Wednesday, August 5, 2026
Home Blog Page 48

उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक

0
बैठक में सड़क दुर्घटना, सर्पदंश व वज्रपात से हुए मृत 17 व्यक्तियों के आश्रितों के बीच डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि भुगतान करने का लिया निर्णय लिया

पाकुड़। समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक प्राधिकार के अध्यक्ष सह उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरणवाल की अध्यक्षता में हुई।

बैठक में उपायुक्त के अलावा अपर समाहर्त्ता मंजू रानी स्वांसी, अनुमंडल पदाधिकारी हरिवंश पंडित, सिविल सर्जन डॉ. मंटू कुमार टेकरिवाल, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता राहूल कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. चंदन उपस्थित हुए।

प्राधिकार की बैठक में सड़क दुर्घटना, सर्पदंश व वज्रपात से हुए मृत 17 व्यक्तियों के आश्रितों के बीच डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि भुगतान करने का निर्णय लिया गया। बैठक में बताया गया कि जिले में सड़क दुर्घटना में मृत हुए 12 लोगों के आश्रितों के बीच एक-एक लाख की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।

वहीं सर्पदंश व वज्रपता से मृत हुए दो लोगों के आश्रित के बीच चार-चार लाख रूपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।

27 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर 1 घंटे का विशेष अभियान #ProudOfMyBLO

0

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मतदाता सूची के ड्राफ्ट प्रकाशन एवं अन्य संबंधित विषयों को लेकर राज्य के सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की तथा सभी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

गुरुवार को धुर्वा स्थित विभागीय सभागार में आहूत इस बैठक में उन्होंने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2024 से जुड़े विषयों को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया।

घर-घर मतदाता सर्वेक्षण अभियान का दूसरा चरण 27 से
मतदाताओं के यहां घर-घर सर्वेक्षण को लेकर बीते जुलाई-अगस्त में 1 महीने का सघन अभियान चलाया गया था। उसी क्रम में अब दूसरे चरण का अभियान 27 अक्टूबर से 9 दिसंबर तक चलाया जाना है। इस अभियान के दौरान सभी बूथों के बीएलओ घर-घर जाकर ऐसे लोगों को चिन्हित कर ढूंढ निकालने का काम करेंगे जो पात्र होने के बावजूद भी किसी कारण से अब तक मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हो पाए हैं। इस अभियान के दौरान मृत या स्थाई रूप से अन्यत्र शिफ्ट हो चुके मतदाताओं का नियमानुसार नाम हटाने, ब्लैक एंड व्हाइट फोटो युक्त या कटे-फटे पुराने पहचान पत्रों को बदलने के लिए भी काम किया जायेगा।

फेसबुक, ट्विटर आदि पर 1 घंटे का हैश टैग अभियान 27 को सुबह 11:00 से 12:00 बजे के बीच
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि पूरी निर्वाचन प्रणाली में हमारे बीएलओ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके कार्य को समुचित सम्मान देने व उनका उत्साहवर्धन करने के लिए आगामी 27 अक्टूबर को पूर्वान्ह 11:00 बजे से 12:00 बजे के बीच 1 घंटे तक सोशल मीडिया पर हैश टैग अभियान #ProudOfMyBLO चलाया जाना है।

बताया कि 27 अक्टूबर को सभी बूथों के बीएलओ अपने-अपने बूथ पर मौजूद रहेंगे ऐसे में राज्य के अधिकारियों, कर्मचारियों, मतदाताओं, विभिन्न वर्गों के सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, छात्र-छात्राओं से अपील की जा रही है कि वे अपने बूथ पर मौजूद अपने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ सेल्फी लेकर सुबह 11 से 12 बजे के बीच अपने-अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उपरोक्त हैशटैग के साथ पोस्ट करें। उन्होंने कहा कि उक्त अभियान न केवल मतदाता जागरूकता के लिए सहयोगी साबित होगा बल्कि पूरे निष्ठा से कार्य कर रहे सभी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के मनोबल को बढ़ाने वाला भी होगा।

मौजूद थे
बैठक के दौरान सभी जिलों के उप निर्वाचन अधिकारियों के अलावा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के ओएसडी गीता चौबे, अवर सचिव देवदास दत्ता, उप-निर्वाचन पदाधिकारी (मुख्यालय) संजय कुमार, सिस्टम एनालिस्ट एस एन जमील सहित विभागीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

सिद्धू कान्हू मुर्मू पार्क के समीप हॉकी संघ पाकुड़ ने किया एशियन ट्राफी का अनावरण

