पाकुड़/ उपायुक्त मनीष कुमार के निर्देश के आलोक में सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय हरिगंज में ‘बैगलेस डे’ सह तिथि भोज’ का आयोजन शुक्रवार को किया गया।
इस तरह के आयोजन से बच्चे खासे उत्साहित नजर आए। बतौर पर्यवेक्षक बीपीओ बर्नार्ड हांसदा ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों के साथ जन्मदिन समारोह में शामिल हुए।
उपायुक्त मनीष कुमार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में शामिल कर विद्यालय से जोड़ने का अनूठा पहल है। तिथि भोज के तहत एमडीएम के मीनू से अलग लज़ीज़ खाना दिया जाता है। अक्टूबर माह में जिन बच्चों का जन्मदिन था उन सभी बच्चों का एक साथ जन्मदिन मनाया गया। एक बड़ा केक काटकर सभी बच्चों ने मिलकर जन्मदिन मनाया। इस दौरान, पूरे महीने में जन्मे विद्यार्थियों को चॉकलेट और विशेष उपहार भेंट किया गया।
तिथि भोज के तहत सभी बच्चों ने एक साथ बैठकर भोजन का आनंद लिया, जिससे उनमें सामाजिक समरसता और एकजुटता की भावना विकसित हुई।
बीपीओ श्री हांसदा ने कहा कि उपायुक्त महोदय का यह अनूठा पहल विद्यालय के माहौल को खुशनुमा बनाने का काम किया है। बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने में यह नवाचार कारगर साबित हो रहा है। प्रभारी प्रधानाध्यापक मो तफिजूल शेख ने कहा कि तिथि भोजन के आयोजन से विद्यालय में उत्सवी नजारा देखने को मिलता है। जिन बच्चों का घर पर कभी जन्मदिन नहीं मनाया जाता था वैसे बच्चों को भी जन्मदिन मनाने का अवसर मिलता है।
मौके पर सहायक अध्यापक हुसनी मुबारक मुश्ताक अहमद नसीम अहमद जयनाल आबेदीन जमीरूल हक समेत अन्य मौजूद थे।
तिथि भोज सह जन्मोत्सव के आयोजन से विद्यालय में दिखा उत्सवी नजारा
*खुशियों और स्वाद से सराबोर रहा उत्कृष्ट विद्यालय पाकुड़ का ‘तिथि भोज’*
मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, पाकुड़ राज+2 का परिसर बच्चों की किलकारियों और उत्साह से गूंज उठा। स्कूल में ‘बैगलेस डे’ के अवसर पर एक भव्य ‘तिथि भोज’ का आयोजन किया गया, जो बच्चों के लिए मनोरंजन, पारंपरिक खेलों और सामूहिक जन्मोत्सव का एक अनूठा संगम था।
उपायुक्त महोदय श्री मनीष कुमार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना था। सुबह से ही बच्चों में बैगलेस डे को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत में बच्चों के लिए एक मनोरंजक मूवी का प्रदर्शन किया गया, जिसने उन्हें खूब हंसाया और शिक्षाप्रद संदेश भी दिया। इसके बाद, परिसर में पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया। खो-खो, गिल्ली-डंडा, पिटटो जैसे झारखंड के लोकप्रिय पारंपरिक खेलों से प्रेरित गतिविधियों में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिक्षकों के मार्गदर्शन में आयोजित इन खेलों ने न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा दिया, बल्कि पारंपरिक मूल्यों को भी जीवंत रखा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अक्टूबर महीने में जन्म लेने वाले विद्यार्थियों का सामूहिक जन्मोत्सव रहा। एक बड़ा केक काटकर सभी बच्चों ने मिलकर जन्मदिन मनाया। इस दौरान, पूरे महीने में जन्मे विद्यार्थियों को चॉकलेट और विशेष उपहार दिए गए।
