Thursday, August 6, 2026
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सरकार की नशे पर दोहरी नीति से माननीय गुरूजी भी होंगे असहमत। नशे के विरुद्ध संघर्ष में शिबू सोरेन रहे हैं उदाहरण।

*हेमंत सरकार भी गजबे है!एक ओर शराब दुकान पंचायत में खोल रही दूसरे तरफ नशा के खिलाफ अभियान में करोड़ों रूपये खर्च कर रही:आजसू जिलाध्यक्ष आलमगीर*

*झारखंड सरकार नशा मुक्ति के लिए करोड़ो खर्च कर रही है, दूसरे तरह शराब दुकान खोलने में व्यस्त है:आलमगीर आलम*

पाकुड़: झारखंड में हेमंत सरकार का दो ऐसा निर्णय अपने आप में उलझा हुआ है. एक ओर राज्य सरकार नशा के खिलाफ अभियान चला रही है. तो दूसरी ओर नई शराब नीति बना कर गाँव में शराब दुकान खोलने की तैयारी कर रही है. ऐसे में अब चर्चा और सवाल दोनों उठने लगा. आखिर जब शराब दुकान बढ़ेगी तो जाहिर है कि झारखंड में शराबियों की संख्या भी बढ़ेगी. तो फिर ये *हेमंत सरकार* नशा के खिलाफ अभियान क्यों चला रही है. नशा तो हर तरह से खराब होता है. चाहे शराब हो या धूम्रपान या तंबाकू सभी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है यह बातें *आजसू जिला अध्यक्ष आलमगीर आलम* ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी।
सबसे पहले बात शराब नीति की करेंगे. इसमें क्या बदलाव होने वाला है और क्या कुछ नया है. पहले एक प्रखण्ड में एक या दो शराब की दुकान होती थी. लेकिन नई शराब नीति के तहत पंचायत स्तर तक शराब दुकान खोलने की योजना है. इसके अलावा नई शराब नीति के तहत रात 11 बजे तक शराब दुकान खुलेगी.साथ ही दुकान में ही शराब पीने की व्यवस्था होगी. जिससे बिक्री बढ़े और राजस्व में बढ़ोतरी हो सके.
*आजसू जिला अध्यक्ष आलमगीर आलम* ने कहा कि
दूसरी ओर इसी हेमंत सरकार के द्वारा नशा के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है.यह किसी भी राज्य सरकार के लिए अच्छी बात है. नशा हर तरह का खराब होता है. चाहे शराब हो या तंबाकू. लेकिन इस नशे के खिलाफ अभियान पर ही प्रश्न चिन्ह खड़ा होता है कि आखिर सरकार करना क्या चाह रही है.पहले शराब की बिक्री बढ़ाने के लिए दुकान बढ़ा रही है. दूरी तरफ नशा के खिलाफ अभियान चला कर जागरूक कर रही है. इसपर भी करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे है. अखबार से लेकर न्यूज चैनल और शहर में बड़े बड़े होर्डिंग लगा कर नशा को ना कहने के लिए कहा जा रहा है.
*आजसू जिलाध्यक्ष आलमगीर आलम* ने कहा कि शराब को भी झारखंड में बैन कर दे. आखिर तंबाकू और धूम्रपान पर रोक और शराब का ठेका रात 11 बजे तक खोल कर शराब पिलाना यह समझ से बाहर की बात है. कई लोगों ने तो कहा कि जागरूकता के नाम पर करोड़ों का खेल खेला गया है और कुछ नहीं है. सरकार की नीति ही साफ नहीं है कि करना क्या है।
इस प्रेस विज्ञप्ति के बावत उन्होंने फोन पर कहा कि गुरुजी शिबू सोरेन अभी बीमार हैं , मैं उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। उनका पूरा जीवन संघर्ष का रहा । आदिवासी सहित पूरे समाज में नशा के विरुद्ध जन जागरण के प्रति वे सक्रिय रहे। उन्हें भी सरकार की इस नीति से निराशा तथा असहमति होगी।

जिलेटिन तो जप्त हो गया, डेटोनेटर कहाँ छूट गया हजूर ?

