Thursday, February 5, 2026
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भारतीय युद्धपोत त्रिखंड और तुर्की का 18 घंटे का अल्टीमेटम

चूँकि मुझे राजनीति से कोई मतलब नहीं है , लेकिन फ़िलवक्त की राजनैतिक उठा पटक को देखते हुए आग्रह है , कि यह पोस्ट मेरे कांग्रेसी मित्र और सपाई (सपरिवार पार्टी) भाई न पढ़े। बरनोल बहुत महंगा है।
मेरे मित्र सभी पार्टियों में है, मैं उन्हें ठेंस पहुँचाना नहीं चाहता🙏

भूमध्यसागर की शांत लहरों को चीरते हुए देर रात एक विशाल युद्धपोत की आकृति उभरती है। तुर्की का तटरक्षक बल सतर्क हो जाता है, लेकिन जल्द ही पता चलता है कि यह भारतीय नौसेना का युद्धपोत त्रिखंड है। तुर्की तुरंत संदेश भेजता है, “रुकें, वरना परिणाम भुगतने होंगे।” सुबह तुर्की में आपातकालीन बैठक होती है, और भारतीय युद्धपोत को 18 घंटे का अल्टीमेटम दिया जाता है: “लौट जाएँ, नहीं तो जिम्मेदारी आपकी होगी।” लेकिन त्रिखंड की ओर से कोई जवाब नहीं आता।
दरअसल, भूमध्यसागर का यह हिस्सा लंबे समय से तुर्की और सऊदी अरब अपनी निजी संपत्ति मानते आए हैं, और वे तटीय देशों को इस क्षेत्र में आने-जाने से रोकते रहे हैं। लेकिन इस बार मामला भारत से पड़ा, जो किसी की दादागिरी के आगे झुकने वाला नहीं। अगले दिन तुर्की के युद्धपोत आक्रामक ढंग से त्रिखंड को घेर लेते हैं और दोबारा अल्टीमेटम देते हैं। इस बार त्रिखंड से एक संक्षिप्त जवाब आता है: “हम अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत अपने मार्ग पर हैं। किसी की सीमा का उल्लंघन नहीं किया। पीछे हटने का सवाल ही नहीं।”
इसी बीच, त्रिखंड के पीछे ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस तीन और भारतीय युद्धपोत पहुँच जाते हैं। तुर्की अब नाटो का हवाला देकर यूरोप में हंगामा मचाने की कोशिश करता है। लेकिन यह भारतीय युद्धपोत त्रिखंड, जो रूस के कालिनिनग्राद शिपयार्ड में बना है, ग्रीस और फ्रांस के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास के लिए ग्रीस जा रहा था।
अल्टीमेटम का समय खत्म होने को था, तभी फ्रांस का बयान आता है: “भारतीय युद्धपोत अपने निर्धारित रास्ते पर हैं और किसी की सीमा का उल्लंघन नहीं कर रहे।” तुर्की अपनी कमजोर स्थिति देखकर बैकफुट पर आ जाता है, और भारतीय युद्धपोत पूरे गर्व के साथ ग्रीस की ओर बढ़ जाता है।
भारत ने न केवल हिंद महासागर में, बल्कि लाल सागर में चीन की दादागिरी को चुनौती दी, बल्कि अब भूमध्यसागर में तुर्की को भी उसकी औकात दिखा दी। यह भारत की बढ़ती सामरिक ताकत और वैश्विक सम्मान का प्रतीक है।
जय हिंद! जय माँ भारती! 🇮🇳🚩

भारत अमेरिका की शर्तों पर ट्रेड डील पर क्यों अड़ा हुआ है ? क्या भारत ने शर्तें मानी और समझो देश ख़त्म !

अपनी शर्तों पर ट्रेड डील कर अमेरिका भारत के भविष्य को रुग्ण और सदा के लिए अपने व्यापार को कई विंदुओं पर सुरक्षित कर एक तरह से गुलाम बनाए रखने की साजिश में है, और इस मंशा को भारत की सरकार ने भाँप लिया है।
भारत का अड़े रहने पर विस्तार से हमारे विद्वान मित्र उमानाथ पांडे समझाया है। आइये उन्हीं से उनके शब्दों में समझने की कोशिश करते हैं, और भारत के नेतृत्व की दूरदर्शिता को भी समझते हैं।—–

आइये आपको समझायें कि अमेरिका की व्यापारिक शर्तों
(ट्रेड डील) के आगे भारत क्यों नहीं झुकता..?

