झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे के निर्देश पर प्रभारी सचिव विशाल मांझी के मार्गदर्शन में आज पाकुड़ प्रखंड के शहरकोल पंचायत भवन में विश्व मजदूर दिवस पर असंगठित क्षेत्र के श्रमिको के सशक्तिकरण पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में डीएसपी जितेंद्र कुमार, श्रम अधीक्षक गिरीश चंद्र प्रसाद, लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के सहायक अज़फर हुसैन विश्वास गंगाराम टुडू, पंचायत के मुखिया विकास गौड, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर पीसीआई मो अनीश, इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेड एच विश्वास ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएसपी जितेंद्र कुमार ने मजदूर दिवस पर मजदूरों के हित में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की उन्होंने बताया कि मजदूर को अपने काम करने एवं उचित मजदूरी प्राप्त करने का कानूनी अधिकार एवं प्रवधान है यदि किसी प्रकार के समस्या आती है तो उनकी शिकायत थाने या 112 कर सकते है। साथ ही बाल विवाह, डायन प्रथा, एवं सड़क सुरक्षा को लेकर विस्तृत जानकारी दी।लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के सहायक गंगाराम टुडू एवं अज़फर हुसैन विश्वास ने बताया कि मजदूर दिवस 1 मई को पूरे विश्व में मनाया जाता है।इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य मजदूरों की उपलब्धियों का सम्मान करना और उनके द्वारा किये गए योगदान को याद करना है। यह दिन मजदूरों को संगठित कर आपसी एकता मजबूत करने के लिए और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए भी है।इस दौरान मजदूर के हित में कानूनी प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी।श्रम अधीक्षक गिरीश चंद्र प्रसाद ने मजदूर को मिलने वाले सरकारी योजनाओं जैसे झारखंड असंगठित कर्मकार मृत्यु /दुर्घटना सहायता योजना , मातृत्व प्रसुविधा योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना ,कौशल उन्नयन योजना, उपचार आजीविका सहायता योजना, मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक औजार, साइकिल,सिलाई मशीन सहायता योजना,विवाह सहायता योजना समेत मजदूर के हित में महत्वपूर्ण जानकारी दी।डिस्ट्रिक प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर पीसीआई मो अनीश, पंचायत के मुखिया विकास गौड ने भी विश्व मजदूर दिवस मानने के उद्देश्य पर अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान वक्ताओं ने बताया कि मजदूर दिवस (1 मई) की शुरुआत मजदूरों के अधिकार, सम्मान और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर हुई थी। इसका संबंध 1886 में शिकागो (अमेरिका) में हुए हड़ताल आंदोलन से है। उस समय मजदूर 8 घंटे काम की मांग कर रहे थे, क्योंकि उनसे बहुत लंबे समय तक काम कराया जाता था। इस आंदोलन के दौरान 4 मई 1886 को हेमार्केट घटना हुई, जिसमें कई मजदूरों की जान गई। उन मजदूरों के संघर्ष और बलिदान की याद में 1 मई को दुनिया के कई देशों में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है।मजदूर दिवस हमें सिखाता है कि हर व्यक्ति को सम्मानजनक और सुरक्षित काम का अधिकार है। लेकिन यह तभी संभव है, जब हमारे बच्चे शिक्षित, स्वस्थ और सक्षम हों।बाल विवाह रोकना केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक मजबूत और सम्मानजनक श्रमिक समाज बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के पैरा लीगल वॉलिंटियर्स चंदन रविदास, मोकमाउल शेख, नीरज कुमार राउत,अंजारुल शेख, मो हैदर अली, विकास कुमार गुप्ता, मो शहनवाज, चमेली मरांडी, मदन मरांडी, शर्मीला मुर्मू समेत कई संख्या में श्रमिक एवं ग्रामीण मौजूद रहे।मंच का संचालन इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेड एच विश्वास ने किया।