Saturday, March 21, 2026
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रामनवमी की तैयारीयों को लेकर रेलवे कॉलोनी में अखाड़ा समिति की बैठक।

श्री श्री 108 बजरंगबली 18 समिति रेलवे कॉलोनी पकोड़े की बैठक अशोक मंडल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया बैठक में रामनवमी महोत्सव को शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न करने को लेकर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई। बैठक में प्रमुख रूप से समिति के सक्रिय कार्यकर्ता रूपेश राम मुरारी मंडल सुशील साहा टोनी मंडल हिसाबी राय मौजूद थे।
बैठक की तैयारी को लेकर मुरारी मंडल ने कहा कि रामनवमी आस्था परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है।पाकुड़ नगर में यह पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ विगत 65 वर्षों से होते आ रहा है।26 मार्च को रामनवमी महोत्सव के शुभ अवसर पर शोभायात्रा अपराह्न में निकाली जाएगी,इस शोभायात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु बजरंगी शामिल होंगे।
शोभा यात्रा अपराह्न 3:00 बजे से अखाड़ा स्थल रेलवे कॉलोनी से नगर भवन के लिए प्रस्थान करेगी जो कैलाश नगर सिंधी पड़ा विवेकानंद चौक गांधी चौक पाकुड़ रेलवे स्टेशन हनुमान मंदिर अंबेडकर चौक पंचमुखी हनुमान मंदिर माल पहाड़ी रोड बिरसा चौक हाटपाड़ा होते हुए नगर थाना में समाप्त होगी, पुनः 10:00 बजे शोभायात्रा अपने स्थल रेलवे कॉलोनी की ओर प्रस्थान कर जाएगी। शोभायात्रा में बजरंगी खिलाड़ियों द्वारा नगर के विभिन्न स्थलों चौक चौराहा से अपना करतब दिखाएंगे।साथ ही अखाड़ा समिति के कार्यकर्ताओं ने भी आम जनों से सहयोग की अपील की है ताकि सभी के सामूहिक प्रयास से रामनवमी महोत्सव को अधिक भव्य रूप से मनाया जा सके।
बैठक में अनिकेत गोस्वामी सोनू रजक नितेश राम अमित शाह जितेश रजक विशाल यादव मोंटी सिंह सूरज राम देवराज कुमार सोनू मंडल मानव सिंह रोहित पासवान सोनू हाजरा राजेशतुरी गुलशन चौधरी संजय राय कृष सिंह अशोक पासवान आदि मौजूदथे।

जिप सदस्य ने जिप अध्यक्ष पर लगाये गम्भीर आरोप, जिप अध्यक्ष ने ख़ारिज कर अरोपों को मनगढ़ंत बताया।

