Tuesday, August 11, 2026
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पहाडों पे विराजने वाले भोलेनाथ , पाकुड़ में धरनी पहाड़ पर भी हैं उपस्थित , जहाँ भोलेनाथ हैं , वहाँ भक्तों का पहुँचता है शैलाब।

*पाकुड़ में धरनी बाबा धाम में गूंजा हर-हर महादेव, ऐसे तो जहाँ जहाँ महादेव हैं, वहाँ वहाँ गूँजता है जयकारा , लेकिन पिछले चार वर्षों धरनी पहाड़ पर होता है खास आयोजन। चौथे वर्ष भी उमड़ा आस्था का सैलाब*

आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम बीते सोमवार को “चलो धरनी बाबा धाम” के चौथे वर्ष के भव्य आयोजन में देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ पिंकी मंडल जी द्वारा विधिवत दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
पिंकी मंडल जी के नेतृत्व में आयोजित इस भव्य आयोजन में सैकड़ों की संख्या में टोटो, मोटरसाइकिल एवं अन्य वाहनों के साथ श्रद्धालु शामिल हुए। ध्वनि प्रसारण के माध्यम से पूरे क्षेत्र में महादेव के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं का उत्साह और उमंग देखते ही बन रहा था।
कार्यक्रम में माता-बहनों, बच्चियों, युवाओं और नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हर ओर भक्ति का माहौल, महादेव के जयकारे और श्रद्धालुओं के चेहरों पर उत्साह नजर आया। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता और भाईचारे का भी मजबूत संदेश दिया।
तीन वर्षों की आस्था, चौथे वर्ष दिखा भव्य रूप साथ ही खिचड़ी महाप्रसाद वितरण किया गया एवं भक्ति जागरण।
पिछले तीन वर्षों से लगातार चले आ रहे “चलो धरनी बाबा धाम” आयोजन का इस वर्ष चौथा वर्ष रहा। लगातार चार वर्षों से आगे बढ़ रही यह आस्था की यात्रा अब पाकुड़ जिलेवासियों के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सहभागिता का विशेष अवसर बन चुकी है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य धरनी पहाड़ एवं धरनी बाबा धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर पाकुड़ जिले की नई पहचान दिलाना है। आयोजकों का कहना है कि धरनी पहाड़ केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसे पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने से क्षेत्र में विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम में निवेदक रंकुश मंडल एवं राहुल कुमार के साथ सहयोगी रतन भगत, सागर चौधरी, दुलाली मंडल, राहुल सरकार एवं बप्पादित्या सहित अनेक कार्यकर्ताओं और सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ सहयोग किया।
इस अवसर पर पिंकी मंडल जी ने सभी कार्यकर्ताओं, सहयोगियों, श्रद्धालुओं, माता-बहनों, युवाओं एवं पूरे जिलेवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि धरनी पहाड़ की धार्मिक और प्राकृतिक पहचान को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे प्रयास लगातार जारी रहने चाहिए।
उन्होंने कहा, “धरनी पहाड़ केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि आने वाले समय में पाकुड़ जिले के पर्यटन और विकास की नई पहचान बन सकता है।”
कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा, भाईचारे और एकता का संदेश देते हैं।

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