यह बहुत ही खतरनाक खेल है। अगर हम झुक गए तो देश खत्म समझो। अमेरिका की दृष्टि के पीछे विनम्रता नहीं, बल्कि एक खतरनाक राजनीति छुपी है। एक ऐसी शर्त वाला क्लॉज है, जिसे भारत ने छूना तक मना कर दिया है।

ट्रम्प रोज दबाव डालते हैं, लेकिन भारत मज़बूती से खड़ा है।सब पूछते हैं – भारत अमेरिका की सभी शर्तों पर हस्ताक्षर क्यों नहीं करता? तो आइए, इस बात को विस्तार से जानते हैं…
साल 2030 तक भारत–अमेरिका के बीच व्यापार लक्ष्य $500 बिलियन तक पहुँचाने का सपना है।अच्छा लगता है ना? लेकिन उस सपने के पीछे एक शर्त थी… जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) बीज/फसल।
अमेरिका ने कहा – साइन करो।
भारत ने कहा – नहीं, कभी नहीं।
क्योंकि यह सिर्फ व्यापार नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्वतंत्रता का मुद्दा है।GM बीज कोई साधारण बीज नहीं, बल्कि एक सॉफ्टवेयर है।पेटेंट वाला सॉफ्टवेयर… एक बार साइन होने पर आपकी फसल आपकी नहीं रहती, बल्कि बीज के मालिक की हो जाती है।

और वह मालिक कौन है? Monsanto Ltd.

हाँ, वही Monsanto जिसने Agent Orange बनाया था, और अब उसका नया नाम है Bayer Ltd.।

कंपनी का सिर्फ नाम बदला है, जहर वही है।

1960 के दशक में, अमेरिका पूरे विश्व को गेहूं सप्लाई करता था।

लेकिन अब क्या देता है?
• GM मक्का
• GM सोयाबीन
• GM कैनोला
• GM कपास

ये सब “राउंडअप रेडी” फसलें हैं।

GM से खरपतवार मर जाते हैं, लेकिन फसल जिंदा रहती है क्योंकि वे केमिकल रेसिस्टेंट होती हैं।

आज अमेरिका में 95% मक्का GM है। सोयाबीन भी लगभग इतना ही।

और ये सब कहाँ जाता है? सीधा लोगों के भोजन में।

1990 के बाद से अमेरिका में…
• मोटापा दोगुना हुआ,
• किशोरों में डायबिटीज़ तेज़ी से बढ़ी,
• बांझपन,
• डिप्रेशन,
• कैंसर,
• दिल और जिगर की बीमारियाँ।

ये सब “संयोग” हैं या “नतीजा”?

और इन सबका “इलाज” क्या है?
दवाइयाँ:
• स्टैटिन्स
• मेटफॉर्मिन
• एंटीडिप्रेसेंट्स
• ओज़ेम्पिक

ये इलाज नहीं – बल्कि सब्सक्रिप्शन है!

आप जिंदा रहो, लेकिन हमेशा दवाइयों पर निर्भर रहो।

Big Food आपको बीमार बनाता है।
Big Pharma आपको जिंदा रखता है।
Big Insurance आपसे सब वसूलता है।

और जानकर हैरानी होगी कि…

इन तीनों के बड़े शेयरहोल्डर कौन हैं?
• Vanguard
• BlackRock
• State Street

और यही लोग निवेश करते हैं…
• खाने में
• दवाइयों में
• न्यूज़ नैरेटिव में

इसीलिए भारत ने दृढ़ होकर “ना” कह दिया।

और फिर क्या हुआ?

ट्रम्प के ट्वीट्स:
• पाकिस्तान से मिठास दिखाना
• पश्चिमी मीडिया का भारत-विरोधी होना

विपक्ष की आवाज़:
• मोदी सरकार असफल है

लेकिन कोई यह नहीं बताता कि… क्यों?

क्योंकि यह “ट्रेड डील” नहीं, बल्कि भारत को बीमार बनाने की योजना है।

अगर भारत इस “ट्रेड डील” पर साइन करता तो क्या खोता?
• हमारे किसान
• हमारे बीज
• हमारी मिट्टी का स्वाभिमान
• और हमारा भविष्य

ये खलनायक कौन हैं?