काले पत्थरों के लिए मशहूर पाकुड़ कई और चीजों के लिए मशहूर है। हर मशहूर चीजों से धीरे धीरे रूबरू कराऊँगा , लेकिन फ़िलवक्त जो कहने जा रहा हूँ , वह है अवैध विस्फोटक।
अभी कल ही पाकुड़ पुलिस ने दो बंगाल के लोगों को 1148 जिलेटिन के साथ पकड़ा। समाचार माध्यमों में कोलाहल मचा। बड़ी खेप पकड़ी गई। यह भी कहा गया कि अब जाँच होगी कि यह कहाँ इस्तेमाल होने वाला था।
खैर जाँच तो होनी ही चाहिए , लेकिन क्या जिलेटिन खुद विष्फोट हो जाता है ? यह एक बड़ा तकनीकी सवाल है !
जिलेटिन है तो विष्फोट, लेकिन अकेले यह अमोनियम नाइट्रेट और पेट्रोलियम पदार्थ का एक प्रोसेस किया हुआ स्टीक जैसा विषेष कागज़ में लिपटा एक ऐसा पदार्थ है , जिसमें डेटोनेटर न लगाया जाय तो विष्फोट नहीं होता।
पाकुड़ में पत्थर उद्योग में औद्योगिक विस्फोटक के रूप में उपयोग किया जाता है।
बहुत पहले इसे मेनवली उपयोग किया जाता था , लेकिन अब इसे इलेक्ट्रिकल विष्फोट किया जाता है। खैर अगर जिलेटिन बरामद हुआ है तो अवैध जिलेटिन भी कहीं न कहीं होगा , पहले उसकी जाँच और जप्ती होनी चाहिए।
विस्फोटक की जप्ती पाकुड़ में कोई नई बात नहीं है। पिछले दस वर्षों का ही पुलिस रेकॉर्ड खंगाला जाय तो दर्जनों गवाहियाँ मिलेंगी। इसी जिलेटिन और डेटोनेटर में डीजल मिलाकर अमोनियम नाइट्रेट भी पत्थर खदानों के विष्फोट छिद्र में डाला जाता है जो उस विष्फोट को कई गुना ज्यादा ताकतवर बना देता है ,जिससे उत्पादन भी कई गुना ज्यादा हो जाता है। मतलब साफ है कम विस्फोटक में ज्यादा उत्पादन।
पाकुड़ में एक ही विस्फोटक बेचने का लाइसेंस है। विस्फोटक अनुज्ञप्ति प्राप्त लीजधारकों को उनके अनुज्ञप्ति की मात्रा के अनुसार ही विस्फोटक सामग्री मिलता है। यह बात और है कि कुछ अनुज्ञप्ति धारी अपनी उत्पादन क्षमता से अधिक मात्रा की अनुज्ञप्ति ले रखे हैं, जिसे वो क्या करते हैं, यह भी जाँच का विषय है।
अब दूसरा सवाल उठता है कि जब अनुज्ञप्तिधारी लीजधारकों को वैध रूप से विस्फोटक आपूर्ति की व्यवस्था है तो फिर ये अवैध विस्फोटक बंगाल या अन्य कहीं से क्यूँ आता है ? वह भी इतनी बड़ी मात्रा में ?
इतना ज्यादा विस्फोटक का यहाँ प्रतिदिन खपत आख़िर होता कहाँ है। कोई अवांछनीय या अलगाववादी तत्व इसका फायदा तो उठा ही सकता है लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में वे शायद ही लें। मतलब साफ है कि ये विस्फोटक यहाँ अवैध खनन में उपयोग होता होगा।
इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का कालाबजारी या तस्करी इस बात का सबूत है कि पाकुड़ में पत्थरों का अवैध खनन होता है और उसमें अवैध विस्फोटकों का धड़ल्ले से उपयोग होता है। इसका सबूत खनन विभाग के उन फाइलों का रिटर्न भी देगा , जिनको विस्फोटक अनुज्ञप्ति नहीं है।
दशकों से जप्त विस्फोटकों का कहाँ उपयोग होगा की जाँच की बात तो सुनता आया हूँ , लेकिन …….
विस्फोटक की कहानी की कई लम्बी किस्तें हैं। धीरे से सब सुनाऊँगा मेरे ब्लॉग पर कलम की सफ़र में। आगे बंगाल तथा अन्य स्थानों से आनेवाले विष्फोट कथा😊और हाँ 1148 जिलेटिन तो जप्त हो ही चुका है , अब उतने ही डेटोनेटर भी जप्त हो जाय तो ठीक हो , बिना डेटोनेटर के जिलेटिन तो बिना सिंदूर और बिंदी की ब्याहता है। हैय कि नय ?🙏

