पाकुड़, 6 फरवरी, 2026
स्थानीय विद्यालय डी ए वी पब्लिक स्कूल के प्रांगण में विद्यालय के प्रार्थना सभा में डी ए वी विद्यालय के जनक कहे जाने वाले महात्मा एन डी ग्रोवर की 18वीं पुण्य तिथि पर प्राचार्य एवं शिक्षकों द्वारा उनके तस्वीर पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया गया। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल एवं उड़ीसा में सैकड़ों डी ए वी की आधारशिला रखने वाले महात्मा ग्रोवर साहब के शिक्षा के प्रति विचार एवं व्यवहार काफी अनुकरणीय है। अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ विश्वदीप चक्रबर्ती ने बताया कि महात्मा ग्रोवर जी का संपूर्ण जीवन प्रेरणादायक रहा है। वे एक सच्चे एवं महान कर्मयोगी थे। उनके अथक प्रयास एवं परिश्रम का परिणाम है कि पाकुड़ जैसे सुदूरवर्ती इलाके में 1998 में उन्होंने इस विद्यालय की स्थापना की। उन्होंने आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भी शिक्षा एवं रोजगार पर बल दिया। यही वजह है कि सूबे के खूंटी सहित अन्य आदिवासी बहुल क्षेत्रों में उनके द्वारा सैकड़ों डी ए वी की स्थापना की गई। प्राचार्य डॉ चक्रवर्ती जी ने अफसोस जाहिर किया कि ग्रोवर जी के कार्यकाल में वे डी ए वी में क्यों नहीं थे, लेकिन उनकी विचारधारा को अपनाकर उन्होंने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी।
वहीं विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक संजीव कुमार मिश्रा ने ग्रोवर जी के साथ बिताए हुए पल को बच्चों एवं युवा शिक्षकों के साथ साझा करते हुए बताया कि ग्रोवर साहब डी ए वी सी एम सी के वाइस प्रेसिडेंट के साथ साथ पटना प्रक्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक भी थे। गरीब एवं बेसहारा बच्चों की शिक्षा एवं समाज को मुख्यधारा से जोड़ने में उनकी अहम भूमिका रही। उनके कार्यकाल में कार्य करने वाले अन्य शिक्षकगण अमित कुमार, साइबल बनर्जी, संजय कुमार यादव, रंजीत कुमार मंडल आदि ने भी उनके तस्वीर पर पुष्प अर्पित किया एवं बताया कि इस दिवस को हमलोग स्मृति दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लेते हैं।
*पुण्य तिथि पर याद किए गए डी ए वी के जनक महात्मा एन डी ग्रोवर*
Comment box में अपनी राय अवश्य दे....