कृषि क्षेत्र में:
• Bayer (Monsanto)
• ADM
• Cargill

खाद्य क्षेत्र में:
• Nestlé
• PepsiCo
• Kraft

फार्मा क्षेत्र में:
• Pfizer
• Johnson & Johnson
• Merck

बीमा क्षेत्र में:
• United Health

और इनके पीछे हैं वही बड़े निवेशक,
वही डॉलर,
वही खतरनाक प्लान।

आगे से जब कोई पूछे कि –
अमेरिका की शर्त मान ली जाए तो इसमें दिक्कत क्या है?

तो उनसे कहिए –
आप अपने बच्चों को खिलाएँगे या उनकी फैक्ट्रियों को?

यह एंटी-अमेरिका नहीं है। यह है:
• प्रॉ-मिट्टी
• प्रॉ-सत्य
• प्रॉ-भविष्य

और अगर किसी को लगता है कि भारत अड़ा हुआ है तो भले ही लगे। क्योंकि अगर हम उनकी शर्तों पर साइन कर देते, तो सिर्फ एक करार नहीं खोते… बल्कि अपने पैरों तले की ज़मीन खो देते।

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) – झारखंड प्रदेश समिति का बैठक संपन्न।

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) की झारखंड प्रदेश समिति की बैठक आज क्षेत्रीय कार्यालय पाकुड़ में सम्पन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य मो० हंजेला शेख ने किए।

बैठक में संगठनात्मक मजबूती, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तथा राज्य में राजनीतिक एवं सामाजिक हालात पर विस्तार से चर्चा की गई।

झारखंड के वर्तमान महागठबंधन सरकार शिक्षित युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। झारखंड की जनता जिन समस्याओं से जूझ रही है, विशेषकर बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, उस पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। ऐसे में SDPI एक मजबूत जनआंदोलन खड़ा कर जनता की आवाज़ बनेगी।

बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने, सदस्यता अभियान चलाने तथा महिलाओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने हेतु सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
बैठक में प्रदेश प्रभारी NU सलाम, प्रदेश महासचिव ताहमीदुर रहमान, प्रदेश उपाध्यक्ष हबीबुर रहमान, प्रदेश सचिव वज़ीदा खातून, प्रदेश कोषाध्यक्ष ओबैदुर रहमान एवं सभी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य तथा पाकुड़, गोड्डा, साहिबगंज, रांची, जामताड़ा जिला अध्यक्ष शामिल हुए ।

पाकुड़ रेलवे मैदान में सांसद खेल महोत्सव का हुआ उद्घाटन। प्रदेश मंत्री दुर्गा मरांडी ने फीता काट कर किया उद्घाटन।

पाकुड़ रेलवे मैदान में सांसद खेल महोत्सव 2025 का आगाज हुआ सैकड़ो युवाओं एवं खेल प्रेमियों की भागीदारी के बीच आयोजित इस भव्य कार्यक्रम की शुरुआत वॉलीबॉल प्रतियोगिता से हुई।आयोजन का नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष अमृत पांडेय ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के प्रदेश मंत्री दुर्गा मरांडी सहित मीरा प्रवीण सिंह, निवर्तमान अध्यक्ष सम्पा साहा, हिसाबी राय, पूर्व जिलाध्यक्ष विवेकानंद तिवारी,रूपेश भगत, अनिकेत गोस्वामी,दिपक साहा उपस्थित थे।
कार्यक्रम का उद्घाटन मैच जिला वॉलीबॉल संघ एवं लुतफल वॉरियर्स के बीच खेला गया।सर्वप्रथम अतिथियों ने भारत माता, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी,दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर पुष्पांजलि कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया एवं मैदान में खिलाड़ियों के साथ मिलकर परिचय प्राप्त किया।
इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य स्वस्थ युवा फार विकसित भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचना है। उद्घाटन के मौके पर प्रदेश मंत्री दुर्गा मरांडी ने कहा कि खेल ना केवल शरीर को तंदुरुस्त रखता है बल्कि समाज को अनुशासन और ऊर्जा से भी भरते हैं।उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि यदि देश को विकसित भारत बनाना है तो पहले फिटनेस और हेल्थ पर जोर देना होगा।
कार्यक्रम में न केवल स्कूल कॉलेज के छात्र शामिल हुए बल्कि जिला के विभिन्न प्रखंडों के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर का हिस्सा लिया मैदान में खिलाड़ियों का दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उत्साहवर्धन किया।
सांसद खेल महोत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की पहल की गई है,इसके तहत विभिन्न तरह के खेल प्रतियोगिताओं और फिटनेस गतिविधियों का आयोजन होगा।
भाजपा जिलाध्यक्ष अमृत पांडेय ने कहा कि यह महोत्सव सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं बल्कि एक आंदोलन है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत के बिना विकसित भारत बनाने की कल्पना अधूरी है। यह महोत्सव हर नागरिक को संदेश देता है कि फिटनेस सिर्फ व्यक्तिगत नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विपिन कुमार चौधरी राणा शुक्ला उजय राय लाल्टू भौमिक संजय राय अविनाश पंडित मुन्ना रविदास अभिषेक भगत जितेश रजक ओमप्रकाश नाथ अजीत मंडल मनीष कुमार रतुल दे आदि ने सक्रिय भूमिका निभाई।