तिथि भोज के तहत, विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों और दानदाताओं के सहयोग से सभी बच्चों के लिए स्पेशल थाली भोजन का प्रबंध किया गया था। स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजनों से सजी इस थाली में विभिन्न प्रकार के पकवान शामिल थे। सभी बच्चों ने एक साथ बैठकर भोजन का आनंद लिया, जिससे उनमें सामाजिक समरसता और एकजुटता की भावना विकसित हुई।
इस अवसर पर, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों, शिक्षक-अभिभावक समिति के प्रतिनिधियों और कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और इस सफल आयोजन के लिए विद्यालय प्रबंधन की सराहना की।
प्रभारी प्रधानाचार्य श्री राजू नन्दन साहा ने कहा कि बैगलेस डे और तिथि भोज जैसे कार्यक्रम बच्चों को किताबी ज्ञान से परे जाकर आनंदपूर्वक सीखने का अवसर देते हैं। उन्होंने सभी दाताओं और एसएमसी सदस्यों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
पूरा दिन बच्चों के लिए मस्ती, स्वाद और ज्ञान से भरा रहा, जिसने विद्यालय के इस प्रयास को यादगार बना दिया।
*दिवाली के पूर्व संध्या पर दीप सज्जा एवम् रंगोली प्रतियोगिता:कला और संस्कृति का संगम का आयोजन*
दिल्ली पब्लिक स्कूल, पाकुड़ के प्रांगण में दिवाली की पूर्व संध्या पर दीप व मोमबत्ती सज्जा एवम अंतर _सदनीय रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में छात्र एवम् छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न थीमों पर आधारित रंगोली बनाई।
इस अवसर पर निदेशक श्री अरुणेंद्र कुमार जी ने कहा, “आज के इस रंगोली प्रतियोगिता के माध्यम से हमारे छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। हमें गर्व है कि हमारे छात्र न केवल शिक्षा में उत्कृष्ट हैं, बल्कि वे समाज को भी सकारात्मक संदेश देने में सक्षम हैं।”
प्रधानाचार्य श्री जे के शर्मा जी ने कहा, “रंगोली बनाने की प्रतियोगिता न केवल एक कला प्रतियोगिता है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपराओं का भी प्रतीक है। यह प्रतियोगिता न केवल रंगों और डिज़ाइनों की सुंदरता को प्रदर्शित करती है, बल्कि इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों की रचनात्मकता और कल्पनाशीलता को भी उजागर करती है।
इस अंतर सदनीय प्रतियोगिता में छात्रों ने “सशक्तिकरण बनाम अतिक्रमण”, धरती की सुरक्षा, विष्णु दशावतार और राम दरबार जैसी विषय से सम्बंधित रंगोली के माध्यम से समाज को भारतीय कला और संस्कृति का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में, विद्यालय के निदेशक महोदय तथा प्रधानाचार्य ने सभी शिक्षकों विद्यार्थियों और उनके परिवार को आगामी धनतेरस, दीपावली और छठ की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
फर्जी आधार कार्ड बनाने वालों पर प्रशासन की कार्रवाई, कई ठिकानों पर छापेमारी। सिर्फ सूचनात्मक , लेकिन मंथन और चिंतन करें।
विभिन्न मीडिया माध्यमों के ख़बर का असर ये दिखा कि फ़र्जी आधार और डोकोमेंट बनाने वाले स्थानों पर छापेमारी हुई।
लेकिन ध्यान देने लायक बात है कि गिरफ्त में कोई नहीं आया , जबकि बीते दिन साहेबगंज में दो व्यक्ति ऐसे ही कार्य करने वाले गिरफ्त में भी आये थे।
नीचे एक सूचनात्मक ख़बर है, आप पढ़ें , इसके पहले की इसी मामले की ख़बर भी पढ़ें ।
आख़िर पाकुड़ में सभी सन्देहास्पद व्यक्ति पश्चिम बंगाल ही क्यों गये थे ? वो भी उसी समय जब छापेमारी हुई ! है न विषम्य। सोचें , मूल्यांकन करें।
ख़बर छापेमारी की कहीं लीक तो नहीं हुई ?
जब सरकारी लोग ही फर्जी आधार पर जमीन तक रजिस्ट्री करवा लें तो कुछ भी हो सकता है।
खैर माननीय न्यायालय सब देखेगा।
अभी सिर्फ सूचना पढ़ें।
पाकुड़: पाकुड़ जिले में फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने रविवार, 12 अक्टूबर को बड़ी कार्रवाई की। प्राप्त शिकायत के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) पाकुड़, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) पाकुड़, डीपीओ यूआईडी सेल श्री रितेश श्रीवास्तव तथा पाकुड़ मुफस्सिल थाना की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाया।छापेमारी टीम ने ग्राम पंचायत अंजना, पृथ्वीनगर, चॉचकी, ईलामी, भवानीपुर, फरसा, देवतल्ला, उदयनारायणपुर एवं इस्लामपुर ब्रिज के पास स्थित स्थानों पर एक साथ दबिश दी। प्रशासन को मिली शिकायत में बताया गया था कि इन क्षेत्रों में करीब 10 व्यक्तियों द्वारा फर्जी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं।टीम को देखते ही अधिकांश संदिग्ध व्यक्ति अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए। जब छापेमारी दल ने फोन पर संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि वे पश्चिम बंगाल किसी अन्य कार्य से गए हैं।छापेमारी के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासनिक टीम को बताया कि शिकायत में जिन व्यक्तियों के नाम हैं, वे फर्जी आधार कार्ड बनवाने का कार्य कर रहे थे।जिला प्रशासन ने बताया कि इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। फर्जी आधार कार्ड बनाने के इस गिरोह का जल्द ही भंडाफोड़ किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
*आत्मनिर्भर भारत बनाने में आम लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण : – बजरंगी*
उधवा के श्रीधर पंचायत भवन में भाजपा की सांगठनिक मंडल राधानगर मंडल भाजपा की आत्मनिर्भर भारत पर एक दिवसीय कार्यशाला राधानगर मंडल के महामंत्री तमाल मंडल की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव शामिल हुए। कार्यशाला में सभी अतिथियों ने भारत माता के तैल्य चित्र पर पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि श्री यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने के संकल्प को पूरा करने में आम भारतीयों की भागीदारी महत्वपूर्ण है लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल करने वाले सभी सामान स्वदेशी हो यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है इस कार्यशाला में कार्यशाला के प्रभारी पंकज घोष, हरिबोल मंडल सनातन मंडल, कमलेश मंडल, नवल किशोर मंडल, प्रभु मंडल कृष्णा मंडल, उदय मंडल, वरुण मंडल, नारायण मंडल, विश्वजीत मंडल ,संदीप घोष, राहुल मंडल ,कृष्ण कुमार शर्मा सहित अन्य कार्यकर्तागण शामिल थे।
सुचारु परिवहन और ऑटो-टोटो परिचारण पर हुआ गहन विचार, दिए गए कई निर्देश।
*परिवहन विभाग, पाकुड़*
*जिला परिवहन पदाधिकारी, पाकुड़,पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) पाकुड़ एवं प्रशासक नगर परिषद के अध्यक्षता में जिला में प्रचालित होने वाले ऑटो-ई-रिक्शा का सुलभ परिवहन हेतु महत्वपूर्ण बैठक आयोजित*
*उपायुक्त पाकुड़* एवं पुलिस *अधीक्षक,पाकुड़* के आदेशानुसार जिला पाकुड़ के सभी सड़क मार्गो पर परिवहन होने वाले सभी ऑटो-ई-रिक्शा ( सीएनजी/डीज़ल/पेट्रोल या बैटरी संचालित) का जिला पाकुड़ में सुलभ परिचालन एवं इससे शहर के किसी भी आम लोगों को यात्रा के क्रम में होने वाले असुविधा एवं जिला के यातायात व्यवस्था को जाम मुक्त बनाने हेतु जिला परिवहन पदाधिकारी *श्री मिथिलेश कुमार चौधरी*,पुलिस उपाधीक्षक (यातायात मुख्यालय) *श्री जितेंद्र कुमार*, प्रशासक नगर परिषद *श्री अमरेंद्र कुमार चौधरी*,निरिक्षक-सह-नगर थाना प्रभारी बबलू कुमार एवं मुफस्सिल थाना प्रभारी गौरव कुमार के अध्यक्षता एवं पाकुड़ जिला ऑटो-ई-रिक्शा ऑनर्स चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष हिसाबी राय एवं अनिकेत कुमार,शब्बीर हुसैन एवं अन्य चालकों की उपस्थिती मे जिला में सभी तीन पहिया (ऑटो /ई-रिक्शा )वाहनों का सुलभ परिवहन हेतु निम्नलिखित बिंदुओं पर बैठक मे निर्देश दिया गया :-