पिंकी मंडल ने प्रेस वार्ता कर जिला परिषद अध्यक्ष पर लगाया गंभीर आरोप

समाधान न होने पर होगा आंदोलन : जिला परिषद सदस्य

पाकुड़ : मंगलवार को शहर के रॉयल होटल के सभागार में जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल के द्वारा प्रेस वार्ता किया गया जिसमें उनके द्वारा जिला परिषद अध्यक्ष जूली क्रिस्टोमोनी हेंब्रम पर गंभीर आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर उनको अध्यक्ष बनाए है ताकि पांच वर्षों तक समाज हित में बेहतर कार्य होगा लेकिन इन चार वर्षों में उनके द्वारा हमेशा तानाशाही रवैया अपनाया गया है। हमारे क्षेत्र में कोई भी काम होता है तो हमारे से विचार विमर्श नहीं किया जाता है, अगर उनको फोन किया जाता है तो उनका नंबर लगता नहीं है या ऑफ बताता है, अगर वो परिषद आती है तो मिलने जाने पर देखा जाता है सिर्फ ठीकेदारों का अड्डा रहता है, हमलोग का बात सुनती ही नहीं है, कहा जाता है कि उनके पति से बात करने के लिए, सवाल जिला परिषद अध्यक्ष जूली है या उनका पति। कोई मांग विकास योजना को लेकर करने से कहा जाता है कि ऊपर कोई अध्यक्ष का सुनता नहीं है। कोई भी अगर काम आता है तो उसमें से दस प्रतिशत पहले काट लिया जाता है और नौ प्रतिशत ऑफिस का, इस तरह कैसे कार्य होगा , कैसे जनता और क्षेत्र का विकास होगा, समाज में बदनाम हमलोग हो रहे है कि हमलोग जन प्रतिनिधि होने के बाद भी कार्य नहीं करते है। हम अपने क्षेत्र में विकास की मांग कई बार लिखित रूप से अध्यक्ष, डीडीसी एवं डीसी को दिए है जिसपर कोई पहल नहीं होती है। उन्होंने कहा कि विगत दिनों एक नल तलवाड़ांगा में खराब था उसको ठीक करवाने के लिए जल संसाधन विभाग को फोन किए, बीडीओ को फोन किए लेकिन कोई पहल नहीं हुआ, अध्यक्ष का नंबर तो लगता नहीं है। अध्यक्ष के द्वारा सिर्फ टेंडर मैनेज किया जाता है और विशेष कर एक षडयंत्र के तहत सिर्फ पाकुड़िया क्षेत्र का विकास पर ध्यान है। पिंकी ने बताया कि उपाध्यक्ष अशोक भगत का दो नंबर है दोनों नंबर बंद है, एक पर इनकमिंग कॉल की सुविधा नहीं है दूसरा लगता नहीं है तो ऐसी स्थिति में हमलोग कहां जाएंगे और अपनी समस्याओं को किनके पास रखेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कही कि अगर इस मामले पर जिला परिषद अध्यक्ष के द्वारा अविलंब सकारात्मक पहल नहीं किया गया तो उनके द्वारा आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदार खुद अध्यक्ष होंगे। जनता की समस्याओं एवं क्षेत्र की विकास ही उनकी प्राथमिकता है जिसपर वो पीछे नहीं हटेगी।

इधर जिप अध्यक्ष ने सभी आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए ख़रीज किया। उन्होंने कहा जनता सब जानती है ।

अब तो जाँच से ही पता चल सकता है आरोप सही है या अध्यक्ष के दावे ए इंकार।

नगर की सरकार हुई है रेस , हर ज़रुरी मुद्दे पर स्वयं पहुँच रही और कर रही निरीक्षण।

कैलाश नगर में जलजमाव से जनजीवन बेहाल, समस्या देखने पहुँचे नगर परिषद के जनप्रतिनिधि
स्थायी जलजमाव प्रभावित क्षेत्र का किया गया विस्तृत निरीक्षण

पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र के कैलाश नगर में सोमवार को जलजमाव से प्रभावित इलाके का निरीक्षण करने के लिए नगर परिषद के जनप्रतिनिधि मौके पर पहुँचे। इस दौरान अध्यक्ष शबरी पाल, उपाध्यक्ष राणा ओझा तथा वार्ड पार्षद निभा देवी ने पूरे क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने देखा कि इलाके में थोड़ी सी बारिश के बाद ही सड़कों और गलियों में पानी भर जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जनप्रतिनिधियों ने जलमग्न इलाकों में जाकर स्थानीय निवासियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। इस दौरान लोगों ने बताया कि हर वर्ष बरसात के मौसम में कैलाश नगर की स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाती है और उन्हें कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

हल्की बारिश में भी बन जाती है बाढ़ जैसी स्थिति

स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों को बताया कि कैलाश नगर में हल्की बारिश होने पर ही बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। बारिश का पानी सड़कों और गलियों में जमा होकर धीरे-धीरे लोगों के घरों के अंदर तक प्रवेश कर जाता है, जिससे घरेलू सामान और दैनिक जीवन दोनों प्रभावित होते हैं। कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि लोग घर से बाहर निकलने में भी असमर्थ हो जाते हैं।
चारों ओर पानी भरा रहने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जलजमाव के कारण गंदगी और बदबू की समस्या भी बढ़ जाती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी उत्पन्न हो जाते हैं।