सांसद खेल महोत्सव की तैयारी को लेकर जिला वॉलीबॉल संघ की बैठक।

खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत आयोजित होने वाले सांसद खेल महोत्सव की तैयारी को लेकर जिला वॉलीबॉल संघ पाकुड़ की बैठक संघ के अध्यक्ष हिसाबी राय की अध्यक्षता में रेलवे मैदान पाकुड़ में आयोजित किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के जिलाध्यक्ष अमृत पांडेय सहित संघ के महासचिव अनिकेत गोस्वामी, संजय कुमार ओझा उपस्थित थे।
सांसद खेल महोत्सव का आयोजन 21 सितंबर से 25 दिसंबर 2025 तक राजमहल लोकसभा में किया जाएगा।इस अवसर पर नमो फुटबॉल, नमो वॉलीबॉल,नमोकबड्डी,नमो कुश्ती सहित कई लोकप्रिय खेलों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिसका विधिवत उद्घाटन झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय बाबूलाल मरांडी जी के द्वारा राज्यसभा के सांसद आदित्य साहू जी,राजमहल विधानसभा के पूर्व विधायक अनंत कुमार ओझा जी की गरिमामय उपस्थिति में 21 सितंबर को पाकुड़ रेलवे मैदान में किया जाएगा।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष अमृत पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में खेलों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सांसद खेल महोत्सव एक महत्वपूर्ण पहल है।इस आयोजन से न केवल ग्रामीण स्तर के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरेगी बल्कि उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सुनहरा अवसर मिलेगा।इस खेल में भाग लेने वाले इच्छुक प्रतिभागी वेबसाइट पर जाकर अपना नि:शुल्क पंजीकरण करवा सकते हैं।
जिला वॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष हिसाबी राय ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव के माध्यम से पाकुड़ ही नहीं बल्कि पूरे राजमहल लोकसभा के युवाओं में खेल के प्रति जागृति और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का संचार होगा।
सांसद खेल महोत्सव तैयारी को लेकर आयोजित बैठक में मुन्ना रविदास, लाल्टू भौमिक, अविनाश पंडित,उजय राय,बिपिन कुमार चौधरी,संजय राय,ओम प्रकाश नाथ, राहुल मंडल,रतुल दे,जितेश रजक,सोमू भास्कर,रोशन भगत, कन्हैया भगत,आर्यन भगत,शिवम पंडित,युवराज उपाध्यक्ष,चेतन भगत, रोशन सरदार,अमन कुमार,सूरज पंडित,कविर सरदार,ऋषि कुमार मौजूद थे।

*हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर एक संगोष्ठी का आयोजन*

*हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर एक संगोष्ठी का आयोजन*

हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली पब्लिक स्कूल, पाकुड़ के सभागार में  एक गरिमामयी एवं प्रेरणादायी संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस विशेष अवसर पर विद्यालय के निर्देशक श्री अरुणेंद्र कुमार महोदय, प्रधानाचार्य श्री जे.के. शर्मा जी तथा स्कूल के  सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्र भाषा के महत्व पर विचार-विमर्श करना और शिक्षकों-छात्रों में हिन्दी के प्रति सम्मान एवं गर्व की भावना जागृत करना था।

कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ। इसके शुभ अवसर पर विद्यालय के निदेशक महोदय श्री अरुणेंद्र कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिन्दी केवल संवाद का माध्यम ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सभ्यता की आत्मा है। उन्होंने सभी को यह प्रेरणा दी कि हिन्दी को केवल ‘हिन्दी दिवस’ तक सीमित न रखकर उसे जीवन की दिनचर्या और व्यवहार में शामिल करने में गर्व होना चाहिए।

प्रधानाचार्य श्री जे.के शर्मा जी ने अपने संबोधन में हिन्दी भाषा की ऐतिहासिक यात्रा और उसके साहित्यिक गौरव पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी शिक्षकों  से आग्रह किया 14 सितम्बर को मनाया जाने वाला यह पर्व हमें प्रेरित करता है कि हम अपनी भाषा के अनुराग और सम्मान को अक्षुण्ण रखें, उसकी विशालता को नए आयाम दें और आने वाली पीढ़ियों तक उसकी विरासत को पहुँचाएँ। यह दिन भारतीय अस्मिता का अलंकरण है, और हिंदी वह रत्न है जो हर जीभ पर चमकता है, हर आत्मा में गूंजता है।

इस अवसर पर हिंदी विभागाध्यक्ष श्रीमती नेहा चक्रवर्ती ने हिंदी भाषा की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए कहा कि हिंदी का सम्मान करना, केवल भाषा का नहीं, बल्कि अपनी पहचान और स्वाभिमान का सम्मान करना है। हिंदी को बढ़ावा देने का अर्थ अन्य भाषाओं को छोटा करना नहीं बल्कि अपनी मात्रा भाषा को गर्व से अपनाना है।

अन्य शिक्षकगणों में श्री तापोश सरकार ने काव्यात्मक शैली में, श्री विकास गुप्ता ने ऐतिहासिक परिवेश को रेखांकित करते हुए, सुश्री सरस्वती ने कविताओं के माध्यम से एवम् अन्य शिक्षकों ने अपने विचार संगोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते हुए हिन्दी भाषा की समृद्धि, साहित्यिक धरोहर तथा वैश्विक स्तर पर इसके बढ़ते महत्व पर विस्तृत चर्चा की।

किसी ने हिन्दी साहित्य की परंपरा और लेखकों के योगदान का उल्लेख किया तो किसी ने हिन्दी की सरलता और सर्वग्राह्यता पर जोर दिया। सभी वक्ताओं ने यह संदेश दिया कि यदि हमें अपनी संस्कृति को सुरक्षित रखना है, तो हिन्दी का संरक्षण और संवर्धन आवश्यक है।

संगोष्ठी का संचालन श्रीमती मौमिता द्वारा अत्यंत प्रेरणादायी और उत्साहवर्धन करते हुए किया गया।अंत में,इस संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ कि हम सभी हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार और सम्मान में अपना सक्रिय योगदान देंगे।

*शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी हुआ विशाल आयोजन, सांसद प्रतिनिधि और विधायक प्रतिनिधि ने दिया स्कूली शिक्षा का मूलमंत्र*

