मंगलवार, 10 फरवरी 2027
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत स्थानीय विद्यालय डी ए वी पब्लिक स्कूल पाकुड़ के सभा भवन में फाइलेरिया उन्मूलन हेतु फाइलेरिया मुक्ति अभियान की शुरुआत की गई। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्राचार्य डॉ विश्वदीप चक्रवर्ती, सिविल सर्जन पाकुड़, डॉ सुरेंद्र कुमार मिश्रा, डी एम ओ डॉ अमित कुमार, इंचार्ज सी एस सी सफर डॉ के के सिन्हा एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात विद्यालय के सभी बच्चों को तीन विभिन्न प्रकार की दवाएं खिलाई गई। दिनांक 10 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक फाइलेरिया रोधी दवाओं का सामूहिक सेवन जिले के हर प्रखंड, विद्यालय एवं गांवों में कराया जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं भारत सरकार द्वारा वर्ष 2027 तक फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अपने अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ चक्रवर्ती एवं सिविल सर्जन पाकुड़, डॉ सुरेंद्र कुमार मिश्रा जी ने सभी जिलेवासियों से अपील की है कि फाइलेरिया रोधी दवा सुरक्षित एवं प्रभावी है। उनलोगों ने अपने अपील में बताया कि फाइलेरिया या हाथीपांव एक गंभीर बीमारी है जो समय पर दवा लेने से पूरी तरह रोकी जा सकती है । समय पर दवा नहीं लेने से आजीवन विकलांगता का कारण बन सकती है।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वास्थ्य कर्मी के साथ साथ विद्यालय के संजय कुमार यादव, पपीया बनर्जी, अमृता दास, तूलिका बिस्वास आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
डी ए वी विद्यालय में चलाया गया फाइलेरिया मुक्ति अभियान कार्यक्रम
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