• पश्चिम बंगाल से पाकुड़ एवं अन्य जगहों से आने एवं जाने वाले सभी अवैध (बिना वाहन रजिस्ट्रेशन) के वाहनों का परिवहन जिला पाकुड़ के नगर परिषद क्षेत्र एवं अन्य सभी सड़क मार्गों पर पूर्ण रूप से 1 नवंबर 2025 से परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा l
• पश्चिम बंगाल,डाक बंगला,धुलियान,मालदा, फरक्का एवं अन्य जगह से आने वाले तीन पहिया ऑटो/ई-रिक्शा को अपने सवारी को मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बने *चांदपुर चेक पोस्ट पर बने निर्धारित स्थल* पर सवारी को उतारना एवं जिला पाकुड़ के वैध तीन पहिया वाहन जिसका ( वाहन का पंजीकरण,ड्राइविंग लाइसेंस,ड्रेस कोड,आई कार्ड) होगा वैसे ऑटो/ई-रिक्शा छोड़े गए सवारी को लाकर जिला पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र एवं अन्य सड़क मार्ग एवं स्थलों पर छोड़ना सुनिश्चित करेंगे
• नाबालिक द्वारा किसी भी वहां का परिवहन किसी भी सड़क मार्ग पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा पकड़े जाने पर दंड की राशि वसूल करने के साथ अन्य आवश्यक कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी साथ ही नाबालिक वाहन चालक के गार्जियन से पी आर बांड /एफिडेविट भरवा कर गाड़ी को विमुक्त किया जाएगा
• बिना ड्रेस कोड (ऑटो के लिए खाकी रंग,ई-रिक्शा के लिए नीला रंग) जिला प्रशासन द्वारा निर्गत आई कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस के बिना जिला पाकुड़ के सभी सड़क मार्गों पर ऑटो/ई-रिक्शा का परिवहन बंद रहेगा इस संबंध में पूर्व में भी प्रचार प्रसार के माध्यम से सभी चालकों को सूचित किया गया है l
• चांदपुर चेक पोस्ट बॉर्डर पर वाहनों का पड़ाव करने हेतु साफ-सफाई, पानी, शौचालय बिजली एवं अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं की व्यवस्था 1 नवंबर 2025 से पूर्व करा ली जाएगी इस कार्य हेतु *उपायुक्त महोदय* के द्वारा अनुमति प्राप्त कर ली गई है
• नगर परिषद एवं अंचल अधिकारी पाकुड़ को चांदपुर बॉर्डर पर बनने वाले ऑटो/टोटो का पड़ाव स्थल पर लेसी का चयन एवं अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्था हेतु संबंधित मुखिया से वार्ता करने हेतु निर्देश दिया जा रहा है इसकी प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण कर ली जाएगी
• युक्त निर्धारित स्थल पर सूचनात्मक बोर्ड,साइन बोर्ड एवं आम लोगों एवं चालकों को इस संबंध में जागरूक करने,यातायात नियमों का पालन करने एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बताने हेतु सड़क सुरक्षा एवं राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल देवघर विभाग को निर्देशित कर दिया गया है
• आदेश एवं निर्देश का उल्लंघन करने तथा यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी
• नगर परिषद पाकुड़ के द्वारा ऑटो/ई-रिक्शा चालकों को दिए जाने वाले *आई कार्ड* का वितरण तभी किया जाएगा जब कि उसके पास पूर्व से वैध ड्राइविंग लाइसेंस होगा
• सभी तीन पहिया (डीजल/ पेट्रोल/सीएनजी) से चलने वाले ऑटो को परिवहन विभाग द्वारा निर्गत किये जा रहे *रूट परमिट* को लेना अनिवार्य होगा बिना रूट परमिट का किसी भी सड़क मार्ग पर ऑटो का परिवहन वैध नहीं माना जाएगा जांच के क्रम मे पकड़े जाने पर मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत दण्ड की राशि 192(A) के तहत शुल्क 10000/- रूपये या इससे ज्यादा दंड की राशि वसूल करने की कार्रवाई की जाएगी
• मेडिकल इमरजेंसी,एम्बुलेंस,शव वाहन (ऑटो/ई-रिक्शा) को विशेष परिस्थिति एवं जांच के क्रम में प्रवेश एवं निकास पर प्रतिबन्ध में छूट दी जा सकती है