0

पाकुड़। झारखंड महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी रांची 2023 के ट्राफी टूर का स्वागत एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

उक्त कार्यक्रम में बतौर चीफ गेस्ट उप विकास आयुक्त शाहिद अख्तर एवं जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष श्याम यादव मौजूद थे। अनावरण कार्यक्रम सिद्धू कान्हू मुर्मू पार्क के समीप भव्य तरीके से किया गया।

स्वागत भाषण हॉकी संघ के अध्यक्ष रामरंजन कुमार सिंह ने किया। उल्लेखनीय है कि झारखंड महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी रांची 2023 का आयोजन आगामी 27 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक रांची में निर्धारित है। उक्त एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2023 के ट्राफी का जोरदार तरीके से अनावरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

डीडीसी शाहिद अख्तर ने कहा कि रांची में शानदार हॉकी खेल का आयोजन आगामी 27 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक आयोजित किया जा रहा है। जिसका अनावरण पाकुड़ की धरती में किया गया है। इसका अनावरण का मुख्य उद्देश्य हॉकी खेल के प्रति लोगों के अंदर जागरूक पैदा करना है।

उन्होंने कहा पाकुड़ की धरती पर भी काफी होना हर खिलाड़ी है उन्हें भी पाकुड़ के साथ-साथ राज्य और देश का नाम रोशन करना है उन्हें कड़ी से कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है।

वहीं जिला 20 सूत्री के उपाध्यक्ष श्याम यादव ने कहा कि हॉकी संघ के पदाधिकारीयों सहित सभी खेल संघ के पदाधिकारीयों एवं खिलाड़ियों का इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की सराहना की एवं सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा किए जा रहे हैं कार्यों की भी जमकर तारीफ।

इस कार्यक्रम के मौके पर खेल पदाधिकारी राहुल कुमार, नगर परिषद के प्रशासक राजकमल मिश्रा, हॉकी संघ के अध्यक्ष रामरंजन सिंह, हॉकी संघ के पाकुड़ सचिव प्रकाश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह, उमर फारूख, संयुक्त सचिव जवाहर सिंह, ओलिम्पिक संघ के सचिव रणवीर सिंह उपस्थित रहे।

पाकुड़ जिले में जमीन के घपलों की है अजब गजब कहानी

पाकुड़। जिले के महेशपुर अंचल के जनसूचना पदाधिकारी – सह अंचल अधिकारी ने अपने ज्ञापंक 317/राo/20/11/21 के द्वारा एक सूचनाधिकार आवेदन का जवाब देते हुए कहा कि राजस्व उपनिरीक्षक एवं अंचल निरीक्षक द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के आधार पर मौजा देवीनगर, दाग संख्या 409 , रकवा 03 बीघा 01 कट्टा 16 धूर जमीन सर्वे खतियान में अनाबादी खतान्तर्गत दर्ज है। फिर इसी ज्ञापंक में कहा गया कि उक्त जमीन हेमंत कुमार सिंह, उज्वल कुमार सिंह और विजय कुमार सिंह सभी के पिता अश्विनी कुमार सिंह, सकिम देवीनगर के नाम से प्रतिव्यक्ति 1 बीघा करके राजस्व पंजी 2 में जमाबंदी क़ायम है। ये भी कहा कि भूमि का हस्तांतरण अंचल कार्यालय के माध्यम से नहीं होता है।

इसी ज्ञापंक में कण्डिकावार सूचना उपलब्ध कराते हुए कहा गया कि उक्त स्थान पर हाट लगता है, शेड निर्मित है, शेड का निर्माण अंचल ने नहीं करवाया, हाट का बंदोबस्ती स्थगित है (मतलब पहले बंदोबस्ती होती थी)।

उक्त ज्ञापंक से स्पष्ट है कि उक्त जमीन अनाबादी है, वहाँ हाट लगती है, हाट के लिए शेड भी बना हुआ है, बंदोबस्ती होती थी जो फिलवक्त स्थगित है तथा रजिस्टर 2 में उपर्युक्त दिये नामधारियों के नाम दर्ज है।

सवाल बहुत सारे उठते हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ़ इतना कि जब शेड बन रहा था और बंदोबस्ती का डाक होता था, तो जमीन के तथाकथित मलिकों ने आपत्ति दर्ज क्यूँ नहीं कराई? एक सूचना अनुसार उस जमीन को कट्टा स्तर पर बेचा जा रहा है, तो खतियान में दर्ज अनाबादी जमीन के आधार पर अंचल आपत्ति दर्ज क्यूँ नहीं कर रहा?

बाँकी कहानी और है, जो आश्चर्य जनक है

चलिए उस ओर भी चलें —

रजिस्टर 2 में जिस हेमंत कुमार सिंह, उज्वल कुमार सिंह एवं बिजय कुमार सिंह के नाम हैं, उनका कहना है कि स्वर्गीय इंद्रजीत सिंह के नाम तत्कालीन राजा ने उक्त जमीन बंदोबस्त की थीं। (जमींदारी उन्मूलन कानून आने से पहले राजा यानी जमींदार ही जमीन बंदोबस्ती देते थे)। इंद्रजीत सिंह के पुत्र स्वर्गीय ज्योतिष चन्द्र सिंह की मृत्यु तकरीबन 70 वर्ष पूर्व हुई थी। उनका नाम सरकारी कागज़ातों में नहीं है। हटिया उनके समय से ही लग रहा है। स्वाभाविक रूप से उन्होंने अपने जीवनकाल में हटिया का कभी विरोध नही किया होगा, इसलिए हाट लगता रहा।

स्वर्गीय ज्योतिष चन्द्र सिंह को पाँच पुत्र है। अश्विनी कुमार सिंह, मनोरंजन सिंह, सत्यनारायण सिंह, सत्यवान सिंह एवं नोनिगोपाल सिंह। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से सिर्फ़ अश्विनी कुमार सिंह के ही तीन पुत्रों के नाम से ही रजिस्टर 2 में दाख़िल ख़ारिज दिखाया गया है।

जबकि जब तक अश्विनी कुमार सिंह जीवित थे, उक्त जमीन सरकारी हाट ही रहा था। तो फिर अचानक ये बदलाव कैसे आया? ये एक यक्ष प्रश्न है।

जानकार बताते हैं कि 2018 से 2021 के बीच ये गड़बड़-झाला हुआ है, और इस गड़बड़-झाले के लिए बुद्धि और व्यवस्था अंचल कार्यालय के कर्मी द्वारा ही किया गया है। कहते हैं कि महेशपुर के एक गाँव में तत्कालीन राजा के हस्ताक्षर की हु-ब-हु नकल करनेवाले की सहायता से नक़ली पर्ची तैयार की गई है, जिसमें बंदोबस्ती दिखाई गई है।

बात कुछ भी हो लेकिन मामला जाँच का बनता है। क्योंकि जब इंच भर जमीन हत्याओं और षडयंत्रों का कारण बनता है, वहाँ स्वर्गीय ज्योतिष चन्द्र सिंह के अन्य चार पुत्र एवं उनके वंशज कैसे चुप रह सकते हैं?

जमींदारों के हु-ब-हु नक़ली हस्ताक्षरों से पूरे पाकुड़ में कई खेल खेले गए हैं। करोड़ों नहीं अरबों की जमीन पाकुड़ में साज़िश के शिकार हुए हैं। मान लिया जाय कि ये एक मनगढ़ंत आरोप हो, लेकिन सरकारी हाट लगने वाली जमीन का अचानक व्यक्तिगत हो जाना जाँच का विषय तो है ही। है कि नहीं………..

विस्फोटक फिर बरामद , लेकिन तस्कर फिर फरार…

0

एक बार फिर से नियो जेल विस्फोटक माल पहाड़ी थाना पुलिस ने जप्त किया है। 730 पीस की संख्या में ये जप्ती कोई पहली बार नहीं है। इसबार भी गुप्त सूचना और मोटरसाइकिल पर विस्फोटक लाने वाला तस्कर मोटरसाइकिल छोड़ कर भाग गया का मामला पूर्व की तरह कॉमन रहा। बिना नम्बर का मोटरसाइकिल और 730 पीस नियो जेल विस्फोटक जी पुलिस के हाथ लगा।

आश्चर्य ये है कि कान्हूपुर के रास्ते बंगाल से इस तस्कर के आने की सूचना मिलते ही पुलिस ने छापेमारी टीम बनाई, और फिर एक तस्कर बोरे में लदा विस्फोटक छोड़ भागने में सफल रहा। एक अनट्रेंड भगोड़ा, ट्रेंड पुलिस की टीम को चकमा दे गया, ये कहानी ही एक चकमा है?

ये सवाल इसलिए कि हरबार ऐसा ही होता है। हाँ एक बात और कि विस्फोटक पकड़े जाने का कोई अनुसंधान अपनी मंजिल तक नहीं पहुँच सकी अब तक।

ये विस्फोटक कहाँ से आ रहा था? रटारटाया जवाब बंगाल से। बंगाल में कहाँ से? कहाँ जा रहा था? सबका जवाब सन्नाटा।
अरे भैया कभी तो तकनीकी ढंग से अनुसंधान हो, लेकिन ऐसे मामलों में अनुसंधान, अनुसन्धित हो कर ढाक के तीन पात रह जाता है।

अगर ये विस्फोटक पत्थर खदानों के लिए है, तो अवैध खनन हो रहा है, अगर नहीं तो नक्सलियों जैसे गलत हाथों में इसका कितना गलत इस्तेमाल हो सकता है, इसका अंदाजा ही रूह कँपा देता है।

खैर जो भी हो इन विस्फोटकों के धंधे के चेहरे से पर्दा हटाना पुलिस के लिए एक चुनोती तो है ही।

अनुशासन जब अंकुश बन जाये, तो समाज, परिवार और जमीन पर आता है विध्वंस

0

डूबते पाकुड़ को देख कर हर बार सोचता हूँ, आख़िर क्यों होता है ऐसा? खुद से सवाल करता हूँ, क्या ऐसा होता आया है?

जवाब मिलता है, ऐसा हमेशा से नही है।

दो किनारों के अनुसाशन में जब तक गंगा नदी अनवरत बहती थी, और संथालपरगना की पाकुड़ इलाके से बह कर गंगा में मिलने वाली पहाड़ी बरसाती नदियों को जब तक छेड़ा नही गया था, तब तक गाँव के गाँव डूबते नही थे। बरसात में नदियाँ जब उफनतीं थीं तो शायद घण्टे दो घण्टों के लिए नदी किनारे बसे गाँवों में परेशानी होती थी, लेकिन इतनी ही देर में बरसाती नदियों का उफान बंद हो जाता था, और निर्बाध बहती नदियों से पानी गंगा के रास्ते निकल जाता था।

लेकिन बिना पूरे क्षेत्र का अध्ययन किये दोनों किनारों के अनुशासन के बीच बहती गंगा पर जब फरक्का बैरेज बना कर अंकुश लगा दिया गया, संथालपरगना की नदियों को भी विभिन्न तरह से प्रभावित किया गया, तब से पाकुड़ थोड़ा सा अतिवृष्टि होते ही डूबने लगा।

फरक्का बैरेज ने गंगा के निर्बाध बहाव को रोककर गंगा में गाद जमा होने में भी बड़ी भूमिका निभाई। नतीजन गंगा किनारे के शहरों में बाढ़ ने विभीषिका दिखानी शुरू कर दिया। स्वच्छ गंगा की बात तो होती है, लेकिन उसमें जमे गाद की सफाई पर कोई प्रयास नही होती।

अगर हम बरसाती पानी को निर्बाध बहने के रास्ते के साथ खिलवाड़ नही करते, फरक्का बैरेज, फरक्का एनटीपीसी और फरक्का ललमटिया रेलवे लाइन को बरसाती पानी के निर्बाध बहने का जगह देकर बनाते तो पाकुड़ और बड़हरवा सहित आसपास के इलाके लंबे समय के लिए जलमग्न नही होते, और गंगा में गाद भी इस कदर नही जमता साथ ही गंगा किनारे के शहरों में लंबे समय तक पानी नही ठहरता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया संकल्प सप्ताह का शुभारंभ, प्रखंड कर्मियों को दिया मेहनत से काम करने का मंत्र

0

पाकुड़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आकांक्षी ब्लॉकों के लिए सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रम ‘संकल्प सप्ताह‘ (Sankalp Saptaah) का शुभारंभ किया। संकल्प सप्ताह का लक्ष्य नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए ब्लॉक स्तर पर शासन में सुधार करना है।

भारत मंडपम में ‘संकल्प सप्ताह’ के शुभारंभ के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें देश भर से लगभग तीन हजार पंचायत और ब्लॉक-स्तरीय जन प्रतिनिधि और पदाधिकारियों ने भाग लिया। इसके अलावा, प्रखंड और पंचायत स्तर के पदाधिकारी और किसान समेत करीब दो लाख लोग कार्यक्रम से वर्चुअल मोड से जुड़े।

संकल्प सप्ताह के शुभारंभ के अवसर पर पाकुड़ जिले के पदाधिकारी एवं लिट्टीपाड़ा प्रखंड के 17 ग्राम पंचायतों के कर्मी वर्चुअल मोड से जुड़कर माननीय प्रधानमंत्री जी के भाषण को सुना

