Tuesday, January 13, 2026
HomeBlogआख़िर क्या थी मंशा , रेलवे को जानना है ज़रूरी।

आख़िर क्या थी मंशा , रेलवे को जानना है ज़रूरी।

पाकुड़ रेलवे ट्रैक पर साजिश, वनांचल एक्सप्रेस थी निशाने पर, मालगाड़ी से टला बड़ा हादसा।

पाकुड़ जिले के तिलभीटा और कोटालपोखर रेलवे स्टेशन के बीच शनिवार देर रात रेलवे ट्रैक पर रखे गए भारी लोहे के टुकड़े ने एक बड़ी साजिश की ओर इशारा किया है। घटनाक्रम पर गौर करें तो साफ होता है कि असामाजिक तत्वों का असली निशाना डाउन लाइन से गुजरने वाली वनांचल एक्सप्रेस थी, लेकिन संयोगवश उससे पहले मालगाड़ी गुजर जाने से बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, गया–हावड़ा एक्सप्रेस रात करीब 10 बजे पाकुड़ स्टेशन से सुरक्षित गुजर गई थी। इसके बाद ही अपराधियों ने डाउन लाइन पर करीब डेढ़ मीटर लंबा भारी लोहे का टुकड़ा रख दिया। इसी दौरान लगभग 10.15 बजे एक मालगाड़ी उस ट्रैक से गुजरी। लोहे का टुकड़ा इंजन और डिब्बों की चपेट में आ गया और घिसटते हुए करीब दो तीन सो मीटर तक आगे बढ़ गया। इस दौरान खंभा संख्या 156/04 के आगे तक कई स्लीपर और पटरी क्षतिग्रस्त हो गए। तेज रगड़ की आवाज सुनते ही मालगाड़ी के चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाया और ट्रेन को रोका। तुरंत स्टेशन मास्टर को सूचना दी गई, जिसके बाद आरपीएफ और जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंचीं। ट्रैक की बारीकी से जांच और मरम्मत के बाद ही वनांचल एक्सप्रेस को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। घटना के कारण वनांचल एक्सप्रेस तिलभीटा या कोटालपोखर के बीच करीब एक से डेढ़ घंटे तक खड़ी रही और देर रात लगभग 12 बजे पाकुड़ स्टेशन पहुंच सकी।
जांच में यह भी सामने आया कि वनांचल एक्सप्रेस का पाकुड़ आगमन रात 10.23 बजे निर्धारित था और यह ट्रेन साहिबगंज जिले के बड़हरवा से रात 9.57 बजे रवाना होकर 10.15 बजे गुमानी स्टेशन पहुंची थी। इसी समय के आसपास ट्रैक पर लोहा रखे जाने से आशंका और गहरी हो गई है कि अपराधियों की मंशा इसी ट्रेन को नुकसान पहुंचाने की थी।
रविवार को घटनास्थल पर आरपीएफ इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह, सीआईबी और जीआरपी के अधिकारी पहुंचे। वरीय अधिकारियों को सूचना मिलने के बाद रामपुरहाट से एसई राजकुमार साव और एईएम की टीम ने देर रात निरीक्षण किया। रविवार सुबह वर्द्धमान से डॉग स्क्वायड की टीम भी जांच के लिए पहुंची, हालांकि कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। बाद में सीनियर डिवीजनल सिक्योरिटी कमिश्नर रघुवीर चोक्का ने पाकुड़ पहुंचकर मामले की समीक्षा की।
रेलवे ट्रैक पर जानबूझकर लोहा रखने के मामले में पीडब्लूआई उज्जल कुमार के आवेदन पर रेलवे पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ कांड संख्या 18/26 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां इस घटना को गंभीर साजिश मानते हुए हर एंगल से पड़ताल कर रही हैं।

Comment box में अपनी राय अवश्य दे....

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments