Thursday, February 5, 2026
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*भारतीय भाषा उत्सव-25: समापन दिवस-“भाषा की एकता, देश की पहचान”*

डी.पी.एस, पाकुड़ न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी है, बल्कि विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए भी कटिबंध है । इसी कटिबद्धता के अंतर्गत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निर्देशानुसार 4 से 11 दिसंबर तक डीपीएस, पाकुड़ के प्रांगण में मनाए जा रहे भारतीय भाषा उत्सव- 25 का दिनांक 11/12/25 को समापन समारोह बहुत ही सद्भाव पूर्ण एवम् मनोरंजन से परिपूर्ण रहा। डीपीएस, पाकुड़ में 4 दिसंबर से ” अनेक भाषा भाव एक ” थीम के अंतर्गत सात दिन तक अलग – अलग थीम के साथ चलने वाले भाषा उत्सव -25 का 11 दिसंबर को राष्ट्र महाकवि सुब्रामण्या भारती की जयंती पर भाषाई सद्भावना के साथ समापन समारोह संपन्न हुआ । समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आदरणीय श्री शेष नाथ सिंह जी ( प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पाकुड़ ) ने दीप प्रज्वलन कर भाषा उत्सव – 25 के समापन समारोह का विशेष सभा के साथ शुभारंभ हुआ। आज का विषय था ” विविध भाषाई एकता प्रस्तुत करती कविताएं और लघु नाट्य मंचन।”
डीपीएस के बच्चों ने अतिथि महोदय के समक्ष ” भारतीय भाषा अनेक – भाव एक” की बानगी प्रस्तुत करते हुए विभिन्न भाषाओं जैसे गुजराती बंगाली, हिंदी,उड़िया, तमिल,तेलगु पंजाबी, अंग्रेजी आदि भाषाओं में कविता पाठ के साथ साथ बच्चों ने कई भारतीय भाषाओं में बहुत ही मनोरंजक और ज्ञानवर्धक नाटक का भी मंचन किया।
न्यायाधीश महोदय जी ने सीबीएसई के तत्वाधान में डी.पी.एस द्वारा किए गए इस विविध भाषाई भावनात्मक एकता कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दिया। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान करना चाहिए। जितना संभव हो हमें अपना भाषा ज्ञान बढ़ाने के साथ-साथ कम से कम अपनी प्रांतीय भाषा को जरूर सीखना चाहिए।इससे हमें प्रांतीय सभ्यता, संस्कृति, लोकाचार और साहित्य को समझने -सिखने में मदद मिलती है। क्योंकि भाषाएं केवल संवाद का साधन नहीं, सांस्कृतिक विरासत की धड़कन भी हैं”
डी.पी.एस, पाकुड़ के प्रधानाचार्य श्री जे.के. शर्मा जी ने विद्यालय में एक सप्ताह से चल रहे इस भाषा उत्सव के बारे अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि ” यह आयोजन सीबीएसई द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार किया गया था।इसके सभी विषय भाषाई सद्भाव पर जोर देते है। उत्सव के सात दिनों के लिए अलग-अलग थीम रखी गई थी। भाषा उत्सव 25, के पहले दिन 4 दिसंबर को भाषा वृक्ष प्रदर्शनी और भाषा विरासत दीवार, दूसरे दिन 5 दिसंबर को भाषाओं में कविता व संगीत । तीसरे दिन 6 दिसंबर को भाषा मेला के तहत विभिन्न भारतीय त्योहार खान -पान, लोकगीत आदि व भाषा पॉडकास्ट का आयोजन किया गया। चौथे दिन 8 दिसंबर को कहावतों में एकता व भाषा मित्र सहयोग कार्यक्रम हुआ। पांचवें दिन 9 दिसंबर को भाषा बंधु पत्र व बहुभाषी कहानी श्रृंखला , छठे दिन 10 दिसंबर को भाषा अन्वेषण क्लब और सातवें दिन काव्य पाठ और विविध भाषाई लघु नाट्य मंचन थीम के साथ आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के द्वारा बच्चों ने यह समझा कि विविध भारतीय भाषाओं की भावना एक ही है। इस दौरान छात्रों को विभिन्न प्रांतो के साहित्य, संस्कृति,भौगोलिक स्थिति, खान-पान, वेशभूषा,, त्यौहार आदि के बारे में व्यावहारिक रूप से सीखने और समझने का अवसर प्राप्त हुआ।

विद्यालय के निदेशक श्री अरुणेंद्र कुमार जी ने कार्यक्रम के दौरान पधारे सभी मुख्य अतिथि गण के प्रति आभार प्रकट करते हुए भारतीय भाषा उत्सव-25 के सफल आयोजन के लिए डीपीएस के प्रधानाचार्य, शिक्षक गण और सभी छात्र-छात्राओं को बाधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के विविध भाषाई एकता उत्सव के माध्यम से बच्चों को यह सीख मिलती है कि वे किसी देश या क्षेत्र की विभिन्न भाषाएँ सीखें, एक-दूसरे का समर्थन करें और राष्ट्रीय पहचान व संस्कृति को मजबूत करें, न कि अलग-थलग पड़ें; यह विविधता में एकता का प्रतीक है, जहाँ हर भाषा को समान सम्मान मिलता है और शिक्षा व प्रशासनिक कार्यों में क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा दिया जाता है, ताकि सांस्कृतिक जुड़ाव और आपसी समझ बढ़े, जैसा कि भारत में भाषाई राज्यों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (नेप) के माध्यम से किया जा रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश अग्रवाल ने लगाए गम्भीर आरोप। जमीनी दृश्य बता रही हैं आरोप की सच्चाई। न्यायालय की चौखट पर दस्तक। जाँच से ही उठ सकता है पर्दा।

पाकुड़ प्रखंड क्षेत्र में ईशा नदी पर की गई कथित मिट्टी भराई मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश अग्रवाल ने झारखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। मामला पिछले चार महीने से न्यायालय में लंबित था, जिसकी आज डिग्री (अंतिम आदेश) प्राप्त हो गई। आदेश प्राप्त होने के साथ ही सुरेश अग्रवाल ने औपचारिक रूप से नई जनहित याचिका भी दर्ज की, जिसमें नदी क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी भरने और प्राकृतिक संसाधनों के साथ खिलवाड़ किए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जमाबंदी संख्या 289, प्लॉट संख्या 769 में लगभग 24 बीघा 5 कट्ठा 4 धुर भू-भाग ईशा नदी का हिस्सा है। आरोप है कि प्रखंड विकास कार्यालय द्वारा इस भूमि का प्रकलन तैयार कर स्वीकृति देने के बाद वहां बड़ी मात्रा में मिट्टी भराई कर दी गई। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों—प्रखंड विकास पदाधिकारी, उप-विकास आयुक्त, अंचल अधिकारी और उपायुक्त—को बार-बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन किसी भी स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं की गई।

हँलांकि उच्चस्तरीय जाँच ही इस पर से पर्दा उठा सकता है, लेकिन फिलवक्त आरोप में स्थल के परिदृश्य जान डाल रहे हैं।

सुरेश अग्रवाल के अनुसार, नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बदलते हुए लगभग 25 बीघा क्षेत्र में मिट्टी डालकर उसे खेल मैदान में तब्दील कर दिया गया, जो पर्यावरणीय और कानूनी दोनों दृष्टियों से गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर तालाब, कुआँ, नदी, जलकुंड, नहर व दोवा निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, दूसरी ओर प्राकृतिक जलस्रोतों को मिट्टी भरकर नष्ट किया जा रहा है, जो सीधे-सीधे कानून का उल्लंघन है।

सुरेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि पाकुड़ प्रखंड विकास कार्यालय और चाचंकी उर्फ रघुनंदनपुर पंचायत के मुखिया की मिलीभगत से ईशा नदी में रातों-रात मिट्टी भराई की गई, जिसकी शिकायतें जिला प्रशासन को बार-बार भेजी गईं, लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी द्वारा संज्ञान नहीं लिया गया।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के साथ खिलवाड़ करना न केवल पर्यावरण के लिए घातक है, बल्कि कानूनी अपराध भी है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उन्होंने न्यायालय के हस्तक्षेप को क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी राहत बताया।

*लंदन के हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स (संसद भवन) में सम्मानित होंगे:- बजरंगी*

*भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री व लोकप्रिय समाजसेवी बजरंगी प्रसाद यादव आगामी 12 दिसंबर 2025 को लंदन के हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स (संसद भवन) में जी लीडर्स समिट में शामिल होकर सम्मानित होंगे। यह सम्मान उन्हें सामाजिक धार्मिक व पर्यावरण के क्षेत्रो में किए गए अभूतपूर्व कार्यों एवं सहयोग के लिए दिया जा रहा है श्री यादव ने कहा कि यह सम्मान क्षेत्रवासियों को समर्पित है क्षेत्रवासियों द्वारा दिए जाने वाला प्यार ,सम्मान व आशीर्वाद ही मुझे सामाजिक धार्मिक एवं पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा देता है। आज प्रातः 6:30 बजे दिल्ली से एयर इंडिया फ़्लाइट से 10 घंटे में लंदन पहुँचेंगे।*
*बजरंगी प्रसाद यादव को जी लीडरशिप समिट में सम्मानित व चयनित होने पर साहिबगंज भाजपा के जिला अध्यक्ष उज्जवल मंडल भाजपा नेता पंकज घोष संजय साहा, विजय अग्रवाल, पवन अग्रवाल, संतोष यादव, रेखा देवी, कृष्ण कुमार शर्मा, मनोज केसरी कुंदन पासवान, हिरेण तांती, वरुण मंडल तमाल मंडल संदीप घोष राहुल मंडल अनमोल आनंद मनोज यादव राजदीप यादव, स्वाधीन घोष अनुराग राहुल सहित अनेकों क्षेत्रवासियों ने बधाई दी*।

भावयोग, कर्मयोग और ज्ञानयोग का माध्यम – भारतीय भाषा उत्सव -25 मनाने की हुई है शुरुआत।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और भारतीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार 4 से 11 दिसंबर तक ” पुरे भारत में भारतीय भाषा उत्सव-25 के रूप मनाया जा रहा है। डीपीएस पाकुड़ के प्रांगण में दिंनाक 04/12/25 को अनेक भाषा -भावना एक : थीम के तहत भाषा उत्सव का बहुत भव्य शुभारम्भ हुआ । कार्यक्रम के दूसरे दिन यानी 05/12/25 को मुख्य अतिथि के रूप में पाकुड़ जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री अनीता पूर्ति जी मौज़ूद रहीं।उत्सव का दूसरा दिन बच्चों के लिए बहुत ही भाव पूर्ण, ज्ञानबर्धक होने के साथ-साथ मनोरंजक भी रहा।
भाषा उत्सव – 25 के दूसरे दिन का शुभारम्भ मुख्य अतिथि सुश्री अनीता पूर्ति जी एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।इसके उपरांत विद्यालय के बच्चों ने भारत की विभिन्न भाषाओं जैसे हिंदी, बांग्ला, गुजरती, कन्नड़, असमिया, उड़िया, संस्कृत आदि में अपना परिचय देते हुए कविता पाठ कर माहौल को बहुत ही मनोरम और भावपूर्ण बना दिया। साथी साथ शिक्षकों और बच्चों ने मिलकर विभिन्न भाषाओं में माधुर लोक गीत -संगीत प्रस्तुत कर भाषाई विविधता में एकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि सुश्री अनीता पूर्ति जी ने बच्चों द्वारा बिभिन्न भषाओं में कविता पाठ और गायन की प्रशंसा करते हुए भारतीय भाषा उत्सव – 25 के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हम बहुत भाग्यशाली हैं कि हम इतनी भाषाओं के बीच रहते हैं। हमें भारत में कई भाषाओं को जानने समझने का मौका मिलता है। जितनी भाषाओं का हमें ज्ञान होता है, हम उतने ही प्रबुद्ध होते हैं। सभी भारतीय भाषाओं का भाव एक ही है। कविता किसी भी भाषा की भावनात्मक अभिव्यक्ति का सबसे सरल माध्यम है। ”
डी.पी.एस के निदेशक श्री अरुणेंद्र कुमार जी ने भाषा उत्सव के दूसरे दिन की महत्ता यानी कविता पाठ और बिभिन्न भाषाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ” कविता या लोक गीत सिर्फ शब्द या वक्तव्य नहीं, बल्कि हमें अपनी भावना व्यक्त करने का एक शक्तिशाली माध्यम हैं जो व्यक्ति और समाज को नैतिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से समृद्ध करता है, हमें अपनी कला और संस्कृति से जोड़ता है और एक बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित करता है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री जे के शर्मा जी कहा कि भाषा उत्सव के दूसरे दिन बिभिन्न भाषाओं में कविता और लोक संगीत के माध्यम से बच्चों के मध्य भारतीय विविधता में एकता को दर्शाने और इसके मूल्यों को समझाने में मदद मिलेगी। वे एक -दूसरे की भाषा,कला संस्कृति को करीब से जान सकेंगे जिससे नैतिकता के साथ-साथ उनके बीच आपसी सद्भावना भी बढ़ेगी। उत्सव के दौरान सभी बच्चे अपनी प्रस्तुति देते समय काफी उत्साहित दिखे और साथ ही साथ दर्शक दीर्घा में मौज़ूद बच्चे भी विभिन्न भाषाओं में पठित कविता और लोक संगीत सुनकर आनंदित हुए।👆

इतिहास के भूले हुए पन्नों से।।

उमानाथ पांडे के FB वॉल से साभार
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1955 मे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के कामराज एक बच्चे को मजदूरी करते हुए देख लेते है, बच्चे से पूछते है कि स्कूल क्यों नहीं जाता तो बच्चे ने कहा “खाना क्या आप दोगे?”

कामराज चेन्नई लौटते है और यही से मिड डे मिल की शुरुआत होती है जो आज गेम चेंजर बन गयी है। कामराज उस जमाने के चंद्रबाबू नायडू थे, उनकी वज़ह से उस जमाने मे तमिलनाडु के गाँवों मे टीवी पहुँचा और सड़के बनी। खुद तीसरी कक्षा के बाद पढ़ाई नहीं कर सके क्योंकि पिता का देहांत हो चुका था।

ऐसे दौर से निकले कामराज कभी स्वतंत्रता संग्राम मे लड़े तो कभी कांग्रेस के एक ऐसे नेता बने जिन्हे आजाद भारत का पहला चाणक्य कहा जा सकता है। या सच कहु तो अमित शाह के बाद दूसरा नाम इन्ही का है।

1954 से 1963 तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे, महत्वाकांक्षी बहुत थे मगऱ एक पैसे का घोटाला नहीं किया बस राजनीति और जनकल्याण मे लगे रहे। 1963 मे ज़ब देखा कि कांग्रेस मे गुटबाजी हो रही है तो इस्तीफा देकर संगठन मे लग गए।

नेहरू ने यही निष्ठा देख चेन्नई से दिल्ली बुला लिया और पूरे देश मे कामराज प्लान लागू कर दिया, कांग्रेस के जिन मुख्यमंत्रियों या नेताओं के 10 साल पूरे हो चुके थे उन्हें संगठन के काम मे लगा दिया। नेहरू इंदिरा गाँधी के लिए सड़क बना रहे थे और कामराज उनका साथ दें रहे थे।

नेहरू की मृत्यु हुई तो कामराज कांग्रेस के अध्यक्ष थे उन्होंने मोरारजी देसाई से दुश्मनी लेकर लाल बहादुर शास्त्री को प्रधानमंत्री बनवाया और ज़ब शास्त्री की मृत्यु हुई तो इंदिरा गाँधी को। लेकिन यही कुछ ऐसा हुआ जिसकी वजह से मैंने इन्हे चाणक्य की पदवी मे अमित शाह के बाद रखा है।

1967 मे इंदिरा गाँधी ने मन बना लिया कि वो इस बुजुर्ग मंडली की ऊँगली पर नहीं नाचेगी, 1967 मे चुनाव भी थे। कांग्रेस को 283 सीटें मिली, ये बहुत कम थी क्योंकि उन दिनों विपक्ष बहुत कमजोर था। जनसंघ ने 35 सीटें जीत ली थी, कामराज ने जनसंघ को भविष्य का खतरा बताया था।

कितने सटीक थे कामराज क्योंकि जनसंघ ही बीजेपी का पुराना नाम है, खैर इंदिरा गाँधी ने राष्ट्रपति चुनाव मे पहली बार कामराज को शिकस्त दी। 1969 मे कामराज ने नीलम संजीवा रेड्डी को राष्ट्रपति पद पर बुलाया मगर इंदिरा ने वी वी गिरी को आगे कर दिया, रेड्डी हार गए और इस तरह इंदिरा गाँधी को पार्टी विरोध करने के चलते कांग्रेस से बाहर कर दिया गया।

इंदिरा गाँधी ने अलग पार्टी कांग्रेस R बनाई और कामराज के धुरविरोधी करुणानिधि का समर्थन किया। इंदिरा गाँधी मन बना चुकी थी कि कामराज को उनके घर मे घेरकर हरायेगी, इसे ऐसे समझिये कि 1971 के चुनाव मे तमिलनाडु मे कामराज को हराने के लिए इंदिरा ने अपना उम्मीदवार ही नहीं उतारा।

कामराज बुरी तरह हारे और उनकी स्थिति बिना दाँत के बाघ जैसी हो गयी, 1975 मे कामराज का निधन हुआ और उन्हें भारत रत्न भी मिला। इंदिरा गाँधी आपको शायद विलेन लगे लेकिन अच्छा ही किया, इंदिरा ने उस कांग्रेस की नींव रखी जो सिर्फ गाँधी परिवार पऱ केंद्रित हो और उसी का फायदा आज बीजेपी का मिल रहा है।

वो बीजेपी जिसने तब महज 35 सीटें जीती थी, कामराज को याद कीजिये इसलिए नहीं कि वे देश के एक बड़े नेता थे या दिल्ली चेन्नई मे उनके नाम से सड़के है बल्कि इसलिए क्योंकि वे विकसित तमिलनाडु के शिल्पकार है।

वो बच्चा जो पिता के गुजर जाने के कारण पढ़ लिख नहीं सका, आर्थिक तंगी भी देखी। बुरे दौर से निकलकर खुद को इतना सक्षम बनाया कि करोड़ो जीवन को संवारा और दिल्ली मे दो दो प्रधानमंत्री बनाये।

ऐसी ही पृष्ठभूमि से आये लालू मुलायम ने करोड़ो की सम्पत्ति बनवाई, मायावती ने मूर्तियां बनवाई, ठाकरे ने मातोश्री बनवाया मगर एक बार के कामराज के घर के फोटो गूगल पर देखिये। अब तो म्यूजियम बन गया है मगर असल घर एकदम साधारण था। कामराज यदि एक बार प्रधानमंत्री बने होते तो आज भारत की तस्वीर बहुत अलग होती।

रोजगार के लिए एक सामान्य स्वाभाविक घेराव पर सवालों की बौछार क्यूँ !

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रविवार 30 नवम्बर को हिरणपुर में सीतपहाड़ी क्षेत्र के कई गाँव के ग्रामीणों ने झामुमो जिलाध्यक्ष का घेराव किया। ग्रामीणों की मांग थी कि क्षेत्र में चल रहे खनन और क्रशर संचालन को बंद करा दिये जाने के कारण तकरीबन एक माह से लोग बेरोजगार हो गये हैं , और भुखमरी के साथ बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति करना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है , इसलिए सभी बन्द खनन कार्यों और क्रशर को पुनः शुरू कराया जाय।
जिला अध्यक्ष अजीजुल इस्लाम , एवं पहुँचे सी ओ तथा थाना प्रभारी ने लोगों को घण्टों समझा कर सब पूर्ववत आरम्भ होने की बात कह आश्वस्त कर नाराज़ लोगों को वापस भेजा।
झामुमो जिला अध्यक्ष ने बताया कि सामाजिक एवं सांगठनिक कार्य करने के कारण मैं पहले से इस समस्या से वाकिफ़ था , इसलिए मैंने पहले ही प्रशासन के वरियों से बात की है। सांसद और विधायक से भी बात की। सभी का सकारात्मक आश्वासन मिला है, समस्या का समाधान निकलेगा , आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री से भी बात की जाएगी।
आम जनता की स्वाभाविक माँग थी, एक स्वाभाविक तरीके से माँग रखी गई। जनप्रतिनिधि और प्रशासन ने स्वाभाविक रूप से शांति से तत्काल मामले को शांत कर दिया।

घेराव पर सवालों के साथ सोसल मीडिया रंगा।
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अब लोग इशारों में सवाल उठा रहे हैं , घेराव पहली बार किसी पार्टी के जिला अध्यक्ष का दिखा। यह प्रायोजित घेराव था ,आदि इत्यादि ।
वास्तव में सांसद , विधायक और प्रशासन को छोड़ पार्टी के जिला अध्यक्ष का यह एक अस्वाभाविक घेराव पहली बार देखने को मिला।
उसका कारण है झामुमो के जिला अध्यक्ष का आम जनता के साथ सीधा संबंध है। क्षेत्र की समस्याओं पर वे सीधे सजग रहते हैं , तथा चुनाव के समय वे ही पार्टी के लिए क्षेत्र में वोट मांगने जाते हैं । इसलिए पीड़ित जनता ने अपनी मांग अधिकार के साथ सबसे सुलभ सबसे मिलने जुलने वाले अपने सबसे नजदीकी जनप्रतिनिधि जिला अध्यक्ष के पास रखा।
रही बात प्रायोजित होने का तो ये सवाल इसलिए उठ रहा है कि वहाँ बन्द खनन और क्रशर प्लांट में से “लुत्फुल हक़” का भी प्लांट है।
हाँ ये वही लुत्फुल हक़ हैं , जो कई वर्षों से पाकुड़ स्टेशन में 2-3 सौ गरीबों और जरूरतमन्दों को प्रतिदिन भोजन कराते हैं, त्योहारों में विशेष भोजन परोसते हैं, स्वयं भी उनके साथ भोजन करते हैं। क्षेत्र की सीमाओं से परे झारखंड , पश्चिम बंगाल और अन्य जगहों पर गरीबों के हर सुख-दुख में खुले हाथ खड़े रहते हैं। उनके विषय में बहुत कुछ कहना हमेशा कम पड़ जाता है। इसलिए देश विदेश के कई सम्मानीय मंचों पर वे सम्मानित और अपनी समाजसेवा के लिए सम्मानित हो चुके हैं। तो वे परिचय के मोहताज़ नहीं।
ऐसे में अगर वहाँ उनका भी प्लांट है, और प्रशासन की सामुहिक समुचित करवाई में उनका भी प्लांट बन्द है, तो इसमें उनका क्या दोष है। सरकारी आदेश को मानने में वे कभी अपने प्रभाव का उपयोग नहीं करते।
आम जनता ने पूरे क्षेत्र की बन्दी और बेरोजगारी पर अपनी मांग रखी , तो ये प्रायोजित कैसे हुई !
कानून की पेचीदगियों के बीच अगर उस इलाके में सिर्फ लुत्फुल हक़ के प्लांट पर सबके साथ बंदी का ताला नहीं लटकता तो फिर लोग स्वाभाविक रूप से प्रशासन पर अंगुली उठाते। प्रशासन ने यह सावित किया कि कारवाई में कोई विशेष नहीं , बल्कि सभी बराबर हैं।
इधर आम जनता ने भी अपनी बेरोजगारी पर जायज़ माँग रखी। झामुमो गठबंधन की सरकार है, तो जिला अध्यक्ष के द्वारा अपनी माँग सरकार और प्रशासन के पास परोसा।
कहीं कुछ भी हो तो सवाल उठाने वाले कोई स्पेस ढूंढ लेते हैं । बात बिलकुल साफ़ है अब इस आलेख से मुझे भी सवालों के घेरे में लिया जाएगा।
लेकिन कोई ये तार्किक ढंग से बताए कि इस प्रकरण में कौन है जिसपर सवाल उठाया जा सकता है। प्रशासन से लेकर आम जनता तक सभी अपने अपने जगह सही हैं , और झामुमो जिला अध्यक्ष से लेकर लुत्फुल हक़ तक पर सवालों से संदेह क्यूँ ?
यक्ष प्रश्न है।

आमबगान में पिछले दिनों हुए सामुहिक दुष्कर्म के मामले में फिर चार गिरफ्तारी के साथ लगभग सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त में।

मालीपाड़ा गैंगरेप कांड में एसआईटी की ताबड़तोड़ कार्रवाई, चार और आरोपी दबोचे।

पाकुड़ के चर्चित मालीपाड़ा आम बगान में 25 नवंबर को महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म कांड में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। दरअसल नगर थाना कांड संख्या 298/2025 के तहत दर्ज इस सनसनीखेज कांड का उद्भेदन करने को लेकर गठित विशेष अनुसंधान दल एसआईटी ने गुरुवार को चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले एसआईटी ने त्वरित छापेमारी में सात आरोपियों को पकड़कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डीएसपी अजय आर्यन के नेतृत्व में गठित टीम लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी क्रम में घटना में शामिल फरार चारों आरोपी पकड़े गए। गिरफ्तारी के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एसपी निधि द्विवेदी ने प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि एसआईटी की लगातार दबिश से फरार आरोपी भागने-छिपने में नाकाम रहे। कांड में शामिल सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है।गिरफ्तार अभियुक्तों में मंगल हेम्ब्रम (30 वर्ष), मनेल उर्फ मनवेल मुर्मू (18 वर्ष),दुवाल उर्फ दिवान टुडु (19 वर्ष),गोसो उर्फ छोटो किस्कु (37 वर्ष), शामिल हैं। एसआईटी टीम में अजय आर्यन, परिक्ष्यमान डीएसपी (टीम लीडर),पु.नि. बबलू कुमार, थाना प्रभारी पाकुड़ नगर,पु.अ.नि. राहुल गुप्ता, प्रभारी गालहपाड़ी ओपी,पु.अ.नि. अभिषेक कुमार,पु.अ.नि. बलवंत दुबे,पु.अ.नि. दिनेश प्रसाद सिंह,पु.अ.नि. मिथुन रजक,पु.अ.नि. दिलीप बास्की,पु.अ.नि. श्रीचाँद किस्कु,पु.अ.नि. स्वेता एक्का,स.अ. शामिल हैं।
ऐसे गम्भीर मामले में पुलिस की त्वरित और ताबड़तोड़ करवाई ने सराहना की चर्चा बना रखा है।
जय हो पाकुड़ पुलिस , और उनकी त्वरित करवाई❤️

