Thursday, November 5, 2026
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*नववर्ष में शैक्षणिक भ्रमण पर गैलेक्सी द ग्लोबल मैथन डैम में बच्चों ने लिया प्राकृतिक सौंदर्य का आनन्द*

नववर्ष के उपलक्ष्य पर शैक्षणिक भ्रमण के लिए शहर के मध्यपाड़ा स्थित गैलेक्सी द ग्लोबल कंप्यूटर सेंटर के बच्चें धनबाद जिले के मैथन डैम के लिए रविवार की सुबह रवाना हुए ।

संस्थान के निदेशक आलम अली ने हरी झंडी दिखाकर कर बस को रवाना किया । हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सेंटर के बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए मैथन डैम रवाना किया गया था।
वहां के विशेषताओं के बारे में बच्चों को जानकारी दी गई। छात्र एंव छात्रों ने टोली बनाकर मैथन डैम का भ्रमण कर उसके विशेषता की जानकारी प्राप्त किया। आलम ने कहा कि कंप्यूटर के साथ साथ बच्चों को बाहरी दुनिया की जानकारी भी प्रदान करते हैं। ताकि उनका चतुर्मुखी ज्ञान का विकास हो।

भारतवर्ष के झारखंड प्रदेश में स्थित धनबाद जिले का मैथन डैम दामोदर वैली कारपोरेशन का सबसे बड़ा जलाशय है।
इसके आस-पास का सौंदर्य पर्यटकों को बरबस अपनी ओर आकर्षित करता है। नदी नाले एक अलग आकर्षण बनाते हैं।
एक ओर जहां डैम में लोग नौका बिहार का लुत्फ उठाते हैं, वहीं डीवीसी के मिलेनियम पार्क में लगे रंग-बिरंगे फूल व लाइटिंग लोगों को अपनी और आकर्षित करते हैं।
पर्यटन का यह क्षेत्र सैलानियों के लिए काफी आकर्षक का केंद्र है। डैम का भ्रमण कर छात्रों ने खूब आनंद उठाया। झील के बीचोंबीच स्थित हरियाली और जंगल में बच्चों ने खूब मनोरंजन किया गया। मौक़े पर संस्थान के शिक्षक जीनत परवीन, समीरुल इस्लाम, अमन मिश्रा, नंदनी बर्मन और अकिल अंसारी आदि उपस्थित थे। अपने शिक्षकों के साथ अनुशासन में रह बच्चों ने प्रकृति के सौंदर्य का खुलकर आनन्द उठाया और नववर्ष की ख़ुशियाँ आपस में बाँटी। कुल मिलाकर ज्ञानवर्धक एक आनन्ददायक उत्सवी माहौल में बच्चों ने खुशियाँ मनाईं।

*कल्पतरु दिवस पर सत्य सनातन संस्था ने हजारों के बीच किया प्रसाद का वितरण*

-संस्था ने की विधि विधान के साथ की कल्पतरु व हनुमान जी का पूजा अर्चना….