दिनांक 30 सितंबर 2023 ( शनिवार) को नीति आयोग के आकांक्षी प्रखण्ड कार्यक्रम (Aspirational Block Programme) के तहत “संकल्प सप्ताह” का आयोजन में भारत मण्डपम, आईटीपीओ, नई दिल्ली से उद्घाटन समारोह का लिंक के द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के लाइव कार्यक्रम को पाकुड़ जिले एवं लिट्टीपाड़ा प्रखंड कार्यालय, लिट्टीपाड़ा के ग्राम पंचायत वर्चुअल मोड से जुड़कर इस कार्यक्रम को सुना। वहीं जिले से उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरणवाल, लिट़्टीपाड़ा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं जन प्रतिनिधिगण सशरीर उपस्थित होकर ध्यानपूर्वक इस कार्यक्रम को सुना।

साथ ही दिनांक 03.102023 से 09.102023 तक तिथिवार ग्राम पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर सभी विभागीय कार्यक्रम के तहत आयोजित होने वाले संकल्प सप्ताह कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य एक संकल्प (Health), सुपोषित परिवार पोषण मेला (Nutrition), स्वच्छता एक संकल्प (Cleanliness), कृषि महोत्सव (Agriculture), शिक्षा एक संकल्प (Education), समृद्धि दिवस (Livelechood) एवं संकल्प सप्ताह जब समावेश समारोह (Warp up) का सफल अयोजन कर लिट्टीपाड़ा प्रखंड को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अपनी-अपनी सह भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।

इसे भी पढ़े- संकल्प सप्ताह आयोजन को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने किया बैठक

मंडल रेल प्रबंधक हावड़ा संजीव कुमार ने पाकुड़ रेलवे का किया निरिक्षण

0

पाकुड़। नव पदस्थापित मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने अपने प्रथम निरीक्षण के क्रम में स्पेशल ट्रेन से पाकुड़ आए और पाकुड़ कोल साइडिंग पत्थर लोडिंग स्लाइडिंग का निरीक्षण किया एवं तय सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

इस क्रम में उनके साथ वरिष्ठ वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक राजीव रंजन, वरिष्ठ मंडलीय अभियंता राजीव कुमार, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुजीत कुमार सिन्हा, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता एस चंद्रा, यातायात निरीक्षक ज्योतिर्मयी साहा, स्टेशन प्रबंधक लखीराम हेम्ब्रम सहित कनिय पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

इस क्रम में पाकुड़ यार्ड एवं सिख लाइन शेड का निरीक्षण करते हुए सभी कर्मचारियों से भी मिले एवं उनकी समस्याओं को सुना इसके बाद क्रु लॉबी का निरीक्षण किया। जिसमें सभी प्रकार की जांच करते हुए मुख्य लोको पर्यवेक्षक को सुरक्षा के साथ परिचालन के लिए सख्त निर्देश दिए।

इसके उपरांत मंडल रेल प्रबंधक हावड़ा ने विशिष्ट अतिथि कक्ष में पत्थर व्यवसाययों, कोल कंपनी के पदाधिकारी के साथ मुलाकात कर बैठक किया एवं उनकी समस्याओं को गंभीरता के साथ सुना और समाधान का भरोसा दिया।

इसके उपरांत ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हिसाबी राय एवं सचिव राणा शुक्ला ने शिष्टाचार मुलाकात की एवं यात्री सुविधाओं के संबंध में चर्चा किया। मंडल रेल प्रबंधक हावड़ा ने हावड़ा आने का आग्रह किया ताकि पूर्व में सौपें गए मांगों पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया जा सके।

मंडल रेल प्रबंधक हावड़ा ने पत्रकार वार्ता के क्रम में पत्रकारों के प्रश्न के उत्तर देते हुए कहा कि आपके द्वारा उठाए गए प्रश्नों में से जो कुछ भी मेरे अधिकार क्षेत्र में है उसे पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन के अध्यक्ष अखिलेश कुमार चौबे एवं सचिव संजय कुमार ओझा एवं ईस्टर्न रेलवे मेंस कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने मिलकर रेल कर्मियों की समस्याओं को भी रखा जिस पर उन्होंने समाधान का भरोसा दिया।

समाहरणालय में उपायुक्त ने स्तनपान कक्ष का किया उद्घाटन

0

पाकुड़ समाहरणालय में स्तनपान कक्ष बना। इसका उद्घाटन उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने फीता काटकर किया।

उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने कहा कि सरकारी कार्यालय में महिलाओं को स्तनपान कराने के लिए अलग से व्यवस्था जिला प्रशासन के द्वारा उपलब्ध किया गया है। उन्होंने कहा कि 06 माह तक के शिशु के लिए सिर्फ और सिर्फ मां का दूध ही सर्वोत्तम आहार है। जबकि सातवें माह से बच्चे को अतिरिक्त आहार दी जाती है, तो अतिरिक्त आहार के साथ-साथ स्तनपान भी कराया जाना आवश्यक है, ताकि बच्चों का मानसिक, बौद्धिक एवं शारीरिक विकास सही तरीके से हो सके।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सभी प्रखंड कार्यालय में इस तरह की सुविधा बहाल की जाएगी, ताकि कामकाजी महिलाएं काम के अतिरिक्त अपने बच्चों के प्रति दायित्वों का अच्छे से निर्वाह कर सकें।

मौके पर उप विकास आयुक्त शाहिद अख्तर, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अंजु कुमारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ चंदन, पाकुड़ सीडीपीओ सविता कुमारी, एसएमपीओ पवन कुमार सहित महिला पर्यवेक्षिकाएं समेत अन्य कर्मी उपस्थित थे।

महिलाओं के सशक्तिकरण का महत्व: समाज में उनके अधिकारों की रक्षा

पाकुड़। झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ बाल कृष्ण तिवारी के निर्देश पर डालसा सचिव शिल्पा मुर्मू के मार्गदर्शन में रहसपुर पंचायत से प्रभात फेरी निकल गई, जो नवादा पंचायत में समाप्त की गई।

साथ ही इसी दौरान पंचायत रहसपुर, मनिरामपुर, नवादा, गांधाईपुर समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान सह आउटरीच कार्यक्रम आयोजित की गई। उक्त कार्यक्रम के तहत लगभग 12 सौ लोगों को मानव तस्करी, बाल श्रम, पीड़ित मुआवजा, समेत अन्य कानूनी जानकारी से लोगों को जागरूक की गई। साथ ही महिला सशक्तिकरण पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।

महिलाओं के अधिकार का महत्व:

महिलाओं के अधिकार को लेकर बात करते हुए पीएलवी कमला राय गांगुली ने कहा कि महिला को सशक्त होना बहुत जरूरी है। महिलाओं को सामाजिक और राजनीतिक अधिकार, वित्तीय सुरक्षा, न्यायिक शक्ति, और वे सारे अधिकार जो पुरुषों को प्राप्त हैं वह मिलना चाहिए। ताकि समाज और देश के विकास में अपनी भागीदारी दे सके।

शिक्षा का महत्व:

मैनुल शेख ने कहा कि कानून द्वारा दी गई अधिकार पाने के लिए महिला को सशक्त बनने के लिए शिक्षित होना जरूरी है। शिक्षा उन्हें चुनौतियों का सामना करने, अपनी पारंपरिक भूमिका का सामना करने और अपने जीवन को सुधारने में सक्षम बनाती है।

समाज में महिलाओं की भूमिका:

पीएलवी पिंकी मंडल ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा समाज में उनकी स्थिति बदलने का सबसे शक्तिशाली माध्यम है। पीएलवी सायेम अली और उत्पल मंडल ने बारी बारी से कहा कि यदि महिला सशक्त रहेगी तो समाज में किसी प्रकार के शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने, अपने पर हो रहे अत्याचार से बचने, औरों को भी बचा कर एक मजबूत परिवार समाज बनाने में अपनी भूमिका निभा सकती है। ऐसे महिलाओं के हित में कई महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

प्रभात फेरी से समाज को जागरूक करने का आयोजन

पीएलवी याकूब अली एवं नीरज कुमार राउत ने बताया कि झालसा रांची के निर्देशानुसार इस सौ दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रभात फेरी प्रत्येक मगंलवार को निकली जायेगी। इसी के तहत आज मंगलवार को न्याय के प्रति जागरूक करने हेतु प्रभात फेरी निकाली गई है ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की किरण मिल सके और अपने वाद विवाद को सुलझा सके।

प्रभात फेरी के दौरान कमला राय गांगुली, पिंकी मंडल, सायेम अली, मैनुल शेख, याकूब अली,उत्पल मंडल, नीरज कुमार राउत समेत पंचायत के लोग मौजुद रहे।

Source