निचला इलाका होने से बढ़ती है परेशानी

बताया जाता है कि कैलाश नगर शहर का अपेक्षाकृत निचला क्षेत्र है। इस कारण आसपास के इलाकों का बरसाती और गंदा पानी बहकर इसी क्षेत्र में आकर जमा हो जाता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह पानी लंबे समय तक जमा रहता है और धीरे-धीरे स्थिति गंभीर रूप ले लेती है।
बरसात के दिनों में यहां के लोगों का दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है। सड़कों पर पानी भरे रहने से आवागमन बाधित होता है और कई बार बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल हो जाता है।

प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर सुनी समस्याएं

निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने जलजमाव से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनसे उनकी परेशानियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। लोगों ने बताया कि बरसात के मौसम में उन्हें जलजमाव, गंदगी, मच्छरों की बढ़ती समस्या और आवागमन में बाधा जैसी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
जनप्रतिनिधियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि नगर परिषद उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में प्रयास करेगा।

नगर परिषद अध्यक्ष ने समाधान के लिए बैठक का दिया आश्वासन

इस मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष शबरी पाल ने कहा कि कैलाश नगर में जलजमाव की समस्या काफी समय से बनी हुई है और यह वास्तव में गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद की बोर्ड बैठक में विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा और विशेषज्ञों से सलाह लेकर स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फिलहाल तत्काल राहत देने के लिए सफाई पर्यवेक्षक को जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि क्षेत्र में जमा पानी को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके और लोगों को राहत मिल सके।

वार्ड पार्षद निभा देवी ने दिया सर्वांगीण विकास का भरोसा

वहीं वार्ड पार्षद निभा देवी ने कहा कि कैलाश नगर में जलजमाव की समस्या अत्यंत विकराल रूप ले चुकी है और यहां के लोगों को हर वर्ष भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि साल के लगभग चार महीने तक यह इलाका जलमग्न रहता है, जिससे लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी प्राथमिकता है कि वार्ड के हर नागरिक को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों और लोगों को इस तरह की समस्याओं से राहत मिले। जलजमाव की समस्या को लेकर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी बातचीत की जाएगी, ताकि स्थायी रूप से जल निकासी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

निभा देवी ने यह भी कहा कि वह वार्ड के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव तत्पर और प्रतिबद्ध रहेंगी। उन्होंने कहा कि सड़क, नाली, सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी अपील की कि वे विकास कार्यों में सहयोग करें, ताकि मिल-जुलकर कैलाश नगर को स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित क्षेत्र बनाया जा सके।

स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं स्थानीय लोग

कैलाश नगर के निवासियों को उम्मीद है कि नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा। यदि जल निकासी की समुचित व्यवस्था और मजबूत नालियों का निर्माण कराया जाता है तो हर वर्ष बरसात में उत्पन्न होने वाली इस समस्या से लोगों को काफी राहत मिल सकती है।

समाधान की ओर बढ़ते कदम, विकास की जगी नई उम्मीद

कैलाश नगर में लंबे समय से बनी जलजमाव की गंभीर समस्या को देखते हुए नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना और स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुनना एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने जिस तरह से स्थायी समाधान की दिशा में प्रयास करने, प्रशासन से समन्वय स्थापित करने तथा जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने का आश्वासन दिया है, उससे स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में इस समस्या का प्रभावी समाधान निकलेगा। साथ ही वार्ड के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त किए जाने से यह विश्वास भी मजबूत हुआ है कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ कर कैलाश नगर को स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जाएंगे।