-संस्था के भोजन वितरण शिविर में उमड़ा जनसैलाब…

पाकुड़: कल्पतरु दिवस पर शहर के थानापाडा हनुमान मंदिर के समीप सत्य सनातन संस्था पाकुड़ जिला इकाई की ओर हजारों के बीच प्रसाद स्वरूप भोजन वितरण का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम तलवाडांगा स्थित महाकाल मंदिर परिसर स्थित कल्पतरु के समीप विधि विधान के साथ पुरोहित रोहित दास द्वारा पूजा अर्चना की गई। वहीं थानापाड़ा मुख्य सड़क के निकट हनुमान मंदिर में हनुमान जी का पूजा आरती कराया गया। इसके उपरांत प्रसाद वितरण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्था के संस्थापक, सलाकार व वरिष्ठ व सक्रिय कार्यकर्ता को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर प्रशासक अमरेंद्र कुमार चौधरी उपस्थित रहे ,उनके द्वारा जरूरतमंदो के बीच कंबल वितरण कर किया गया मौके पर उपस्थित संस्था के अध्यक्ष रंजीत कुमार चौबे ने कहा कि संस्था की ओर आए प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी कल्पतरु दिवस पर हजारों गरीबों के बीच प्रसाद वितरण किया गया है। अध्यक्ष ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को कल्पतरु दिवस की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि एक तरफ नवयुवक नए साल के जश्न में डूबे रहते है; लेकिन उसे यह नहीं बताया गया है कि सनातनियों का नववर्ष नहीं है, बल्कि कल्पतरु दिवस है। आज के दिन जहां कुछ लोग पाश्चात्य संस्कृति के आगोश में आकर अपने जश्न में डूबे हुए रहते है, लेकिन कुछ गरीब को खाना तक नसीब नहीं होता है। ऐसे लोगों का संस्था पेट भरने का काम करती है। वहीं संस्था के सचिव चंदन प्रकाश ने कहा कि कल्पतरु दिवस पर लोगों के बीच भोजन वितरण के साथ बढ़ती ठंड को देखते हुए कंबल का भी वितरण किया गया है। संस्था का एक मात्र उद्देश्य सनातन के प्रति लोगों को जागरूक करना है। हिन्दू संगठित होंगे तभी सुरक्षित होंगे। संस्था के भोजन वितरण शिविर में शहर सहित विभिन्न प्रखंडों के हजारों लोगों ने प्रसाद का आनंद उठाया।
सत्य सनातन संस्था द्वारा यह प्रयास निरंतर जारी है और वर्षों से यह प्रयास चल आ रहा है कि अंग्रेजो के द्वारा 200 वर्ष से देश को गुलाम बनाया कई देश के कई बीर जैसे भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्र शेखर आजाद , नेता जी सुभाष चंद्र बोस जैसे अनेकों ने वीरगति को प्राप्त किए है उनके बलिदान को लोग भूल कर अंग्रेजी नववर्ष मनाते है हमारा सनातन धर्म को लेकर के चले और इसका प्रयास यह निरंतर कर रहे हैं ऐसे में हमारा देश जब जागृत होगा तब यह सत्य सनातन संस्था का उद्देश्य पूरा होगा, तब तक यह सत्य सनातन संस्था निरंतर अपने सेवा लोगों के लिए कल्पतरु दिवस के रूप में देती रहेगी मौके पर जिलाध्यक्ष हर्ष भगत, राकेश सिंह ,जवाहर सिंह , मनोज चौहान, शुभम गुप्ता ,सानू रजक ,राकेश मुलायम सिंह, सत्यम कृष्णा, विशाल भगत ,आर पी सिंह ,दीपक राज गुप्ता, गौतम कुमार ,अजय भगत, रवि भगत, अजय प्रमाणिक ,प्रशांत दुबे, अमर ठाकुर , राजेश साहा, चुन्ना शर्मा, संतोष टिब्रीवाल सहित सैकड़ों उपस्थित थे ।

*डी ए वी में बच्चों ने मनाया विजय दिवस – प्राचार्य ने सुनाया विजय गाथा*

*इतनी सी बात हवाओं को बताए रखना,*
*रौशनी होगी, चिरागों को जलाए रखना,*
*लहू देकर जिसकी हिफाजत की है हमने,*
*उस तिरंगे को भी दिल में बसाए रखना।*
उपयुक्त बातें स्थानीय विद्यालय डी ए वी पब्लिक स्कूल गोकुलपुर के प्रांगण में विद्यालय के प्रार्थना सभा में प्राचार्य डॉ विश्वदीप चक्रवर्ती ने विजय दिवस के अवसर पर बच्चों को सुनाया। विजय गाथा में बच्चों को बताया गया कि *16 दिसंबर 1971* को पाकिस्तान के साथ युद्ध पर भारत की ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में यह *विजय दिवस* पूरे देश में उल्लास पूर्वक मनाया जाता है। प्राचार्य ने आगे बताया कि किस तरह पाकिस्तान के *जनरल नियमी* ने 93000 सैनिकों के साथ भारत के *लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा* के समक्ष आत्म समर्पण किया था और इसके परिणाम स्वरूप विश्व के नक्शे पर नया देश *बांग्लादेश* का जन्म हुआ। विद्यालय के एन सी सी के कैडेटों द्वारा 1971 के युद्धवीरों को नमन किया गया एवं हिंदुस्तानी सेना के वीरता, शौर्य एवं पराक्रम को याद किया गया। 3 दिसम्बर से 16 दिसंबर यानि मात्र 14 दिनों की इस लड़ाई में हमारी सैन्य शक्ति के बुलंद हौसलों की वजह से 93000 से भी ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। दुनिया के युद्ध के इतिहास का यह एक अविस्मरणीय दिन बन गया जिसे हम सभी हिंदुस्तानी इसे विजय दिवस के रूप में मनाते हैं। सारा विद्यालय *भारत माता की जय* के नारों से गूंज उठा।