• चांदपुर बॉर्डर चेकपोस्ट ऑटो/ई-रिक्शा पड़ाव स्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती 01 नवंबर 2025 से पूर्व कर दी जाएगी,जो की सुबह 05:00 से रात्रि 11:00 तक नियमित रहेगा, वाहनों को रोकने, वाहन से संबंधित कागजतो की जांच करने हेतु परिवहन विभाग पाकुड़ की टीम निर्धारित समय अंतराल में उपलब्ध रहेगी
• कोई भी ऑटो/ई-रिक्शा चालक सड़क पर जहां तहां पडाव कर सवारी को उतारने और चढ़ाने का कार्य नहीं करेंगे सड़क पर अनावश्यक रूप से जहां-तहां सवारी को उतारने एवं चढ़ाने का क्रम में पकड़े जाने पर दंड की राशि वसूल करने के साथ में सम्बंधित वाहन को जप्त कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी
* जिला पाकुड़ के सभी सड़क मार्गों पर अब वैसे ही ऑटो और ई-रिक्शा का परिचालन किया जाएगा,जिसके वाहन के सभी कागजात पूर्ण होंगे ऐसी कोई भी वाहन चालक/महंत स्वामी अपने वाहन का परिवहन जिला पाकुड़ के किसी भी सड़क मार्ग पर नहीं करेंगे जिसके कागजात पूर्ण नहीं होंगे,अन्यथा पकड़े जाने पर कठोर दंडात्मक कार्य कार्रवाई की जाएगी
* बैठक में उपस्थित पाकुड़ जिला ऑटो-ई-रिक्शा ऑनर्स चालक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के द्वारा यह आश्वस्त किया गया कि जिला प्रशासन के द्वारा उठाए जा रहे इस कदम पर हमारा पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त होगा साथ ही बैठक के क्रम में एसोसिएशन के अध्यक्ष हिसाबी राय सचिव अनिकेत गोस्वामी व शब्बीर हुसैन ने कुल 39 आवेदन (आई कार्ड बनाने एवं ऑटो/ ई रिक्शा का नंबरिंग कराने ) हेतु आवेदन एवं कुल 30 (ऑटो/ई-रिक्शा) के चालको का ड्राइविंग लाइसेंस बनाने हेतु आवेदन जिला परिवहन पदाधिकारी, पाकुड़ को समर्पित किया गया l
शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर पाकुड़ के लाल ने दिया गौरव का अहसास , हुए पुरस्कृत।
रांची के रैडिसन ब्लू होटल में आयोजित कार्यक्रम में सेंट डॉन बॉस्को स्कूल के प्राचार्य श्री शिव शंकर दुबे को ‘बेस्ट एजुकेटर अवार्ड’ से सम्मानित
पाकुड़ : शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व, नवाचारपूर्ण शैक्षणिक पहल एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए सेंट डॉन बॉस्को स्कूल, पाकुड़ के प्राचार्य श्री शिव शंकर दुबे को प्रतिष्ठित “बेस्ट एजुकेटर अवार्ड” से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान रांची के रैडिसन ब्लू होटल में आयोजित EGN एजुकेशन लीडरशिप समिट के दौरान प्रदान किया गया, जिसमें देशभर से प्रख्यात शिक्षाविद्, प्राचार्य एवं शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हुए।
श्री दुबे को यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, अनुशासनप्रियता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति उनके समर्पण को ध्यान में रखते हुए दिया गया।
सम्मान प्राप्त करने के उपरांत श्री दुबे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा—
> “यह पुरस्कार केवल मेरा नहीं, बल्कि संपूर्ण विद्यालय परिवार की मेहनत, निष्ठा और एकता का परिणाम है।”
विद्यालय परिवार, शिक्षकगण, अभिभावक एवं विद्यार्थियों ने इस गौरवशाली उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्राचार्य महोदय को हार्दिक बधाई दी और इसे विद्यालय के लिए एक प्रेरणादायक क्षण बताया।
आधार बनाने का रैकेट पाकुड़ में देश की सुरक्षा को मुँह चिढ़ा रहा है।
पाकुड़ में सक्रिय है फर्जी आधार रैकेट, हजारों में हो रही वसूली।
पाकुड सहित देश के कई स्टेट में फैला हुआ है नेटवर्क, सरकारी सिस्टम में सेंध।