*9 जुलाई की देशव्यापी हड़ताल को झारखंड में सफल बनाओ*

*पार्टी की स्वतंत्र शक्ति बढाओ*
*सीपीएम के पार्टी कार्यकर्ताओं को मदूरै तमिलनाडु में पिछले दिनों संपन्न 24 वें महाधिवेशन के फैसलों की जानकारी दी गई*
*ईरान पर अमरीकी हमले की भर्त्सना की गई*
पाकुड़,23 जुन
सीपीएम ही देश में एकमात्र राजनीतिक दल है जहां आंतरिक लोकतंत्र को पूरी तरह लागू किया जाता है. सीपीएम में नेता उपर से नहीं थोपे जाते बल्कि नीचे से चुने गए प्रतिनिधियों द्वारा हर स्तर की कमिटी चुनी जाती है जो अपनी कमिटियों के सचिवों का निर्वाचन करते हैं. पार्टी प्रत्येक तीन वर्ष पर आयोजित होने वाले अपने अखिल भारतीय महाधिवेशन से तीन महीने पहले ही केंद्रीय कमिटी द्वारा स्वीकृत राजनीतिक प्रस्ताव का मसौदा जारी करती है जिसपर पार्टी के हर स्तर की कमिटियों में चर्चा कर संशोधन व सुझाव भेजे जाते हैं
इस मसौदे पर केवल पार्टी सदस्य ही नहीं कोई भी आम नागरिक अपने संशोधन या सुझाव भेज सकता है. इस बार राजनीतिक प्रस्ताव पर पूरे देश ही नहीं विदेशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों द्वारा लगभग 4 हजार से ज्यादा संशोधन और सुझाव भेजे गए जिनमें से कई संशोधन स्वीकार कर पार्टी महाधिवेशन ने राजनीतिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया. अब इस राजनीतिक – सांगठनिक प्रस्ताव के आलोक में पार्टी संघर्ष और आंदोलन का कार्यभार तय करेगी. यह बात आज पाकुड़ जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने कही. शिक्षण शिविर के दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए डा. काशीनाथ चटर्जी ने बताया कि कम्युनिस्ट पार्टी दूसरी पार्टियों से अलग है जिसका मुख्य उद्देश्य है जनता की जनवादी क्रांति को कार्यरुप देना ताकि देश में सामाजिक – आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन के माध्यम से मनुष्य द्वारा मनुष्य का शोषण समाप्त किया जा सके. कम्युनिस्ट एक यैसे समाज की परिकल्पना करते हैं जिसमें भूख, गरीबी, बेरोजगारी नहीं होगी और सभी के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की गारंटी होगी. यह समाजवादी व्यवस्था में ही संभव है जिसके लिए कम्युनिस्ट पार्टी सतत प्रयत्नशील है.
प्रशिक्षण शिविर को विकाश ठाकुर और रवि ने भी अपने अनुभव को साझा किया शिविर में पाकुड़ जिले के सभी प्रखंडों से आए 129 कार्यकताओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता मानिक दुबे ने की. मौके पर राज्य सचिवमंडल सदस्य प्रो. शिबानी पाल, जिला सचिव गोपीन सोरेन, सैफुद्दीन शेख, मुकुल भट्टाचार्य, रामप्रवेश पासवान, रिजाउल करीम, देबाशीष दत्ता गुप्ता समेत जिला कमिटी के अन्य साथी मौजूद थे.
प्रशिक्षण शिविर के बाद जिला कमिटी की बैठक कर पाकुड़ जिला के जनमुद्दों को चिन्हित किया गया. जिसमें विस्थापन व कोयला परिवहन से हो रहे प्रदूषण के खिलाफ वर्षा के बाद प्रभावी आंदोलन की कार्ययोजना योजना बनाए जाने के लिए दुमका और पाकुड़ जिला कमिटी की संयुक्त बैठक करने का निर्णय लिया गया.
पार्टी द्वारा 30 जुन को संताल हूल की 169 वीं वर्षगांठ बड़े पैमाने पर मनाए जाने का फैसला लिया गया साथ ही 9 जुलाई की देशव्यापी हड़ताल को पाकुड़ जिले में सफल बनाए जाने का निर्णय लिया गया. ये जानकारी जिला सचिव गोपीन सोरेन ने दी।

*श्रवण के प्रत्येक सोमवारी को संस्था करेंगी भक्तों के बीच निःशुल्क पूजन समाग्री का वितरण*

-शहर के अन्नपूर्णा कॉलोनी में संस्था की बैठक हुई संपन्न …

-पूजन सामग्री को लेकर मंदिरों में शिविर लगाए जाने पर चर्चा .