शैक्षणिक परिभ्रमण हेतु रवाना हुए डी ए वी के बच्चे

*साइंस सिटी एवं फॉसिल पार्क का किया भ्रमण*
पाकुड़।
डी ए वी पब्लिक स्कूल गोकुलपुर, पाकुड़ के सह-पाठ्यक्रम गतिविधि के तहत शनिवार को विद्यालय के वर्ग सप्तम, नवम एवं ग्यारहवीं के करीब 100 बच्चों को शैक्षणिक परिभ्रमण हेतु विद्यालय बस से साहिबगंज के प्रसिद्ध साइंस सिटी एवं मंडरो प्रखंड में स्थित फॉसिल पार्क ले जाया गया।
शनिवार को सुबह विद्यालय परिसर से प्राचार्य डॉ विश्वदीप चक्रवर्ती, प्रभारी प्राचार्य श्री संजीव कुमार मिश्रा, वरिष्ठ अध्यापक डी के सिंह, अमित कुमार एवं अन्य शिक्षकों ने सामूहिक रूप से हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया।
प्राचार्य डॉ चक्रवर्ती ने बताया कि ऐसे परिभ्रमण से छात्रों का बौद्धिक और मानसिक विकास होता है, इसलिए हर साल हर कक्षा के बच्चों को विभिन्न जगहों का परिभ्रमण कराया जाता है। उन्होंने आगे बताया कि ऐसे भ्रमण से बच्चों को अपने धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक ज्ञान एवं रीति रिवाजों की गहरी समझ मिलती है। शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों की न केवल जिज्ञासा शांत होती है वरन् उन्हें ज्ञानवर्धक जानकारी भी मिलती है।
एक साथ बस के माध्यम से शैक्षणिक भ्रमण को लेकर बच्चों में खुशी देखी गई। बच्चों ने जहां पार्क का भ्रमण किया वहीं पहाड़ियों पर चढ़कर काफी आनंदित महसूस किए। फॉसिल के बारे में म्यूजियम एवं फिल्म के माध्यम से जानकारियां प्राप्त की। स्थानीय गाइड के माध्यम से बच्चों को इन स्थानों की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई।
परिभ्रमण में छात्र छात्राओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए वरिष्ठ शिक्षक धर्मेंद्र कुमार देव, रतन पांडे, राजेंद्र बग्गा, विश्वनाथ मुखर्जी, गोपाल विश्वास, पापीया बनर्जी, अनुपमा साह, कुमारी प्रियंका एवं तूलिका बिस्वास के साथ साथ संजय कुमार यादव को भेजा गया।

पाकुड़ मंडलकारा में जेल अदालत सह चिकित्सीय जांच शिविर का आयोजन

झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर डालसा सचिव रूपा बंदना किरो की अध्यक्षता में जेल अदालत सह चिकित्सीय जांच शिविर का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम का उद्घाटन सचिव रूपा बंदना किरो, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के चीफ सुबोध कुमार दफादार डॉ एस के झा जेल के प्रशासनिक अधिकारी संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।उक्त कार्यक्रम में सचिव रूपा बंदना किरो नेबंदियों को उनके कानूनी अधिकार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता पर विस्तृत जानकारी दी। बंदियों के वाद से संबंधित मामलों की जानकारी ली। साथ ही बंदियों के हित में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी ने कानूनी जानकारी एवं मामलों से संबंधित कानूनी जानकारी दी। लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के डिप्टी चीफ मो नुकुमुद्दीन शेख बंदियों से संबंधित कानूनी पहलुओं पर विचार व्यक्त किया। इस दौरान न्यायिक पदाधिकारी ने कारागार परिसर स्थित महिला वार्ड का भी निरीक्षण किया. उन्होंने महिला बंदियों से मुलाकात कर पूछा कि उन्हें किसी प्रकार की विधिक या अन्य समस्या तो नहीं है. उन्होंने महिला बंदियों को भी निशुल्क विधिक सहायता, परामर्श एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी। कैदियों के लिए चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया जिसके तहत बंदियों के बीपी सुगर समेत स्वास्थ्य की जांच की गई और आवश्यक चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया गया। मौके सचिव रूपा बंदना किरो अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी,डॉ एस के झा मेडिकल टीम के सदस्य, लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के चीफ सुबोध कुमार दफादार डिप्टी चीफ मो नुकूमुदीन शेख संजीव कुमार मंडल जेल के प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

*राष्ट्रीय लोक अदालत सह राज्य स्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तिकरण कार्यक्रम का वर्चुअल उद्घाटन का आयोजन*

इस वर्ष का पहला राष्ट्रीय लोक अदालत सह राज्य स्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तिकरण वर्चुअल उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रशासनिक न्यायाधीश जमशेदपुर न्यायपालिका माननीय जस्टिस श्री सुजीत नारायण प्रसाद एवं झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थित में 14 मार्च 2026 शनिवार को सिदगोड़ा टाउन हॉल जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम से की। इस दौरान पाकुड़ व्यवहार न्यायालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे वर्चुअल उद्घाटन ऑनलाइन के माध्यम से जुड़कर शामिल हुए। वर्चुअल उद्घाटन में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक, अपर सत्र न्यायधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्र,डालसा सचिव रूपा बंदना किरो, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी,अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सदिश उज्जवल बेक, वर्चुअल रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए।राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों का त्वरित और आपकी सहमति से निस्तारण को लेकर कुल आठ बैंचो का गठन किया गया जिसमें पारिवारिक (तलाक, भरण-पोषण), बैंक ऋण, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा, सुलहनीय आपराधिक मामले समेत राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर सुलझाए जाने वाले योग्य मामलों का कुल 16 हजार 2 सौ 79 वादों का निष्पादन किया गया जिसमें 8 करोड़ 64 लाख 10हज़ार 4 सौ 82 रूपये का समझौता कराया गया। मौके पर भारी संख्या में विभागीय अधिकारी वादी प्रतिवादी, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स उपस्थित रहें।

नये वार्ड पार्षद के साथ नई उमंग के बीच सेवा कार्य की हुई शुरुआत।

वार्ड नंबर 11 के विकास कार्यों को मिली नहीं रफ्तार,पार्षद निभा देवी हुई सक्रिय,साफ-सफाई,स्ट्रीट लाइट व्यवस्था,बोरिंग को सुधारने की शुरू हुई पहल।
पाकुड़ नगर परिषद के अंतर्गत वार्ड नंबर 11 में विकास कार्यों की रफ्तार तेज होती नजर आ रही है। वार्ड की पार्षद निभा देवी सक्रिय होकर क्षेत्र की जनता की सेवा में जुट गई है,और वार्ड की मूलभूत समस्याओं की समाधान की दिशा में लगातार पहल कर रही है।पार्षद सक्रिय होने के बाद वार्ड में साफ- सफाई को बेहतर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है,वहीं लंबे समय से खराब पड़े बिजली के पोल में लगे लाइटों की को भी दुरुस्त कराया जा रहा है ताकि शाम होते ही अंधेरे में डूब जाने वाली सड़के और गलियों में रोशनी व्यवस्था सुनिश्चित हो सके, आमजनों को बोरिंग और चापानल से हो रही पेय जलापूर्ति को दुरुस्त किया जा रहा है।
पार्षद निभा देवी ने बताया कि पिछले कई वर्षों से वार्ड में कई आवश्यक विकास कार्य विभिन्न कार्य से सही तरीके से नहीं हो पा रहे थे, जिसके कारण वार्ड वासियों को सफाई,पेयजल,प्रकाश व्यवस्था समेत अन्य मुलभुत सुविधाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था‌।लेकिन अब स्थिति को तेजी से सुधारने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।नगर परिषद के संबंधित विभागों के सहयोग से नियमित कचड़ा उठाव और नालियों की सफाई सुनिश्चित कराई जा रही है, वहीं बंद पड़े स्ट्रीट लाइटों की मरम्मती और नई लाइट लगाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है जिससे वार्ड में लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि जिस विश्वास के साथ वार्ड की जनता ने मुझे जिम्मेदारी सौंपी है उसे पर खड़ा उतरना उनकी प्राथमिकता है। वार्ड में साफ-सफाई जलमग्न कैलाशनगर को सुविधायुक्त बनाने,रोशन,सड़क पानी निकासी हेतु नाली का निर्माण सहित अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाना ही उनका लक्ष्य है।पार्षद ने आगे कहा कि आगे भी वार्ड में विकास और जनता की समस्याओं के समाधान हेतु लगातार प्रयास करती रहेगी और किसी भी समस्याओं को अनदेखा नहीं होने दिया जाएगा।
इधर वार्ड में विकास कार्यों की शुरुआत होते ही स्थानीय लोगों में भी खुशी का माहौल देखा जा रहा है। वार्ड वासियों का कहना है कि लंबे समय के बाद वार्ड में साफ-सफाई और रोशनी व्यवस्था को लेकर ठोस पहल होती नजर आ रही है।लोगों ने उम्मीद जताई कि पार्षद की सक्रियता से वार्ड नंबर 11 में आने वाले दिनों में और भी विकास कार्य तेजी से बढ़ेंगे तथा वार्ड की बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा।

बहुत हो गया , अब विस्थापितों ने स्वयं उठाये झंडे और हक़ की आवाज़ , देखना होगा परिणाम का आगाज़ !

