पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर रेलवे प्रशासन द्वारा एक वृहत स्वास्थ्य शिविर लगाया गया जिसमें ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल हावड़ा से कई चिकित्सक एक साथ अपनी पूरी टीम के साथ आए एवं यहां के रेल कर्मियों के स्वास्थ्य की वृहत स्तर पर जांच की । रेलवे प्रशासन द्वारा लगातार रेल कर्मियों की स्वास्थ्य की जांच को अधिक से अधिक कर उनके उत्तम स्वास्थ्य के लिए लगातार प्रयास किया जा रहे हैं । ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन पाकुड़ शाखा द्वारा किए जा रहे क्रमबद्ध प्रयास के चलते आज रेलवे प्रशासन द्वारा पाकुड़ में जो की हावड़ा मंडल के अंतिम छोर पर स्थित है ,लगातार स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन हो रहा है ,ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन पाकुड़ शाखा के शाखा सचिव संजय कुमारओझा ने बताया कि हमने माननीय मंडल प्रबंधक हावड़ा से मांग रखी थी कि प्रत्येक वर्ष कम से कम चार बार वृहत मेडिकल कैंप का आयोजन पाकुड़ में किया जाए ,क्योंकि पाकुड़ हावड़ा मंडलीय अस्पताल से काफी दूरी पर स्थित है इसलिए मंडल प्रबंधक हावड़ा ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए वर्ष 2026 के प्रथम महीने में ही पाकुड़ में स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया गया।आने वाले मार्च या अप्रैल में दूसरा एक स्वास्थ्य के कैंप का भी आयोजन किया जाएगा ।
इस अवसर पर ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल हावड़ा से अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर आर के मंडल,डॉक्टर नयन मनी विश्वास, मंडलीय मेडिकल चिकित्सा पदाधिकारी प्रसूति विभाग, डॉक्टर शिवानी, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर, मृदुला मंडल चिकित्सा पदाधिकारी,डॉक्टर मृणाल कुमार मंडल अपर मंडलीय चिकित्सा पदाधिकारी, रामपुरहाट डॉक्टर अब्दुस समीम मियां मंडलीय चिकित्सा पदाधिकारी ,रामपुरहाट द्वारा अपने पूरे दलबल के साथ आज कैंप में शामिल हुए इस अवसर पर कल 63 रेलवे कर्मियों के स्वास्थ्य की जांच की गई जिसमें कल महिला रोगियों की संख्या 13 तथा रक्त जांच 45 लोगों का किया गया । इस अवसर पर ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन पाकुड़ शाखा के शाखा अध्यक्ष अखिलेश कुमार चौबे ,शाखा सचिव संजय कुमार ओझा ,शाखा के कोषाध्यक्ष अमर कुमार मल्होत्रा ,निलेश प्रकाश, विक्टर जेम्स , गौतम कुमार यादव,संतोष कुमार इत्यादि आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय दिखे । शाखा सचिव संजय कुमार ओझा ने बताया कि पाकुड़ में रेल कर्मियों हेतु चिकित्सा सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए रामपुरहाट के तर्ज पर एक हेल्थ यूनिट का निर्माण किया जा रहा है।बहुत जल्द ही यह लॉकअप डिस्पेंसरी नए हेल्थ यूनिट में शिफ्ट हो जाएगी ,जो की सिग्नल विभाग के ऑफिस के बगल में माल गोदाम रोड पथ पर अवस्थित होगी और नए हेल्थ यूनिट में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार भी किया जाएगा ।
स्वास्थ्य सेवा में पाकुड़ रेलवे के आगे बढ़ते कदम , कर्मियों में खुशी।
मैट्रिक और इंटर परीक्षा के लिए धैर्य , अनुशासन और मेहनत ही असली ताकत – शिव शंकर दुबे
परीक्षा की तैयारी: आज का अनुशासन ही कल की पहचान है
परीक्षा का समय किसी भी विद्यार्थी के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक समय होता है। यह वह समय है जब केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि विद्यार्थी का धैर्य, अनुशासन, आत्मनियंत्रण और मेहनत भी परखी जाती है। जो छात्र इस समय को गंभीरता से लेते हैं, वही भविष्य में सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचते हैं।
प्रधानाचार्य शिव शंकर दुबे जी का मानना है कि परीक्षा में सफलता अचानक नहीं मिलती। यह रोज़ की गई छोटी-छोटी मेहनत, समय की सही योजना और अनुशासित जीवनशैली का परिणाम होती है। जो विद्यार्थी रोज़ एक निश्चित समय पर पढ़ाई करते हैं, समय पर सोते-जागते हैं और अपने कार्य को टालते नहीं हैं, वे तनाव से दूर रहते हैं और आत्मविश्वास से भरे रहते हैं।
धैर्य परीक्षा की तैयारी का सबसे बड़ा हथियार है। अगर कोई विषय या अध्याय पहली बार में समझ न आए, तो निराश होना कमजोरी नहीं, बल्कि प्रयास छोड़ देना कमजोरी है। बार-बार अभ्यास करने से ही कठिन विषय सरल बनते हैं। याद रखें—असफलता अंत नहीं, बल्कि सफलता की पहली सीढ़ी होती है।
अनुशासन हमें यह सिखाता है कि मनोरंजन और पढ़ाई में संतुलन कैसे बनाया जाए। मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और अनावश्यक गतिविधियाँ विद्यार्थियों की सबसे बड़ी बाधा हैं। जो छात्र इनसे दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हैं, वही समय का सही उपयोग कर पाते हैं।
परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारे चरित्र, जिम्मेदारी और मेहनत की सच्ची पहचान है। आज की गई लापरवाही कल पछतावे में बदल सकती है, और आज की मेहनत कल गर्व का कारण बन सकती है। इसलिए हर विद्यार्थी को चाहिए कि वह पूरे मन, पूरे अनुशासन और पूरे धैर्य के साथ अपनी तैयारी करे।जो आज खुद पर नियंत्रण रखता है, वही कल अपने भविष्य को नियंत्रित करता है।अनुशासन और धैर्य के बिना मेहनत अधूरी है, और मेहनत के बिना सफलता असंभव।
रेल सुविधाओं से जुड़ी माँगों, एवं आन्दोल जायज़ झामुमो व्यवसायियों के साथ : पंकज मिश्रा
पाकुड़ के पत्थर व्यवसायियों को झामुमो का समर्थन, रेल लोडिंग बंद के फैसले को बताया जायज़
पाकुड़ जिले के पत्थर व्यवसायियों को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का खुला समर्थन मिला है। झामुमो के प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने व्यवसायियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं और आगामी दिनों में प्रस्तावित रेल लोडिंग बंद के समर्थन का ऐलान किया।
बैठक के दौरान पत्थर व्यवसायियों ने कहा कि पाकुड़ जैसे औद्योगिक जिले की लगातार रेलवे उपेक्षा की जा रही है। न तो पाकुड़ से दिल्ली के लिए कोई सीधी ट्रेन उपलब्ध है और न ही राजधानी एक्सप्रेस, वंदे भारत जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव यहां दिया गया है। इससे व्यापार के साथ-साथ आम यात्रियों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पंकज मिश्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह आंदोलन जनता और स्थानीय व्यवसायियों की जायज़ मांगों से जुड़ा है। उन्होंने कहा,
“जब तक जनता की मांग पूरी नहीं होगी, तब तक यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि पाकुड़ क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी, प्रमुख ट्रेनों का ठहराव और रैक लोडिंग से जुड़ी समस्याओं का समाधान बेहद जरूरी है। झामुमो इन मुद्दों को रेलवे और सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएगा।
इस मौके पर पत्थर व्यवसायियों ने एकजुट होकर कहा कि अगर मांगों पर जल्द ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
EVM ही क्यूँ , बेलेट ने क्या बिगाड़ा है !
— *मोनिता कुमारी*
*जिला महासचिव, कांग्रेस पार्टी* झारखंड निकाय चुनाव के बाबत भाजपा की नीतियों और प्रदर्शन आदि को लेकर बेवाक कहतीं हैं कि—
चुनाव आयोग ने निकाय चुनाव को लेकर साफ़ और अंतिम निर्णय ले लिया है कि मतदान बैलेट पेपर से होगा। इसके बावजूद भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा मशीन से चुनाव कराने की मांग करना यह साबित करता है कि भाजपा लोकतंत्र से नहीं, जनता से डरती है।
यह वही भाजपा है जो देशभर में EVM पर सवाल उठाने वालों को राष्ट्रविरोधी बताती रही है, और आज जब बैलेट पेपर की बारी आई तो खुद घबराकर मशीन की रट लगाने लगी। इससे बड़ा दोहरापन और क्या हो सकता है?
सच यह है कि बैलेट पेपर में धांधली की गुंजाइश कम होती है, इसलिए भाजपा बेचैन है। उन्हें मालूम है कि जनता अब जाग चुकी है और निकाय चुनाव में भाजपा की सच्चाई सामने आने वाली है।
मैं साफ़ शब्दों में कहना चाहती हूँ—
चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाना, दरअसल संविधान और लोकतंत्र पर सवाल उठाना है।
भाजपा अगर खुद को इतनी ही मजबूत समझती है तो बैलेट पेपर से चुनाव से क्यों डर रही है?
जनता सब समझ रही है, और इस बार जवाब मतपेटी से देगी।
आवास योजनाओं में भारी अनियमितता का आरोप, सुरेश अग्रवाल ने उठाई जाँच की माँग
सरकारी आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ी गड़बड़ी का मामला की बात कह प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश कुमार अग्रवाल ने प्रेस को जारी बयान में प्रधानमंत्री जनमन आवास और बिरसा आवास योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार और बंदरबांट का खुलासा करते हुए उच्च स्तरीय जाँच की माँग की है।
18 में से केवल 2 घर बने, 16 का पता नहीं
अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत नरोत्तमपुर गाँव में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत कुल 18 घरों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। लेकिन धरातल पर स्थिति बेहद निराशाजनक है। स्वीकृत 18 घरों में से अब तक केवल 2 घरों का निर्माण हुआ है, जबकि शेष 16 घरों का कार्य अधर में लटका हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इन घरों के निर्माण में देरी का कारण क्या है और आवंटित राशि का क्या हुआ?
रसूखदारों और अपात्रों को रेवड़ी की तरह बाँटे गए आवास
सामाजिक कार्यकर्ता ने सूत्रों के हवाले से कई गंभीर आरोप लगाए हैं:
सरकारी कर्मचारी के परिजनों को लाभ: सरकारी चौकीदार लख्खीचंद सरदार के पुत्र संजय सरदार और उनकी बहन रेखा पहाड़िन को योजना का लाभ दिया गया है।
शादीशुदा और प्रवासी को लाभ: पूर्व मुखिया सुबोध पहाड़िया की पुत्री सविता पहाड़िया, जिनकी शादी 4 वर्ष पूर्व पश्चिम बंगाल में हो चुकी है और वह वहीं रहती हैं, उन्हें भी आवास आवंटित किया गया है। यह पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन और जाँच का विषय है।
दोहरे लाभ का आरोप: जानकारी के अनुसार, पूर्व मुखिया सुबोध पहाड़िया को भी 4 वर्ष पूर्व बिरसा आवास आवंटित किया गया था, जिसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
36 पंचायतों में होगी अबुआ आवास की ‘सोशल ऑडिट’
सुरेश कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार का यह खेल केवल एक पंचायत तक सीमित नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि उनकी टीम अब क्षेत्र की 36 पंचायतों में ‘अबुआ आवास योजना’ की गहन जाँच कर रही है। अग्रवाल ने कहा, “गरीबों का हक मारकर अपात्रों को लाभ पहुँचाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी टीम हर गाँव जाकर लाभार्थियों की सत्यता की जाँच करेगी और रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।”
सामाजिक कार्यकर्ता ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से आग्रह किया है कि नरोत्तमपुर पंचायत के इन मामलों की अविलंब जाँच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। हमारे प्रखंड विकास पदाधिकारी बहुत ही सभ्य और सीधे सरल पदाधिकारी है जिसे बदनाम किया जा रहा है उपरोक्त मामले में कार्यालय से संपूर्ण दस्तावेज प्राप्त करते हुए जांच किया जाए।
*नववर्ष में शैक्षणिक भ्रमण पर गैलेक्सी द ग्लोबल मैथन डैम में बच्चों ने लिया प्राकृतिक सौंदर्य का आनन्द*
नववर्ष के उपलक्ष्य पर शैक्षणिक भ्रमण के लिए शहर के मध्यपाड़ा स्थित गैलेक्सी द ग्लोबल कंप्यूटर सेंटर के बच्चें धनबाद जिले के मैथन डैम के लिए रविवार की सुबह रवाना हुए ।
संस्थान के निदेशक आलम अली ने हरी झंडी दिखाकर कर बस को रवाना किया । हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सेंटर के बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए मैथन डैम रवाना किया गया था।
वहां के विशेषताओं के बारे में बच्चों को जानकारी दी गई। छात्र एंव छात्रों ने टोली बनाकर मैथन डैम का भ्रमण कर उसके विशेषता की जानकारी प्राप्त किया। आलम ने कहा कि कंप्यूटर के साथ साथ बच्चों को बाहरी दुनिया की जानकारी भी प्रदान करते हैं। ताकि उनका चतुर्मुखी ज्ञान का विकास हो।
भारतवर्ष के झारखंड प्रदेश में स्थित धनबाद जिले का मैथन डैम दामोदर वैली कारपोरेशन का सबसे बड़ा जलाशय है।
इसके आस-पास का सौंदर्य पर्यटकों को बरबस अपनी ओर आकर्षित करता है। नदी नाले एक अलग आकर्षण बनाते हैं।
एक ओर जहां डैम में लोग नौका बिहार का लुत्फ उठाते हैं, वहीं डीवीसी के मिलेनियम पार्क में लगे रंग-बिरंगे फूल व लाइटिंग लोगों को अपनी और आकर्षित करते हैं।
पर्यटन का यह क्षेत्र सैलानियों के लिए काफी आकर्षक का केंद्र है। डैम का भ्रमण कर छात्रों ने खूब आनंद उठाया। झील के बीचोंबीच स्थित हरियाली और जंगल में बच्चों ने खूब मनोरंजन किया गया। मौक़े पर संस्थान के शिक्षक जीनत परवीन, समीरुल इस्लाम, अमन मिश्रा, नंदनी बर्मन और अकिल अंसारी आदि उपस्थित थे। अपने शिक्षकों के साथ अनुशासन में रह बच्चों ने प्रकृति के सौंदर्य का खुलकर आनन्द उठाया और नववर्ष की ख़ुशियाँ आपस में बाँटी। कुल मिलाकर ज्ञानवर्धक एक आनन्ददायक उत्सवी माहौल में बच्चों ने खुशियाँ मनाईं।
*कल्पतरु दिवस पर सत्य सनातन संस्था ने हजारों के बीच किया प्रसाद का वितरण*
-संस्था ने की विधि विधान के साथ की कल्पतरु व हनुमान जी का पूजा अर्चना….
-संस्था के भोजन वितरण शिविर में उमड़ा जनसैलाब…
पाकुड़: कल्पतरु दिवस पर शहर के थानापाडा हनुमान मंदिर के समीप सत्य सनातन संस्था पाकुड़ जिला इकाई की ओर हजारों के बीच प्रसाद स्वरूप भोजन वितरण का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम तलवाडांगा स्थित महाकाल मंदिर परिसर स्थित कल्पतरु के समीप विधि विधान के साथ पुरोहित रोहित दास द्वारा पूजा अर्चना की गई। वहीं थानापाड़ा मुख्य सड़क के निकट हनुमान मंदिर में हनुमान जी का पूजा आरती कराया गया। इसके उपरांत प्रसाद वितरण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्था के संस्थापक, सलाकार व वरिष्ठ व सक्रिय कार्यकर्ता को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर प्रशासक अमरेंद्र कुमार चौधरी उपस्थित रहे ,उनके द्वारा जरूरतमंदो के बीच कंबल वितरण कर किया गया मौके पर उपस्थित संस्था के अध्यक्ष रंजीत कुमार चौबे ने कहा कि संस्था की ओर आए प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी कल्पतरु दिवस पर हजारों गरीबों के बीच प्रसाद वितरण किया गया है। अध्यक्ष ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को कल्पतरु दिवस की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि एक तरफ नवयुवक नए साल के जश्न में डूबे रहते है; लेकिन उसे यह नहीं बताया गया है कि सनातनियों का नववर्ष नहीं है, बल्कि कल्पतरु दिवस है। आज के दिन जहां कुछ लोग पाश्चात्य संस्कृति के आगोश में आकर अपने जश्न में डूबे हुए रहते है, लेकिन कुछ गरीब को खाना तक नसीब नहीं होता है। ऐसे लोगों का संस्था पेट भरने का काम करती है। वहीं संस्था के सचिव चंदन प्रकाश ने कहा कि कल्पतरु दिवस पर लोगों के बीच भोजन वितरण के साथ बढ़ती ठंड को देखते हुए कंबल का भी वितरण किया गया है। संस्था का एक मात्र उद्देश्य सनातन के प्रति लोगों को जागरूक करना है। हिन्दू संगठित होंगे तभी सुरक्षित होंगे। संस्था के भोजन वितरण शिविर में शहर सहित विभिन्न प्रखंडों के हजारों लोगों ने प्रसाद का आनंद उठाया।
सत्य सनातन संस्था द्वारा यह प्रयास निरंतर जारी है और वर्षों से यह प्रयास चल आ रहा है कि अंग्रेजो के द्वारा 200 वर्ष से देश को गुलाम बनाया कई देश के कई बीर जैसे भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्र शेखर आजाद , नेता जी सुभाष चंद्र बोस जैसे अनेकों ने वीरगति को प्राप्त किए है उनके बलिदान को लोग भूल कर अंग्रेजी नववर्ष मनाते है हमारा सनातन धर्म को लेकर के चले और इसका प्रयास यह निरंतर कर रहे हैं ऐसे में हमारा देश जब जागृत होगा तब यह सत्य सनातन संस्था का उद्देश्य पूरा होगा, तब तक यह सत्य सनातन संस्था निरंतर अपने सेवा लोगों के लिए कल्पतरु दिवस के रूप में देती रहेगी मौके पर जिलाध्यक्ष हर्ष भगत, राकेश सिंह ,जवाहर सिंह , मनोज चौहान, शुभम गुप्ता ,सानू रजक ,राकेश मुलायम सिंह, सत्यम कृष्णा, विशाल भगत ,आर पी सिंह ,दीपक राज गुप्ता, गौतम कुमार ,अजय भगत, रवि भगत, अजय प्रमाणिक ,प्रशांत दुबे, अमर ठाकुर , राजेश साहा, चुन्ना शर्मा, संतोष टिब्रीवाल सहित सैकड़ों उपस्थित थे ।
*डी ए वी में बच्चों ने मनाया विजय दिवस – प्राचार्य ने सुनाया विजय गाथा*
*इतनी सी बात हवाओं को बताए रखना,*
*रौशनी होगी, चिरागों को जलाए रखना,*
*लहू देकर जिसकी हिफाजत की है हमने,*
*उस तिरंगे को भी दिल में बसाए रखना।*
