*ज्येष्ठ महीने में पंखा, गौ, गुड़, ऋतु फल के दान का है खास महत्व*
*आज प्रातः 10:08 से रात्रि 9:30 बजे तक भोग करेगा भद्रा, भद्रा काल में नहीं करनी चाहिए नए कार्यों की शुरुआत*
*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
23.05.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ सौम्यायन सौम्यगोल: ग्रीष्मऋतु। श्रीसूर्य: उत्तरायण।
हिन्दी माह : अधिक ज्येष्ठ
पक्ष : शुक्ल
तिथि : सप्तमी
दिन : शनिवार
नक्षत्र : श्लेषा
योग : ध्रुव
करण : वणिज/विष्टि
सूर्योदय : सुबह 05:19 बजे।
सूर्यास्त : शाम 06:41 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : वृष राशि में।
आज का चंद्रमा : कर्क राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* पूर्व।
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*आज का राहुकाल :*
प्रातः 9:00 बजे से 10:30 बजे तक।
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज अधिकज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज प्रात: 7:17 तक चंद्रमा कर्क राशि में रहेंगे। उसके बाद 7:18 बजे सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। आज प्रातः 10:08 बजे से भद्रा लग रहा है। यह रात्रि 9:30 तक रहेगा। आज भद्रा का वास मृत्यु लोक अर्थात् पृथ्वी पर होगा। भद्रा काल में नए कार्यों की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। भद्रा में सभी प्रकार के शुभ एवं मांगलिक कार्य बंद रहते हैं। आज पश्चिम दिशा में बुध का उदय होगा।
*विशेष ध्यानार्थ…. भद्रा का दोष काशी (बनारस) में नहीं लगता है।*
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*आज का खास:*
ज्येष्ठ मास में आंटा से ब्रह्मा की मूर्ति बनाकर विधिपूर्वक पुष्प, धूप, दीप, गंध, नवैद्य, वस्त्र, आभूषण से पूजा करने से आरोग्यता की प्राप्ति होती है। रुके हुए कार्य बनते हैं। वहीं ज्येष्ठ मास में जल पूर्ण कुंभ, घड़ा या पियाऊं, पंखा, चंदन, गुड़, ताजे फल, और गौ का दान विशेष लाभकारी बताए गए हैं। इस महीने सार्वजनिक स्थलों पर पिलाऊं की व्यवस्था करना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। इससे भगवान वामन देव प्रसन्न होते हैं।
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आलेख…
*पं. चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श*
*संपर्क : 9905507766*
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