लोहरदगा में जागता झारखंड का भव्य पत्रकार सम्मान समारोह, सच्ची और निर्भीक पत्रकारिता का संकल्प

नवेल्टी होटल में जुटे राज्यभर के पत्रकार, उत्कृष्ट जनहितकारी कार्यों के लिए किया गया सम्मानित

जागता झारखंड: लोहरदगा स्थित नवेल्टी होटल में सोमवार को जागता झारखंड दैनिक अख़बार की ओर से भव्य पत्रकार सम्मान सह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम न केवल पत्रकारों के सम्मान का अवसर बना, बल्कि सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक भी रहा। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसमें अतिथियों और वरिष्ठ पत्रकारों ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जागता झारखंड के संपादक एहसान आलम ने कहा कि जागता झारखंड केवल एक अख़बार नहीं, बल्कि सच्चाई से कोई समझौता न करने की विचारधारा का नाम है। पत्रकारिता का मूल धर्म ही सत्य की लौ को जलाए रखना है, चाहे परिस्थितियाँ कितनी ही चुनौतीपूर्ण क्यों न हों।” उन्होंने कहा कि राज्य के हर जिले और प्रखंड में कार्यरत संवाददाता और पत्रकार ही इस अख़बार की असली ताकत हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा हमारा लक्ष्य हमेशा जनहित, सच्चाई और निष्पक्ष पत्रकारिता को प्राथमिकता देना रहा है और आगे भी यही हमारी पहचान रहेगी। इस अवसर पर झारखंड के विभिन्न जिलों और प्रखंडों से आए पत्रकारों को उनके उत्कृष्ट, निर्भीक एवं जनहितकारी कार्यों के लिए शील्ड, मेडल एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर पत्रकारों के चेहरे पर आत्मगौरव और उत्साह स्पष्ट झलक रहा था। कार्यक्रम का उद्देश्य सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देना और समाज में जागरूकता को और अधिक मजबूत करना बताया गया। समारोह में वक्ताओं ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं। निष्पक्ष पत्रकारिता न केवल सत्ता को आईना दिखाती है, बल्कि आम जनता की आवाज़ को भी मजबूती प्रदान करती है। ऐसे समय में जब पत्रकारिता कई चुनौतियों से गुजर रही है, इस तरह के आयोजन पत्रकारों का मनोबल बढ़ाने का काम करते हैं। कार्यक्रम में कनीय अभियंता लोहरदगा अज्जू कश्यप, भाजपा नेता मनीर उरांव,समाजसेवी आफताब आलम, मुखिया सुमंती तिग्गा,समाजसेवी जगजीवन उरांव, समाजसेवी सैय्यदा खातून, हुसैन अंसारी, ब्राइट वुड एकेडमी हिरी स्कूल के प्राचार्य आनन्द कुमार भगत और एवर ग्रीन चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल के प्राचार्य अब्दुल लतीफ अंसारी और हिरी अंजुमन के सेक्रेटरी हासिम अंसारी सहित दर्जनों गणमान्य अतिथियों ने भाग लिए वहीं जागता झारखंड अख़बार की इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को सम्मानित करने से न केवल उनके कार्यों को पहचान मिलती है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जिम्मेदार पत्रकारिता को भी प्रोत्साहन मिलता है। समारोह के दौरान आपसी संवाद, अनुभवों का आदान-प्रदान और पत्रकारों के बीच आत्मीय मिलन का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल और यादगार बन गया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, पत्रकारों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जागता झारखंड आगे भी इसी तरह समाज के हित में सच, साहस और संवेदनशीलता के साथ पत्रकारिता करता रहेगा।

निराधार आरोप पर आ-विधिसम्मत कार्रवाई कर स्वयं की भद पिटवाने से बचना चाहिए जिम्मेदारों को।

