Wednesday, March 25, 2026
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बीमार खून की खरीद बिक्री बाँट रहा बीमारियों का कारवां

ड्रग्स एडिक्टेटों की कहानी की तीसरी कड़ी: मैं आपको थोड़ा बैक गियर में ले चलता हूँ। बात तकरीबन 1998-99 सन की है। पाकुड़ कोर्ट केम्पस में चाय की दुकान चलाने वाले मेरे एक मित्र के भतीजे के लिए ओ पोजेटिव ब्लड चाहिए था। संयोग से मेरा यही ग्रुप है। एक दिन चाय पीने के दौरान उसने मुझसे चर्चा की। मैंनें कहा कि मेरा तो है, मैं देने को भी तैयार हूँ। मैंनें उससे कहा यार मैं शराब बहुत पीता हूँ, तुम्हारा भतीजा कम उम्र का है, कहीं मेरे अल्कोहलिक खून से उसका बुरा न हो जाय🤔।

मैंनें उसे कहा मुझे एक दिन का समय दो, चिकित्सक से बात करूँ कि मैं बिना किसी हानि पहुँचाये उस बच्चे को ब्लड डोनेट कर सकता हूँ या नहीं। मैंनें अपने और उसने हिरणपुर मिशन के चिकित्सकों से बात की। चिकित्सकों ने सप्ताह भर शराब छोड़ने के बाद ब्लड डोनेशन की अनुमति दी। मैंनें ऐसा ही किया, और कई महीनों तक एक के बाद एक बार कई बार उसे ब्लड डोनेट किया। वो बच्चा आज भी स्वस्थ एवं जीवित है।

ये वास्तविक कहानी मैंनें इसलिए बताया कि आज भी ब्लड डोनेशन के अब कई ग्रुप तक बन गए हैं। पाकुड़ में ‘एक पहल‘ की पहल ने ब्लड बैंक को जिंदा कर ब्लड डोनेशन का एक ऐसा माहौल बना दिया कि आज लीगल रूप से इंसानियत फाउंडेशन, मीरा फाउंडेशन ने अनगिनत लोगों की जान ब्लड डोनेशन से बचाई है। ये लोग स्वस्थ लोगों के ब्लड डोनेशन से स्वस्थ ब्लड के द्वारा गरीबों का भला कर रहे हैं।

लेकिन कुछ नर्सिंग होम यहाँ ऐसे हैं, जो ड्रगिष्टों और गलत काम मे लिप्त लोगों से ब्लड खरीदकर बीमारों में और बीमारी बाँट रहे हैं। दशकों से ऐसे नर्सिंग होम बीमार और नशेड़ियों से ब्लड खरीद कर, उन्हें नशे और दुर्व्यसन के लिए पैसे मोहय्या करा रहे हैं, तो दूसरी ओर बीमारों में और बीमारी बाँट कर ऐसे नर्सिंग होम चाँदी काट रहे हैं।

बहुत जरूरी है कि नशेड़ियों को चिन्हित कर, उनके ब्लड और यूरिनल टेस्ट करा कर, उनमें वयाप्त ड्रग्स के प्रकार का पता लगाया जाय और ड्रग्स की गंगोत्रीयों के रास्ते उसके उद्गम ग्लेशियर तक पहुँचा जाय।

मैं तो सिर्फ जाँच के तरीकों की ओर इशारा भर कर सकता हूँ, बाँकी तो भगवान मालिक।

पूर्व के अंक:

बुद्धिजीवी, समाज, पत्रकार की सकारात्मक सोच और पुलिस की कड़ाई ही इलाज़ है, नशे में डूबे रुग्ण भविष्य का

आपने मेरा ड्रग्स पर लिखा आलेख पढ़ा होगा, पूरे आलेख से ये बात तो समझ में आ गई होगी कि पाकुड़ के युवा कल के वर्तमान, आज का भविष्य किस क़दर नशे की आग़ोश में हाँफ रहा है। कुछ लोगों की समृद्धि की भूख हमारे भविष्य से किस क़दर खेल रहा है।

मेरे पूर्व के आलेख को पढ़ने के लिए यहाँ क्लीक करें Click here

मैंनें अपने आलेख के अंत मे लिखा था कि समाज के ऐसे कोढों से निपटने के लिए पुलिस को उत्तरप्रदेश की नीति अपनानी चाहिए। अगर कहें सही तो हाँ ऐसा ही करना चाहिए, क्योंकि परिवार, समाज, प्रदेश और देश के लिए तैयार होती इस निकम्मी फसल को संवारने के लिए थोड़ी अंगुलियों को टेढ़ी तो करना पड़ेगा।