पाकुड़ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले में फर्जी आधार कार्ड बनाने का संगठित रैकेट सक्रिय है, जो न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, असम और जम्मू-कश्मीर तक फैला हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह गिरोह आधार कार्ड बनवाने के नाम पर लोगों से 10 से 24 हजार रुपये तक वसूल रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे खेल में कुछ जिम्मेदार पदाधिकारियों की मिलीभगत होने की भी चर्चा है। यह गंभीर मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति द्वारा उजागर किया गया है। नाम न छापने की शर्त पर उसने बताया कि जिले के कई ग्रामीण इलाकों में आधार कार्ड सेंटरों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर आधार कार्ड जारी किए जा रहे हैं। जन्म प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी और अंक पत्र तक नकली रूप से तैयार कर UIDAI पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस रैकेट में शामिल लोग सरकारी कार्यालयों की आईडी का दुरुपयोग कर रहे हैं और दूसरे राज्यों से आईडी एक्सेस कर पाकुड़ में फर्जी आधार कार्ड बना रहे हैं। शिकायत में कोदल काठी ब्रीज,सीतारामपुर, पृथ्वीनगर, अंजना, भवानीपुर, ईलामी, कुरोलपाड़ा, देवतल्ला और अन्य इलाकों के कई संदिग्धों के नाम और मोबाइल नंबर तक दिए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि आधार बनाने वाले खुद फर्जी दस्तावेज तैयार करते हैं और उन्हें UIDAI पोर्टल पर अपलोड कर कार्ड जारी करते हैं। यह सीधा-सीधा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। जिला प्रशासन की जानकारी में यह मामला पहले से है, उपायुक्त पाकुड़ को दिए गए आवेदन की प्रति पुलिस अधीक्षक पाकुड़ और UIDAI क्षेत्रीय प्रबंधक रांची को भी भेजी गई है। अब प्रशासनिक स्तर पर इस मामले की जांच की मांग की जा रही है, सूत्र बताते हैं कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो यह झारखंड में आधार सिस्टम से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी फर्जीवाड़ा घटना हो सकती है। सूत्रों का यह भी कहना है कि पाकुड़ के कई प्रखंडों में यह रैकेट जिम्मेदार की शह पर चल रहा है। जब भी किसी केंद्र से फर्जीवाड़े की जानकारी डीपीओ कार्यालय तक पहुंचती है, तो संबंधित केंद्र संचालक को जांच के नाम पर जिला कार्यालय बुलाया जाता है और वहां उच्च अधिकारियों के नाम पर वसूली की जाती है। बताया जाता है कि हर फर्जी आधार कार्ड सेंटर से महीने के पांच हजार रुपये की तय वसूली होती है। बाहरी लोगों से पहचान पत्र बनवाने के नाम पर पैसे लेकर उन्हें फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ है। इस पूरे मामले में जब आधार डीपीओ रितेश श्रीवास्तव से जानकारी लेने के लिए फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की गई, तो करीब पांच बार कॉल करने के बावजूद उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। अब यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब फर्जीवाड़ा सिस्टम के भीतर से ही हो रहा हो, तो आखिर इसे रोकेगा कौन? पाकुड़ में चल रहा यह आधार रैकेट न सिर्फ प्रशासनिक साख पर सवाल खड़ा कर रहा है, बल्कि देश की पहचान व्यवस्था को भी चुनौती दे रहा है।
ऐसे में वोटर एस आई आर में आधार को दस्तावेज के रूप में शामिल भी माननीय न्यायालय के आदेश पर किया गया है, जो एक चिंता का विषय जान पड़ता है। पाकुड़ में यह आधार कार्ड वाली बात कोई नई नहीं है। यहाँ तो कई जमीन रजिस्ट्री में भी फर्जी आधार का सहारा लिया गया है। कुल मिला कर घुसपैठियों को यहाँ स्थाई निवासी तक बना दिया जा रहा है।
कई अखबारों ने इसे बहुत प्रमुखता से प्रकाशित किया है , लेकिन ……
भारतीय युद्धपोत त्रिखंड और तुर्की का 18 घंटे का अल्टीमेटम
चूँकि मुझे राजनीति से कोई मतलब नहीं है , लेकिन फ़िलवक्त की राजनैतिक उठा पटक को देखते हुए आग्रह है , कि यह पोस्ट मेरे कांग्रेसी मित्र और सपाई (सपरिवार पार्टी) भाई न पढ़े। बरनोल बहुत महंगा है।
मेरे मित्र सभी पार्टियों में है, मैं उन्हें ठेंस पहुँचाना नहीं चाहता🙏