*अनाथ बच्चों के बीच शिक्षा कीट तो गरीब व असहाय के बीच बांटें कंबल*

साथी योजना, मिशन आलोक कार्यक्रम के तहत शहर के मद्यपाड़ा में रविवार को गैलेक्सी द ग्लोबल कंप्यूटर संस्थान की ओर से निः शुल्क नामांकन प्राप्त अनाथ बच्चों के बीज शिक्षा कीट, गरीबों के बीच कंबल व प्रशिक्षण प्राप्त छात्रों के बीच प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शहर के प्रसिद्ध समाजसेवी अम्लान कुसुम सिंहा उर्फ (बुल्टी) मौजूद थे। संस्थान के संस्थापक आलम अली ने पुष्पगुच्छ देकर अतिथि समाजसेवी अम्लान कुसुम सिंहा का भव्य स्वागत किया गया साथ ही मंच पर शॉल देकर सम्मानित भी किया गया। प्रसिद्ध समाजसेवी अम्लान कुसुम सिन्हा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पाकुड़ जिला लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। आज के डिजिटल युग मे कंप्यूटर की शिक्षा बहुत जरूरी है। संस्थान की ओर से जो पहल शुरू की गई है। यह काफी सराहनीय कदम है। आज के दौर में पैसे के आभव में गरीब बच्चें कंप्यूटर की शिक्षा ग्रहण नहीं कर पा रहे है। ऐसे छात्रों के लिए यह पहल काफी लाभदायक होगा। बच्चें मन लगाकर कंप्यूटर का प्रशिक्षण प्राप्त कर बेहतर भविष्य बनाने का कार्य करें। वही संस्थान के संस्थापक आलम अली ने कहा कि आज के युग में कंप्यूटर की शिक्षा बहुत आवश्यक है। कोई भी बच्चा पैसे के आभाव के कारण कंप्यूटर की शिक्षा से वंचित ना रहे। इसको लेकर संस्था अक्सर इस दिशा में अग्रणी रहती है। इसी कड़ी में संस्थान ने 30 अनाथ बच्चों का कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए निःशुल्क नामांकन लिया है। सभी बच्चों को एक साल तक निःशुल्क कंप्यूटर का प्रशिक्षण प्रदान की जाएगी। नामांकन बच्चों के बीच मुख्य अतिथि ने शिक्षा कीट का वितरण किया। वही 28 बच्चों को तीन महीना का निशुल्क टाइपिंग का कोर्स सिखाया गया। साथ ही बच्चों के बीच प्रमाण पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया। मौक़े पर पूर्व पार्षद अंजना राउत, गैलेक्सी द ग्लोबल के ट्रस्टी मो उमर फारूक, मिनाज आलम, इरशाद नाज, शिक्षक अमन मिश्रा, समेरुल इस्लाम, जीनत प्रवीण , नंदनी वर्मन सहित अन्य मौजूद थे।
*30 अनाथ बच्चों का हुआ निःशुल्क नामांकन*
गैलेक्सी द ग्लोबल कंप्यूटर सेंटर में पाकुड़, हिरणपुर, महेशपुर, लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा, साहिबगंज जिले के कोटालपोखर आदि जगहों से आये अनाथ बच्चों का निःशुल्क नामांकन लिया गया। साथ ही सभी नामांकन बच्चों के बीच शिक्षा कीट का वितरण किया गया। जिसमें बैग, कॉपी, कलम, किताब आदि सामग्री शामिल है।
*प्रशिक्षण प्राप्त बच्चों को दिया प्रमाण पत्र*
तीन माह का निशुल्क टाइपिंग कोर्स प्राप्त 28 बच्चों के बीच प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। मुख्य अतिथि के हाथों सभी के बीच प्रमाण पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया।
*गरीब व असहाय के बीज कंबल का वितरण*