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पिछले कुछ दिनों से पाकुड़ में अपराध की ऐसी कुछ घटनायें हुईं , जिसके लिए न तो इस शहर ने कल्पनाएं की थीं , और न ही पाकुड़ इसके लिए तैयार था तथा न अभ्यस्त। लेकिन पाकुड़ पुलिस की टीम ने उन सभी घटनाओं का तकनीकी ढंग से पर्दाफाश किया। हँलांकि कुछ मामलों पर अभी भी गहन छानबीन चल रही है। पुलिस की त्वरित कार्यवाहीयों से आम जनता में खुशी और सन्तोष जागृत हुआ। अब देखना है कि सभी मामलों के पर्दे पूर्ण रूप से कब तक खुलते हैं ।
लेकिन कुछ मामले कहीं न कहीं पुलिस पर सवाल उठा देता है। ऐसा ही एक मामला प्रतिमा पांडे नामक एक महिला के साथ देखने को मिला था। उनकी गाड़ी को उनके घर के पास से बिना किसी पर्याप्त कारण के उनकी जमीन से टोचन कर थाने ले जाया गया , वो भी बिना किसी सीजर लिष्ट के। ये आरोप महिला आयोग को लिखित रूप से पाकुड़ पुलिस पर लगाते हुए शिकायत की गई थी।
आख़िर ऐसे छोटे मामले पर स्थानीय तौर पर न निपटने पर ही महिला आयोग का रुख किया गया होगा।
आज महिला आयोग ने प्रतिमा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सुनवाई की। इसमें विना शर्त प्रतिमा की गाड़ी पुलिस को उनके घर पहुँचाने का आदेश देते हुए , 5 दिनों में विस्तृत जवाब देने को कहा गया है। पुलिस द्वारा 5 की जगह 15 दिनों की अवधी माँगी गई है। महिला आयोग ने किस स्तर पर सुनवाई की होगी, यह तो स्वयं पाठकों को समझ में आ गई होगी लेकिन कई सराहनीय कार्य करने के बाद कुछ यस मेन की दलाली की खोखले दलीलों पर एक पारिवारिक मतभिन्नता पर किसी के घर से बिना किसी ठोस कारणों के गाड़ी टोचन कर थाने उठा ले जाने पर पुलिस अपनी भद कैसे पिटवाती है , ये इस मामले से स्पष्ट दिखता है। चूँकि महिला आयोग और ने प्रतिमा के आरोपों पर कुछ ऐसी प्रतिक्रियाएं दीं , जो यहाँ लिखना पाकुड़ पुलिस की अच्छे और अपराध के मामलों में उठाये गए त्वरित कार्रवाइयों पर प्रश्न चिन्ह लगाएगा , इसलिए उन बातों को गौण करते हुए , एक विनम्र निवेदन रहेगा कि किसी के बेबुनियाद आरोपों पर बिना अनुसंधान के करवाई हास्यास्पद स्थिति तक जाने से परहेज़ करनी चाहिए।

*कल्पतरु दिवस पर हजारों भूखों को पेट भरने का काम करेंगी संस्था*

पाकुड़: शहर के अन्नपूर्णा कॉलोनी स्थित मैरेज हॉल में रविवार की शाम को सत्य सनातन संस्था की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष रंजीत कुमार चौबे ने किया। संस्था के अध्यक्ष रंजीत चौबे ने कहा कि संस्था एक जनवरी को कल्पतरु दिवस पर हजारों भूखों को शिविर लगाकर प्रसाद स्वरूप भोजन वितरण करने का कार्य करेगी। संस्था विकेट 8 वर्षों से यह कार्य करते आ रही है जहां लोग पश्चिमी सभ्यता से वशीभूत होकर जिस अंग्रेज ने हमारे देश पर 200 वर्ष तक शासन किया उसका नया साल मनाते हैं परंतु हम सनातनियों का नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है हम लोग नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा में मनाते हैं वहीं कई लोग 1 तारीख को विभिन्न जगहों पर अच्छे-अच्छे पकवान बनाकर परिवार सहित आनंद लेते हैं वहीं संस्था थानापाड़ा स्थित हनुमान मंदिर के समीप निशुल्क सेवा शिविर लगा कर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कल्पतरु का पूजा कर प्रसाद स्वरूप हजारों लोगों को भोजन खिलाएगी । साथ ही संस्था में धन संग्रह को लेकर भी चर्चा की गई। वार्षिक महत्व को लेकर संस्था धन संग्रह का भी कार्य करेगी ,जिसमें संस्था के अध्यक्ष रंजीत चौबे ने लोगों से अपील किया है कि संस्था को सुचारु रूप से संचालित करने हेतु अधिक से अधिक धन राशि देकर सहयोग करे ,मौके पर संस्था के उपाध्यक्ष गौतम कुमार, सचिव – चंदन प्रकाश , कोषाध्यक्ष – अमर ठाकुर , बबलू सिंह ,पुरुषित रोहित दास ,विशाल भगत ,सत्यम भगत ,सत्यम कृष्णा , सानू रजक , अजय प्रामाणिक , राकेश सिंह, राकेश मुलायम सिंह, रवि भगत , राजेश साहा, संतोष कुमार , मुन्ना शर्मा , सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहें

डीबीएल के सहायक उपाध्यक्ष ने किया रेलवे स्टेशन परिसर अवस्थित गार्डन का किया निरीक्षण।

ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन, हावड़ा मंडल के लगातार प्रयास एवं उपायुक्त पाकुड़ मनीष कुमार के पहल पर दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड, पाकुड़ के सौजन्य से पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर स्थित गार्डन एवं प्लेटफार्म नंबर एक पर अधिकारी विश्राम गृह के बगल में अवस्थित गार्डन सौंदर्यीकरण एवं रखरखाव सुनिश्चित हुआ है। इस बाबत दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के सहायक उपाध्यक्ष ब्रजेश कुमार ने पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर स्थित गार्डन का निरीक्षण किया एवं दोनों गार्डन के रखरखाव हेतु तथा सौंदर्य करण हेतु आवश्यक सुझाव दिए ।इस मौके पर स्टेशन प्रबंधक पूर्व रेलवे पाकुड़ लखीराम हेंब्रम,ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हिसाबी राय,सचिव राणा शुक्ला एवं ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन पाकुड़ शाखा के अध्यक्ष-सह-मुख्य टिकट निरीक्षक अखिलेश कुमार चौबे,ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन पाकुड़ शाखा के सचिव-सह-वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (दूरभाष) संजय कुमार ओझा,वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (विद्युत ) राजू कुमार एवं दिलीप बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड के तकनीकी सलाहकार श्री राकेश चौरसिया मौके पर उपस्थित रहे।स्टेशन प्रबंधक पाकुड़ द्वारा रेलवे परिसर स्थित गार्डन एवं प्लेटफार्म नंबर एक पर अधिकारी विश्राम गृह के बगल में स्थित गार्डन को दिखलाया गया ।इस निरीक्षण के दौरान सभी ने श्री ब्रजेश कुमार जी से आग्रह किया इसके सौंदर्यीकरण एवं रखरखाव की जिम्मेदारी अगर दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड द्वारा ली जाती है तो यह रेलवे के लिए एक सौगात होगी । ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन के लगातार प्रयास का नतीजा अब जाकर सफल हुआ है,पाकुड़ रेलवे स्टेशन में आम यात्रियों के लिए एक सुंदर गार्डन का विकसित होना,स्टेशन के सौंदर्यीकरण में चार चांद लगाएगी।
‌ निरीक्षण के क्रम में दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के सहायक उपाध्यक्ष श्री कुमार ने कहा कि ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन का प्रयास सराहनीय है,जो पर्यावरण को संरक्षित करने तथा पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर को सुंदर दिखे इस पर पहल किया है। पाकुड़ के विकास में योगदान यह हमारा सामाजिक उत्तरदायित्व है।गार्डन को सुव्यवस्थित किया जाएगा तथा गार्डन का सौन्दर्यीकरण भव्य तरीके से करवाया जाएगा।

पाकुड़ कल्याण विभाग में 12.38 करोड़ का महाघोटाला उजागर, विभागीय कर्मियों–ठेकेदारों पर एफआईआर।

पाकुड़ जिले के कल्याण विभाग में करोड़ों के महाघोटाले का खुलासा हुआ है। कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार एक्का ने नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि विभाग के ही कुछ कर्मियों ने मिलीभगत कर खाता संख्या 11440445629 से 12 करोड़ 38 लाख 66 हजार रुपये की अवैध निकासी की है।