पाकुड़: शहर के अन्नपूर्णा कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर परिसर में सत्य सनातन संस्था की बैठक रविवार की शाम को संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष रंजीत कुमार चौबे ने किया। बैठक में पवित्र श्रवण माह के अवसर पर मंदिरों में शिविर लगाकर पूजन सामग्री वितरण व रथ यात्रा को सफल बनाए जाने पर चर्चा की गई। अध्यक्ष रंजीत कुमार चौबे ने कहा कि पवित्र श्रावण माह के प्रत्येक सोमवरी को संस्था की ओर से सेवा शिविर लगा कर निशुल्क पूजन सामग्री वितरण किया जाएगा। भगतपाड़ा शिव मंदिर में जिला अध्यक्ष हर्ष भगत, सत्यम भगत, विशाल भगत , रवि भगत, रतन साहा, कुड़ापाड़ा स्थित बाबा नागेश्वर नाथ मंदिर में संस्था के उपाध्यक्ष गौतम कुमार ,मिंटू गिरी, दूधनाथ मंदिर में पुरोहित रोहित दास, रेलवे कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में अमित साहा, सानू रजक को निःशुल्क पूजन सामग्री वितरण के लिए जिम्मेवारी दी गई। शिविर में सुबह 7 बजे से 11 बजे तक भक्तों के बीच निशुल्क बेलपत्र, कच्चा दूध , गंगा जल एवं पुष्प का वितरण किया जाएगा। मंगलवार की संध्या को हनुमान मंदिर में संस्था की ओर से हनुमान चालिसा का आयोजन किया जाएग। इसके अलावे आगामी 27 जून को निकलने वाले रथ यात्रा को सफल बनाने के लिए संस्था के सदस्य सक्रिय रहेंगे। मेले में सुरक्षा व्यवस्था को बढाये जाने को लेकर एसपी को आवेदन सौंपा जाएगा। मौके पर संस्था के सचिव चंदन प्रकाश, उपाध्यक्ष गौतम कुमार, कोषाध्यक्ष अमर ठाकुर, जिला अध्यक्ष – हर्ष भगत , संदीप त्रिवेदी, मिंटू गिरी , रतन साहा , राकेश सिंह, राकेश मुलायम सिंह, रोहित दास ,चंदन रक्षित , संतोष टेबरीवाल, अक्षय चौरसिया ,मास्टर विजय , शुभम गुप्ता , वरीय सदस्य – कालीचरण घोष सहित अन्य उपस्थित थे।

पाकुड़-बंगाल को जोड़ने वाला अंतरराज्यीय फाटक बना जानलेवा जाम पॉइंट

इलाज के लिए बंगाल जाते हैं पाकुड़वासी, जान जोखिम में डाल कर करते हैं सफर

1C-2C फाटक बना दुर्घटनाओं का केंद्र, ROB ही एकमात्र समाधान: हिसाबी

पाकुड़: झारखंड को पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाली अंतरराज्यीय मालपहाड़ी सड़क पर स्थित 1C और 2C रेल फाटक अब आमजन के लिए परेशानी साबित हो रहा है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में वाहन इन गेटों से गुजरते हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर यहां कुछ भी नहीं। अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, और यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।इसी चिंताजनक स्थिति को देखते हुए ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन (ईजरप्पा) हावड़ा मंडल के प्रतिनिधियों ने इन रेलगेटों का निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष हिसाबी राय, सचिव राणा शुक्ला, सह सचिव अनिकेत गोस्वामी,सिग्नल विभाग के कनिष्ठ अभियंता रणधीर पासवान और सादेकुल आलम शामिल रहे।

स्वास्थ्य संकट में भी यही रास्ता है जीवन रेखा

पाकुड़ जिला वैसे ही स्वास्थ्य व्यवस्था के मोर्चे पर जूझ रहा है। इलाज के लिए लोगों को अक्सर पश्चिम बंगाल के लिए रवाना होना पड़ता है – और यही रास्ता उनका जीवन मार्ग बन जाता है। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि जिस सड़क से मरीजों को अस्पताल ले जाया जाता है, वही सड़क मौत की ओर भी ले जा सकती है।

हाथ से खुलते रेल फाटक,बिना चौकीदार, बिना अलार्म –यहां हर गुजरता वाहन किस्मत के सहारे ही पार कर रहा है। मरीजों को ले जा रही एंबुलेंसें भी जाम में फंसती हैं, जिससे अनमोल जीवन खोने का खतरा मंडराता है।

हादसों के आंकड़े डराते हैं

1C और 2C दोनों रेलगेटों पर अब तक कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। टोटो, बाइक, ऑटो तकरीबन हर दिन किसी न किसी रूप में रेल लाइन पर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। सबसे खतरनाक स्थिति तब बनती है जब भारी वाहन जैसे हाईवा गुजरते हैं तो बेल फाटक पर लगा हाथ संचालित फाटक से टक्कर हो जाती है।रेलवे लाइन के ऊपर से गुजरती 25 हजार वोल्ट की बिजली लाइन एक और बड़ा खतरा है। यह किसी भी वक्त जानलेवा साबित हो सकती है।

विभाग जिम्मेदारी से भाग रहा, आमजन भुगत रहा

निरीक्षण के दौरान सिग्नल विभाग के कनिष्ठ अभियंता रणधीर पासवान ने स्थिति पर असमर्थता जताते हुए कहा कि ये गेट उनके अधीन नहीं हैं। 1C रेलगेट इंजीनियरिंग विभाग के अधीन है, जबकि 2C WPDCL (पश्चिम बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड) की निजी मालगाड़ी लाइन के तहत आता है। यहां से प्रतिदिन औसतन 14 कोयला रेक गुजरती हैं, जिससे भीषण जाम लगता है।

ईजरप्पा ने ROB निर्माण की उठाई मांग

ईजरप्पा के अध्यक्ष हिसाबी राय ने स्पष्ट कहा है कि यह केवल यातायात का मुद्दा नहीं,बल्कि जीवन रक्षा का सवाल है।अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।ईजरप्पा की ओर से रेलवे मंत्रालय एवं संबंधित विभागों से मांग की गई है कि दोनों रेलफाटकों पर अतिशीघ्र रोड ओवर ब्रिज (ROB) का निर्माण कराया जाए। इससे न सिर्फ आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि मरीजों के लिए इलाज का रास्ता भी आसान और सुरक्षित बनेगा।

*दिल्ली पब्लिक स्कूल पाकुड़ के प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस -2025,उत्साह पूर्वक मनाया गया

डी. पी एस, पाकुड़ में 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 , बहुत ही उत्साह पूर्वक मनाया गया। वैश्विक उत्सव के 11वीं वर्षगांठ पर “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” विषय के तहत, इस वर्ष का आयोजन समग्र कल्याण और पर्यावरण सद्भाव को बढ़ावा देने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है। इस विषय को परिपूर्ण करने और बच्चों को योग के महत्व के प्रति जागृत करने के उद्देश्य से विद्यालय में योग से संबंधित कई तरह की गतिविधियों का आयोजन किए गए। कक्षा नर्सरी से लेकर के 12वीं तक की कक्षाओं में योग के साथ ही साथ योग से संबंधित प्रश्नावली, निबंध प्रतियोगिता तथा चित्र प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

विद्यालय में आयोजित योग शिविर में सभी शिक्षक गण और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान शारीरिक प्रशिक्षक श्री प्रवीण सोरेन की देखरेख में बच्चों तथा शिक्षकों को सर्वप्रथम योग शपथ दिलवाई गई। इसके उपरांत विभिन्न तरह के प्राणायाम एवम आसन किये गए।कार्यक्रम में बच्चों ने योग के साथ-साथ बहुत ही आकर्षक मानव पिरामिड भी प्रस्तुत किया।

विद्यालय के निदेशक श्री अरुणेंद्र कुमार जी ने सभी को योग दिवस की बधाई दी और अपने अनुभव से बताया कि योग एक परिवर्तनकारी अभ्यास है, जो मन और शरीर के मध्य सामंजस्य, विचार और क्रिया के बीच संतुलन, संयम और पूर्ति का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने बताया कि स्वस्थ और अनुशासित व्यक्ति ही स्वस्थ पर्यावरण और समाज का निर्माण कर सकता है।’योग चित्तवृत्ति निरोधः’ अथार्त योग का उद्देश्य बहुत व्यापक है यह मन की चंचलताओं को नियंत्रित करता है यानी हमारे शरीर और मन को अनुशासित करता हैं । यह हमें आत्म-साक्षात्कार के मार्ग पर ले जाता है, जहाँ मन शांत और स्थिर होता है।अतः उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी को नियमित योग का अभ्यास करने की सलाह दी।

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री जे.के शर्मा जी ने योग के महत्व को समझते हुए बताया कि ‘योग: कर्मसु कौशलम्’ : यानी, कर्मों की कुशलता ही योग है आज के तनाव भरे वातावरण में योग ही एकमात्र ऐसा साधन है जो हमें शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति प्रदान करता है । छात्रों में एकाग्रता को बढ़ाने के लिए उनका नियमित योग अभ्यास आवश्यक है, क्योंकि ध्यान वह अवस्था है जब मन बाहरी विषयों से पूरी तरह मुक्त होता है। यह आत्मा से जुड़ने और भीतर की शांति पाने का माध्यम है।