पाकुड़ शहर के स्थानीय विद्यालय मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय राज+2 में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया, विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री श्याम यादव(सांसद प्रतिनिधि, राजमहल लोकसभा) मुख्य अतिथि ग़ुलाम अहमद जी(विधायक प्रतिनिधि , पाकुड़ विधानसभा) जिला शिक्षा पदाधिकारी महोदया सुश्री अनिता पूर्ति , परिमल फाउंडेशन से सुश्री मीना ठाकुर , विद्यालय स्वास्थ्य विभाग से श्री कुंदन कुमार, संकुल संसाधन सेवी श्री उज्ज्वल ओझा जी, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री विजयेंद्र त्रिवेदी जी और समिति के सभी अध्यक्ष, स्कूल के वरिष्ठ शिक्षकगण तथा दो सौ से ज्यादा की संख्या में उपस्थिति अभिभावकगण द्वारा विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई । संगोष्ठी में निम्नलिखित बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया:
1. *गत बैठक की संतुष्टि:* पिछली बैठक के निर्णयों और प्रगति पर संतुष्टि व्यक्त की गई।
2. *100% नामांकन और उपस्थिति*: विद्यालय में शत-प्रतिशत नामांकन और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। शत प्रतिशत उपस्थिति होने पर यदि बच्चे असफल होते हैं तो सारी जवाबदेही शिक्षक लेने हेतु तैयार हैं, प्रिंसिपल इंचार्ज ने स्वंय इस बात की पुष्टि भी कर दी। साथ ही यदि 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति होगी तो बच्चे को फॉर्म भरने से रोका जायेगा।
3. *लर्निंग गैप को कम करना:* बच्चों में सीखने की कमी (लर्निंग गैप) को दूर करने के उपायों पर चर्चा की गई।
4. *शिक्षक-अभिभावक सहयोग:* अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर सहयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। स्कूल का गेट सुबह 8:30 से 09:05 तक प्रवेश हेतु खुला होगा अभिभावकों को चाहिए कि बच्चे को समय पर स्कूल भेजें और 3 बजे उपरांत ही वापस लाएं।
5. *परीक्षाओं में प्रदर्शन:* आगामी परीक्षाओं में बच्चों के प्रदर्शन, उपस्थिति और इन परीक्षाओं के लाभों पर विचार-विमर्श हुआ। जिन बच्चों का अटेंडेंस 75% से कम है वैसे 10% से ज्यादा उपस्थिति वाले बच्चों का स्पेशल टेस्ट लिया गया जिनका परिणाम बेहतर होगा उसे फॉर्म भरने हेतु बुलाया जायेगा, जो बच्चे इस बार सफल नहीं हो पाए हैं उसे रोजाना स्कूल आकर , स्पेशल क्लास द्वारा सिलेबस पूरा करेंगे।
6. *माता-पिता की भागीदारी:* शिक्षा में छात्रों के माता-पिता की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर चर्चा की गई। इस सम्बंध में विशिष्ट अतिथि का उदबोधन मार्गदर्शन प्रदान करने का काम किया है।
7. *विद्यालय की गतिविधियाँ:* विद्यालय में चल रही विभिन्न गतिविधियों और उनके प्रभाव पर विचार-विमर्श हुआ।
8. *10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षा*: कम उपस्थिति प्रतिशत वाले छात्रों के लिए उपयुक्त कदम उठाने की चर्चा हुई। यह निर्णय लिया गया कि ऐसी स्थिति में फॉर्म भरने पर रोक लगाई जाएगी। CBSE , JEPC के मार्गदर्शन और निर्देशन पर कठोर निर्णय लिया गया है जिस पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का सहयोग प्रदान करना एक अभूतपूर्व तथा उल्लेखनीय कार्य है।

संगोष्ठी में शिक्षकों और अभिभावकों ने मिलकर विद्यालय के विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सहयोग करने का संकल्प लिया। यह आयोजन विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में सफल रहा। विद्यालय प्रशासन द्वारा इस मौके पर कुछ अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यानाकर्षण किया जिस पर सांसद प्रतिनिधि महोदय, विधायक प्रतिनिधि महोदय ने पत्राचार द्वारा संशोधन एवं विकास कार्य पर गति लाने हेतु अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की जैसे-
1. विद्यालय में ओडिटोरिम या सभागृह की कमी।
2. खेल का मैदान की कमी
3. 1100 वोल्ट बिजली की तार अनावश्यक रूप से प्रवहण।
4. स्कूल के पोखरा का पुनः अधिग्रहण ।
जैसे सभी मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए जरूरी क़दम उठाने का भरोसा दिया गया।
तदुपरांत पौधरोपण कार्यक्रम पुर्ण कर आज के शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी को सफल किया गया जिसके लिए कार्यक्रम के अंत में प्रभारी प्रधानाध्यापक राजू नन्दन साहा द्वारा सभी का आभार जताया।कार्यक्रम का संचालन शिक्षक श्री निर्मल ओझा, मीना हेम्ब्रम और सुमिता हेम्ब्रम ने की जबकि स्वागत भाषण श्री आशुतोष कुमार द्वारा दिया गया। अन्य गणमान्य शिक्षक और अभिभावकों की उपस्थिति गरिमामय रही – श्री मुकुल हुसैन, नसीम दफादार, इमानूर शेख, कलिसाधन साहू, श्री अरूप कुमार दास, सफ़दर जी, अब्दुल्ला जी, नागेश्वर जी आदि ।