बैंक में संदिग्ध हस्ताक्षर से खुला मामला

8 दिसंबर को एसबीआई बाजार शाखा के प्रबंधक अभिनव कुमार ने कल्याण पदाधिकारी को फोन कर बताया कि उनके द्वारा भेजे गए एडवाइस में किया गया हस्ताक्षर बैंक में संग्रहीत हस्ताक्षर से मेल नहीं खा रहा है। प्रबंधक ने यह भी बताया कि एडवाइस लेकर बैंक पहुंचा कर्मचारी अक्षय रविदास संदिग्ध लग रहा था। हस्ताक्षर संदिग्ध पाए जाने के तुरंत बाद विभाग का कंप्यूटर ऑपरेटर सूरज कुमार केवट और फिर कार्यालय अधीक्षक मानवेंद्र झा बैंक पहुंचे। अधीक्षक एडवाइस को अपने साथ ले गए और ‘दूसरा एडवाइस लाने’ की बात कहकर निकल गए। इधर शाखा प्रबंधक लगातार पदाधिकारी से संपर्क में थे, जबकि झा ने बैंक कर्मियों से कहा कि पदाधिकारी आवास चले गए हैं। इससे बैंक प्रबंधक का शक और बढ़ गया।

कर्मियों ने एडवाइस फाड़ डाला

कल्याण पदाधिकारी ने जब इस मामले में कर्मियों से सख्ती से पूछताछ की, तो लगभग 15 घंटे बाद कंप्यूटर ऑपरेटर सूरज कुमार ने कबूल किया कि संदिग्ध एडवाइस को फाड़कर नष्ट कर दिया गया है।

विवरणी जांच में सामने आया करोड़ों का खेल

इसके बाद बैंक से 1 फरवरी 2025 से अब तक के खाते का पूरा विवरण मंगाया गया। इसकी जांच विभाग के कर्मचारियों राकेश रंजन सोरेन, मोहम्मद तहसीन और मोहम्मद ईर्तिका द्वारा की गई।
जांच में पाया गया कि कई एडवाइस में दर्ज पत्र संख्या, तिथि और निर्गत पंजी आपस में मेल नहीं खाते। इसी आधार पर 12.38 करोड़ रुपये के गबन की पुष्टि हुई।

पुराने कार्यकाल पर भी संदेह

एफआईआर में यह भी दर्ज है कि 1 फरवरी से पहले, तत्कालीन कल्याण पदाधिकारी लक्ष्मण हरिजन के कार्यकाल में भी इसी तरह की फर्जी निकासी के संकेत मिले हैं। बैंक द्वारा भेजे गए 74 एडवाइस में से 7 एडवाइस ऐसे हैं, जिनकी तिथि और पंजी मिलान नहीं खाती। इसके अलावा आरोपी अक्षय रविदास को 4 दिसंबर को ही अनुसूचित जनजाति विद्यालय, डुमरचिर में विरमित कर दिया गया था, फिर भी वह 8 दिसंबर को एडवाइस लेकर बैंक पहुंचा—जिससे बड़े घोटाले की पुष्टि होती है। कल्याण पदाधिकारी ने कहा है कि एसबीआई अधिकारियों की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला

सोची-समझी साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज बनाकर करोड़ों रुपये निकालने के आरोप में निम्नलिखित व्यक्तियों पर कांड संख्या 319/25, बीएनएस की धारा 316(4), 316(5), 318(4), 336(3), 338, 61(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है— कार्यालय अधीक्षक, मानवेंद्र झा, कंप्यूटर ऑपरेटर, सूरज कुमार केवट, अनुसेवक अक्षय रविदास, अन्य खाताधारी/लाभुक/फर्म,
मुकेश कुमार, मिथु कुमार झा, मिंटू कुमार मिश्रा, शिव इंटरप्राइजेज, विप्लव साहा, वीणा देवी, निरंजन कुमार मिश्रा, पूर्णिमा कुमारी, पूजा कुमारी, प्रीतम कुमार झा, प्रदीप कुमार झा, प्रताप रविदास, मनीषा मुर्मू, ज्ञानी देवी, राजेश कुमार दास, संगीता कुमारी, साहा इंटरप्राइजेज, चंदा देवी, अरुण कुमार गुप्ता, अमित कुमार अमर, आदित्य कुमार कश्यप, गौरव कुमार और लालू भास्कर। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आगे की कार्रवाई जारी है।

*भारतीय भाषा उत्सव-25: समापन दिवस-“भाषा की एकता, देश की पहचान”*

डी.पी.एस, पाकुड़ न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी है, बल्कि विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए भी कटिबंध है । इसी कटिबद्धता के अंतर्गत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निर्देशानुसार 4 से 11 दिसंबर तक डीपीएस, पाकुड़ के प्रांगण में मनाए जा रहे भारतीय भाषा उत्सव- 25 का दिनांक 11/12/25 को समापन समारोह बहुत ही सद्भाव पूर्ण एवम् मनोरंजन से परिपूर्ण रहा। डीपीएस, पाकुड़ में 4 दिसंबर से ” अनेक भाषा भाव एक ” थीम के अंतर्गत सात दिन तक अलग – अलग थीम के साथ चलने वाले भाषा उत्सव -25 का 11 दिसंबर को राष्ट्र महाकवि सुब्रामण्या भारती की जयंती पर भाषाई सद्भावना के साथ समापन समारोह संपन्न हुआ । समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आदरणीय श्री शेष नाथ सिंह जी ( प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पाकुड़ ) ने दीप प्रज्वलन कर भाषा उत्सव – 25 के समापन समारोह का विशेष सभा के साथ शुभारंभ हुआ। आज का विषय था ” विविध भाषाई एकता प्रस्तुत करती कविताएं और लघु नाट्य मंचन।”
डीपीएस के बच्चों ने अतिथि महोदय के समक्ष ” भारतीय भाषा अनेक – भाव एक” की बानगी प्रस्तुत करते हुए विभिन्न भाषाओं जैसे गुजराती बंगाली, हिंदी,उड़िया, तमिल,तेलगु पंजाबी, अंग्रेजी आदि भाषाओं में कविता पाठ के साथ साथ बच्चों ने कई भारतीय भाषाओं में बहुत ही मनोरंजक और ज्ञानवर्धक नाटक का भी मंचन किया।
न्यायाधीश महोदय जी ने सीबीएसई के तत्वाधान में डी.पी.एस द्वारा किए गए इस विविध भाषाई भावनात्मक एकता कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दिया। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान करना चाहिए। जितना संभव हो हमें अपना भाषा ज्ञान बढ़ाने के साथ-साथ कम से कम अपनी प्रांतीय भाषा को जरूर सीखना चाहिए।इससे हमें प्रांतीय सभ्यता, संस्कृति, लोकाचार और साहित्य को समझने -सिखने में मदद मिलती है। क्योंकि भाषाएं केवल संवाद का साधन नहीं, सांस्कृतिक विरासत की धड़कन भी हैं”
डी.पी.एस, पाकुड़ के प्रधानाचार्य श्री जे.के. शर्मा जी ने विद्यालय में एक सप्ताह से चल रहे इस भाषा उत्सव के बारे अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि ” यह आयोजन सीबीएसई द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार किया गया था।इसके सभी विषय भाषाई सद्भाव पर जोर देते है। उत्सव के सात दिनों के लिए अलग-अलग थीम रखी गई थी। भाषा उत्सव 25, के पहले दिन 4 दिसंबर को भाषा वृक्ष प्रदर्शनी और भाषा विरासत दीवार, दूसरे दिन 5 दिसंबर को भाषाओं में कविता व संगीत । तीसरे दिन 6 दिसंबर को भाषा मेला के तहत विभिन्न भारतीय त्योहार खान -पान, लोकगीत आदि व भाषा पॉडकास्ट का आयोजन किया गया। चौथे दिन 8 दिसंबर को कहावतों में एकता व भाषा मित्र सहयोग कार्यक्रम हुआ। पांचवें दिन 9 दिसंबर को भाषा बंधु पत्र व बहुभाषी कहानी श्रृंखला , छठे दिन 10 दिसंबर को भाषा अन्वेषण क्लब और सातवें दिन काव्य पाठ और विविध भाषाई लघु नाट्य मंचन थीम के साथ आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के द्वारा बच्चों ने यह समझा कि विविध भारतीय भाषाओं की भावना एक ही है। इस दौरान छात्रों को विभिन्न प्रांतो के साहित्य, संस्कृति,भौगोलिक स्थिति, खान-पान, वेशभूषा,, त्यौहार आदि के बारे में व्यावहारिक रूप से सीखने और समझने का अवसर प्राप्त हुआ।