पुलिस को अपने ख़ुफ़िया सूचना तंत्र से ये पता लगाना होगा कि समाज के कौन कौन से युवा ऐसे नशें की गिरफ़्त में है, उन्हें उठाकर आवश्यक हो तो थर्ड डिग्री इस्तेमाल कर ड्रग्स की गंगोत्री का पता लगाना होगा। जब ऐसे स्थानीय गंगोत्री का पता चल जाय, तो फिर इन गंगोत्रीयों को जन्म देने वाले जहरीले ग्लेशियर का पता लगाना आसान हो जाएगा।

पुलिस को सूचना तंत्र को मजबूत कर ऐसे कदम उठाने होंगे, और हमारे जैसे पत्रकारों को अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर कंस्ट्रक्टिव जनर्लिज्म, और समाज को सकारात्मक भाव से पुलिस को मदद कर इस जहरीले रैकेट पर विराम लगाना होगा। यहाँ समाज के सभी वर्गों को सकारात्मक रवैया अख्तियार करना होगा।

वरना सोचें कि हमारी अगली पीढ़ी नशें की गिरफ़्त में कैसे एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकता है? एक कैसा भविष्य हम समाज, प्रदेश और देश को परोस जाएँगे। जिस पीढ़ी के कदम लड़खड़ाते रहेंगे, पलकें बोझिल और दिमाग सुप्त रहेगा, वो कैसा भविष्य होगा !

सोचकर ही रूह तक सिहर उठता है।
खून तक बेचकर नशे की आगोश में ऊंघता हमारा ये भविष्य ? हे भगवान

Note:- (अवश्य पढ़े) तीसरी कड़ी में पढ़े खुनबेचवा ड्रगिष्टों की कहानी

बैध धंधों की आड़ में मालामाल हो रहे नशे के कारोबारी, लुट और मिट रहे युवा वर्ग और परिवार

आपको याद होगा ड्रग्स पर मेरा एक आलेख जिसमें ड्रग्स के चिठ्ठे खोले थे, मैंनें आगे भी लिखने का वादा किया था, ड्रग्स के कारोबार के अब पुलिस भी करवाई से चिठ्ठे खोल रही है।

आज भी यहाँ पाकुड़ और झारखंड के अन्य स्थानों पर यही हाल है। पाकुड़ मुफस्सिल थानेदार ने ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे संगठित नशे के कारोबार पर जमकर धावा बोला। मैं थानेदार का नाम नही लिख रहा, क्योंकि कुछ ख़बर्नबिशों को भी अच्छा काम करनेवाले अधिकारियों का नाम लिखना और होंसला अफजाई करना हज़्म नहीं होता। चाय नास्ते की दुकान पर नशे के कारोबार करने वाले कुछ लोग मुफस्सिल क्षेत्र में पुलिस के हत्थे चढ़े हैं।

आपको आश्चर्य होगा, कि नगर के कई दुकान ऐसे हैं, जहाँ लस्सी की दही और उसके घोल के साथ तथा बिरयानी के चावल के बीच मटन-चिकन के साथ ड्रग्स की पुड़िया परोस दी जाती है। आख़िर लस्सी के घोल और बिरयानी के बीच मटन-चिकन से गलबहियाँ खेलते ड्रग्स का अंदाजा कोई पुलिसवाला भला कैसे लगाए ?

विष्मय है, कि ऐसी लस्सी और बिरयानी बेच लोग करोड़पति बन गए हैं। इधर काला धंधा करते लोग, उधर कोयले की कालिमा ढोने में कई कई डम्फर लगाए बैठे हैं। कई महल्ले ऐसे हैं, जहाँ रोज कमाने खाने वालों के युवा बच्चे ड्रग्स की अंधेरी गलियों में अपने परिवार तक को खींच कर डूबा रहे हैं, और करमजले कुछ लोग सही की आड़ में युवाओं और परिवार, समाज, राज्य और देश को निगलते हुए अपनी औकात बढ़ा रहे हैं।

ऐसे पाकुड़ जिले का तस्करी से बहुत पुराना रिश्ता रहा है। 1980 के दशक में पाकुड़ भी सी आर, भी सी पी और सुता की तस्करी के लिए बदनाम रहा, उस समय जब धूलियांन-डाकबंगला से टमटम ही पाकुड़ तक आने का साधन था। उस समय टमटम के बैठने वाली जगह के नीचे के बॉक्स में तस्करी के समान पाकुड़ आता था, रास्ता भी एकमात्र था। आज दर्जनों रास्ते हैं, और सैकड़ों साधन है आने जाने के, इसलिए ड्रग्स बेधड़क यहाँ पहुँच रहा है।

बंगलादेश और नेपाल से आसानी से ड्रग्स कालियाचक पश्चिम बंगाल पहुँचता है, और कैरियर उसे पाकुड़ पहुँचा जाता है। पिछले दिनों मुफस्सिल थाने एरिया में 5 जने ड्रग्स के साथ एक स्कूल प्रांगण से पकड़े गए थे। सभी लड़के अल्पसंख्यक समुदाय से थे। पहले से लेकर अब तक अल्पसंख्यक समुदाय के लोग ही तस्करी के कार्यों से जुड़े देखे गए, उसका सबसे बड़ा कारण बंगलादेश से घुसपैठ, पारिवारिक रिश्ते सीमा पार भी होना और भाषाई समानता इसे और आसान बना देता है।

