बसमाता मौजा के दाग संख्या 536 के एक बीघा आठ कट्ठा जमीन का पत्थर खो गया है। अब बेचारी जमीन अबला की तरह लुट तो गई , कहीं शिकायत भी नहीं कर पाई। ख़बरनबीस की नजर पड़ी तो,समाचार प्रकाशन के बाद सीओ के नेतृत्व में हुई स्थल निरीक्षण ।
खननकर्ता कागज़ातों के साथ कार्यालय बुलाये गये।
कागज़ात जाँच के बाद होगी नापी और करवाई।
आजकल पाकुड़ जिला में एक कहावत हर चौक चौराहे पर सुनी जा रही हैं की
” तूहूं लूटो हमहुँ लुटव ,लूटे के आज़ादी बा,
सबले ज्यादा उहे लुटिहें ,जेकरा देह पे खादी बा ।”
(जिस तरह का लूट का माजरा सामने आया है, वो बिना सक्षम राजनैतिक संरक्षण के सम्भव नहीं। अब कागज़ात के साथ खननकर्ता पहुँचते हैं , या खादी का फोन यह तो बताना मुश्किल है, लेकिन मामला क्या है, जानना लोगों का अधिकार है।
पाकुड़ जिला काला पत्थर के नाम से जाना जाता है.जहाँ ईमानदारी से कारोबार करने वाले तो हैं परन्तु अधिकतर माइनिंग चोरी और राजस्व को हानि पहुँचाने वालों की कोई कमी नहीं हैं.मालपहाड़ी थाना क्षेत्र के बासमाता मौजा में हेना स्टोन वर्क्स के नाम की चर्चा इन दिनों तेजी से हो रही हैं.और होना भी क्यों नहीं चाहिए, क्यूंकि जिस स्थान और दाग पर सरकार ने उन्हें लीज दिया हैं वे लीज से हटकर अनावादी जमीन को भी खा गया हैं जिसकी चर्चा हो रही हैं.खनन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हेना स्टोन वर्क्स को बसमाता मौजा में खाता संख्या 10, 13, 03, 08,05 एवं 21 और प्लॉट संख्या 301, 302, 523, 524,525,526,527,529,530,531,532,508,509,512,533,539 हैं. जबकि कुल 6.37 एकड़ में लीज प्राप्त हैं.सूत्र बताते हैं की लीजधारक अपने लीज एरिया से हटकर दाग संख्या 536 कुल एक बीघा आठ कट्ठा जमीन जो की अनावादी हैं पूरा का पूरा खा गया हैं.सूत्रों की माने तो अनावादी जमीन खाने के बाद पाकुड़-राजग्राम पीडब्लूडी मुख्य सड़क पर अब खतरे की घंटी बज रही हैं.ब्लास्टिंग करते करते मुख्य सड़क से आवाजाही पर खतरा मंडराने लगा हैं.अगर समय रहते नहीं रोका गया तो बड़ा हादसा हो सकता हैं.
पत्थर माफियाओं का अब नहीं रहा प्रशासन से खौफ….
विश्वस्त सूत्रों की माने तो एक अगर पत्थर स्टोन लीज कराया जाए तो सीओ रिपोर्ट से लेकर डीएफओ रिपोर्ट और एलवाई बनाने तक करोड़ों रूपये खर्च हो जाते हैं.परन्तु अगर ईमानदारी से लीज दिया जाए तो दस लाख से अधिक खर्च नहीं होगा. अब सवाल उठता हैं की जब एक लीज लेने में नीचे से ऊपर तक करोड़ों खर्च कारोबारी करेंगे तो ईमानदारी से काम कैसे हो सकता हैं? आखिर इतने अधिक रूपये लिए जाते हैं किसी से छुपी नहीं हैं.ईमानदारी का चोला पहनकर भर्ष्टाचार पुरे चर्म पर हैं.पाकुड़ जिले के पाकुड़िया,महेशपुर के रद्दीपुर,सदर ब्लॉक के मालपहाड़ी हो या हिरणपुर ब्लॉक का पत्थर औद्योगिक क्षेत्र हो हर तरफ के पत्थर कारोबारी एक अंजान वसूली गेंग से परेशान हैं. स्वावभाविक हैं अवैध कारोबार करने के लिए जिम्मेवार लोग ही उकसा रहे हैं.बहरहाल जिले के सीमावर्ती साहेबगंज जिला में ईडी और सीबीआई के धमक के बाद भी पाकुड़ जिला में कोई असर नहीं दिख रहा हैं.अब आगे देखना होगा शासन और प्रशासन में बैठे अधिकारी आगे की कार्रवाई करती हैं या फिर खामोश होकर पन्ने पलटते हुए आगे बढ़ जायेंगे.
कहीं राजनीति संरक्षण में तो नहीं हो रहा कारोबार…
मालपहाड़ी थाना क्षेत्र में दर्जन भर ऐसे क्रेशर हैं जिनका वैध कागजात नहीं हैं. बिना वैध कागजात के ही चल रहा हैं.सूत्रों की माने तो कुछ सफेदपोश का खुला संरक्षण प्राप्त हैं.जब भी अधिकारीयों का गाड़ी जाती हैं अवैध कारोबारियों तक खबर पंहुचा दी जाती हैं. कुल मुलाकार अवैध कारोबार फल फूल रहा हैं.
अधिकारीयों की हो रही हैं रेकी…
जैसे ही अधिकारीयों की गाड़ी मालपहाड़ी थाना क्षेत्र में घुसती हैं रेकी करने वाले और पासिंग गिरोह के सदस्य मोबाईल से खबर कर देते हैं.पासिंग गिरोह के सदस्य पाकुड़-राजग्राम मुख्य सड़क के रेलवे लाइन,बाहिरग्राम के चाय पान दुकान में रहता हैं.इसके अलावे कोयला रोड से जाने के क्रम में दुर्गापुर गांव के आसपास भी लोग अधिकारीयों का रेकी करते हैं.