ आईएएस को जैसे झारखंड में एक षडयंत्र करनेवाले अधिकारी सहयोगी ने फँसा दिया , और उन्हें अशक्त अधिकारी को जाँच एजेंसियों का सामना करना पड़ रहा है , उसी सहयोगी अधिकारी ने पाकुड़ में एक तीन लिपिकों के साथ ऐसा तिकड़ी बना रखा है कि घोटाले पर घोटाला नजर आ रहा है। इसकी परतें जब खुलेगी तब जाँच एजेंसियों की बाढ़ सी पाकुड़ में नजर आएगी।
ऐसे तो 12 करोड़ का एक घपला सामने आया है , जो वास्तव में 16 करोड़ का है। मामला सामने आने के बाद इसकी जाँच उस कार्यालय उन दो लिपिकों से कराई गई, जो स्वयं इस जाँच के घेरे में थे।
इससे आप जाँच की मौलिकता को समझ सकते हैं।
इसी तरह का घपला ITDA के अलावे DMFT में है।
DMFT में लगभग चार सौ करोड़ से भी ज्यादा , जी महोदय हाँ आपने सही पढ़ा 400 करोड़ से भी ज्यादा की निकासी हुई है। ये स्वयं एक केंद्रीय एजेंसियों के जाँच की माँग कर रहा है। इसमें एक अधिकारी और तीन लिपिक संदेह के घेरे में है। हँलांकि सबके तथाकथित सरदार सरकारी कागजों पर यहाँ से स्थानांतरित हो गये हैं, लेकिन अभी भी हर मामले और निर्देशों में उनका असर बना हुआ है।
इसका प्रमाण है आरोपी से ही आरोपों का जाँच कराना और झारखंड के मुख्यसचिव के पत्रांक 252 दिनांक28/4/26 तथा सरकार के वित्त विभाग के सचिव का पत्रांक 1300 दिनांक 8/4/26 के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए पूर्व उपायुक्त द्वारा 27 लिपिकों का स्थानांतरण की जगह अतिरिक्त प्रतिनियुक्ति करना साथ ही उन लिपिकों को इससे भी अक्षुण्ण रखना जो ऐसे घपलों के प्रणेता हैं। इसमें एक आश्चर्य तो यह भी है कि ITDA , DMFT तथा जिला नजारत के लिपिक को (जो एक ही व्यक्ति है) इस प्रतिनियुक्ति के आदेश में छूना तक नहीं।
जबकि सरकार के मुख्य सचिव और वित्त सचिव के आदेश लिपिकों के स्थानांतरण का स्पष्ट था, तो कारवाई प्रतिनियुक्ति तक क्यूँ सिमटी रही , और जहाँ से ऑल रेडी अवैध निकासी की बात सामने आ चुकी है , वहाँ लेखापाल और लिपिकों को छुवा तक न जाना क्या संदेश देता है !
वर्तमान नवपदस्थापित उपायुक्त महोदया अगर इन बातों पर ध्यान न दें तो एक अँधे आई ए एस को फँसा देने वाले पदाधिकारी आपको भी कहीं ग़फ़लत में रखकर …….
जाँच एजेंसियों के सामने तो विलम्ब का जवाब तो आप को ही देना पड़ेगा , क्योंकि कोई उस समय आपके साथ खड़ा शायद ही रहे।
माननीय महोदया ये जमीन मन्त्र और तंत्र की विशेष तो है, लेकिन कुछ लोगों ने इसे षड्यंत्र विशेष भी बना दिया है।
ये षड्यंत्रकारी जूठन के टुकड़े इतने जगह डालते हैं कि सब आपसे गोपनीय रखा जाता है।
लेकिन हम तो बीचवाले हैं , ये तालियाँ बजा बजा कर आपको सचेत करने हेतु आय-हाय तो करेंगे ही , मेरा स्वभाव जो ठहरा।
और हाँ एक निमंत्रण की ढोल भी पीटते हैं, अरे ओ भाई जाँच एजेंसी आप कोषागार में फिलवक्त घोटाले की जाँच कर रहे हैं, बहुत जल्द आपको शायद पाकुड़ भी आना पड़े , तो आप भी तैयार रहें। जाँच के निर्देश मिलने से पहले मेरा आमंत्रण है यहाँ की जनता की तरफ़ से।