*15 साल से पानी को तरस रहे पाकुड़ रेलवे क्वार्टर के कर्मचारी, अब नगर परिषद से लगाई आस*

*नगर परिषद कार्यालय में हुई बैठक, शहरी जलापूर्ति योजना से शोधित जल देने पर हुई चर्चा*

पाकुड़: पाकुड़ शहर में जल संकट की समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन पाकुड़ रेलवे के कर्मचारी तो बीते डेढ़ दशक से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। रेलवे की 170 क्वार्टरों में रह रहे करीब 1250 कर्मचारियों को अब तक नियमित और शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं मिल पाई है। इस समस्या को लेकर अब रेलवे ने नगर परिषद से गुहार लगाई है।

गुरुवार को नगर परिषद कार्यालय में प्रशासक अमरेंद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई। बैठक में पूर्व रेलवे रामपुरहाट के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (कार्य) मुकेश कुमार,पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के सहायक अभियंता अभिजीत किशोर,कनिय अभियंता दिनेश मंडल, ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हिसाबी राय और प्रधान सहायक देवाशीष बर्मन मौजूद रहे।

*2013 में बनी थी सहमति,जमीन नहीं मिलने से फंस गया था मामला*

सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2013 में रेलवे और जिला प्रशासन के बीच शहरी जलापूर्ति योजना के तहत रेलवे को प्रतिदिन दो लाख लीटर शोधित जल देने पर सहमति बनी थी।जलमीनार, वितरण पाइप और जल पीलर निर्माण की योजना भी बनी थी,लेकिन रेलवे की ओर से आवश्यक जमीन नहीं मिलने के कारण योजना अधर में रह गई।

बोरिंग भी फेल,सिर्फ 3 जगह ही मिला पानी

रेलवे ने स्वयं पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए अब तक कुल दस डीप बोरिंग करवाए,लेकिन सिर्फ तीन बोरिंग से ही सीमित मात्रा में पानी मिल पाया। ऐसे में समस्या जस की तस बनी हुई है।

*अब डीआरएम हावड़ा ने दिखाई सक्रियता,उम्मीद जगी*

पूर्व रेलवे हावड़ा के मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार के निर्देश पर अब एक बार फिर से प्रयास तेज किए गए हैं। नगर परिषद में हुई बैठक में प्रशासक अमरेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि रेलवे को शहरी जलापूर्ति योजना से जोड़ने के लिए उपायुक्त को मंडल से पत्र भेजकर रेलवे की जमीन पर बनने वाले पानी टंकी निर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कराने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

जलमीनार निर्माण, वितरण पाइप बिछाने और पीलर लगाने की योजना को आगे बढ़ाने के लिए अब प्रशासन और रेलवे के बीच समन्वय बनाने की जरूरत बताई गई है।

*कर्मचारियों में जगी राहत की उम्मीद*

बैठक के बाद कर्मचारियों में एक बार फिर आशा जगी है कि अब शायद वर्षों पुरानी जल संकट की समस्या का समाधान हो सके। यदि यह योजना जमीन पर उतरती है तो 1250 से अधिक लोगों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल सकेगी।

केंद्रीय मंत्री के हाथों सम्मानित हुए समाजसेवी लुत्फल हक, जीतन राम मांझी ने दिया अवार्ड