लेकिन अब ये मिथक टूट चुका है और यहाँ ये सिलसिला बदला है, ड्रग्स सीमा इसपार तो पुराने तरीकों से ही पहुँचता है, लेकिन पाकुड़ में सिर्फ़ अल्पसंख्यक इस धंधे में सामिल नहीं हैं, बल्कि सामाजिक समरसता के लिए मशहूर पाकुड़ में ड्रग्स के कारोबार ने इस सामाजिक समरसता को और मजबूत किया है। समरसता से यहाँ किसी को शिकायत नहीं, लेकिन सभी समुदायों के युवा इस ड्रग्स की चंगुल में फँस कर देश के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं।

कालियाचक के कैरियर पाकुड़ में ड्रग्स पहुँचा कर चन्दन के टीके पर भी तस्करी की कालिख़ लगा रहे हैं, और यहीं मालपहाड़ी रोड पर पहुँच वाले परिवार की ये चन्दन में लिपटी कालिख़ देवता के मन्नतों से मिले आशीषों यानी पूरे युवा वर्ग को नशे के अंधकार के रास्ते अकाल मौत के मुँह में धकेल रहा है।

80 के दशक में कई टमटम वालों को बड़ा उद्योगपति बनते देख उन्हें अपना आदर्श मान चुके आज के युवा इस नशे के कारोबार के रास्ते धनपति बनने की फ़िराक़ में मौत के अंधे कुएँ का ये सामान पूरे झारखंड को परोस रहे हैं।

ख़ास कर पाकुड़ की एक बड़ी युवा आबादी इस नशे का आदि बन चुका है। तक़रीबन हर समुदाय और वर्ग का युवा का परिवार और अभिवावक सशंकित है। युवा पैसे के अभाव में नशे तक अपनी पहुँच बनाये रखने के लिए छोटे-मोटे अपराध की राह भी पकड़ चुके है। युवा वर्ग आक्रामक और आक्रोश की गिरफ़्त में भी महशूस किये जा रहे हैं।

ये ड्रग्स के नशेड़ी युवा बाहर अपराध की मानसिकता के बीच लड़ाई झगड़े तो करते ही हैं, इनसे घर के लोग भी परेशान हैं। इन्हें नशे न करने की घरेलू सलाह घरवालों को इनके कोप का शिकार बनाये हुए है। माता पिता तक को जलाकर मार देने की बात कहते हैं। ड्रग्स के चंगुल के साथ ये युवा समाज, परिवार, देश और अपने भविष्य के लिए बोझ और खतरा बन गये हैं।

ऐसे युवाओं पर प्रशासनिक कड़ाई और क्रूरतम करवाई जरूरी है। कब कहाँ ऐसे युवाओं की ड्रग्स की जरूरत किसी लोमहर्षक घटना का कारण बन जाय कहना मुश्किल है। कई ऐसे जगह हैं, जहाँ युवाओं को इसके गिरफ्त में जाते देखा जा सकता है। उसपर अभी तहकीकात जारी है, लेकिन अभी तक की जानकारी बताती है कि नगर में नगर थाना के सामने रथमेला मैदान का अंधकार इन्हें बहुत भाता है। स्टेडियम जैसे रात्रि एकांत जगह सहित नगर में कई ऐसे सम्मानित रहे घर हैं, जहाँ कुछ विनिमय पर ड्रगिष्टों को स्थान उपलब्ध कराया जाता है, जो एक भयावह भविष्य की ओर संकेत करता है।

ऐसे समाज के कोढों से निपटने के लिए पुलिस को उत्तरप्रदेश की नीति अपनानी चाहिए। ऐसे भी ऐसे बोझ समाज, परिवार, प्रदेश और देश के लिए किसी काम के नहीं।

उपायुक्त ने जेएसएलपीएस के कार्यों की समीक्षा

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छुटे हुए सभी दीदियों का वोटर आईडी कार्ड बनवाने में सहयोग करने का दिया निर्देश

सभी प्रखंडों के बीपीएम को प्रतिदिन बैंक के शाखा प्रबंधकों के साथ समन्वय स्थापित कर लिंकेज कराने का दिया निर्देश