समाज और लोगों को बांटने वाली पार्टी है भाजपा : जनाब खालिक

संगठन सृजन अभियान के तहत पाकुड़ जिला कांग्रेस कार्यालय में पाकुड़ नगर कांग्रेस कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक,नगर अध्यक्ष वंशराज गोप की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।जहां मुख्य अतिथि के रूप में,एआईसीसी द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर,पूर्व सांसद माननीय अब्दुल खालिक जी,पीसीसी द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर प्रदेश उपाध्यक्ष माननीय सुल्तान अहमद जी,मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन श्री रविंद्र सिंह जी तथा जिला अध्यक्ष श्रीकुमार सरकार जी उपस्थित रहे। इस बैठक में उपस्थित एआईसीसी ऑब्जर्वर जनाब खालिक जी ने मुख्य रूप से उपस्थित नगर कमिटी के पदाधिकारियों एवं वार्ड अध्यक्षों को संबोधित करते हुए,संगठन सृजन अभियान की महत्ता को कार्यकर्ताओं के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस अभियान से पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान होगी।वही उन्होंने पाकुड़ कांग्रेस जिला अध्यक्ष की चयन प्रक्रिया को साझा किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी सभी जाती,धर्मों को निरंतर साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। जिसका देश की आजादी में अहम योगदान रहा है यह बलिदानियों की पार्टी है।जबकि भाजपा सरकार पर करारा हमला करते हुए कहा कि भाजपा,आम लोगो को आपस में लड़ाने वाली पार्टी है। इस पार्टी में लोगों को मानव की दृष्टिकोण से नहीं बल्कि हिन्दू,मुस्लिम सिख,ईसाई की विभाजन भरी दृष्टि से देखा जाता है जो आने वाले पीढ़ियों के लिए सही नहीं है ऐसी विभाजनभरी नीति वाली पार्टी का देश के आजादी में कोई अहम भूमिका नहीं है। वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष सुल्तान अहमद जी ने कहा कि राहुल गांधी जी से आज पूरी भाजपा घबराई हुई है।इसलिए भाजपा वाले अनर्गल बयानबाजी करते रहते है।जबकि मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन श्री रविन्द्र कुमार सिंह जी ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने हेतु कार्यकर्ताओं को कई अहम दिशा निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि हमारे नेता जननायक श्री राहुल गांधी जी आम लोगों के दिलों में विराजमान है परंतु वोट चोरी के माध्यम से देश में चुनाव चोरी किए जा रहे है। मौके पर वरिष्ठ कांग्रेसी मैनुअल हक, जिला महासचिव कृष्णा यादव,नगर अध्यक्ष वंशराज गोप ने बुके देकर सभी का स्वागत किया।

ग्रैंडपेरेंट्स दिवस : स्नेह, कृतज्ञता और सम्मान का उत्सव : प्रिंसपल डी पी एस

रवीन्द्र भवन में दिल्ली पब्लिक स्कूल, पाकुड़ की तरफ से 8 सितंबर ,2025 को ग्रैंड पेरेंट्स दिवस का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर का उद्देश्य विद्यार्थियों में परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के प्रति सम्मान, प्रेम तथा कृतज्ञता की भावना विकसित करना था। कार्यक्रम में सभी कक्षाओं के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने दादा-दादी तथा नाना-नानी को विद्यालय आमंत्रित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संचालकों द्वारा विषय, उद्देश्य एवं महत्व की परिचर्चा से हुआ। तत्पश्चात बुके एवं बैज ऑफ ऑनर प्रदान कर अतिथियों का अभिनंदन किया गया। दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से वातावरण भक्तिमय हो उठा। विद्यालय बैंड की शानदार प्रस्तुति और स्वागत गीत ने सभी का मन मोह लिया।

