Wednesday, February 4, 2026
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पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के अंग कुटुंब न्यायालय ने सावित कर रखा है कि यहाँ तारीख़ें नही समाधान ही मिलता है

पति पत्नी के बीच चल रहे मतभेद हुआ समाप्त एक हुए दंपति

पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय में चल रहे मूल भरण पोषण वाद संख्या 267/2025 रूपाली खातून बनाम सफीकुल शेख जो वर्षों से अलग रह रहे थे।जिनका एक 3 वर्ष के पुत्री मलिका खातून है। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के निरंतर अथक प्रयास से विवाहित जोड़ों के बीच चल रहे विवादों को सुलझाकर उन्हें फिर से एक किया गया है। आपसी मतभेद को समाप्त कर दंपति एक साथ रहने के लिए राजी हुए। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक ने दंपतियों को आपस में मिल जुल कर रहने , दुबारा मतभेद ना हो, वैवाहिक जीवन में एक दूसरे को समझते हुए मिलजुलकर एक साथ खुशी-खुशी रहने का संदेश दिया। मौके पर दोनों पक्षों के परिवार सदस्य,कोर्ट कर्मी उभय पक्ष से संबंधित अधिवक्ता सलेहा नाज़, अब्बास अली उपस्थित रहे।

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