उपायुक्त श्री मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने शनिवार को समाहरणालय सभागार में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी,पाकुड़ की विभिन्न योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त श्री मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने छुटे हुऐ सदस्यो को लोकोस में जोड़ना, छुटे हुए सभी दीदियों का वोटर आईडी कार्ड बनवाने में सहयोग करना,बैंक लिंकेज करवाना तथा सभी प्रखंडों के बीपीएम को प्रतिदिन बैंक के शाखा प्रबंधकों के साथ समन्वय स्थापित कर लिंकेज कराने का दिया निर्देश। दीन दयाल उपाध्याय – ग्रामीण कौशल योजना के तहत बेरोजगार युवक एवं युवतियों को प्रशिक्षण के लिए भेजना,पलाश मार्ट की दीदियों की सालाना आय बेहतर करना एवं उनके लिए मॉडल बिजनेस प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने मुद्रा लोन, क्रेडिट लिंकेज, लाइवलीहुड फार्म, ऑर्गेनिक फार्मिंग, बिरसा हरित ग्राम योजना, जोहार परियोजना,उड़ान परियोजना, फुलो झानो आशीर्वाद अभियान, चास हाट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के तहत नर्सरी करवाना,दीदी बगिया, हुनर योजना के अंतर्गत वेजकार्ट, सिलाई मशीन,पिंक टोटो दीदियों के द्वारा किये जा रहे मासिक आय का भी जानकारी ली। साथ ही साथ अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की।

जेएसएलपीएस डीपीएम प्रवीण मिश्रा के द्वारा पीपीटी के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया।

मौके पर सभी प्रखंडों के बीपीएम,बीपीओ,वाईपी समेत अन्य उपस्थित थे।

एसडीओ ने क्रशर व खदान संचालक के साथ की बैठक

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क्रशर संचालकों को दिया सख्त निर्देश ट्रैक्टर वाहन में 100 सीएफटी चालान से ज्यादा लोड करने पर ट्रैक्टर को जप्त कर कार्रवाई की जाएगी

पाकुड़ जिला अंतर्गत पत्थर खनिज का परिवहन के क्रम में प्रायः यह देखा जा रहा है कि खनिज लदे ट्रैक्टर में 100 सीएफटी का चालान रहता है परन्तु 200-250 सीएफटी चिप्स लोड किया जाता है। ऐसे खनिजों का अवैध परिवहन मामले की रोकथाम हेतु शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आहूत की गई।

बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी श्री हरिवंश पंडित ने उपस्थित सभी क्रशर संचालकों को सख्त निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में ट्रैक्टर वाहन में 100 सीएफटी चालान के अनुसार ही चिप्स दिया जाय। यदि 100 सीएफटी से ज्यादा चिप्स छापेमारी के क्रम में पाया जाता है तो ज्यादा से ज्यादा ट्रैक्टर को जप्त करते हुए कार्रवाई की जाएगी तथा संबंधित क्रशर यूनिट को सील करते हुए अग्रेत्तर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन ट्रैक्टर वाहन में पटरा लगाया जाता है तत्काल अभियान चलाकर उन पर जुर्माने की राशि वसूली करते हुए वेल्डिंग के माध्यम से लगाये गये छड़ इत्यादि को कटिंग कराया जाय जिसका खर्च भी वाहन मालिक को उठाना पड़ेगा।

मौके पर जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक मु०, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पाकुड़ एवं महेशपुर, जिला खनन पदाधिकारी, खान निरीक्षक, संबंधित अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी एवं क्रशर व खदान संचालक उपस्थित थे।

सांसद व डीसी ने छह सौ बच्चों के बीच सोलर लैंप का किया वितरण

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अमड़ापाड़ा अंचल क्षेत्र के आलूबेड़ा फुटबॉल मैदान में गुरुवार को जिला प्रशासन एवं बीजीआर माइनिंग के सहयोग से सीएसआर के तहत पीवीटीजी के बच्चों के बीच सोलर लैम्प का वितरण किया गया।

इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री विजय हांसदा, उपायुक्त श्री मृत्युंजय कुमार वरणवाल शामिल हुए। इस कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान प्रमुख जुहीप्रिया मरांडी, आलूबेड़ा पंचायत की मुखिया सरिता मरांडी ने सांसद, डीसी, बीडीओ कुमार देवेश द्विवेदी सहित अन्य अतिथियों के कलाई पर राखी बांधा।

निम्लिखित स्कूलों के पीवीटीजी बच्चों को दिया गया सोलर लैम्प :-

पचुवाड़ा नार्थ कोल ब्लॉक अंतर्गत संचालित कोयला कंपनी बीजीआर के द्वारा सीएसआर के तहत आयोजित कार्यक्रम में प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सजनीपाड़ा, प्राथमिक विद्यालय पाडेरकोला, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय खांडोकाटा, प्राथमिक विद्यालय प्रखंड कॉलोनी, प्राथमिक विद्यालय बाँधकोई, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, पहाड़िया आवासीय विद्यालय डुमरचिर,पहाड़िया आवासीय विद्यालय कुंजबोना के सैकड़ों छात्र-छात्राओं के बीच सोलर लैम्प का वितरण किया गया।

माननीय सांसद श्री विजय हांसदा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हर घर में बिजली जिला प्रशासन और कोल कंपनी के द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। बच्चों अंधेरे में ना पढ़ाई करें इसको लेकर कंपनी के द्वारा सोलर लैंप का वितरण माइनिंग क्षेत्र के विस्थापित ग्रामीणों के बच्चों के बीच वितरण किया गया है। बच्चों सोलर लाइट से पढ़ाई कर अपना भविष्य उज्जवल बनायेंगे।

उपायुक्त श्री मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने स्कूली बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि मेहनत कर आप अपने पंचायत, प्रखंड, जिला और राज्य का नाम रौशन करें। उपायुक्त ने कहा कि सुविधाएं कम या ज्यादा हो सकती हैं लेकिन मेहनत में कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोयला के माइनिंग के रॉयल्टी से डीएमएफटी का फंड आता है। कहा कि जिस क्षेत्र में कोयला का खनन हो रहा है सबसे पहले विकास उस क्षेत्र का ही होना चाहिए यह जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। कहा कि बीजीआर के पदाधिकारियों को खनन क्षेत्र एवं अमड़ापाड़ा का विकास करने का सख्त निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र और उसके आसपास के क्षेत्रों में सीएसआर के तहत सभी सुविधाएं लोगों को मिलनी चाहिए।

मौके पर सांसद प्रतिनिधि श्री श्याम यादव, बीजीआर के वाइस प्रेसिडेंट अनिल रेड्डी, बीडीओ कुमार देवेश द्विवेदी, थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण यादव, पीआरओ संजय बेसरा सहित सैकड़ों स्कूली बच्चे मौजूद थे।

राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 09 सितंबर को किया जाएगा

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पाकुड़। सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के द्वारा आगामी 09 सितंबर को पूर्वाहन 9 बजे से अपराह्न 04:30 बजे तक राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित मामले का निष्पादन किया जायेगा।

सुलहनीय आपराधिक वाद

N.I. Act., U/S138 से संबंधित वाद

धन वसूली वाद

मोटर-दुर्घटना क्षतिपूर्ति वाद

श्रम विवाद

बिजली बिल और पानी बिल से संबंधित वाद

पारिवारिक/वैवाहिक वाद

भूमि अधिग्रहण संबंधि विवाद

वेतन, भत्ते, सेवानिवृति आदि से संबंधित सेवा मामले

राजस्व वाद-दाखिल खारिज से संबंधित वाद

अन्य सिविल वाद, जिन्हें लोक अदालत के माध्यम से सुलझााया जा सकता है

राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक- 09.09.2023 के लिए इसकी प्री -लोक अदालत कन्सीलिएसन सीटिग्ंस नियमित रुप से दिनांक 09.07.2023 से प्रत्येक कार्य दिवस को सम्बंधित न्यायालय मे आयोजित की जा रही है‌। तदनानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत एंव इसके प्री-लोक अदालत कन्सीलिएसन सीटिग्ंस मे सभी पक्षकारगण उपस्थित होकर अपने-अपने वादो का दिनांक- 09.09.2023 के राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए निष्पादन करायें।निवेदन है कि निर्देशित माध्यम से उपस्थित होकर अपने-अपने मामलों का निष्पादन करा कर इस अवसर का पूर्ण लाभ उठायें।

स्वर्गीय प्रोफेसर मनमोहन मिश्र स्मृति न्यास, झारखंड ने पाकुड़ में लगाया साहित्यकारों का मेला

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एक समय पाकुड़ के लिए ऐसा भी था, जब साहित्य और संस्कृति, गीत और संगीत के अनेक मंच थे, और आये दिन इससे जुड़े लोग ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया करते थे।

साहित्य के मंचों पर कविताएं, गजल कही जातीं थी, संगीत के मंचों पर गीत गाये जाते थे, रविंद्र एवं नज़रुल की गितियाँ सुरों और वाद्ययंत्रों के साथ लहरतीं थीं। एशिया प्रसिद्ध पत्थरों की ओट में रंगों के जादूगर स्वर्गीय वैद्यनाथ जय सवाल की जीवंत पेंटिंग आज भी एकांत एवं स्वप्न में पाकुड़ की कलाप्रेमियों से पूछता है, कहाँ खो गए वो पाकुड़ के लोग, वो महकता मंच और हमारी साहित्य, संगीत की महफ़िलें!

लेकिन एक लंबे अंतराल के बाद पाकुड़ के आँगन में पढ़े-लिखे, खेले-कूदे और शब्दों को बुनने सीखनेवाले “डॉ आर. के. नीरद” ने मानो पाकुड़ को एकबार फिर से झकझोर कर उठाया और निद्रा से उठाकर बताया कि, उठो तुम्हारा अतीत सिर्फ़ पेट की गहराइयों तक सीमित नहीं बल्कि, हे पाकुड़ तुम्हारा तो सृजनशीलता के असीमित आसमान तक उड़ने की चिंतन वाला इतिहास रहा है।

इसी प्रयास में डॉ आर के नीरद ने अपनी सम्पादित पुस्तक के साथ साथ सात और पुस्तकों के बिमोचन के लिए पाकुड़ के आँगन और मंच को चुना।

ऐसे ही पिछले मंगलवार को एक कार्यक्रम ने पाकुड़ को एकबार फिर अपने अतीत से परिचित कराया।

हिंदी के प्रख्यात समालोचक-साहित्यकार प्रो. मनमोहन मिश्र की चौथी पुण्यतिथि पर मंगलवार को पाकुड़ में प्रो मनमोहन मिश्र स्मृति न्यास द्वारा संगोष्ठी का आयोजन योग भवन में हुआ। कार्यक्रम के शुभारंभ से स्वर्गीय प्रो. मनमोहन मिश्र प्रोफेसर स्वर्गीय श्रीकांत तिवारी एवं स्वर्गीय पत्रकार कुमार रवि दिगेश (दिगेश त्रिवेदी) की तस्वीर पर साहित्यकारों ने श्रद्धासुमन अर्पित कर किया। इसके बाद प्रो. मनमोहन मिश्र की पत्नी कृष्णा देवी, डॉ. कृपाशंकर अवस्थी, प्रो. रामजन्म मिश्र, त्रिवेणी प्रसाद भगत, डॉ. आर.के नीरद सहित अन्य साहित्यकारों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में कई लेखकों और कवियों की पुस्तकों का लोकार्पण हुआ। दूसरे सत्र स्मृति आचमन में प्रो. मनमोहन मिश्र के व्यक्तित्व और कृतित्व पर व्याख्यान शुरू हुआ। प्रो. मनमोहन मिश्र के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए देवघर से आए हुए सर्वेश्वर दत्त द्वारी ने कहा कि उनके बारे में कहने के लिए शब्द काफी कम पड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रो. मिश्र वाचिक परंपरा के साहित्यकार ही नहीं, बल्कि साधक भी थे। उनमें बालसुलभ चंचलता थी। कहा कि देवघर में बच्चे से लेकर 80 वर्ष के व्यक्ति तक उनके मित्र थे। हम उनके हमेशा ऋणी रहेंगे।

दुमका के वरिष्ठ कवि शंभुनाथ मिस्त्री, अरुण कबीर, डॉ. आरके नीरद, डॉ. अमरेंद्र सुमन, विद्यापति झा, दुर्गेश चौधरी, अंजनी शरण, नंदन झा, जामताड़ा के देवेश आत्मजयी, पश्चिम बंगाल के आसनसोल से कवि नवीनचंद्र सिंह, देवघर से डॉ. शंकर मोहन झा, उमाशंकर राव ‘उरेंदु’, अनिल कुमार झा, सर्वेश्वर दत्त द्वारी, हिमांशु शेखर झा, गोड्डा से डॉ. मनोज कुमार राही, रामगढ़ रांची से सरोज झारखंडी, बिहार के बांका से परमानंद प्रेमी, पोडैयाहट से अर्पणा कुमारी, साहिबगंज से विजय कुमार भारती सहित अन्य ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।

मौके पर डॉ. रामजन्म मिश्र, डॉ. अरेंद्र सिन्हा, डॉ. शंकर मोहन झा, डॉ. अनिल कुमार झा, विजय कुमार भारती, त्रिवेणी प्रसाद भगत सहित अन्य ने भी अपनी स्मृतियां साझा की। वरिष्ठ पूर्व पत्रकार ओमकार भगत, कसीनाथ साह को मंच ने सम्मानित भी किया।

अंग सहित अन्य प्रदेशों से आये कवियों ने काब्य पाठ कर समां बाँधा, मंच संचालन पत्रकार कृपासिन्धु तिवारी “बच्चन” एवं आर के नीरद ने अलग अलग सत्रों में की। रामरंजन सिंह ने स्वागत भाषण एवं धन्यवाद ज्ञापन गंगाधर मिश्र ने किया।

सम्पूर्ण कार्यक्रम की व्यवस्था तथा आगन्तुकों के स्वागत, भोजन एवं आवासीय व्यवस्था भी आंनद मिश्र “छोटू” ने की थी।
कुल मिलाकर साहित्य के दीवानों के इस मेले ने पाकुड़ की धरती पर एकबार फिर साहित्यिक अँगड़ाई ली।

सरस्वती पुत्र स्वर्गीय मनमोहन मिश्र की स्मृति में शब्द साधकों का लगेगा मेला, वरियतम पत्रकार होंगे सम्मानित, कई पुस्तकों का लोकार्पण

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पाकुड़। हिंदी के प्रख्यात समालाेचक-साहित्यकार प्रो मनमोहन मिश्र की चौथी पुण्यतिथि पर कल योग भवन पाकुड़ में आयोजित ‘प्रो मनमोहन मिश्र स्मृति संगोष्ठी-सह-पुस्तक विमोचन समारोह‘ में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि ज्ञानेंद्रपति और नीलोत्पल मृणाल (‘डार्क हॉर्स” एवं ‘औघड़’ के उपन्यासकार), विनय सौरभ, देवेश आत्मजयी, अनिरुद्ध प्रसाद विमल, उपन्यासकार रंजन, डॉ पंकज साहा, वरिष्ठ पत्रकार-संपादक संजय मिश्र, वरिष्ठ कवि शंभुनाथ मिस्त्री, अरुण सिन्हा, बांग्ला के अप्रतिम साहित्यकार बनफूल के उपन्यास ‘डाना’ के अनुवादक जयदीप, संजीव नियागी सहित हिंदी, बांग्ला और अंगिका के झारखंड, बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश से 40 से ज्यादा लब्ध प्रतिष्ठ साहित्यकार, समालोचक, पत्रकार और संस्कृतिकर्मी जुटेंगे।

अजित कुमार के अलावा आसनसोल से कवि नवीनचंद्र सिंह, दुमका से डॉ आरके नीरद, हिमांशु मिश्रा, अमरेंद्र सुमन, विद्यापति झा, दुर्गेश चौधरी, अंजनी शरण, सपन पत्रलेख, नंदन झा, देवघर से डॉ शंकर मोहन झा, उमाशंकर राव ‘उरेंदु’, अनिल कुमार झा, सर्वेश्वर दत्त द्वारी, हिमांशु कुमार झा, रविशंकर साह, नरेश कुंजिलवार, अशोक कुंजिलवार, नीरज चौधरी, ओमप्रकाश पांडेय एवं नरेश साह, गोड्डा से सुधीर मिश्रा, डाॅ प्रदीप प्रभात, डॉ ब्रह्मदेव कुमार, डॉ मनोज कुमार राही, प्रवीण तिवारी आदि की उपस्थिति इस आयोजन को राष्ट्रीय फलक देगी।

दिन के तीन बजे से आरंभ होने वाला यह कार्यम्रम चार सत्रों में संपन्न होगा। 

पहले सत्र डॉ आरके नीरद द्वारा संपादित ‘वाचिक परंपरा के धवल साहित्यकार-समालोचक प्रो मनमोहन मिश्र’ सहित कई लेखकों और कवियों की पुस्तकों का लोकार्पण होगा।

दूसरे सत्र स्मृति आचमन में प्रो मनमोहन मिश्र के व्यक्तित्व और कृतित्व पर व्याख्यान होगा।

तीसरे सत्र ‘सुरांजलि’ सुर संध्या को समर्पित होगा, जबकि

चौथे सत्र काव्यांजलि में काव्य पाठ होगा।

कार्यक्रम के आयोजक-संयोजक रामरंजन कुमार सिंह, गंगाधर मिश्र, कृपासिन्धु बच्चन एवं आनंद मिश्र ने बताया कि इस अवसर पर स्वर्गीय मनमोहन मिश्र के बाल सखा, कलिग और हिंदी-संस्कृत के महान विद्वान और हिन्दी के पूर्व विवाघाध्यक्ष स्वर्गीय श्री कांत तिवारी, स्वयं सेवक, स्वादिशी विचारक, पाकुड़ की पत्रकारिता के युगस्तंभ स्वर्गीय दिगेश चंद्र त्रिवेदी को भी श्रद्धांजलि दी जायेगी।

सभी सरकारी योजनाएं मिशन मॉड में अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे सुनिश्चित हो: उपायुक्त

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हाइलाइट्स

  • राशन की कालाबाजारी करनेवाले पीडीएस डीलरों की खैर नहीं, शिकायत सही पाये जाने पर रद्द होगा लाइसेंस:-डीसी
  • उपायुक्त ने कहा कि जिले के साढ़े आठ लाख कार्डधारियों को सरकार द्वारा तय मात्रा में राशन मिले यह सुनिश्चित करें

पाकुड़। के.के.एम कालेज सभागार में फेयर प्राइस शॉप डीलर को जागरूक करने हेतु एक दिवसीय सेमिनार-सह कार्यशाला का आयोजन उपायुक्त श्री मृत्युंजय कुमार बरणवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