विद्यालय की प्राचार्य श्री जे.के शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि इस दिवस का उद्देश्य पारिवारिक मूल्यों को संजोना एवं नई पीढ़ी को दादा-दादी तथा  नाना-नानी के प्रति सम्मान भाव सिखाना है। दादा-दादी और नाना-नानी हमारे जीवन के अनुभव का भंडार हैं। वे न केवल हमें परंपराओं और मूल्यों से जोड़ते हैं, बल्कि अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से हमें कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं। उनका स्नेह, त्याग और धैर्य ही बच्चों के चरित्र निर्माण की असली पाठशाला है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला की शुरुआत नर्सरी व एल.के.जी के छात्रों द्वारा “लुंगी डांस” से हुई, जिसने मंच पर उत्साह का माहौल बना दिया। क्रमशः यू.के.जी से लेकर कक्षा पाँचवीं तक के छात्रों ने समूह नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मनोरंजन किया और सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विद्यालय निदेशक श्री अरुणेन्द्र कुमार  जी ने अपने उद्बोधन में दादा-दादी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों के संस्कारों की नींव उनके अनुभव और स्नेह से ही सुदृढ़ होती है। आज की आधुनिक जीवनशैली में जहां संयुक्त परिवार की परंपरा धीरे-धीरे लुप्त हो रही है, वहीं बच्चों के लिए दादा-दादी और नाना-नानी का सानिध्य अमूल्य धरोहर है। वे बच्चों को न केवल जीवन के अनमोल अनुभव बाँटते हैं, बल्कि संस्कार और नैतिक मूल्यों का बीज भी रोपते हैं। कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों ने एक प्रभावी नाटक (स्किट) प्रस्तुत किया, जिसमें दादा-दादी के मार्गदर्शन के महत्व को दिखाया गया। इस नाटक (स्किट) ने सामाजिक संदेश देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

इसके बाद अंतर-गृह नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। क्रमशः एडवेंचर हाउस, कैलिबर हाउस, चैलेंजर हाउस तथा डिस्कवरी हाउस के विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से सभी दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। नृत्य प्रस्तुतियों में विविधता और जोश देखने को मिला।

कार्यक्रम में मज़ेदार गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिसमें दादा-दादी तथा नाना-नानी सक्रिय रूप से शामिल हुए और बच्चों संग खूब आनंद उठाया।

कार्यक्रम का समापन श्री सौरिष दत्ता एवं सुश्री नेहा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। अंत में राष्ट्रीय गान गाकर कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया गया।

*अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत जिला इकाई, पाकुड़ की समिति के अध्यक्ष बने अवनिकांत* !

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत,पाकुड जिला इकाई पाकुड़ की बैठक का आयोजन पूर्वाह्न 10:00 बजे स्थानीय श्री गुरुदेव कोचिंग सेन्टर के प्रशाल में किया गया। उक्त बैठक में मुख्य रूप से क्षेत्रीय संगठन मंत्री शिवाजी क्रांति झारखंड प्रांत सचिव डॉ अमूल्य कुमार पाल संथाल परगना प्रमंडल संयोजक अनय ओझा की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक का संचालन राजकुमार सिंह के द्वारा किया गया। सभी अतिथियों ने बारी-बारी से स्वामी विवेकानंद एवं भारत मां की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया । क्षेत्रीय संगठन मंत्री शिवाजी क्रांति जी ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि ग्राहक देवता होता है, राजा ग्राहकों का सम्मान होना चाहिए क्योंकि ग्राहक जन्म से पहले एवं मृत्यु के बाद तक भी ग्राहक ही रहते हैं। ग्राहकों पर किसी भी तरह का अन्याय कदापि नहीं सहेगा ग्राहक पंचायत। ग्राहक पंचायत के अन्य विषय को विस्तार पूर्वक बैठक में रखा गया। वहीं बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रांत संयोजक डॉक्टर अमूल्य पाल ने पाकुड़ जिला इकाई की घोषणा किया गया ।जिसमें अध्यक्ष अवनिकांत तिवारी, उपाध्यक्ष दीपक भजन सिंह एवं सीमा सोनी भगत , सचिव धनंजय साह, कोषाध्यक्ष मिलन रूज सह कोषाध्यक्ष फूलचंद साह, महिला प्रमुख रूपाली सरकार, प्रचार प्रमुख दीपक स्वर्णकार, सर्वसम्मति से अन्प आदि दायित्वों का घोषणा किया गया। दुमका जिला के सचिव ऋषभ , भागीरथ तिवारी, प्रोफेसर डाॅ. मनोहर कुमार रामरंजन कुमार सिंह , हीरालाल साह, अमित साह , जितेंद्र ओझा , संजय सरकार, बबलू भगत, अमन सिंह , राजू सिंह आदि दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।