इजरप्पा के अध्यक्ष हिसाबी राय ने बताया कि फोन पर ईजरप्पा से कहा निशिकांत ने पाकुड़ से मेरा पारिवारिक रिश्ता
दो नई ट्रेन अभी सिर्फ शुरुआत भर है।
इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि पाकुड़ ने रेलवे को पिछले सौ वर्षों में खरबों रॉयल्टी दिए हैं
इनकार इससे इस बात से भी नहीं किया जा सकता है कि कम सुविधाओं तथा ट्रेनों के बाद भी पाकुड़ स्टेशन ने औसतन रूप से यात्री भाड़ा में भी अपना योगदान कम नहीं किया है
इस सब के बावजूद पाकुड़ को यात्री सुविधाओं के नाम पर आजादी के बाद सिर्फ ठगा ही गया
बात यह भी सच है कि विभिन्न पार्टियों और संगठनों ने समय-समय पर रेल यात्रियों के नाम पर आंदोलन का रूप लिया है,लेकिन सभी आंदोलन थम्स अप की बोतल की तरह उफान से खुले और बंद हो गए,
हां यह कहते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन हावड़ा मंडल ने यात्री सुविधाओं के नाम पर न सिर्फ संघर्ष किया बल्कि संघर्ष की क्रमबद्धता को टूटने नहीं दिया।
यहां से लेकर डिवीजन और जोनल स्तर पर संघर्ष को जारी रखा समय-समय पर यात्री सुविधाओं के नाम पर बहुत कुछ प्राप्त भी किया।
यह और बात है कि रेलवे अधिकारियों ने संतोषजनक रूप से ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन के मांगों को भी पूरा नहीं किया।
एक बात और है कि पूरे संथाल परगना में विकास की बयार बहाने वाले वाले गोड्डा सांसद डॉ• निशिकांत दुबे ने पाकुड़ के लिए भी प्रयास किया और गोड्डा-पाकुड़ रेल लाइन जैसे प्रस्तावित उपलब्धि की नींव रखी जो फिलहाल प्रक्रियाधीन है।
इधर पाकुड़ के पत्थर व्यवसाय रेल सुविधाओं के नाम पर आंदोलनरत हैं। हालांकि इस आंदोलन को झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एक तरह से हाईजैक कर लिया है,चुकी राज्य में सरकार उनकी है और प्रभावशाली व्यक्ति झारखंड मुक्ति मोर्चा के तरफ से इस आंदोलन को खुलेआम समर्थन दे रहे हैं,इसलिए पत्थर व्यवसाय के इस आंदोलन झामुमो आंदोलन के नाम पर आमजनों के बीच प्रसारित करने में सफल भी रहे हैं। हँलांकि आन्दोल की जितनी प्रसंशा की जाय कम है।
लेकिन पाकुड़-साहिबगंज के लिए डॉ• निशिकांत दुबे का चल रहा लंबा प्रयास को नकारा नहीं जा सकता।
गत बुधवार को पाकुड़ सुविधाओं को लेकर ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में मैंने (हिसाबी राय) जब गोड्डा सांसद डॉक्टर निशिकांत दुबे से इस विषय पर बातचीत किया तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पाकुड़ की रेल यात्री सुविधाओं पर मेरी नजर है और लगातार मैं इस पर प्रयासरत हूं उन्होंने कहा कि फिलहाल में आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि बहुत जल्द ही भागलपुर-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस,नई दिल्ली-हावड़ा बंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेनों के रूप में साहिबगंज-पाकुड़ लुपलाईन रेल खंड को सौगात मिलने जा रहा है।सिर्फ पाकुड़ ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र में इन दोनों ट्रेनों की सुविधा मिलेगी।साथ ही कोरोना काल में बंद हुई सुविधा सहित कई अन्य नई सुविधा भी पाकुड़ को जल्द ही मिलने वाली है। केंद्र सरकार की नजर में इस ओर है। लेकिन मुख्य रूप से स्थानीय तौर पर जनप्रतिनिधियों की उदासीनता सुविधाओं की अनुपलब्धता के कारण कारण बना है।
डॉ• दुबे ने इस ईजरप्पा अध्यक्ष से टेलीफोन पर लंबी बातचीत की और कहा कि गोड्डा के सांसद होने के कारण अपने पड़ोसी लोकसभा क्षेत्र पर भी मेरी नजर रहती है। पाकुड़ से मेरा बहुत पुराना पारिवारिक रिश्ता है,इसलिए रेल सुविधाओं के लिए मैं हमेशा प्रयासत रहा हूं और आगे भी रहूंगा फिलहाल दो बंदे भारत एक्सप्रेस लुपलाइन रेल खंड को मिलने जा रहा है।आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा।