*चिराग तले अंधेरा कहावत को चरितार्थ करता प्रखंड कार्यालय परिसर में घटिया ईंटों से बाउंड्री वॉल निर्माण*
– गुणवत्ता व पारदर्शिता पर उठे सवाल
पाकुड़ (हिरणपुर) : हिरणपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में चल रहे बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता अत्यंत निम्न स्तर की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाउंड्री वॉल के निर्माण में तीन नंबर (घटिया) ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जो मानक के अनुरूप नहीं है। निर्माण स्थल पर कार्य कर रहे मिस्त्री से जब ईंटों की गुणवत्ता के संबंध में पूछताछ की गई तो उसने स्वयं स्वीकार किया कि कार्य में घटिया किस्म की ईंटें लगाई जा रही है। देखने मात्र से ही स्पष्ट प्रतीत होता है कि प्रयुक्त ईंटें कमजोर और निम्न गुणवत्ता की है, जिससे निर्माण की मजबूती पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
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*चिराग तले अंधेरा*
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चिंताजनक बात यह है कि यह निर्माण कार्य हिरणपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में ही हो रहा है। जब सरकारी कार्यालय के समीप इस प्रकार का घटिया कार्य किया जा रहा है, तो दूर-दराज के इलाकों में चल रहे सरकारी योजनाओं की स्थिति क्या होगी, यह सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।
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*योजनास्थल से सूचना पट्ट भी नदारद*
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नियमों के अनुसार किसी भी सरकारी योजना के अंतर्गत कार्य प्रारंभ करने से पूर्व योजना संबंधी सूचना पट्ट लगाया जाना अनिवार्य होता है, जिसमें योजना का नाम, प्राक्कलित राशि, कार्य अवधि एवं संवेदक का नाम अंकित रहता है। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से उक्त निर्माण स्थल पर कोई सूचना पट्ट भी नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहा है। घटिया ईंटों से निर्मित बाउंड्री वॉल की टिकाऊ क्षमता संदिग्ध मानी जा रही है। यदि समय रहते इसकी जांच नहीं हुई, तो भविष्य में समय से पहले ही दीवार के क्षतिग्रस्त होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ सुरक्षा का भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। स्थानीय लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है तथा दोषी संवेदक और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। यह मामला न केवल निर्माण गुणवत्ता से जुड़ा है, बल्कि सरकारी योजनाओं में व्याप्त संभावित भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है।