झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे की अध्यक्षता में नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत पाकुड़ व्यवहार न्यायालय परिसर से भगतपाड़ा, हाटपाड़ा, बिरसा मुंडा चौक होते हुए डॉ भीम राव अंबेडकर चौक होते हुए वापस पाकुड़ व्यवहार न्यायालय तक प्रभात फेरी निकाली गई। उक्त प्रभात फेरी में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक, अपर सत्र न्यायधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्र, डालसा सचिव रूपा बंदना किरो अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी, प्रभारी न्यायधीश विजय कुमार दास स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, जिला बार एसोसिएशन के सचिव दीपक ओझा, डीएसपी जितेंद्र कुमार, सिविल सर्जन डॉ सुरेन्द्र कुमार मिश्रा,प्रशानिक अधिकारी,डीसीपीयू व्यास ठाकुर, एसडीपीओ दयानंद आजाद, लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के चीफ़ सुबोध कुमार दफादार डिप्टी चीफ़ मो नुकुमुद्दीन शेख संजीव कुमार मंडल एलएडीसीएस के सहायक अज़फर हुसैन विश्वास, गंगाराम टुडू पैनल अधिवक्ता, मिडियटर अधिवक्ता न्यायालय कर्मी स्थाई लोक अदालत के सदस्य, डिस्ट्रिक प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर पीसीआई मो अनीश पैरा लीगल वॉलिंटियर्स भाग लिए। उक्त कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि इस 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत कानून से वंचित एवं योग्य व्यक्ति तक पहुंच कर आगामी 90 दिनों तक नुक्कड़ नाटक एवं शिविरआयोजित कर कानून की जानकारी दी जाएगी। जिसमें पैनल अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के कर्मी, पुलिस अधिकारी पैरा लीगल वॉलिंटियर्स द्वारा समाज के वंचित लोगों को तक पहुंच कर समाज के मुख्य धारा से जोड़ने,कानूनी एवं सरकार के योजनाओं से जोड़ा जाएगा।90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत प्रभात फेरी निकाल कर बाल श्रम ,बाल विवाह, दहेज जैसी कुप्रथा रोकने को लेकर घर-घर तक योग्य व्यक्ति को न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जागरूक की गई। सचिव रूपा बंदना किरो ने बताया कि आगामी 90 दिनों तक नुक्कड़ नाटक शिविर के माध्यम से जिले के सभी प्रखंड एवं सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में विधिक जागरूकता के साथ-साथ समाज में हो रहे कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजन के साथ बच्चों के खिलाफ कई प्रकार के अपराध जैसे पोक्सो एक्ट पर घर-घर तक पहुंच कर जागरूकता अभियान चलाई जाएगी।