विद्यालय के निदेशक श्री अरुणेंद्र कुमार जी ने कार्यक्रम के दौरान पधारे सभी मुख्य अतिथि गण के प्रति आभार प्रकट करते हुए भारतीय भाषा उत्सव-25 के सफल आयोजन के लिए डीपीएस के प्रधानाचार्य, शिक्षक गण और सभी छात्र-छात्राओं को बाधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के विविध भाषाई एकता उत्सव के माध्यम से बच्चों को यह सीख मिलती है कि वे किसी देश या क्षेत्र की विभिन्न भाषाएँ सीखें, एक-दूसरे का समर्थन करें और राष्ट्रीय पहचान व संस्कृति को मजबूत करें, न कि अलग-थलग पड़ें; यह विविधता में एकता का प्रतीक है, जहाँ हर भाषा को समान सम्मान मिलता है और शिक्षा व प्रशासनिक कार्यों में क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा दिया जाता है, ताकि सांस्कृतिक जुड़ाव और आपसी समझ बढ़े, जैसा कि भारत में भाषाई राज्यों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (नेप) के माध्यम से किया जा रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश अग्रवाल ने लगाए गम्भीर आरोप। जमीनी दृश्य बता रही हैं आरोप की सच्चाई। न्यायालय की चौखट पर दस्तक। जाँच से ही उठ सकता है पर्दा।

पाकुड़ प्रखंड क्षेत्र में ईशा नदी पर की गई कथित मिट्टी भराई मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश अग्रवाल ने झारखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। मामला पिछले चार महीने से न्यायालय में लंबित था, जिसकी आज डिग्री (अंतिम आदेश) प्राप्त हो गई। आदेश प्राप्त होने के साथ ही सुरेश अग्रवाल ने औपचारिक रूप से नई जनहित याचिका भी दर्ज की, जिसमें नदी क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी भरने और प्राकृतिक संसाधनों के साथ खिलवाड़ किए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जमाबंदी संख्या 289, प्लॉट संख्या 769 में लगभग 24 बीघा 5 कट्ठा 4 धुर भू-भाग ईशा नदी का हिस्सा है। आरोप है कि प्रखंड विकास कार्यालय द्वारा इस भूमि का प्रकलन तैयार कर स्वीकृति देने के बाद वहां बड़ी मात्रा में मिट्टी भराई कर दी गई। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों—प्रखंड विकास पदाधिकारी, उप-विकास आयुक्त, अंचल अधिकारी और उपायुक्त—को बार-बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन किसी भी स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं की गई।

हँलांकि उच्चस्तरीय जाँच ही इस पर से पर्दा उठा सकता है, लेकिन फिलवक्त आरोप में स्थल के परिदृश्य जान डाल रहे हैं।

सुरेश अग्रवाल के अनुसार, नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बदलते हुए लगभग 25 बीघा क्षेत्र में मिट्टी डालकर उसे खेल मैदान में तब्दील कर दिया गया, जो पर्यावरणीय और कानूनी दोनों दृष्टियों से गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर तालाब, कुआँ, नदी, जलकुंड, नहर व दोवा निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, दूसरी ओर प्राकृतिक जलस्रोतों को मिट्टी भरकर नष्ट किया जा रहा है, जो सीधे-सीधे कानून का उल्लंघन है।

सुरेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि पाकुड़ प्रखंड विकास कार्यालय और चाचंकी उर्फ रघुनंदनपुर पंचायत के मुखिया की मिलीभगत से ईशा नदी में रातों-रात मिट्टी भराई की गई, जिसकी शिकायतें जिला प्रशासन को बार-बार भेजी गईं, लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी द्वारा संज्ञान नहीं लिया गया।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के साथ खिलवाड़ करना न केवल पर्यावरण के लिए घातक है, बल्कि कानूनी अपराध भी है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उन्होंने न्यायालय के हस्तक्षेप को क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी राहत बताया।