दैनिक प्रतिष्ठित अख़बार “प्रभात मंत्र “के पाकुड़ ब्यूरो चीफ अबुल काशिम जी की कलम से-
पटरी पर भारी भरकम लोहा रखकर रेल हादसे को अंजाम देने के प्रयास मामले में रेलवे पुलिस पूरे एक्शन में है। घटना के बाद से ही रेलवे पुलिस इस मामले में संलिप्त असामाजिक तत्वों की पहचान में जुट गई है। रेलवे पुलिस गुप्तचर और तकनीकी सहारा लेकर असामाजिक तत्वों तक पहुंचने की हर संभव कोशिश कर रही है। पुलिस ने अब तक कई लोगों को हिरासत में भी लिया है और पूछताछ कर रही है। अभी तक पुलिस तिलभिठा स्टेशन के आसपास के गांवों में नजर रख रही है। इस मामले में शामिल लोगों को चिन्हित करने का प्रयास कर रही है। यह अलग बात है कि पुलिस को अभी तक खास सफलता हाथ नहीं लगी है। लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही घटना का खुलासा हो जाएगा। पुलिस ने अभी तक जिन लोगों को हिरासत में लिया है, उनसे पूछताछ तो जारी है ही, सच्चाई सामने लाने के लिए उनके मोबाइल के डिटेल्स भी खंगाल रही हैं। सूत्रों के मुताबिक रेलवे पुलिस पूर्व में रेलवे से जुड़ी अपराधिक घटनाओं की फाइलें भी खोल रही है। इन फाइलों में से पुराने अपराधियों के नाम निकाल रही है। ताकि उन पूर्व अपराधियों से भी पूछताछ की जा सके। फिलहाल रेलवे पुलिस की तिलभिठा स्टेशन के आसपास के गांव पर ज्यादा नजर है। इनमें तिलभिठा, संग्रामपुर, कुमारपुर, रानीपुर, सेलिमपुर गांव शामिल है। सूत्रों के दावों के मुताबिक इन गांवों के अलावा ईलामी, तारानगर, पाली, दादपुर, कालिदासपुर आदि गांव पर भी नजर हैं। सूत्रों के मुताबिक इन गांवों में रेलवे पुलिस पैनी नजर रखी हुई है। असामाजिक तत्व या अपराधी किस्म के लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इस मामले में रेलवे पुलिस मुफस्सिल थाना की पुलिस की भी मदद ले रही है। यह भी चर्चा है कि रेलवे ने इस मामले को चुनौती के तौर पर लिया है और हर हाल में इसमें शामिल लोगों तक पहुंचना चाहती है। हालांकि रेलवे सूत्रों का कहना है कि पुलिस किसी बेगुनाह को फंसाना नहीं चाहती है। भले सौ अपराधी बच जाए, पर एक निर्दोष नहीं फंसे…. के कहावत पर काम कर रही है। इधर मंगलवार को पाकुड़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्थित रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ऑफिस में काफी हलचलें देखी गई। आरपीएफ में पुलिस अधिकारी मामले को लेकर काफी गंभीर दिखे। आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर प्रकाश चौधरी एवं अन्य अधिकारी मामले पर गंभीर चिंतन करते नजर आए। उन्होंने मामले को लेकर ज्यादा कुछ तो नहीं बताया, लेकिन उनका कहना था कि अभी तक तो किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, बस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। लेकिन बहुत जल्द मामले का खुलासा होने वाला है। उन्होंने कहा कि कुछ नाम सामने आए हैं। इन लोगों तक पहुंचने की हर कोशिश की जा रही है।
वनांचल एक्सप्रेस थी निशाने पर
जिस तरीके से और जिस समय घटना को अंजाम देने की कोशिश की गई, उससे संभावना जताई जा रही है कि असामाजिक तत्वों के निशाने पर वनांचल एक्सप्रेस थी। लोगों में चर्चा है कि अपराधी किस्म के लोगों ने वनांचल एक्सप्रेस का हादसा कराकर लूटपाट के इरादे से पटरी पर लोहा रखा होगा। लोगों में हो रही इस चर्चे को बल इसलिए भी मिलता है, क्योंकि जिस वक्त पटरी पर लोहा रखे जाने की भनक लगी, उससे ठीक पहले रात करीब 10:00 बजे गया-हावड़ा एक्सप्रेस इसी रेल पटरी से होकर गुजरी थी। तब तक पटरी पर ऐसा कुछ भी नहीं था। इसके ठीक बाद वनांचल एक्सप्रेस आने का समय हो रहा था। पाकुड़ रेलवे स्टेशन में वनांचल एक्सप्रेस के आगमन का रात 10:30 बजे समय तय है। आधे घंटे के दौरान गया-हावड़ा एक्सप्रेस का पटरी से सही सलामत गुजर जाना और वनांचल एक्सप्रेस के गुजरने से पहले उसी पटरी पर लोहा रख देना, कहीं ना कहीं वनांचल एक्सप्रेस में हादसा कराकर लूटपाट के मंसूबे को बल जरूर मिलता है।
क्या है मामला
शनिवार की देर रात रेलवे अधिकारियों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रात करीब 10:15 बजे के आसपास पाकुड़-बरहरवा रेलखंड पर कुमारपुर फाटक से थोड़ी दूर पोल संख्या 156/12 के पास पटरी पर भारी भरकम लोहे का टुकड़ा मिला। इसी पटरी से निर्धारित समय पर वनांचल एक्सप्रेस गुजरने वाली थी। इस ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की खुशकिस्मती कहें या एक मालगाड़ी के लोको पायलट की सूझबूझ कहें, एक बड़ा रेल हादसा टल गया। पाकुड़ स्टेशन पर निर्धारित समय 10:23 बजे पहुंचने वाली वनांचल एक्सप्रेस से ठीक पहले एक मालगाड़ी गुजर रही थी। इसी मालगाड़ी के लोको पायलट को पटरी पर भारी भरकम लोहा रखे होने की भनक लग गई। इसके बाद लोको पायलट ने रेलवे के अधिकारियों को जानकारी दी। अधिकारियों को जानकारी मिलते ही रेलवे में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के निर्देश पर गुमानी रेलवे स्टेशन से उस समय खुल रही वनांचल एक्सप्रेस को बीच में ही रोक दिया गया। देर रात को ही रामपुरहाट एसी और रामपुरहाट एईएम की टीम स्थल पर पहुंच गई। अधिकारियों की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। पटरी से लोहे को हटाया गया और सबकुछ क्लियर होने के बाद ही वनांचल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई गई। बताया जाता है कि इस मामले की वजह से वनांचल एक्सप्रेस तकरीबन डेढ़ घंटे तक रुकी रही। अगले दिन सुबह वर्धमान से डॉग स्क्वॉड की टीम भी बुलाई गई। सीनियर डिवीजनल सिक्योरिटी कमिश्नर रघुवीर चोक्का भी पाकुड़ पहुंचे थे। इस मामले में पीडब्ल्यूआई उज्जवल कुमार के आवेदन पर रेलवे पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।