*10 अक्टूबर को महालया व अमावस्या की सर्वपितृ श्राद्ध के साथ पितृपक्ष का होगा समापन*
*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
27.09.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ याम्यायन सौम्यगोल: शरद् ऋतु श्रीसूर्य: दक्षिणायन।
हिन्दी माह : आश्विन
पक्ष : कृष्ण
तिथि : प्रतिपदा
दिन : रविवार
नक्षत्र : उत्तराभाद्रपद
योग : वृद्धि
करण : बालव/कौलव
सूर्योदय : सुबह 06:03 बजे।
सूर्यास्त : शाम 05:57 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : कन्या राशि में।
आज का चंद्रमा : मीन राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* पश्चिम।
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*आज का राहुकाल :*
शाम 4:30 से 6:00 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज आश्विन महीने का प्रारंभ हो रहा है। आज कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज महालया प्रारंभ हो रहा है। इसके साथ ही पितृ पक्ष का भी प्रारंभ हो रहा है। आज प्रतिपदा तिथि के तर्पण और श्रद्धा किए जाएंगे।
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*हथिया नक्षत्र विशेष:* आज रात्रि शेष 4:52 बजे हस्त नक्षत्र अर्थात् हथिया नक्षत्र का प्रवेश होगा। श्रीहृषीकेश पंचांग के अनुसार इस नक्षत्र में इस बार मात्र एक आढ़क वर्षा होगी। जबकि श्री महावीर पंचांग के अनुसार डेढ़ आढ़क वर्षा का योग है। इस नक्षत्र का वाहन मूषक है।
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*आज का खास :*
*पितृपक्ष विशेष…*
*पूरवजों के प्रति श्रद्धा और तर्पण का महापर्व है पितृ पक्ष*
*आज होगा प्रतिपदा का श्राद्ध व तर्पण, इस बार पितृ पक्ष में बनेंगे कई अद्भुत संयोग*
*10 अक्टूबर को महालया व अमावस्या की सर्वपितृ श्राद्ध के साथ पितृपक्ष का होगा समापन*
पितृपक्ष अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और समर्पण का महापर्व है। पितृ श्राद्ध का यह त्यौहार इस बार कई वर्षों के बाद कई विशेष संयोग के साथ प्रारंभ हो रहा है। मान्यता है कि पितृपक्ष में पितर धरती पर आते हैं। पितृपक्ष में नदी, तालाब एवं पोखरों में पितरों की शांति के लिए तर्पण किया जाता है। कई लोग विशेष श्राद्ध भी करते हैं। शास्त्रों के अनुसार जिस तिथि को व्यक्ति की मृत्यु हो उसी तिथि में श्राद्ध करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति सन्यासी का श्राद्ध करता है तो वह द्वादशी के दिन करना चाहिए। कुत्ता, सर्प के काटने से या अन्य किसी कारण अकाल मृत्यु वाले व्यक्ति का श्राद्ध चतुर्दशी के दिन करना चाहिए। वहीं यदि किसी को अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि याद नहीं है तो ऐसे लोग अमावस्या पर श्राद्ध कर्म करें। इस बार पितृपक्ष 10 अक्टूबर दिन शनिवार तक चलेगा। रविवार 27 सितम्बर को महालया प्रारंभ के साथ प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध और तर्पण किया गया। इससे पूर्व शनिवार को को नान्दीमातामह और पूर्णिमा तिथि का श्राद्ध और तर्पण किया गया। आश्विन कृष्ण पक्ष रविवार को प्रारंभ हो रहा है। 10 अक्टूबर को महालया समाप्ति के साथ पितृपक्ष का समापन होगा। इस दिन अमावस्या तिथि में सर्वपितृ श्राद्ध के साथ पितृविसर्जन होगा।
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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