भूमध्यसागर की शांत लहरों को चीरते हुए देर रात एक विशाल युद्धपोत की आकृति उभरती है। तुर्की का तटरक्षक बल सतर्क हो जाता है, लेकिन जल्द ही पता चलता है कि यह भारतीय नौसेना का युद्धपोत त्रिखंड है। तुर्की तुरंत संदेश भेजता है, “रुकें, वरना परिणाम भुगतने होंगे।” सुबह तुर्की में आपातकालीन बैठक होती है, और भारतीय युद्धपोत को 18 घंटे का अल्टीमेटम दिया जाता है: “लौट जाएँ, नहीं तो जिम्मेदारी आपकी होगी।” लेकिन त्रिखंड की ओर से कोई जवाब नहीं आता।
दरअसल, भूमध्यसागर का यह हिस्सा लंबे समय से तुर्की और सऊदी अरब अपनी निजी संपत्ति मानते आए हैं, और वे तटीय देशों को इस क्षेत्र में आने-जाने से रोकते रहे हैं। लेकिन इस बार मामला भारत से पड़ा, जो किसी की दादागिरी के आगे झुकने वाला नहीं। अगले दिन तुर्की के युद्धपोत आक्रामक ढंग से त्रिखंड को घेर लेते हैं और दोबारा अल्टीमेटम देते हैं। इस बार त्रिखंड से एक संक्षिप्त जवाब आता है: “हम अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत अपने मार्ग पर हैं। किसी की सीमा का उल्लंघन नहीं किया। पीछे हटने का सवाल ही नहीं।”
इसी बीच, त्रिखंड के पीछे ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस तीन और भारतीय युद्धपोत पहुँच जाते हैं। तुर्की अब नाटो का हवाला देकर यूरोप में हंगामा मचाने की कोशिश करता है। लेकिन यह भारतीय युद्धपोत त्रिखंड, जो रूस के कालिनिनग्राद शिपयार्ड में बना है, ग्रीस और फ्रांस के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास के लिए ग्रीस जा रहा था।
अल्टीमेटम का समय खत्म होने को था, तभी फ्रांस का बयान आता है: “भारतीय युद्धपोत अपने निर्धारित रास्ते पर हैं और किसी की सीमा का उल्लंघन नहीं कर रहे।” तुर्की अपनी कमजोर स्थिति देखकर बैकफुट पर आ जाता है, और भारतीय युद्धपोत पूरे गर्व के साथ ग्रीस की ओर बढ़ जाता है।
भारत ने न केवल हिंद महासागर में, बल्कि लाल सागर में चीन की दादागिरी को चुनौती दी, बल्कि अब भूमध्यसागर में तुर्की को भी उसकी औकात दिखा दी। यह भारत की बढ़ती सामरिक ताकत और वैश्विक सम्मान का प्रतीक है।
जय हिंद! जय माँ भारती! 🇮🇳🚩
भारत अमेरिका की शर्तों पर ट्रेड डील पर क्यों अड़ा हुआ है ? क्या भारत ने शर्तें मानी और समझो देश ख़त्म !
अपनी शर्तों पर ट्रेड डील कर अमेरिका भारत के भविष्य को रुग्ण और सदा के लिए अपने व्यापार को कई विंदुओं पर सुरक्षित कर एक तरह से गुलाम बनाए रखने की साजिश में है, और इस मंशा को भारत की सरकार ने भाँप लिया है।
भारत का अड़े रहने पर विस्तार से हमारे विद्वान मित्र उमानाथ पांडे समझाया है। आइये उन्हीं से उनके शब्दों में समझने की कोशिश करते हैं, और भारत के नेतृत्व की दूरदर्शिता को भी समझते हैं।—–
आइये आपको समझायें कि अमेरिका की व्यापारिक शर्तों
(ट्रेड डील) के आगे भारत क्यों नहीं झुकता..?
यह बहुत ही खतरनाक खेल है। अगर हम झुक गए तो देश खत्म समझो। अमेरिका की दृष्टि के पीछे विनम्रता नहीं, बल्कि एक खतरनाक राजनीति छुपी है। एक ऐसी शर्त वाला क्लॉज है, जिसे भारत ने छूना तक मना कर दिया है।
ट्रम्प रोज दबाव डालते हैं, लेकिन भारत मज़बूती से खड़ा है।सब पूछते हैं – भारत अमेरिका की सभी शर्तों पर हस्ताक्षर क्यों नहीं करता? तो आइए, इस बात को विस्तार से जानते हैं…
साल 2030 तक भारत–अमेरिका के बीच व्यापार लक्ष्य $500 बिलियन तक पहुँचाने का सपना है।अच्छा लगता है ना? लेकिन उस सपने के पीछे एक शर्त थी… जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) बीज/फसल।
अमेरिका ने कहा – साइन करो।
भारत ने कहा – नहीं, कभी नहीं।
क्योंकि यह सिर्फ व्यापार नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्वतंत्रता का मुद्दा है।GM बीज कोई साधारण बीज नहीं, बल्कि एक सॉफ्टवेयर है।पेटेंट वाला सॉफ्टवेयर… एक बार साइन होने पर आपकी फसल आपकी नहीं रहती, बल्कि बीज के मालिक की हो जाती है।
और वह मालिक कौन है? Monsanto Ltd.
