*आज यम के निमित्त होंगे दीप दान, धन, ऐश्वर्य और स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति के लिए लोग करेंगे शुभ सामानों की खरीदारी*
*आज के दिन यम को दीपदान करने से कटता है अकाल मृत्यु का योग*
*आज का पंचांग 👇*
*आज का अंग्रेजी दिनांक :*
06.11.2026
श्रीसंवत् २०८३ शक: १९४८ याम्यायन सौम्यगोल: शरद् ऋतु श्रीसूर्य: दक्षिणायन।
हिन्दी माह : कार्तिक
पक्ष : कृष्ण
तिथि : द्वादशी
दिन : शुक्रवार
नक्षत्र : हस्त
योग : वैधृति/विष्कुम्भ
करण : तैतुल/गर
सूर्योदय : सुबह 06:31 बजे।
सूर्यास्त : शाम 05:29 बजे।
ध्यानार्थ…यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय पंचांग के अनुसार है। अतः स्थानीय समय बदल जायेंगे।
आज का सूर्य : तुला राशि में।
आज का चंद्रमा : कन्या राशि में।
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*आज का दिशा शूल :* पश्चिम।
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*आज का राहुकाल : दिन में 10:30 से 12:00 तक।*
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*आज का शिव वास:* वृष पर। फल:अभीष्ट सिद्धि
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*आज पर्व-त्यौहार व मुहूर्त :* आज कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। दिन में 11:07 बजे तक द्वादशी तिथि रहेगा उसके बाद त्रयोदशी तिथि भोग करेगा। त्रयोदशी तिथि अगले दिन शनिवार को दिन में 10:45 तक रहेगा। आज प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि भोग करने के कारण धनतेरस का महापर्व आज ही मनाया जाएगा। यम के निमित्त दीप दान भी आज ही होंगे। आज नामकरण, अन्नप्राशन, विपणिव्यापार, वाहन क्रय, नववस्त्र धारण, दीक्षा ग्रहण, वृक्षारोपण, सेवारम्भ, दत्तक पुत्र ग्रहण, आभूषण क्रय के मुहूर्त हैं।
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*भद्रा:* आज भद्रा नहीं है।
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*आज का खास:*
*दीपदान से कटता है अकाल मृत्यु का योग*
दीपदान का बहुत महत्व रहा है। दीप दान विभिन्न उद्देश्यों को लेकर किया जाता है। दीप प्रज्वलन देवताओं के निमित्त, पितरों के निमित्त, घर सजाने और अन्धकार को प्रकाश में बदलने के लिए किया जाता है। कार्तिक महीना में दीप दान का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक घी के दीपक प्रज्वलित करते हैं और दान करते हैं उन्हें अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है। धनतेरस के दिन दीप पूजन और दीप दान से अकाल मृत्यु से बचा जा सकता है। धर्मसिंधु में वर्णन के अनुसार धनतेरस के दिन सूर्यास्त के बाद घर के मुख्य द्वार पर दक्षिणाभिमुख दीप प्रज्वलित कर पूजा करनी चाहिए। इसके पीछे मान्यता है कि जो इस दिन दीपदान करेंगे उसके घर में असामयिक मृत्यु नहीं होगी। शास्त्रों के अनुसार शुभ काल में धनतेरस के दिन व्यवसायिक प्रतिष्ठान में नई गद्दी बिछानी चाहिए। धनतेरस के दिन गोधूलि बेला में तील के तेल से दीपक प्रज्जवलित करने से सुख समृद्धि आती है। अखंड दीप जलाने से यम देवता के कोप से मुक्ति मिलती
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आलेख…
*पं.चेतन पाण्डेय*
*जन्मकुंडली, वास्तु व कर्मकाण्ड परामर्श*
*संपर्क:9905507766*
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