*जिला सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, पाकुड़ में ग्यारहवीं कक्षा की प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त संपन्न*

​जिला सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (District CM SoE), पाकुड़ में शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के लिए ग्यारहवीं कक्षा (कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय) की प्रवेश परीक्षा आज दिनांक 28 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक और पूर्णतः शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
​विद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक ‘खैरियत प्रतिवेदन’ के अनुसार, इस महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा में कुल 368 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें से 233 परीक्षार्थियों ने उपस्थित होकर परीक्षा दी, जबकि विभिन्न कारणों से 135 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
​परीक्षा को पूर्ण रूप से पारदर्शी, सुव्यवस्थित और कदाचार मुक्त बनाने के लिए विद्यालय प्रबंधन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरी परीक्षा प्रक्रिया विद्यालय के प्राचार्य सह केंद्राधीक्षक श्री राजू नन्दन साहा के कुशल नेतृत्व एवं कड़े दिशा-निर्देशन में आयोजित की गई।
​परीक्षा के सफल एवं सुचारू संचालन में सहायक केंद्राधीक्षक श्री सुशील कुमार झा की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। इसके अतिरिक्त, परीक्षा कक्षों में अनुशासन बनाए रखने और कदाचार रोकने के लिए प्रतिनियुक्त वीक्षकों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभाई।
​इस अवसर पर वीक्षक के रूप में मुख्य रूप से:
​नसीम दफादार
​श्री आशुतोष कुमार
​श्रीमती शिउली घोष
​श्रीमती अग्नेस मराण्डी
​मो. मुकुल हुसैन
​श्रीमती सुमिता हेम्ब्रम
​श्री मृणाल कांति सरकार
​सहित अन्य सभी शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। इन सभी के सम्मिलित प्रयासों से ही यह सुनिश्चित हो सका कि पूरी परीक्षा बिना किसी व्यवधान के, शांतिपूर्ण और पूर्णतः कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न हो।
​अंत में, प्राचार्य सह केंद्राधीक्षक श्री साहा ने परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण समापन पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों और सहयोगियों के प्रति आभार प्रकट किया।

उपायुक्त मेघा भारद्वाज से मिलीं जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल, सुरक्षा व्यवस्था और किसानों के हित में सौंपा ज्ञापन

पाकुड़: पाकुड़ में उपायुक्त मेघा भारद्वाज के आगमन पर जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने गुलदस्ता भेंट कर उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र की जनसमस्याओं, सुरक्षा व्यवस्था और किसानों के हित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
पिंकी मंडल ने गोपीनाथपुर क्षेत्र में अस्थाई पुलिस कैंप स्थापित करने की मांग उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस कैंप बनने से ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना पर रोक लग सकेगी। ग्रामीण लंबे समय से इस मांग को उठा रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने गोपीनाथपुर स्थित बासलोई नदी में मिलने वाले लगभग 1200 मीटर लंबे प्राकृतिक नाले को पक्का कराने की मांग भी रखी। उन्होंने बताया कि नाला जाम रहने के कारण बरसात के दिनों में पानी खेतों में भर जाता है, जिससे हजारों एकड़ फसल को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
पिंकी मंडल ने कहा कि यदि नाले का पक्कीकरण कराया जाता है तो जल निकासी व्यवस्था सुचारू होगी, किसानों की फसल सुरक्षित रहेगी और क्षेत्र के कृषि विकास को नई गति मिलेगी।
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक निरीक्षण कर जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

उपायुक्त के आदेशों की भी कर्मचारी उड़ाते हैं धज्जियाँ , DMFT फंड का तो छोड़िये , अपना वर्दीभत्ता तक निगल जाते हैं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी। पाकुड़ में अंधेर है नई उपायुक्त महोदया। सुधारिये न पाकुड़ को । निवेदन है जनता की🙏