दिल्ली। अपने समाज सेवा के कार्यों से देश-विदेश में सम्मान समारोह के बड़े-बड़े मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके पाकुड़ के चर्चित समाजसेवी लुत्फल हक ने एक और बार जिले वासियों को गौरवान्वित किया है। उन्हें दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में समाजसेवा का अवार्ड मिला है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने उन्हें अवार्ड देकर सम्मानित किया है। दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय मंत्रियों और देश के जाने-माने हस्तियां की मौजूदगी में समाजसेवा के अवार्ड से नवाजा गया है। यहां भारत की उड़ान कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें देश के जाने-माने 250 उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया था। इन्हीं में से समाजसेवी लुत्फल हक भी शामिल थे। भारत की उड़ान कार्यक्रम में मिजोरम के राज्यपाल वीके सिंह जैसे शख्सियत भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, सतीश चंद्र दुबे, हरीश मल्होत्रा, एसपी सिंह बघेल, ज्वेल ओरम, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने भी कार्यक्रम में शिरकत किया। देश भर के ढाई सौ उद्योगपतियों के बीच पाकुड़ के समाजसेवी लुत्फल हक को सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने हाथों अवार्ड देकर सम्मानित किया। पाकुड़ के लोकप्रिय और गरीबों के दिलों में बसने वाले चर्चित समाजसेवी लुत्फल हक ने केंद्रीय मंत्री के हाथों सम्मानित होकर खुद को गौरवशाली बताया है। उन्होंने यह सम्मान पाकुड़ के गरीब और असहाय लोगों के नाम किया है। उन्होंने कहा कि मैं इतने बड़े मंच पर सम्मानित होकर खुद को गौरवशाली जरुर महसूस कर रहा हूं। लेकिन यह सम्मान मुझे उन गरीबों के लिए मिला है, जिनकी दुआओं ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। मैं पाकुड़ की जनता का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझे मोटिवेटेड किया। मेरा हौंसला अफजाई कर देश विदेश में बड़े-बड़े मंच पर पहुंचाया। पाकुड़ प्रशासन का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं। पाकुड़ प्रशासन ने समाजसेवा के कार्यों में साथ दिया और मेरा मनोबल बढ़ाया। लुत्फल हक ने कहा कि गरीबों के लिए मैं हर संभव काम करता रहूंगा। जिससे कि उन्हें जीवन जीने में थोड़ी सहूलियत मिले। मेरा छोटा सा प्रयास गरीबों के जीवन में अगर खुशी लाती है, तो मैं हमेशा उनके साथ खड़ा हूं और रहूंगा। मैं खुदा से दुआ करता हूं कि मैं जब तक दुनिया में रहूं, गरीबों और असहाय परिवारों के सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहूं। उल्लेखनीय है कि समाजसेवी लुत्फल हक पाकुड़ ही नहीं दूसरे राज्यों में भी गरीब और जरूरतमंद लोगों को मदद पहुंचाते हैं। पाकुड़ रेलवे स्टेशन में पिछले 3 सालों से इनके द्वारा हर दिन लगभग 300 लोगों को निःशुल्क भोजन की व्यवस्था ने पाकुड़ वासियों का दिल जीत लिया है।

महाप्रबंधक पूर्व रेलवे से मिला ईजरप्पा का प्रतिनिधिमंडल

साहिबगंज पाकुड़ रामपुरहाट के रेल खंड में यात्रियों की लगातार 7 वर्षों की चिर लंबित मांग 63406 डाउन साहिबगंज रामपुरहाट पैसेंजर के साहिबगंज से रामपुरहाट की ओर प्रस्थान करने हेतु समय परिवर्तन करने को लेकर ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन हावड़ा मंडल के अध्यक्ष हिसाबी राय,सचिव राणा शुक्ला,सह सचिव सुशील साहा ने कोलकाता स्थित महाप्रबंधक कार्यालय कक्ष में महाप्रबंधक,पूर्व रेलवे,कोलकाता मिलिंद देउस्कर,मुख्य यात्री संचालन प्रबंधक,पूर्व रेलवे कोलकाता रोशन कुमार तथा उप महाप्रबंधक श्री वेद प्रकाश जी को शाल,स्मृति चिन्ह प्रदान करने के बाद पुष्प गुच्छ देकर इस रेलखंड की यात्रियों की ओर से उनका स्वागत कर आभार व्यक्त किया। वही इजरप्पा के सदस्यों ने स्थानीय रेल समस्याओं को लेकर पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक के साथ विस्तार पूर्वक चर्चा किया। इस बाबत अध्यक्ष हिसाबी राय के द्वारा बताया गया कि महाप्रबंधक,पूर्व रेलवे से स्थानीय रेल समस्या को लेकर विस्तारपूर्वक वार्ता हुई जिसमें कुलापहाड़ी तीलभीट्टा एलसी गेट नंबर 40 के भूमिगत पथ पर जल जमाव की समस्या,13181अप- 1318 2 डाउन कोलकाता काजीरंगा साप्ताहिक एक्सप्रेस का पाकुड़ में ठहराव,ईसाकपुर गेट नंबर 39 पर रोड ओवर ब्रिज के डीपीआर निर्माण तथा उसकी अद्यतन स्थिति पर जानकारी प्राप्त किया गया,पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट-एक्सीलेटर की चिरलंबित समस्या का समाधान आदि जिस पर उन्होंने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया तथा तुरंत हावड़ा मंडल के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए तुरंत समस्या को समाधान करने का आदेश दिया। वही
तदोपरांत सहायक मंडल रेल प्रबंधक, पूर्व रेलवे हावड़ा उदय कुमार कुमार केशरी से मिलकर स्थानीय समस्याओं पर सात सूत्री मांगों से अवगत कराया गया।किस प्रकार रेल द्वारा पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों के सुविधार्थ सारी व्यवस्था रहने के उपरांत भी पाकुड़ स्थानीय रेल पदाधिकारी के द्वारा रख रखाव के अभाव में उसकी स्थिति खस्ता हो गई है।ज्ञात हो कि अपने स्थापना कल से ही लिफ्ट एक्सीलेटर बंद पड़े हैं,पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर की साफ सफाई मजदूरों के अभाव में जीर्ण शीर्ण अवस्था में है,रेलवे स्टेशन व परिसर पशुओं का चरागाह एवं विश्रामालय बन चुका है,कब किसी यात्री की जान चली जाए या कोई नहीं बता सकता है,यात्रियों को प्लेटफार्म पर अवस्थित यात्रियों के लिए मिलने वाले शुद्ध पेयजल आपूर्ति हेतु आरओ से पिछले छः माह द्वारा मिलने वाली शुद्ध पानी बिना शुद्धिकरण के मिल रहा है। विगत एक वर्षों से रेलवे स्टेशन परिसर में सुलभ शौचालय बनकर यात्रियों के लिए तैयार है पर लोकार्पण के अभाव में आज तक बंद पड़ा है इत्यादि।
इन सारे विषयों पर सहायक मंडल रेल प्रबंधक पूर्व रेलवे हावड़ा श्री केशरी ने गंभीरतापुर में विचार करने का आश्वासन दिया तथा कहा कि जनहित में यह सारे गंभीर मुद्दे हैं तथा संवेदनशील है तथा इस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगा ।मैं स्वयं इन सारी समस्याओं की जांच स्वयं करूंगा। साथ ही पाकुड़ भुमिगत पथ पर आवागमन करने वाले पाकुड़ के आमजनों हेतु शेड का निर्माण किया जाएगा।