हाँ, वही Monsanto जिसने Agent Orange बनाया था, और अब उसका नया नाम है Bayer Ltd.।
कंपनी का सिर्फ नाम बदला है, जहर वही है।
1960 के दशक में, अमेरिका पूरे विश्व को गेहूं सप्लाई करता था।
लेकिन अब क्या देता है?
• GM मक्का
• GM सोयाबीन
• GM कैनोला
• GM कपास
ये सब “राउंडअप रेडी” फसलें हैं।
GM से खरपतवार मर जाते हैं, लेकिन फसल जिंदा रहती है क्योंकि वे केमिकल रेसिस्टेंट होती हैं।
आज अमेरिका में 95% मक्का GM है। सोयाबीन भी लगभग इतना ही।
और ये सब कहाँ जाता है? सीधा लोगों के भोजन में।
1990 के बाद से अमेरिका में…
• मोटापा दोगुना हुआ,
• किशोरों में डायबिटीज़ तेज़ी से बढ़ी,
• बांझपन,
• डिप्रेशन,
• कैंसर,
• दिल और जिगर की बीमारियाँ।
ये सब “संयोग” हैं या “नतीजा”?
और इन सबका “इलाज” क्या है?
दवाइयाँ:
• स्टैटिन्स
• मेटफॉर्मिन
• एंटीडिप्रेसेंट्स
• ओज़ेम्पिक
ये इलाज नहीं – बल्कि सब्सक्रिप्शन है!
आप जिंदा रहो, लेकिन हमेशा दवाइयों पर निर्भर रहो।
Big Food आपको बीमार बनाता है।
Big Pharma आपको जिंदा रखता है।
Big Insurance आपसे सब वसूलता है।
और जानकर हैरानी होगी कि…
इन तीनों के बड़े शेयरहोल्डर कौन हैं?
• Vanguard
• BlackRock
• State Street
और यही लोग निवेश करते हैं…
• खाने में
• दवाइयों में
• न्यूज़ नैरेटिव में
इसीलिए भारत ने दृढ़ होकर “ना” कह दिया।
और फिर क्या हुआ?
ट्रम्प के ट्वीट्स:
• पाकिस्तान से मिठास दिखाना
• पश्चिमी मीडिया का भारत-विरोधी होना
विपक्ष की आवाज़:
• मोदी सरकार असफल है
लेकिन कोई यह नहीं बताता कि… क्यों?
क्योंकि यह “ट्रेड डील” नहीं, बल्कि भारत को बीमार बनाने की योजना है।
अगर भारत इस “ट्रेड डील” पर साइन करता तो क्या खोता?
• हमारे किसान
• हमारे बीज
• हमारी मिट्टी का स्वाभिमान
• और हमारा भविष्य
ये खलनायक कौन हैं?
कृषि क्षेत्र में:
• Bayer (Monsanto)
• ADM
• Cargill
खाद्य क्षेत्र में:
• Nestlé
• PepsiCo
• Kraft
फार्मा क्षेत्र में:
• Pfizer
• Johnson & Johnson
• Merck
बीमा क्षेत्र में:
• United Health
और इनके पीछे हैं वही बड़े निवेशक,
वही डॉलर,
वही खतरनाक प्लान।
आगे से जब कोई पूछे कि –
अमेरिका की शर्त मान ली जाए तो इसमें दिक्कत क्या है?
तो उनसे कहिए –
आप अपने बच्चों को खिलाएँगे या उनकी फैक्ट्रियों को?
यह एंटी-अमेरिका नहीं है। यह है:
• प्रॉ-मिट्टी
• प्रॉ-सत्य
• प्रॉ-भविष्य
और अगर किसी को लगता है कि भारत अड़ा हुआ है तो भले ही लगे। क्योंकि अगर हम उनकी शर्तों पर साइन कर देते, तो सिर्फ एक करार नहीं खोते… बल्कि अपने पैरों तले की ज़मीन खो देते।