हँलांकि विस्थापितों की कहानी पूरे देश में लगभग मिलती जुलती है। झखण्ड में ज्यादा दर्द में हैं विस्थापित , और पाकुड़ में यही दर्द पराकाष्ठा पर है।
कारण है , नेताओं ने समय समय पर इन विस्थापितों को हक़ दिलाने के वादे पर आंदोलन तो किये लेकिन समझदार समझ जायेंगे कि पीड़ित के दर्द तो यथावत रहे और आंदोलन करने वाले ….
खैर अपने ही बीच के दलाल भी बन गए और विस्थापित ठगे रहे।
विस्थापितों ने अब स्वयं झंडा उठा लिया है। नेताओं और बीचवालों से किनारा कर अपनी आवाज़ स्वयं उठा रहे हैं।
पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा पचुवाड़ा नॉर्थ कोल परियोजना क्षेत्र के विस्थापित-ग्रामीण अथवा रैयतों के संवैधानिक अधिकारों का दमन हो रहा है। उनके आधारभूत नागरिक सुविधाओं को कुचला जा रहा है। विस्थापित शोषित हैं। पीड़ित हैं। उनकी आवाज अनसुनी कर दी जा रही है। जिन्हें अपना कीमती मत देकर वो सदन और संसद तक पहुंचा रहे हैं, जिन्हें अपना रहनुमा चुन रहे हैं, जिन्हें ये अपनी आशा और उम्मीद समझ रहे हैं ; वो भी इनकी अंतहीन समस्याओं के प्रति उदासीन हैं। विवश होकर ये अपनी मांगों को लेकर गत 9 मार्च से यानि लगातार तीन दिन से धरने पर बैठे हुए हैं। माइंस में खनन, परिवहन सहित तमाम गतिविधियां बुद्धवार को भी पूर्णतः ठप रहीं। परियोजना क्षेत्र के विस्थापित महिला,पुरुष, बच्चे सभी सार प्रॉजेक्ट गेट के समक्ष अपनी मांगों को पूरा करवाने को ले अड़े हुए हैं। बेहतर औपचारिक व तकनीकि शिक्षा , स्पेसल चिकित्सा सुविधा बहाली, योग्यता के अनुरूप नौकरी और पगार में वृद्धि,कोयला निकाले जा चुके जमीन का समतलीकरण अन्यान्य इनकी प्रमुख मांगें हैं। अनुश्रवण एवं नियंत्रण कार्य समिति पचुवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक-बिशनपुर के नेतृत्व में ग्रामीण अपने मौलिक मांगों पर डंटे हुए हैं। विभिन्न गांवों के नाराज व असंतुष्ट विस्थापित ग्रामीणों ने कहा कि डब्लूबीपीडीसीएल और बीजीआर पिछले सात वर्षों से कोयले का खनन और परिवहन लगातार कर रही है। प्रति दिन करोड़ों-अरबों का व्यवसाय हो रहा है। हमारी मांगें बैठकों,आश्वासनों और भरोसों की आड़ में टाल दी जा रही हैं। आजतक न स्कूल मिला, न एक सुविधायुक्त हॉस्पिटल। डब्लूबीपीडीसीएल व बीजीआर सिर्फ आदिवासियों का शोषण कर रही है। पिछले तीन दिनों से प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और प्रशासन की बैठकों का सिलसिला यहां जारी है किंतु, समस्याओं का कोई निदान नहीं निकला है। प्रशासन या संबंधित एलॉटी व एमडीओ कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रही है। हमलोग वर्षों से छले जा रहे हैं। अब झूठे वादों पर भरोसा नहीं। प्रबुद्ध विस्थापितों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि नॉर्थ कोल ब्लॉक के एलॉटी डब्लूबीपीडीसीएल और एमडीओ बीजीआर एमओयू अथवा इकरारनामे का आंशिक अनुपालन भी नहीं कर रहा है। हमलोग मनमानीपूर्ण रवैये से परेशान हैं। इस दफ़ा कोई न कोई ठोस निदान निकालना ही होगा अन्यथा चक्का जाम रहेगा और अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।

*डब्लूबीपीडीसीएल के जीएम ने कहा :* इस परिप्रेक्ष्य में वेस्ट बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेसन लिमिटेड के महा प्रबंधक रामाशीष चटर्जी ने कहा कि मोबाइल मेडिकल यूनिट की सुविधा ग्रामीणों को दी जा रही है। स्वास्थ्य सेवा के विस्तार और बेहतरी के लिए प्लानिंग की जा रही है। माइनिंग चल रहे अथवा माइनिंग हो चुके गांवों के बच्चों को स्कॉलरशिप दी जा रही है। माइनिंग प्लान के तहत माइनिंग क्लोजर भी होगा। प्लान के तहत लैंड लेवलिंग किए जाएंगे। विस्थापितों को अनस्किल्ड मजदूरी दी जा रही है। स्किल डेवलपमेंट केंद्रों को भी विस्तारित किया जा रहा है। 376 परियोजना प्रभावितों को अनस्किल्ड सैलरी दी जा रही है। विस्थापितों की तमाम समस्याओं पर विमर्श किया जा रहा है। प्लानिंग्स हो रही हैं। निदान के ठोस प्रयास जारी हैं।

*धरना स्थल पर ये थे मौजूद :* बानेश्वर टुडू, वकील बेसरा, अन्द्रियास मूर्मू,मुंशी टुडू, मानवेल हांसदा, सोम हेम्ब्रम, शिवधन हेम्ब्रम, मालती हेम्ब्रम,मुखी किस्कू,ताला मूर्मू, मालोती टुडू, मंझली सोरेन,लालमुनी सोरेन, चिते बासकी, नाचोन मूर्मू, बीटी हांसदा, चुमके बेसरा, देकुड़ी टुडू, बाले सोरेन, फूलमुनी हेम्ब्रम आदि महिला-पुरुष अपने छोटे बच्चों के साथ धरना स्थल पर डंटे हुए थे।

इबादत के पाक महीने में ऊपरवाले ने बचा दिया पूरा परिवार, समान सहित जल गया पूरा घर।

गैस चूल्हे से घर में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान, बाल-बाल बचा परिवार

