*छठ की पवित्रता के लिए सत्य सनातन संस्था की पहल, खरना और संध्या अर्घ्य पर मीट-मछली की बिक्री बंद कराने की मांग*
–संयुक्त सचिव अजय भगत ने नगर परिषद अध्यक्ष सबरी पाल को भेजा आवेदन, 14 और 15 नवंबर को बिक्री के साथ कटाई पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने का किया आग्रह…..
पाकुड़ : लोक आस्था के महापर्व छठ की धार्मिक पवित्रता और शुचिता बनाए रखने के लिए सत्य सनातन संस्था ने नगर परिषद प्रशासन से विशेष पहल करने की मांग की है। संस्था ने खरना और संध्या अर्घ्य के अवसर पर नगर परिषद क्षेत्र में मीट-मछली की बिक्री और कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अपील की है। संस्था के संयुक्त सचिव अजय भगत ने कहा कि छठ जैसे पवित्र महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं और आस्था का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
इस संबंध में अजय भगत ने नगर परिषद पाकुड़ की अध्यक्ष सबरी पाल के नाम औपचारिक आवेदन भेजकर आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया है। आवेदन में 14 नवंबर को खरना और 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य के दिन नगर क्षेत्र में सभी प्रकार के मीट-मछली की बिक्री एवं कटाई पर रोक लगाने की मांग की गई है।
आवेदन के अनुसार, इस वर्ष छठ महापर्व 14 नवंबर 2026, शनिवार से शुरू होकर 16 नवंबर, सोमवार को प्रातःकालीन अर्घ्य के साथ संपन्न होगा। 14 नवंबर को खरना, 15 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को संध्या अर्घ्य तथा 16 नवंबर को उदीयमान सूर्य को प्रातःकालीन अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। इन अवसरों पर श्रद्धालु पूरी निष्ठा, स्वच्छता और नियम-संयम के साथ भगवान सूर्य की आराधना करते हैं।
संस्था ने पूर्व के वर्षों की परंपरा का हवाला देते हुए कहा है कि नगर परिषद को इस बार भी खरना और संध्या अर्घ्य के दिन विशेष दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। संयुक्त सचिव अजय भगत ने कहा कि छठ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, तपस्या और पवित्रता से जुड़ा महापर्व है। इसलिए जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को समय रहते निर्णय लेना चाहिए।
संस्था ने नगर परिषद से 14 नवंबर को खरना और 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य के अवसर पर नगर क्षेत्र में मीट-मछली की बिक्री और कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए तत्काल आदेश जारी करने की मांग की है। अब नगर परिषद अध्यक्ष सबरी पाल और प्रशासन के निर्णय पर लोगों की नजरें टिकी हैं।