बढ़ती ठंड के मौसम को देखते हुए संस्थान ने हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गरीब व असहाय के बीच कंबल का वितरण किया गया। सभी गरीबों के बीच बारी-बारी से कंबल का वितरण किया गया। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र से आये करीब 100 गरीबों के बीच कंबल का वितरण किया गया। कंबल गरीब लोगों ने खुशी जाहिर कर संस्थान को दिल से धन्यवाद दिया।

मंत्री सुदीव्यू कुमार से आग्रह, नगर भवन,मैरेज हॉल एवं केकेएम कॉलेज में पीजी की पढ़ाई हो: शाहिद इक़बाल

नगर विकास एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री सुदीव्यू कुमार सोनू जी से मंत्री आवास झामुमो पूर्व केंद्रीय समिति सदस्य शाहिद इक़बाल ने मिलकर पाकुड़ नगर परिषद के बिल्डिंग और मैरेज हॉल के निर्माण की मांग करते हुए एक आवेदन दिया यह मांग पाकुड़ की जनता के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान कर सकती है।

नगर परिषद के लिए आधुनिक बिल्डिंग की आवश्यकता पाकुड़ नगर परिषद के पास एक आधुनिक बिल्डिंग नहीं है, जिससे कार्यालयीन कार्यों में परेशानी होती है।
पाकुड़ में एक अच्छे मैरेज हॉल की आवश्यकता है, जहां लोग अपने समारोहों को आराम से आयोजित कर सकें। झामुमो पूर्व केंद्रीय समिति सदस्य शाहिद इक़बाल ने कहा कि पाकुड़ के कुमार कालिदास मेमोरियल कॉलेज (KKM कॉलेज) में पोस्ट ग्रेजुएट (PG) की पढ़ाई सदियों से नहीं है। पाकुड़ के छात्र/छात्राएं बाहर जाकर एमए की पढ़ाई करते है। पाकुड़ में पीजी की पढ़ाई उपलब्ध नहीं है। कॉलेज में विभिन्न विषयों में PG (MA)उर्दू, सोशियोलॉजी, इंग्लिश, हिंदी, इतिहास, भूगोल, इकोनॉमिक्स, फिलोसोफी, पॉलिटिकल साइंस
एमएससी (MSc) फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथेमेटिक्स, बॉटनी, ज़ूलॉजी की पढ़ाई हो सके।
नगर विकास एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री सुदीव्यू कुमार सोनू जी ने आश्वासन दिए कि बहुत जल्द कार्रवाई की जाएगी।

सुरेश अग्रवाल ने अनियमितता के विरुद्ध फिर उठाई आवाज़ , निष्पक्ष जाँच की की माँग।

सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश अग्रवाल ने पाकुड़ जिले के अंतर्गत संचालित सभी मनरेगा भंडार (वेंडर/भंडारण इकाइयों) की व्यापक जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा भंडारों की नियुक्ति में कई स्तरों पर सरकारी नियमों की अनदेखी की गई है, जिसके कारण पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।अग्रवाल ने कहा कि वह जिला प्रशासन से यह मांग करेंगे कि जिन भी व्यक्तियों को मनरेगा वेंडर के रूप में नियुक्त किया गया है, उनकी नियुक्ति किस परिस्थिति और आधार पर की गई, इसकी संपूर्ण समीक्षा की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान सभी संबंधित दस्तावेज, नियुक्ति प्रक्रिया, अनुमति पत्र, पात्रता मानदंड और चयन प्रक्रिया का खुलासा किया जाना चाहिए।सामाजिक कार्यकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि अनेक भंडारों द्वारा जमा किए गए जीएसटी (GST) की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसलिए सभी वेंडरों द्वारा अब तक कितना जीएसटी जमा किया गया है, इसका भी ब्योरा सार्वजनिक किया जाए और संबंधित दस्तावेज प्रशासन द्वारा जांचे जाएं।इसके साथ ही अग्रवाल ने मनरेगा योजनाओं के तहत विभिन्न भंडारों द्वारा सामग्री आपूर्ति में उपयोग किए गए वाहनों के नंबर तथा परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की मांग की है। उनके अनुसार, यह आवश्यक है कि यह स्पष्ट किया जाए कि किस वाहन से कौन-सी सामग्री भेजी गई और क्या वह प्रक्रिया नियमों के अनुरूप थी।
सुरेश अग्रवाल ने कहा कि यदि उन्हें इस जांच प्रक्रिया का दायित्व संभालने का अवसर मिले, तो वे यह सुनिश्चित करेंगे कि सही, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो तथा वास्तविक स्थिति सामने आए। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द जांच की कार्रवाई शुरू की जाए।