उपयुक्त बातें स्थानीय विद्यालय डी ए वी पब्लिक स्कूल गोकुलपुर के प्रांगण में विद्यालय के प्रार्थना सभा में प्राचार्य डॉ विश्वदीप चक्रवर्ती ने विजय दिवस के अवसर पर बच्चों को सुनाया। विजय गाथा में बच्चों को बताया गया कि *16 दिसंबर 1971* को पाकिस्तान के साथ युद्ध पर भारत की ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में यह *विजय दिवस* पूरे देश में उल्लास पूर्वक मनाया जाता है। प्राचार्य ने आगे बताया कि किस तरह पाकिस्तान के *जनरल नियमी* ने 93000 सैनिकों के साथ भारत के *लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा* के समक्ष आत्म समर्पण किया था और इसके परिणाम स्वरूप विश्व के नक्शे पर नया देश *बांग्लादेश* का जन्म हुआ। विद्यालय के एन सी सी के कैडेटों द्वारा 1971 के युद्धवीरों को नमन किया गया एवं हिंदुस्तानी सेना के वीरता, शौर्य एवं पराक्रम को याद किया गया। 3 दिसम्बर से 16 दिसंबर यानि मात्र 14 दिनों की इस लड़ाई में हमारी सैन्य शक्ति के बुलंद हौसलों की वजह से 93000 से भी ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। दुनिया के युद्ध के इतिहास का यह एक अविस्मरणीय दिन बन गया जिसे हम सभी हिंदुस्तानी इसे विजय दिवस के रूप में मनाते हैं। सारा विद्यालय *भारत माता की जय* के नारों से गूंज उठा।
लोहरदगा में जागता झारखंड का भव्य पत्रकार सम्मान समारोह, सच्ची और निर्भीक पत्रकारिता का संकल्प
नवेल्टी होटल में जुटे राज्यभर के पत्रकार, उत्कृष्ट जनहितकारी कार्यों के लिए किया गया सम्मानित
जागता झारखंड: लोहरदगा स्थित नवेल्टी होटल में सोमवार को जागता झारखंड दैनिक अख़बार की ओर से भव्य पत्रकार सम्मान सह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम न केवल पत्रकारों के सम्मान का अवसर बना, बल्कि सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक भी रहा। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसमें अतिथियों और वरिष्ठ पत्रकारों ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जागता झारखंड के संपादक एहसान आलम ने कहा कि जागता झारखंड केवल एक अख़बार नहीं, बल्कि सच्चाई से कोई समझौता न करने की विचारधारा का नाम है। पत्रकारिता का मूल धर्म ही सत्य की लौ को जलाए रखना है, चाहे परिस्थितियाँ कितनी ही चुनौतीपूर्ण क्यों न हों।” उन्होंने कहा कि राज्य के हर जिले और प्रखंड में कार्यरत संवाददाता और पत्रकार ही इस अख़बार की असली ताकत हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा हमारा लक्ष्य हमेशा जनहित, सच्चाई और निष्पक्ष पत्रकारिता को प्राथमिकता देना रहा है और आगे भी यही हमारी पहचान रहेगी। इस अवसर पर झारखंड के विभिन्न जिलों और प्रखंडों से आए पत्रकारों को उनके उत्कृष्ट, निर्भीक एवं जनहितकारी कार्यों के लिए शील्ड, मेडल एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर पत्रकारों के चेहरे पर आत्मगौरव और उत्साह स्पष्ट झलक रहा था। कार्यक्रम का उद्देश्य सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देना और समाज में जागरूकता को और अधिक मजबूत करना बताया गया। समारोह में वक्ताओं ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं। निष्पक्ष पत्रकारिता न केवल सत्ता को आईना दिखाती है, बल्कि आम जनता की आवाज़ को भी मजबूती प्रदान करती है। ऐसे समय में जब पत्रकारिता कई चुनौतियों से गुजर रही है, इस तरह के आयोजन पत्रकारों का मनोबल बढ़ाने का काम करते हैं। कार्यक्रम