सेहरी के लिए भोजन बनाने के दौरान हुई घटना

पाकुड़ सदर अंचल के ईलामी पंचायत के मध्य टोला में शनिवार की देर रात सेहरी के लिए भोजन बनाने के दौरान एक घर में भीषण आग लग गई। जिससे घर पूरी तरह से जलकर राख हो गया। आग इतकी भयावह थी कि घर में रखे सारे सामान जलकर बर्बाद हो गए और एक भी सामान नहीं बचा। पूरा परिवार सड़क पर आ गया है। घर में रख खाने के सामानों में दाल, चावल सहित अन्य राशन, फसल सबकुछ जल गया। पहनने के कपड़े, सोने के लिए बिस्तर, खटिया, पलंग और भोजन बनाने के बर्तन भी जलकर बर्बाद हो गए। इतना ही नहीं आग लगने से घर में रखें कम से कम 30 से 35 हजार रुपए भी जल गए। इसके अलावा कुछ जेवर भी जल गए, जो घटना के बाद से नहीं मिल रहा है। हालांकि किस्मत अच्छी रही कि पूरा परिवार आग की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। जिस वक्त घटना हुई उस वक्त घर के सदस्य सोए हुए थे। किसी तरह भाग कर सभी ने जान बचाई। मकान मालिक युसूफ शेख ने बताया कि रमजान का महीना चल रहा है और घर में रोजेदारों के लिए सेहरी के लिए भोजन बनाने के दौरान घटना घटी है। पत्नी भोजन बनाने के लिए गैस चूल्हा जला रही थी। तभी अचानक से आग भड़क उठी। इस घटना में लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। एक भी सामान नहीं बचा है। जिससे मेरा पूरा परिवार सड़क पर आ गया है। उन्होंने कहा कि किस्मत अच्छी रही कि घटना में परिवार के किसी सदस्य को शारीरिक रूप से नुकसान नहीं पहुंचा। जिस तरह से अचानक ही पल भर में आग ने पूरे घर को आगोश में ले लिया, उससे हमें शारीरिक रूप से भी बड़ा नुकसान होने का खतरा था। अल्लाह ताला का शुक्र है कि घर के सारे सदस्य आग के चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। मकान मालिक युसूफ शेख की पत्नी आसनारा बीवी ने बताया कि रात करीब 2:00 बजे सेहरी में भोजन बनाने के लिए गैस चूल्हा जलाने गई, तभी अचानक से आग भड़क उठी। देखते ही देखते पूरा घर आग की चपेट में आ गया। आस-पास के लोग हल्ला सुनकर दौड़े-दौड़े आए और आग को बुझाने लगे। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक सब-कुछ जलकर खाक हो चुका था। इधर घटना की खबर मिलते ही मुखिया अब्दुस समद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने घटना का जायजा लिया और परिवारों से जानकारी ली। मुखिया अब्दुस समद ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने अंचल कार्यालय के अधिकारियों से भी बात की और सरकारी मदद के लिए अनुरोध किया। मुखिया अब्दुस समद ने पीड़ित परिवार को तत्काल व्यक्तिगत रूप से आर्थिक मदद भी पहुंचाई। उन्होंने कहा कि घटना में लाखों का नुकसान हुआ है। मैंने अंचल कार्यालय से बात की है और अपने स्तर से सहयोग किया है। आगे सरकारी प्रावधान के मुताबिक जो भी सहयोग होगा, इसके लिए मैं खुद पहल करूंगा। मुखिया ने कहा कि घटना की जानकारी स्थानीय विधायक को भी दी गई है।

*पाकुड़ के नरोत्तमपुर पंचायत में मनाया गया विश्व महिला दिवस*

झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे के निर्देश पर प्रभारी सचिव विशाल मांझी के मार्गदर्शन में आज पाकुड़ के नरोत्तमपुर पंचायत में मदरसा सिराजुल उलूम में विश्व महिला दिवस मनाया गया। उक्त कार्यक्रम में अपर समाहर्ता पदाधिकारी (ए सी) जेम्स सुरीन ने कहा कि आज 8 मार्च को विश्व महिला दिवस के रूप में हम लोग मानते हैं पहले पूरे विश्व में आज की तुलना में महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं थी महिलाओं को पुरुष के बराबर सामान नहीं मिल पाता था सामाजिक आर्थिक राजनीतिक दृष्टिकोण से कदम से कदम मिलाने में महिलाएं सक्षम नहीं थे लेकिन जागरूकता के कारण आज महिलाओं को कई अधिकार मिले हैं और आगे बढ़ रहे हैं आज की महिलाएं की स्थिति पूर्व से काफी बेहतर है सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस दौरान महिलाओं के हित में सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं पर प्रकाश डाला गया। लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के डिप्टी चीफ मो नुकुमुद्दीन शेख व संजीव कुमार मंडल ने संयुक्त रूप से महिलाओं के कानूनी अधिकार उनके हक पर कानूनी जानकारी से अवगत कराया।आज की महिलाओं के स्थिति एवं उनके हित में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।मौके पर पाकुड़ विधायक शिक्षा प्रतिनिधि मीरजहान विश्वास, पंचायत के मुखिया झरना मरांडी, मुफ्फसिल थाना के पुलिस पदाधिकारी राजेश कुमार राम, मदरसा सिराजुल उलूम के मौलवी मो बदरे आलम, पैरालीगल वॉलिंटियर उत्पल मंडल, मोकमाउल शेख मौजूद रहे। मंच का संचालन इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेड एच विश्वास ने की। इस दौरान सलीना खातून , मो अतहर आलम, सानिया परवीन अमीना खातून, वहीदा खातून, तोहिदुर रहमान अनारूल शेख को महिला दिवस परसंस्था द्वारा सर्टिफिकेट दे कर सम्मानित किया गया।