स्थानीय लोगों को ही DMFT सहित सभी Vacancy में प्राथमिकता मिलनी चाहिए क्योंकि पाकुड़ जिला झारखण्ड का अनुसूचित जिला है।
पाकुड़ जिला में DMFT मद से कितने कर्मी कार्यरत हैं। उनकी मासिक परिलब्धि (मानदेय) कितनी है। कर्मी कितने दिनों से कार्यरत हैं और इनका चयन का आधार क्या है। योजना चयन या निरीक्षण में इनकी भूमिका क्या है?
हाथकाठी हिरणपुर में बिना आवादी वाले जगह पर चार जलमीनार बन गये ,अब वहीं आसपास आदिवासियों की नन सेलेबल जमीन पर अवैध आवादी बसाई जा रही है। क्या इस पर सवाल नहीं उठाये जा सकते हैं।
इन सबका निरीक्षण और जाँच होगा भैया !
इन्हीं सब बातों पर बिना प्रभावित हुए ध्यान दिया जाय तो कारवाई के पर्याप्त प्रमाण मिल जाएंगे।
लेकिन क्या ऐसा हो पायेगा ?
यही ज्वलन्त सवाल है।
अगर इस सवाल का जवाब ढूँढने कोई निकले तो उसे कोई जवाब नहीं मिलेगा। इस DMFT फंड पर पूर्व उपायुक्त के समय मे न जाने कितने सवाल उठे ,लेकिन सवाल निरुत्तर और ऐसे में कारवाई विहीन रह गए।
पटना से आयातित कर्मी इसमें काम करेंगे लाख रुपये से ऊपर के वे वेतनभोगी होंगे , और स्थानीय युवा सड़क पर बेरोजगार भटकेंगे तो अषन्तोष तो स्वाभाविक रूप से उपजेगा। यहाँ हर विभाग में हर अनहोनी करनी चलता रहेगा , कोई कुछ कहे तो फिर वे प्रताड़ित किये जायेंगे।
उपयोगी , जानकर और सक्षम अधिकारी तथा कर्मचारियों को सेंटिंग पोष्ट पर उनकी उपयोगिता को बर्बाद करेंगे और बिहार में पाँच सितारा होटल के भगीदार कर्मचारी अच्छी जगह पर अनुपयोगी होकर मौज करेंगे।
ऐसे ही अनुपयोगी चमचों के चँगुल और कॉकस में घिर कर हमारे लोकप्रिय व्यवहारिक मिलनसार और सभी के लिए सुलभ पूर्व विधायक और मंत्री आज जेल में हैं। ऐसे ही लोगों से घिरे रहने की वजह से पूर्व मुख्यमंत्री कोड़ा साहब का राजनैतिक केरियर बर्बाद हुआ , लेकिन किसी स्तर पर कोई सीख नहीं लेते , और अच्छे लोग अपनी नादानी की वजह से भुगतते हैं।
आश्चर्य और विडंबना यह है , कि उपायुक्त तक के लिखित आदेश की अवहेलना करने का दुस्साहस वाले बन बैठे हैं।

राजनेताओं के हाथों का खिलोना बनने वाले सरकारी लोगों को आज पश्चिम बंगाल में झाँकना चाहिए ,लेकिन…
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पूर्व डीसी के द्वारा लिपिक, सहायक का स्थानांतरण आदेश जारी करने के बाद भी स्थानांतरित लिपिक, सहायक अधिकतर अपने पूर्व जगह पर जमे रहना ऐसे में क्या समझा जाए, कई तो एक ही जगह पांच से दस साल से जमे है। क्या इनपर करवाई नहीं बनती है , या नहीं।

उस चिट्ठी का क्या हुआ। चतुर्थवर्गीय कमर्चारियों को सालाना वर्दीभत्ता मिलता है, क्या उसपर अमल होता है। स्वयं जिला मुखिया के कार्यालय कक्ष में इस आदेश का उल्लंघन होता दिखा है। हजारों चित्रों और वीडियो में इसका प्रमाण दिख जाएगा।
सब आदेश की अवहेलना होती है।
आख़िर किस मजबूरी में ?
क्यूँ ऐसा अंधेर मचा हुआ है ?
कुछ करें साहबाना , बचायें सरकारी और प्रशासनिक सम्मान को , निवेदन है।
और यहाँ के हम बीचवाले कब तक ताली बजाते हुए वाह वाह करेंगे ? लोग हम पर भी सवाल उठाते हैं झांकिये अपने भी गिरहवाँ में।
पल दो पल के शायर आएँगे और जाएँगे , लेकिन हम तो चले ही गये हैं।
हे भगवान ! ये शहर आपका है और आप ही यहाँ रह जाएंगे। विरासत में क्या दे जाएँगे अपनी पीढ़ी को !
सोचिये जरा , अब भी समय है।😥