में कनीय अभियंता लोहरदगा अज्जू कश्यप, भाजपा नेता मनीर उरांव,समाजसेवी आफताब आलम, मुखिया सुमंती तिग्गा,समाजसेवी जगजीवन उरांव, समाजसेवी सैय्यदा खातून, हुसैन अंसारी, ब्राइट वुड एकेडमी हिरी स्कूल के प्राचार्य आनन्द कुमार भगत और एवर ग्रीन चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल के प्राचार्य अब्दुल लतीफ अंसारी और हिरी अंजुमन के सेक्रेटरी हासिम अंसारी सहित दर्जनों गणमान्य अतिथियों ने भाग लिए वहीं जागता झारखंड अख़बार की इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को सम्मानित करने से न केवल उनके कार्यों को पहचान मिलती है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जिम्मेदार पत्रकारिता को भी प्रोत्साहन मिलता है। समारोह के दौरान आपसी संवाद, अनुभवों का आदान-प्रदान और पत्रकारों के बीच आत्मीय मिलन का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल और यादगार बन गया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, पत्रकारों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जागता झारखंड आगे भी इसी तरह समाज के हित में सच, साहस और संवेदनशीलता के साथ पत्रकारिता करता रहेगा।
निराधार आरोप पर आ-विधिसम्मत कार्रवाई कर स्वयं की भद पिटवाने से बचना चाहिए जिम्मेदारों को।
पिछले कुछ दिनों से पाकुड़ में अपराध की ऐसी कुछ घटनायें हुईं , जिसके लिए न तो इस शहर ने कल्पनाएं की थीं , और न ही पाकुड़ इसके लिए तैयार था तथा न अभ्यस्त। लेकिन पाकुड़ पुलिस की टीम ने उन सभी घटनाओं का तकनीकी ढंग से पर्दाफाश किया। हँलांकि कुछ मामलों पर अभी भी गहन छानबीन चल रही है। पुलिस की त्वरित कार्यवाहीयों से आम जनता में खुशी और सन्तोष जागृत हुआ। अब देखना है कि सभी मामलों के पर्दे पूर्ण रूप से कब तक खुलते हैं ।
लेकिन कुछ मामले कहीं न कहीं पुलिस पर सवाल उठा देता है। ऐसा ही एक मामला प्रतिमा पांडे नामक एक महिला के साथ देखने को मिला था। उनकी गाड़ी को उनके घर के पास से बिना किसी पर्याप्त कारण के उनकी जमीन से टोचन कर थाने ले जाया गया , वो भी बिना किसी सीजर लिष्ट के। ये आरोप महिला आयोग को लिखित रूप से पाकुड़ पुलिस पर लगाते हुए शिकायत की गई थी।
आख़िर ऐसे छोटे मामले पर स्थानीय तौर पर न निपटने पर ही महिला आयोग का रुख किया गया होगा।
आज महिला आयोग ने प्रतिमा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सुनवाई की। इसमें विना शर्त प्रतिमा की गाड़ी पुलिस को उनके घर पहुँचाने का आदेश देते हुए , 5 दिनों में विस्तृत जवाब देने को कहा गया है। पुलिस द्वारा 5 की जगह 15 दिनों की अवधी माँगी गई है। महिला आयोग ने किस स्तर पर सुनवाई की होगी, यह तो स्वयं पाठकों को समझ में आ गई होगी लेकिन कई सराहनीय कार्य करने के बाद कुछ यस मेन की दलाली की खोखले दलीलों पर एक पारिवारिक मतभिन्नता पर किसी के घर से बिना किसी ठोस कारणों के गाड़ी टोचन कर थाने उठा ले जाने पर पुलिस अपनी भद कैसे पिटवाती है , ये इस मामले से स्पष्ट दिखता है। चूँकि महिला आयोग और ने प्रतिमा के आरोपों पर कुछ ऐसी प्रतिक्रियाएं दीं , जो यहाँ लिखना पाकुड़ पुलिस की अच्छे और अपराध के मामलों में उठाये गए त्वरित कार्रवाइयों पर प्रश्न चिन्ह लगाएगा , इसलिए उन बातों को गौण करते हुए , एक विनम्र निवेदन रहेगा कि किसी के बेबुनियाद आरोपों पर बिना अनुसंधान के करवाई हास्यास्पद स्थिति तक जाने से परहेज़ करनी चाहिए।