इस कार्यशाला में सभी जन वितरण प्रणाली के विक्रेताओं को निर्देश देते हुए उपायुक्त श्री मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने कहा कि खाद्यान्न का वितरण पारदर्शी तरीके से किया जाए। पीडीएस डीलरों को सख्त हिदायत दी गई कि सरकार द्वारा तय मात्रा में ही सभी कार्डधारियों को राशन मिले यह सुनिश्चित करें। साथ ही राशन के साथ अनिवार्य रूप से पर्ची भी लाभुकों को देने का निर्देश दिया गया। डीलरों को इस तरह का काम से बचने की सलाह दी गई। इसके साथ ही सभी पीडीएस डीलरों को शत प्रतिशत राशन वितरण करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने बताया कि सभी जन वितरण प्रणाली दुकानों में पोस मशीन से राशन वितरण करें। सभी जन वितरण प्रणाली के दुकानदार लाभुकों के बीच ससमय राशन का वितरण करें। खाद्यान्न वितरण में कटौती तथा लाभुकों के साथ लापरवाही बरतने पर वैसे दुकानदारों से सख्ती के साथ निपटा जाएगा।राशन की कालाबाजारी करने और लाभुकों को कम सामग्री देनेवाले जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) डीलरों को बख्शा नहीं जाएगा।इस तरह के मामलों में शिकायत सही पाये जाने पर उनका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि ट्रांसपोर्टर के द्वारा जो भी आनाज वितरण किया जाता है उसे सही रूप से लाभुकों को वितरण करें। लाभुक एवं डीलर को किसी भी प्रकार की समस्या हो वह डायरेक्ट मुझसे संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। शिकायत गलत पाए जाने पर उस डीलर एवं अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। अभी जो 99 प्रतिशत अनाज का वितरण किया जा रहा है। 13 हजार लाभुकों को जीपीडीपी के माध्यम से अनाज दिया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है आपका जो अधिकार है उस पर आवंटित किया गया है उसे ही वितरण करें। कम भी वितरण नहीं, ना अधिक वितरण करें।

मौके पर सहायक समाहर्ता श्री कृष्णकांत कनवाड़िया, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री संजय कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ चंदन, एसएमपीओ पवन कुमार, सभी एमओ एवं जिले के सभी डीलर उपस्थित थे।
उधर लिट्टीपाड़ा के जनतदरवार में भी श्री वर्णवाल सरकारी योजनाएं जमीन पर सटीक उतर पाए , इसके लिए दृढ़ संकल्प दिखे।

लिट़्टीपाड़ा प्रखंड में आमजनों की समस्या से रूबरू हुए उपायुक्त, पदाधिकारियों को दिये निर्देश

जनता की समस्याओं का समाधान हो सबकी प्राथमिकताः- उपायुक्त

उपायुक्त ने पानी की समस्या को लेकर कहा कि मिशन मोड में सर्वे कराकर पानी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा

सोमवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में लिट़्टीपाड़ा प्रखंड परिसर में जन संवाद-सह-जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उपायुक्त ने कहा कि जन संवाद-सह- जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मुहैया कराया जाना है। साथ ही ग्रामीण इससे योजनाओं का लाभ व जानकारी भी ले सकें। उक्त बातें जिले के उपायुक्त श्री मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने कही।

उपायुक्त ने जनता दरबार में आये लोगों की समस्याओं को सुना। विभिन्न पंचायतों से आए लोगों ने अपनी समस्याओं से उपायुक्त को अवगत कराया। जनता दरबार में मुख्यत: पानी की समस्या, रोड की समस्या, स्वास्थ्य, राशन वितरण आदि से संबंधित शिकायत प्राप्त हुए हैं।

उपायुक्त ने कहा कि जनता दरबार कार्यक्रम में मुख्यतःपानी एवं रोड की समस्या के आवेदन ज्यादा प्राप्त हुए हैं। उपायुक्त ने कहा कि लिट्टीपाड़ा प्रखंड पहाड़ी क्षेत्र है। पहाड़ी क्षेत्र रहने के कारण यहां गर्मियों के दिनों में पानी की समस्या बहुत ज्यादा उत्पन्न होती है। लिट्टीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत जितने भी चापाकल खराब पड़े हैं उसे जल्द से जल्द ठीक किया जाएगा। वहीं उन्होंने सड़क की समस्याओं को लेकर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क की समस्याओं को जल्द दूर किया जाएगा। कहा कि लिट्टीपाड़ा में सड़क निर्माण को लेकर जल्द सर्वे कराकर निर्माण कार्य के लिए पहल किया जाएगा।
वहीं उपायुक्त ने प्रखंड परिसर में पौधरोपण किया। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए लाेगों से भी अधिक से अधिक संख्या में पौधा लगाने की अपील की।

मौके पर उप विकास आयुक्त मो० शाहिद अख्तर, सहायक समाहर्ता श्री कृष्णकांत कनवाड़िया, सिविल सर्जन डॉ मंटू कुमार टेकरीवाल, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री संजय कुमार दास, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्रीमती रजनी देवी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ चंदन, जिला कल्याण पदाधिकारी श्री विजन उरांव, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग श्री राहुल श्रीवास्तव, जिला कृषि पदाधिकारी श्री अरुण कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री संजय कुमार, एसएमपीओ पवन कुमार, बीपीओ मानिक दास, बीपीआरओ के.सी दास समेत अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।