ईजरप्पा दिलाएगी सब-वे में जलजमाव की समस्या से निजात, स्थल पर पहुंच किया निरीक्षण

पाकुड़। ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन हावड़ा मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को कुलापहाड़ी स्थित एलसी गेट नंबर 40 का निरीक्षण किया। यहां सब-वे में जल जमाव की समस्या से लगातार जूझ रहे संग्रामपुर, कुलापहाड़ी और तिलभिठा ग्राम वासियों की इस वृहद समस्या को लेकर
ईजरप्पा के प्रतिनिधिमंडल ने स्थल का निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ईजरप्पा अध्यक्ष सह भाजपा नेता हिसाबी राय ने किया। ईजरप्पा के सचिव राणा शुक्ला, सह सचिव सह भाजपा नगर महामंत्री सुशील साहा, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजा अंसारी, सादेकुल शेख, अलीम शेख, हाबिर शेख एवं ग्रामीण भी मौजूद थे।बता दें कि हाल ही में पूर्व रेल प्रशासन के द्वारा अपूर्ण भूमिगत पथ का निर्माण के उपरांत कुलापहाड़ी स्थित एलसी गेट नंबर 40 को आमजनों के आवागमन के लिए स्थाई रूप से बंद कर दिया गया था। जिससे आमजनों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। जिस वजह से ग्रामीणों में काफी रोष भी है। इधर हिसाबी राय ने बताया कि इस समस्या को देखते हुए ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन हावड़ा मंडल के द्वारा मंडल रेल प्रबंधक पूर्व रेलवे हावड़ा सहित रेलवे के संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर सब-वे में जल जमाव की समस्या से अवगत कराया गया था। जिस पर उन्होंने उक्त समस्या के समाधान हेतू उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। पुनः रेल समस्याओं को लेकर ईजरप्पा का प्रतिनिधिमंडल महाप्रबंधक पूर्व रेलवे कोलकाता तथा मंडल रेल प्रबंधक पुर्व रेलवे हावड़ा से मिलकर अवगत कराएगी। इस बाबत ईजरप्पा का प्रतिनिधिमंडल सबवे का ग्राउंड जीरो का निरिक्षण कर जानकारी प्राप्त किया गया।जिसमें पाया गया कि सब-वे में जल जमाव के लिए जो उपाय रेलवे के द्वारा किया जा रहा है, वह नाकाफी है। इस हेतु कम से कम चार कावकेचर तथा जल निकासी हेतू स्थाई मोटर का अधिष्ठापन सब-वे में विद्युत आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था करने की आवश्यकता है। जिससे ईजरप्पा के द्वारा रेलवे के उच्च पदाधिकारी को अवगत कराकर समस्या का समाधान करवाएगी।